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ED को राजस्थान से खाली हाथ लौटाने के बाद डोटासरा जी 😁 Govind Singh Dotasra 🙂

36,987 views • 3 years ago •via X (Twitter)

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राजस्थान के लिए शर्म से डूब मरने वाली बात है।माननीय मुख्यमंत्री Bhajanlal Sharma जी।पिछले साल चार महिलाओं ये जहरीला केमिकल का पानी अराबा के उच्च माध्यमिक विद्यालय में पड़ा रहा बच्चों के स्वास्थ्य ओर भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है फिर भी अवैध फैक्ट्री धड़ल्ले से चलने दी जा रही है।ये केमिकल का पानी अब फिर से इन बच्चों को बीमार करने के साथ साथ पढाई में बाधा डाल रहा है यहां कक्षा में दिनभर मच्छरों का डेरा है तो बदबू से बच्चे बेहाल हैं Madan Dilawar जी को पिछले दिनों एक स्कूल लेकर टैग किया तो उन्होंने मुझे रिप्लाई दिया था कि कलेक्टर को निर्देशित किया गया है लेकिन थोड़ी देर बाद में वो रिप्लाई डिलीट कर दिया गया।क्या यही है शिक्षा मंत्री जी आपकी संवेदनशीलता।यहां चार पांच स्कूल में बच्चों को मौत दी जा रही हैं जोजरीनदी के प्रदूषित पानी से ओर आप कोई कार्यवाही नहीं कर रहे हो।ये Arun Choudhary (modi ka parivar) की विधानसभा क्षेत्र है ओर यहा ये जहर Jogaram Patel ओर Gajendra Singh Shekhawat की मेहरबानी से आ रहा है जोधपुर शहर की स्टिल ओर टैक्सटाइल फैक्ट्री से।Ashok Gehlot Govind Singh Dotasra Tika Ram Jully Ravindra Singh Bhati RSPCB

Thar_Desert_Photography

21,041 views • 1 year ago

डोटासरा तो अचानक मानेसर कांड से निकले नेता हैं या अशोक गहलोत जी के आशीर्वाद से प्रदेश अध्यक्ष बने थे – गुटबाज गहलोत– पायलट और जातिवादी मीडिया। मैं क्या बोलूंगा आप सिखाओगे क्या, बैठ जाएये आप...... बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष राठौड़ को फटकार लगाती ये वो आवाज थी जिसको नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी जी ने तराशा और सदन में 163 विधायकों वाली बीजेपी वसुन्धरा सरकार के सामने जनता की ढाल बनाकर खड़ा किया था, विधानसभा में कांग्रेस के मुख्य सचेतक बनाकर मौका दिया था। 2013 चुनाव में जब अशोक गहलोत जी के रहमो कर्म से कांग्रेस सिर्फ 21 सीट पर सिमट गई थी तब सोनिया जी ने अपने भरोसेमंद नेता रामेश्वर डूडी जी को सदन का नेता बनाया था, इन्हें रामेश्वर डूडी जी के नेतृत्व एवं आशीर्वाद से गोविंद सिंह डोटासरा, अशोक चांदना, घनश्याम मेहर जैसे मजबूत जननेता वसुंधरा सरकार के सामने सीना तानकर खड़े होते थे, इन्हें डूडी जी की छत्र छाया में प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट जी ने मीडिया और दिल्ली– जयपुर के बाहर राजस्थान भर में अपना पहचान बनाई थी, सर्किट हाउस के दौरों से अलग जनसंघर्ष में ध्यान लगाया था। 2020 में सचिन पायलट मानेसर जाकर बैठ गए तब भी रामेश्वर डूडी जी की सलाह पर ही सोनिया गांधी जी ने केंद्र के अन्य वरिष्ठ नेताओं से विमर्श कर के ही डोटासरा को प्रदेश अध्यक्ष बनाया था, अशोक गहलोत कभी नहीं चाहते थे कि एक मजबूत नेता PCC अध्यक्ष बने, 2020 में गहलोत जी की पसंद के चारों नाम आलाकमान ने ठुकरा दिए थे और डूडी जी एवं अन्य वरिष्ठ नेताओं की सलाह पर ठप्पा लगाया था, अगली बार जब भी गहलोत जी खुद को कांग्रेस का मालिक समझ कर ये कहें कि उन्होंने इस नेता को ये बनवाया या डोटासरा जी तो मानेसर कांड से निकले नेता हैं, उन्हें रामेश्वर डूडी जी का नाम याद दिलवा देना और एक सवाल कर लेना कि गहलोत जी आप ने दिल्ली से सीधे मुख्यमंत्री बनकर राजस्थान आने के बाद हमेशा से क्यों चाहा था कि राजस्थान से लोकसभा में कोई मजबूत युवा सांसद न पहुंचे, प्रदेश अध्यक्ष पद पर मजबूत नेता न बैठें जो संगठन निर्माण पर ध्यान दें। अमरेन्द्र खलबली amrendra khalbali

अमरेन्द्र खलबली amrendra khalbali

49,940 views • 8 months ago