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*Graded Inequality*
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एक पीढ़ी का पाखंड दूसरी पीढ़ी की परम्परा बन जाता है।

Graded inequality isn't just about unequal treatment — it's about a system that assigns worth based on birth. It silently normalizes injustice in the name of tradition.

Bade agar galat kare to sawaal pucchna galat NAHI. Ye bachho ko sab sikhaye.

Hi

That's correct!

समानता बहुत जरूरी है

Hey Pig 🐷

Graded inequality is poison served in gold cups everyone’s busy comparing cups, no one sees the poison.

Brahminism is the fountain head of all the evils in India. 🤷🏿♀️

आपका दिल्ली में शो कब है हम सब इंतजार कर रहे हैं शो देखने के लिए

सोचिए.. सिर्फ 3 महीनों में महाराष्ट्र में 767 किसानों ने आत्महत्या कर ली। क्या ये सिर्फ एक आंकड़ा है? नहीं। ये 767 उजड़े हुए घर हैं। 767 परिवार जो कभी नहीं संभल पाएंगे। और सरकार? चुप है। बेरुख़ी से देख रही है। किसान हर दिन कर्ज़ में और गहराई तक डूब रहा है - बीज महंगे हैं, खाद महंगी है, डीज़ल महंगा है.. लेकिन MSP की कोई गारंटी नहीं। जब वो कर्ज़ माफ़ी की मांग करते हैं, तो उन्हें नजरअंदाज़ कर दिया जाता है। लेकिन जिनके पास करोड़ों हैं? उनके लोन मोदी सरकार आराम से माफ कर देती है। आज की ही खबर देख लीजिए - अनिल अंबानी का ₹48,000 करोड़ का SBI “फ्रॉड”। मोदी जी ने कहा था, किसान की आमदनी दोगुनी करेंगे - आज हाल ये है कि अन्नदाता की ज़िंदगी ही आधी हो रही है। ये सिस्टम किसानों को मार रहा है - चुपचाप, लेकिन लगातार और मोदी जी अपने ही PR का तमाशा देख रहे हैं।

U-Turn हर बार बार बार

तमाशा चल रहा है। इसकी भी क्या ज़रूरत है, रिज़ल्ट आज ही निकाल दीजिए। जब सब मिट्टी में मिल ही गया है तो यही क्यों बाक़ी रहे।

अरे, सुब्रमण्यम स्वामी यह मोदीजी के बारे में क्या कह रहे हैं?
