Video wird geladen...

Video konnte nicht geladen werden

Zur Startseite

BMW ke CEO हरदीप सिंह पुरी ने खोली E20 से ऊपर के फ्यूल भले वो E30 हो या E100 की असली पोल गाड़ी को ख़त्म करने का तरीका इथेनॉल बताया और कहा ये सारे वाहन के इंजन जो पुराना है सब बेकार हो जाएंगे क्या भारत की जनता पागल...

35,886 Aufrufe • vor 1 Monat •via X (Twitter)

0 Kommentare

Keine Kommentare verfügbar

Kommentare vom Original-Post werden hier angezeigt

Ähnliche Videos

E85 ईंधन आ गया.......अब E20 अनुकूल गाड़ियों का क्या होगा? E20 और E85 दो अलग-अलग श्रेणियों के ईंधन हैं, जो अलग-अलग प्रकार के वाहनों के लिए बनाए गए हैं। E85 के आने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि E20 या पेट्रोल वाहन बंद हो जाएंगे। E85 ईंधन सिर्फ और सिर्फ फ्लेक्स फ्यूल वाहन के लिए है, सामान्य E20 अनुकूल वाहन के लिए नहीं। ब्राज़ील में दशकों से E85 ईंधन का इस्तेमाल हो रहा है। फ्लेक्स फ्यूल वाले वाहन के इंजन E20 से लेकर E100 तक के विभिन्न इथेनॉल-पेट्रोल मिश्रणों पर चल सकते हैं। यह किसानों की आय बढ़ाने, कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करने के साथ-साथ देश की ऊर्जा सुरक्षा को भी मजबूत करेगा। यह भारत के स्वच्छ और आत्मनिर्भर भविष्य की ओर निरंतर बढ़ते कदम को दर्शाता है। #E85

Hardeep Singh Puri

202,343 Aufrufe • vor 2 Monaten

माननीय श्री नितिन गडकरी जी,Nitin Gadkari आपसे एक सवाल है। कृपया उत्तर अवश्य दें। जिन वाहनों में स्पष्ट रूप में लिखा है कि वे E20 Compatible नहीं है और केवल E10 पेट्रोल पर चलने के लिए उपयुक्त है, उन वाहन मालिकों को क्या करना चाहिए? क्या वे अपनी गाड़ियाँ बेच दें या कबाड़ में डाल दें? यदि किसी वाहन के लिए E10 ही उपयुक्त है, तो फिर पेट्रोल पंपों पर E10 का विकल्प क्यों समाप्त किया जा रहा है? उचित व्यवस्था तो यह होनी चाहिए थी कि E10 और E20 दोनों प्रकार का पेट्रोल उपलब्ध रहता, ताकि जिसकी गाड़ी E10 Compatible है वह E10ले सके और जिसकी E20 कंपैटिबल है वह E20 का उपयोग करे। लेकिन आज स्तिथि यह है कि हर किसी को E20 ही लेना पड़ रहा है, चाहे उसके वहां के लिये वह उपयुक्त हो या नहीं । आप मंत्री है, आपके लिए नई गाड़ी लेना आसान होगा, लेकिन उस आम नागरिक का क्या, जिसने अपनी मेहनत और पसीने की कमाई से गाड़ी खरीदी है? मैं अपने व्यक्तिगत अनुभव के आधार पर कह रही हूं कि E20 पेट्रोल इस्तेमाल करने के बाद मेरी गाड़ी का माइलेज लगभग 30% तक कम हो गया है। और अगर कोई अपनी गाड़ी को सुरक्षित रखना चाहता है तो उसे XP100 पेट्रोल भरवाना पड़ता है, जिसकी कीमत करीब ₹167/लीटर है। सबसे बड़ी बात, यह पेट्रोल हर पेट्रोल पंप पर भी उपलब्ध नहीं है। वाह गडकरी जी! आम आदमी के सामने ऐसा विकल्प रख दिया कि या तो महंगा पेट्रोल भरो या अपनी गाड़ी के इंजन की चिंता करते रहो। कुछ-कुछ वैसे ही हाल हो गया है जैसे LIC वाले कहते है —"जीने से ज्यादा मारने के फायदे है।" अब लगता है कि E10 से जायदा E20 के फायदे गिनाए जा रहे हैं, लेकिन जिनकी गाड़ियाँ E20 Compatible नहीं है, उनकी चिंता कौन करेगा? अगर इस नीति के पीछे कोई ठोस और तर्कसंगत कारण है, तो कृपया देश की जनता को उसका स्पष्ट उत्तर दीजिए। आज इस मुद्दे पर हर वाहन मालिक को आवाज उठानी चाहिए, क्योंकि यह सिर्फ मेरी गाड़ी का नहीं, बल्कि उन लाखों लोगों का सवाल है जिनके वाहन E20 Compatible नहीं हैं।

Pooja Tiwari

20,249 Aufrufe • vor 1 Monat

सांसद माननीय रामजी लाल सुमन जी के क़ाफ़िले पर टायर व पत्थर फेंककर, उनके ऊपर जो जानलेवा हमला हुआ है वो उस ऐक्सीडेंट का कारण बना है, जो प्राणांतक दुर्घटना में भी बदल सकता था। ये एक आपराधिक कृत्य है। इतने टायर एक साथ इकट्ठा करना, एक गहरी साज़िश का सबूत ख़ुद है। ये एक बार फिर इंटेलिजेंस की गहरी चूक है या फिर जानबूझकर की गयी अनदेखी है। अगर शासन-प्रशासन ये सब जानते हुए भी अंजान बनने की कोशिश कर रहा है तो वो ये जान ले कि अराजकता किसी को भी नहीं बख्शती है, एक दिन भाजपाई और उनके संगी-साथी भी ऐसे हिंसक तत्वों का शिकार होंगे। देश में एक सांसद के ऊपर हुए जानलेवा हमले का संज्ञान लेना वाला कोई है या फिर ‘पीडीए का सांसद’ होने के कारण वर्चस्ववादियों की सरकार शर्मनाक चुप्पी साधकर भूमिगत हो जाएगी। अब क्या बुलडोज़र का दम बेदम हो गया है या उप्र की सरकार ने अराजकता के आगे समर्पण कर दिया है या फिर ये सब उप्र सरकार की रज़ामंदी से हो रहा है? घोर, घोर, घोर निंदनीय! पीडीए कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा!

Akhilesh Yadav

424,178 Aufrufe • vor 1 Jahr