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197,527 views • 2 months ago •via X (Twitter)

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🔹डीएम दिव्या मित्तल व उनके पति ने बच्चों के लिए बनाया ‘Kiki English’ एप, वीडियो जारी कर दी जानकारी। ✍🏻#देवरिया। जिलाधिकारी दिव्या मित्तल एवं उनके पति द्वारा बच्चों के लिए अंग्रेज़ी सीखना आसान और रोचक बनाने के उद्देश्य से एक नया मोबाइल एप विकसित किया गया है। इस एप का नाम Kiki English Mobile App है। 🔹डीएम ने वीडियो संदेश जारी करते हुए बताया कि यह एप बच्चों को अंग्रेज़ी सुनने, समझने और दोहराने के माध्यम से आत्मविश्वास के साथ बोलना सिखाता है। उन्होंने कहा कि इस एप की खास बात यह है कि बच्चे खेल-खेल में अंग्रेज़ी सीखेंगे और धीरे-धीरे सहज रूप से अंग्रेज़ी में संवाद करना शुरू कर देंगे। ✍🏻डीएम ने अभिभावकों से अपील की है कि वे Google Play Store से Kiki English App को मुफ्त डाउनलोड करें और अपने बच्चों को आत्मविश्वास के साथ अंग्रेज़ी बोलना सिखाने में सहयोग करें। यह पहल शिक्षा के क्षेत्र में एक सकारात्मक कदम मानी जा रही है, जो बच्चों के भविष्य को मजबूत बनाने में सहायक साबित हो सकती है। DM Deoria CM Office, GoUP Information and Public Relations Department, UP Shashank Mani Divya Mittal PMO India

Deoria Times

15,934 views • 4 months ago

क्या अब भारत में हाईकोर्ट का स्टे ऑर्डर भी बेकार हो चुका है? या फिर सिर्फ़ मुसलमान होना ही सबसे बड़ा अपराध बन गया है? शामली के झिंझाना क्षेत्र में रहने वाले हाजी फिरोज़ खान को झूठे रेप और हत्या के मामलों में दो-दो बार जेल भेजा गया। पहली बार बिना वारंट घर से उठाकर 2 महीने जेल में ठूंसा गया। दूसरी बार 4 महीने 10 दिन तक सलाखों के पीछे रखा गया। जब परिवार इलाहाबाद हाईकोर्ट से स्टे ऑर्डर लेकर पुलिस के पास गया, तो आरोप है कि झिंझाना पुलिस ने साफ़ कहा — “हम इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश नहीं मानते।” इसके बाद भी घर में घुसपैठ, संपत्ति की जब्ती और लगातार डराने-धमकाने का सिलसिला जारी रहा। इतना ही नहीं, जब पीड़ित के बेटे ने सच्चाई दिखाने वाला वीडियो इंस्टाग्राम पर डाला और वह वायरल हुआ, तो पुलिस उसे उठाने आ गई और उस पर पाँच लोगों को एक्सीडेंट में घायल करने का झूठा केस ठोक दिया। थाने में महिलाओं को पीटने की धमकी, गालियाँ, वीडियो डिलीट कराने का दबाव — यह पुलिस है या गुंडा गैंग? यह खुली कानून की धज्जियाँ उड़ाने, कोर्ट की अवमानना और एक अल्पसंख्यक परिवार को टारगेट करने का मामला है। हम DGP UP से मांग करते हैं कि इस मामले में तुरंत उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए। Shamli Police, कोर्ट के आदेशों को रौंदना शर्मनाक है। ऐसे कृत्य पुलिस पर से जनता का भरोसा खत्म कर देते हैं। न्याय कोई एहसान नहीं, यह अधिकार है। कानून सबके लिए बराबर होना ही होगा — चाहे पुलिस को यह पसंद हो या नहीं।

Inspiretrail

42,315 views • 6 months ago