Video yükleniyor...

Video Yüklenemedi

Ana Sayfaya Dön

exactly कितनी क़ीमती जान है हमारी

209,950 görüntüleme • 3 yıl önce •via X (Twitter)

10 Yorum

Gaurav Kumar🇮🇳 profil fotoğrafı
Gaurav Kumar🇮🇳3 yıl önce

हमलोग आम लोग है और आम लोगों कि जान कि कीमत लगाई जाती है आप की मौत कहाँ और कैसे हुई है उसके बाद ही उसकी कीमत लगाई जाती है अगर सच कहूँ तो आमलोग पृथ्वी पर रेंग रहे जीवों कि तरह है जिसे हर कोई अपने नीचे ही रखना चाहता है और जिसके रहने या ना रहने से कोई फर्क नही पड़ता है

RAJU CHOUHAN 🇮🇳🌅🌻🌹 profil fotoğrafı
RAJU CHOUHAN 🇮🇳🌅🌻🌹3 yıl önce

जान की कोई कीमत नही लगाया जा सकता है। वह अनमोल है। रहा सवाल जन्म व मृत्यु की यह नियति के हाथों मे है । सबकुछ एक क्षण मे बदल जाता है, चाहे प्राकृतिक या कृत्रिम आपदा हो। दुनियां चलते रहती है थमती नही है। अकाल के शिकार हुए पुण्यात्माओं को विनम्र श्रद्धांजलि । आत्मा अजर अमर है..

Poetry Chor. profil fotoğrafı
Poetry Chor.3 yıl önce

किसी भी चीज़ और कितना भी मुआवजा किसी एक जान को भी वापस नहीं ला सकता, उसकी इंसान की कमी पूरी कर सकता है।😥 सवाल बहुत वाजिब है, लेकिन इसके जवाब की किसी को नहीं पड़ी है शायद, शायद हमें भी नहीं पड़ी है, तभी तो भूल जाते हैं, हर बार।😥

Dhaval Patel profil fotoğrafı
Dhaval Patel3 yıl önce

🤔🤐😢

Bhonu Paswan profil fotoğrafı
Bhonu Paswan3 yıl önce

बुहत ही बंडियाँ विषय पे आज आपने बात की है

Vishal Tiwari profil fotoğrafı
Vishal Tiwari3 yıl önce

इस संसार में कीमती है ही क्या??? जीवन फिर मौत का क्या? ये भी तो एक हिस्सा है हमारा तो फिर इतना दिखावा क्यूं? किसी हादसे में कोई बच गया तो लोग बोलते हैं ईश्वर की कृपा हुई फिर अगर कोई मृत्यु की गोद में सो गया तो ये क्या है? जीवन एक बार जीने को मिलता है बार बार नहीं।

अविनाश साव Avinash Saw profil fotoğrafı
अविनाश साव Avinash Saw3 yıl önce

"Vote for a leader belongs to your caste " is the success mantra of highly developed Bihar ☺️☺️😅😅

ବିକାଶ profil fotoğrafı
ବିକାଶ3 yıl önce

😭

Anubhav Krishna profil fotoğrafı
Anubhav Krishna3 yıl önce

जान की कोई कीमत नहीं हैं बहन, जलती हुई चिता को देखकर लोग पूछ लेते हैं अभी कितना टाइम और लगेगा। कीमत है इस शरीर से किसका क्या मतलब सिद्ध हो रहा है।

𝓡𝓸𝓱𝓲𝓽 … 🇮🇳🚩 profil fotoğrafı
𝓡𝓸𝓱𝓲𝓽 … 🇮🇳🚩3 yıl önce

हर कोई मौत की चौखट पर खड़ा है, फिर भी इंसान नहीं सुधर रहा है, कभी मानव की, कभी जानवर की जान ले रहा है, सुना था, जैसा हम करते हैं वैसा लौट कर आता है, कलयुग मे इसे कौन दोहराता है,

Benzer Videolar