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BPSC अध्यक्ष जी पहले खुद NORMALIZATION को JUSTIFY कर रहे थे । सर जी कह रहे थे कि Normalization का Well Established SCIENTIFIC PROCESS है और इतना RANDOMLY किया जाता है कि किसी बच्चे कुछ साथ कोई अन्याय नहीं हो सकता। PLANNING बढिया चल रही थी , बिहार के...

42,948 views • 1 year ago •via X (Twitter)

9 Comments

Abanish Sinha's profile picture
Abanish Sinha1 year ago

नॉर्मलाइजेशन अगर 15 लाख लोग बैठ जाते तो हो सकता था। लेकिन 4 लाख से थोड़ा ज्यादा फॉर्म भरी गई। इतनी संख्या के लिए एक दिन काफी है। छात्रों को बहकाया गया ताकि एग्जाम न हो ।

Raushan Yadav's profile picture
Raushan Yadav1 year ago

सबसे पहले जितना पुराने जमाने के अंकल टाइप पदाधिकारी है सब को निकालो और योग्य युवा अधिकारी को अध्यक्ष बनाओ,ये सब नेता के ग़ुलाम हो चुके है, पैसों की लालच में तलवा चाटते रहते हैं और पूछ पूछ कर काम करते हैं खुद के विवेक इस्तेमाल नहीं करते! #बिहार

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सतीश कुमार1 year ago

#Reopen70th_BPSC_EXAMDATE_EXTENSION

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Rajiv jha1 year ago

Date extend karo bahot mental harrasment da dia

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Sharwan Kumar1 year ago

इसे ही कहते है गिरगिट की तरह रंग बदलना। पहले छात्रों को फसाने का जाल बुने फिर छात्र नहीं फंसे तो फिर उनके साथ हो लिए और जो अच्छा हुआ उसका क्रेडिट भी खुद ले लिए। मतलब दोनों हाथ में लड्डू। ऐसे है आज कल के गुरु।

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Gautam Gopal1 year ago

#Reopen70thBPSCForm

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Pooja Kumari1 year ago

Chhor hai ye

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Abhishek Chaubey1 year ago

सब चीज का जड़ यही इंसान है सब आंदोलन होने के बाद से जो इन्होंने नोटिस निकाला वह उसी दिन क्यों नहीं निकला जब फॉर्म भरना बंद हो गया था

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Prem Pratik1 year ago

Chutiya ko kahe baitha diya hai

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मैं सौ प्रतिशत दावा कर सकता हूँ कि स्पीकर साहब जिस खेल मंत्री की बात कर रहे हैं वे कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ही हैं। क्योंकि सर ने पॉलिटिक्स में बाकी कुछ किया हो या ना किया हो लेकिन डेकोरम से अब तक कभी Compromise नहीं किया। और सर जब केन्द्र में खेल मंत्री थे तब डेकोरम या तो सर का था या फिर ब्रिटिश क्राउन का हुआ करता था। सर की चवन्नी जब दिल्ली में चलती थी तब हमने तो आंखों से सर का टाइट भौकाल देखा था और देखा नहीं था बल्कि फील किया था। हम तो तब स्टूडेंट थे और सर वाली मिनिस्ट्री के एक नेशनल इवेंट में राजस्थान को रिप्रेजेंट करने गए थे। उस वक्त विज्ञान भवन में सर का करेंट देखा था। हमने भी गिड़गिड़ाकर सर के पास मेसेज कन्वे करवाया कि सर, सर राजस्थान के बच्चे मिलना चाहते हैं। लेकिन सर का एक ही उसूल लाइफ में रहा है कि सर देने के नाम पर आश्वासन देते हैं भाव आजतक सर ने किसी को नहीं दिया। फिर हम तो चीज ही क्या थे। स्पीकर साहब ने तो खुले मन से बात कह दी कि सर का वक्त गया और मेरा आ गया लेकिन सर के साथ ऐसे एक्सपीरियंस आज के तुर्रम खान बनने वाले बहुत से नेताओं के मिल जाएंगे। क्योंकि सर ने आजतक जो भी समझा है सिर्फ खुद को समझा है, बाकी किसी को कुछ नहीं समझा। हो सकता है एक दिन मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी स्पीकर साहब की जैसी ही कोई कहानी सुना दे जो सर से रिलेटेड हो क्योंकि सर को जिस वक्त दिल्ली में 21 तोपों की सलामी मिलती थी उस वक्त मुख्यमंत्री जी ठीक से नंबरदार भी नहीं थे।

Lokendra Singh Kilanaut

102,300 views • 3 months ago

Thanks युवा बिहारी चिराग पासवान for supporting BPSC STUDENTS! आपसे निवेदन है कि आप मुख्यमंत्री जी को छात्रों के समस्याओं से अवगत कराइए, सिर्फ अवगत ही नहीं, अभ्यर्थियों का मांग मनवाईए। शाम तक आयोग द्वारा नोटिस जारी किया जाना चाहिए परीक्षा को लेकर, सैंकड़ों छात्र घायल हो गए है, कई का तो अभी तक हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। फॉर्म रिओपन होना चाहिए और परीक्षा तिथि आगे बढ़ना चाहिए। BPSC के इतिहास के सबसे बड़े बहाली में आप सर्वर डाउन होने के कारण हजारों अभ्यर्थियों को परीक्षा में बैठने से नहीं रोक सकते। #BPSC #bpsc70th #BPSC_70th #Bihar #ReOpen_70thBPSC_Form #70th_BPSC_EXAMDATE_EXTENSION Tejashwi Yadav Rashtriya Janata Dal Janata Dal (United) Nitish Kumar CMO Bihar बिहार राजद Bihar Congress BJP Bihar News18 Bihar

study for civil services

17,092 views • 1 year ago

बापू की जयंती पर एक शिक्षात्मक पोस्ट क्लिप कटुए कहीं इनका भी न कांड कर दें 🤯 सनद रहे कि RSS प्रमुख मोहन भागवत जी श्रीलंका, बांग्लादेश और नेपाल में हुई हिंसात्मक सत्ता परिवर्तन का हवाला देकर समझाने की कोशिश कर रहे हैं कि हिंसा किसी समस्या का समाधान नहीं है। पहले उनकी कही पूरी बात सुनिए जो क़रीब 2:50 सेकेंड की है। लेकिन उनके बयान के पहले 30 सेकेंड के हिस्से को काट कर कोई क्लिप कटुआ अर्थ का अनर्थ कर सकता है, कह सकता है कि अगर शासन सत्ता जनता के हितों को मुताबिक़ काम नहीं करती तो हिंसा होती है जो कि इनके कहने का मतलब बिल्कुल नहीं है। ये ट्वीट क्लिप कटुओं के लिए संदेश के तौर पर है कि अर्थ का अनर्थ मत किया करो। कैंची कोई और भी नचा सकता है। (नोट : कोई कंफ्यूजन न हो इसलिए पूरी बाइट पहले रखी है। कटी हुई और अनर्थ निकाली जा सकने वाली बाइट बाद में)

Umashankar Singh उमाशंकर सिंह

61,052 views • 10 months ago