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महमूदाबाद का नदवा कांड! सीतापुर जिले के महमूदाबाद ब्लॉक के नदवा गाँव का प्राथमिक विद्यालय इस समय चर्चा का केंद्र बना हुआ है। यहाँ से एक ऐसा मामला सामने आया है, जो सीधे-सीधे शिक्षा, भ्रष्टाचार और जातीय राजनीति को उजागर करता है। मामला क्या है? •विद्यालय की शिक्षिका अवंतिका गुप्ता महीनों से गैरहाज़िर। •बच्चे कक्षा में, मगर मैडम घर पर! •इसके बावजूद BSA अखिलेश कुमार “सिंह” प्रधानाचार्य पर दबाव बनाकर उनकी हाज़िरी लगाने और सैलरी निकलवाने पर आमादा। •प्रधानाचार्य बृजेंद्र “वर्मा”, जो PDA (पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक) वर्ग से हैं, ने बच्चों की पढ़ाई का हवाला देकर ऐसा करने से साफ इंकार कर दिया। फिर क्या हुआ? 👉 और यहीं से असली खेल शुरू हुआ। •प्रधानाचार्य का “ना” कहना, BSA और सत्ता के स्वजातीय नेताओं को नागवार गुज़रा। •आरोप है कि BJP विधायक और BSA के बीच मिलीभगत है। •नतीजा: •जो शिक्षक बच्चों की पढ़ाई बचाना चाहता था → जेल भेजा गया। •जो शिक्षिका स्कूल आई ही नहीं → उसकी तनख्वाह पचाई जा रही है। बड़ा सवाल •क्या यूपी की शिक्षा व्यवस्था ऐसे ही चलेगी? •स्कूल में शिक्षक आएं न आएं, बच्चों को पढ़ाया जाए न पढ़ाया जाए, लेकिन तनख्वाह ज़रूर मिलती रहे? •और जो ईमानदारी से काम करे, उसे जातीय आधार पर प्रताड़ित किया जाए? मांग 👉 दोषी BSA अखिलेश कुमार “सिंह” पर तुरंत कार्रवाई हो। 👉 PDA वर्ग के ईमानदार शिक्षक बृजेंद्र “वर्मा” को तुरंत रिहा किया जाए। 👉 बच्चों की पढ़ाई को सियासत और भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ाना बंद किया जाए। यह मामला सिर्फ़ एक गाँव या एक स्कूल का नहीं है, बल्कि पूरे सिस्टम का आईना है — जहाँ जाति और सियासत मिलकर भ्रष्टाचार का नेक्सस खड़ा कर रहे हैं, और सबसे बड़ा नुकसान हो रहा है गरीब बच्चों की शिक्षा का।

Akhilesh Yadav (Son Of PDA)

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