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317,818 views • 1 year ago •via X (Twitter)

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Chudaiiiiii
1:56:54

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Chudaiiiiii

Asupan asik

275,829 views • 1 year ago

दिल्ली के एक PG गर्ल्स हॉस्टल के गटर में मिला ," कंडोम का सैलाब " सफाईकर्मी भी देख कर दंग रह गए। दिल्ली के एक प्रतिष्ठित गर्ल्स हॉस्टल की अचानक पाईप लाईन ब्लॉक हो जाती है । शिकायत के बाद जब सफाई कर्मचारियों ने गटर के अंदर का मेन होल खोला तो पानी की जगह सैकड़ों हजारों कंडोम निकल रहे थे , जिसके कारण पूरी ड्रेनेज लाइन जाम हो गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए हॉस्टल प्रशासन पर सवाल उठाएं जा रहे हैं। यह घटना न केवल स्वच्छता बल्कि छात्राओं की सुरक्षा और नैतिक मूल्यों पर बड़ा प्रश्नचिन्ह लगाती है। यह शर्मनाक घटना हॉस्टल प्रशासन के लचर रवैए को भी दर्शाती है। रिपोर्ट एक प्रतिष्ठित सोशल मीडिया चैनल से ली गई है।

Niharika Bhardwaj

1,041,661 views • 1 month ago

ये UGC वाला मामला सिर्फ UGC का नहीं है, ये तो साफ़ दिख रहा है कि मोदी जी ने सवर्णों को पूरी तरह से मारने का प्लान बना लिया है! जिनकी आँखें अभी भी नहीं खुलीं, वो -40 नंबर के डॉक्टर से मोतियाबिंद का इलाज करवा लें, क्योंकि इनकी आँखों पर तो 2014 से ही "मोदी भरोसा" का पर्दा पड़ा हुआ है, जो अब पूरी तरह काला हो चुका है! ये वीडियो देखो मोदी जी GC थे 49 साल तक, फिर OBC बन गए, अब सवर्णों को नीचे धकेलकर हिसाब चुकता कर रहे हैं। बचपन में शोषण नहीं हुआ, लेकिन अब GC से बदला ले रहे हैं? क्या बकवास है ये! अब कोचिंग फ्री, फीस माफ, हॉस्टल फ्री, आरक्षण सब SC/ST/OBC को और सवर्ण गरीब बेटा भूखा मरे? ये "सबका साथ सबका विकास" नहीं, ये सवर्णों का systematic गला घोंटना है! जागो भाई लोग, ये मोदी फैक्टर अब नाली में बह चुका है। अगर अभी नहीं बोले तो कल सवर्ण नाम का कुछ बचेगा नहीं। ये लोग RSS को भी गुलाम बना चुके हैं, अब हमारी बारी है आवाज उठाने की। कम्यूनिटी नोट लगाओ या न लगाओ, सच यही है मोदी जी अब कांग्रेस से भी ज्यादा तुष्टिकरण कर रहे हैं! जय हिंद, लेकिन पहले सवर्णों की हिफाजत! 🚩🔥

कल्पना श्रीवास्तव 🇮🇳

16,877 views • 4 months ago

एक महिला ने स्टार हेल्थ इंश्योरेंस से पॉलिसी ली। किडनी इन्फेक्शन हुआ , तेज बुखार में कंपकंपी छूटने लगी , हालत बिगड़ी तो अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। लेकिन जब क्लेम लगाया गया तो जवाब मिला आप तो दवा से ठीक हो सकती थीं , एडमिट क्यों हुईं? अब सवाल ये है कि 👇 क्या बीमा कंपनी अब डॉक्टर भी बन गई है? क्या मरीज की हालत अस्पताल तय करेगा या इंश्योरेंस ऑफिस? क्या ICU में जाने से पहले कंपनी से अनुमति लेनी होगी कि “सर, क्या मैं सच में बीमार हूं?” पॉलिसी बेचते समय कहते हैं “कैशलेस, टेंशन फ्री।” और क्लेम के समय कहते हैं “आपको तो सिर्फ गोली खानी चाहिए थी।” तो फिर इंश्योरेंस किस बात का है? बीमारी कवर करने का या क्लेम रिजेक्ट करने का?

खुरपेंची स्वास्थ्य

207,958 views • 4 months ago