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IAS-IPS बनने से जाति खत्म नहीं होती, खूब सारा पैसा होने से भी जाति खत्म नहीं होती, अंतरजातीय विवाह करने से भी जाति खत्म नहीं होती। तो "नीले कबूतर" यह बताओ कि फिर जाति कैसे खत्म होगी? तुम्हारे "बाबा साहब" के तो सारे फॉर्मूले फेल हो गए। इससे तो...

66,362 просмотров • 5 месяцев назад •via X (Twitter)

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“तुम हमारे गिलास में पानी कैसे पी लिए?” बस यह एक सवाल सुनिए और फिर उन तमाम दावों को याद कीजिए कि अब जाति कहाँ बची है, भेदभाव तो कब का खत्म हो चुका है, अब तो सब बराबर हैं! जिस पानी पर किसी जाति का अधिकार नहीं, जिस प्यास में कोई ऊँच-नीच नहीं, उसी पानी का एक गिलास आज भी किसी इंसान को उसकी जाति याद दिला देता है। सोचिए, उस व्यक्ति पर क्या गुजरती होगी जिसे केवल पानी पी लेने भर से उसकी सामाजिक हैसियत बताने की कोशिश की जाए। जातिवाद केवल किताबों में दर्ज इतिहास नहीं है। वह आज भी भाषा, व्यवहार, अपमान और रोज़मर्रा की छोटी-छोटी घटनाओं में दिखाई देता है। इसलिए सवाल आरक्षण कब खत्म होगा का नहीं, सवाल यह है - जाति के नाम पर यह अपमान कब खत्म होगा?

Dr. Laxman Yadav

37,022 просмотров • 1 день назад