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exactly कितनी क़ीमती जान है हमारी
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हमलोग आम लोग है और आम लोगों कि जान कि कीमत लगाई जाती है आप की मौत कहाँ और कैसे हुई है उसके बाद ही उसकी कीमत लगाई जाती है अगर सच कहूँ तो आमलोग पृथ्वी पर रेंग रहे जीवों कि तरह है जिसे हर कोई अपने नीचे ही रखना चाहता है और जिसके रहने या ना रहने से कोई फर्क नही पड़ता है

जान की कोई कीमत नही लगाया जा सकता है। वह अनमोल है। रहा सवाल जन्म व मृत्यु की यह नियति के हाथों मे है । सबकुछ एक क्षण मे बदल जाता है, चाहे प्राकृतिक या कृत्रिम आपदा हो। दुनियां चलते रहती है थमती नही है। अकाल के शिकार हुए पुण्यात्माओं को विनम्र श्रद्धांजलि । आत्मा अजर अमर है..

किसी भी चीज़ और कितना भी मुआवजा किसी एक जान को भी वापस नहीं ला सकता, उसकी इंसान की कमी पूरी कर सकता है।😥 सवाल बहुत वाजिब है, लेकिन इसके जवाब की किसी को नहीं पड़ी है शायद, शायद हमें भी नहीं पड़ी है, तभी तो भूल जाते हैं, हर बार।😥

🤔🤐😢

बुहत ही बंडियाँ विषय पे आज आपने बात की है

इस संसार में कीमती है ही क्या??? जीवन फिर मौत का क्या? ये भी तो एक हिस्सा है हमारा तो फिर इतना दिखावा क्यूं? किसी हादसे में कोई बच गया तो लोग बोलते हैं ईश्वर की कृपा हुई फिर अगर कोई मृत्यु की गोद में सो गया तो ये क्या है? जीवन एक बार जीने को मिलता है बार बार नहीं।

"Vote for a leader belongs to your caste " is the success mantra of highly developed Bihar ☺️☺️😅😅

😭

जान की कोई कीमत नहीं हैं बहन, जलती हुई चिता को देखकर लोग पूछ लेते हैं अभी कितना टाइम और लगेगा। कीमत है इस शरीर से किसका क्या मतलब सिद्ध हो रहा है।

हर कोई मौत की चौखट पर खड़ा है, फिर भी इंसान नहीं सुधर रहा है, कभी मानव की, कभी जानवर की जान ले रहा है, सुना था, जैसा हम करते हैं वैसा लौट कर आता है, कलयुग मे इसे कौन दोहराता है,
