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वोट चोरी का भ्रम फैलाने वालों और चुनाव आयोग पर आरोप लगाने वालों का ये सच पूरे देश को देखना चाहिए! 2009 के आम चुनावों से ठीक पहले तत्कालीन मुख्य चुनाव आयुक्त एन. गोपालस्वामी ने संविधान के अनुच्छेद 324(5) का प्रयोग करते हुए चुनाव आयुक्त नवीन चावला पर गंभीर पक्षपात के आरोप लगाए और महामहिम राष्ट्रपति से उन्हें पद से हटाने की सिफारिश की थी। तब सत्ता के नशे में चूर कांग्रेस अपने चहेते को बचाने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार थी। उस वक्त केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने बेहद बेपरवाही से कहा था कि “क्या एक व्यक्ति पूरे चुनाव आयोग या नतीजों को प्रभावित कर सकता है?” तब कांग्रेस के लिए चुनाव आयोग पर सवाल उठाना गलत था, क्योंकि सत्ता उनके पास थी। लेकिन आज, जब देश की जनता कांग्रेस को बार-बार नकार रही है, वही कांग्रेस अपनी हर हार का ठीकरा मुख्य चुनाव आयुक्त और पूरी चुनाव प्रणाली पर फोड़ने में जरा भी नहीं झिझकती। क्या आज भी अभिषेक मनु सिंघवी अपनी उस बात पर अड़े रहेंगे, या अब सरकार किसी और की है तो अपनी बात से मुकर जाएंगे? कांग्रेस का रवैया साफ है: संवैधानिक संस्थाएं तब तक ही निष्पक्ष और पवित्र हैं, जब तक नतीजे उसके पक्ष में हों। हारते ही उन्हीं संस्थाओं पर आरोप लगाना उसकी राजनीतिक बौखलाहट और अवसरवाद का जीता-जागता सबूत बन जाता है।

BJP

149,509 次观看 • 24 天前

🔱🦜 एक नन्हे तोते के पीछे स्वयं महादेव त्रिशूल लेकर दौड़े! आखिर उसने अमरनाथ गुफा में ऐसा क्या सुन लिया था कि भोलेनाथ उसे मारने निकल पड़े? जब माता पार्वती ने शिवजी से अमर होने का रहस्य पूछा, तो महादेव उन्हें अमर कथा सुनाने हिमालय की एकांत गुफा में ले गए। रास्ते में नंदी, चंद्रमा, सर्प, गणेश और पंचतत्वों को पीछे छोड़कर उन्होंने गुफा को भी जीवों से खाली करवाया। लेकिन एक अंडा उनकी नज़र से बच गया! 😮 कथा सुनते-सुनते माता पार्वती को नींद आ गई, मगर उनकी जगह एक नन्हा तोता लगातार “हूँ… हूँ…” की हुंकार भरता रहा। कथा पूरी हुई, तो महादेव को पता चला कि उनका गुप्त रहस्य एक तोते ने सुन लिया है! क्रोधित शिवजी त्रिशूल लेकर उसके पीछे दौड़े और तोता तीनों लोकों में भागता हुआ महर्षि वेदव्यास के आश्रम पहुँचा। वहाँ उसने व्यास-पत्नी के गर्भ में शरण ली। मान्यता है कि वह बालक 12 वर्षों तक गर्भ में रहा, क्योंकि उसे संसार की माया का भय था। तब भगवान विष्णु ने वचन दिया कि माया उसे स्पर्श नहीं करेगी। जन्म के बाद वही बालक शुकदेव ऋषि कहलाया, जिन्होंने राजा परीक्षित को श्रीमद्भागवत सुनाई। 🙏✨ एक तोते की जिज्ञासा से शुरू हुई कथा, शुकदेव ऋषि के रूप में अमर ज्ञान की परंपरा बन गई! 🚩 वीडियो अंत तक देखें और कमेंट में लिखें—हर हर महादेव! #हरहरमहादेव #अमरनाथ #शुकदेवऋषि

Kamal Narayan Mishra 🚩🕉️🚩

21,291 次观看 • 8 天前