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Freefire के लिए अजमेर शरीफ में दुआ मांगा

47,782 Aufrufe • vor 1 Jahr •via X (Twitter)

10 Kommentare

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सोनालिका मिश्राvor 1 Jahr

इसको पुलिस गिरफ्तार नहीं की अभी तक? ये अच्छा देश के लिए सोच नहीं सकते... 2020 में सरकार ने बैन किया है इसमें डाटा सिक्योरिटी कंसर्न और एंटी इंडिया एक्टिवी थी इसलिए सरकार ने बंद किया था... ये जानते हुए भी मुगलों कि औलाद दुआ मांग रहे हैं...हैल्थ कंसर्न भी मुद्दा था...

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Solar Heavyvor 1 Jahr

check this edm guitar track out

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Syndicatevor 1 Jahr

Allah can't save play station 🇵🇸 Let's see if he can unban Free fire atleast.

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प्रिया तोमरvor 1 Jahr

घंटा कबूल होती है ये कहो कि रील बनाने के लिए आइ हूँ और मैं फेमस हो जाऊ जैसे कि तू बोल रही है मुझे फालो भी कर लो

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Lolllvor 1 Jahr

बीसी उधर गांजा पटी के लोगो की अम्मी-खुदी पड़ी है और इस बीकेएल को फ्रीफायर का बैन हटाने के लिए दुआ मांगने गई ऊपर से करोड़ों कट-मुल्लों की दुआएं है 😅

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Diskovor 1 Jahr

ऐसे जितने भी अलग प्रकार के वीडियो हैं वहां पर सेकुलर प्राणियों के कमेंट देख लेना, ऐसा लगेगा जैसे सारी इंसानियत उन्हीं में जाग रही है और उनके सातों जन्म सफल होने वाले हैं

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भारतीय_कर्मचारी (🚩सनातनी🚩)vor 1 Jahr

अब तो हमेशा के लिए बंद हो जायेगा।

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Rvor 1 Jahr

they call us andh bhakts 😂😂😂

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Aristotlevor 1 Jahr

People like her should be banned or kept in confinement, no wonder why freefire is banned in the first place, get a job, get a life

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Pradeep Kumarvor 1 Jahr

कितने बेवकूफ़ है लोग।कुछ भी कहीं भी शुरू हो जाते है। इस्लाम में स्ट्रक्चर की इबादत की सख्त मनाही हैं। सऊदी अरब ने सारे ऐतिहासिक ढांचों को तोड़ वहां होटल आदि खड़े कर दिया है।पैसा कमाने के लिए ये सब और झाड़ फूंक करते है।इनमें तंत्र नहीं होता पर मियां तांत्रिक दिख जाता है गजब ठगी है

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यह वीडियो अजमेर दरगाह के खादिमों का है। वीडियो 24 सितंबर का है, चूंकि यह प्रधानमंत्री Narendra Modi का जन्मदिवस का पखवाड़ा है। अजमेर दरगाह खादिम प्रधानमंत्री मोदी की सेहत और लंबी उम्र के लिए दुआएँ कर रहे हैं। इनके दुआ करने से किसी को आपत्ति नहीं है। लेकिन सवाल ज़रूर हैं। असम सरकार ने राज्य में हज़ारों लोगों के सरों से छत छीन ली गई, क्या इन खादिमों बेघर हुए लोगों के लिए सामूहिक दुआ की हैं? सीएए जैसे नस्लवादी क़ानून के ख़िलाफ आवाज़ उठाने वाले छात्र, एक्टिविस्टों पर UAPA लगाकर जेल में डाला हुआ है, कभी अजमेर दरगाह के इन खादिमों ने उनकी रिहाई के लिए दुआएँ की हैं? अगर की हों, तो कृप्या उसका साक्ष्य उपलब्ध कराएं। या सिर्फ ‘सरकार’ की नज़र में ‘अच्छा’ बनने के लिए उन आवाज़ों में आवाज़ नहीं मिलाएंगे जो आवाज़ें सरकार को चुभती हैं!

Wasim Akram Tyagi

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