Loading video...

Video Failed to Load

Go Home

IIT Bombay Sahil Wakode Case: Modi Act Slapped On Prof Satyanarayan Doolla परीक्षा में ChatGPT से जवाब लेने के आरोप में पकड़े जाने के कुछ समय बाद छात्र साहिल वाकोडे मृत मिला। परिवार ने जातिगत भेदभाव और उत्पीड़न के आरोप लगाए, जबकि छात्रों ने IIT Bombay के डायरेक्टर के...

15,959 views • 10 days ago •via X (Twitter)

19 Comments

RHA Reservation Hatao Andolan's profile picture
RHA Reservation Hatao Andolan10 days ago

Reservation hatao desh Bachao

W𝐢𝐬𝐝𝐨𝐦 Of 𝘽𝙝𝙖𝙧𝙖𝙩 🐦✨'s profile picture
W𝐢𝐬𝐝𝐨𝐦 Of 𝘽𝙝𝙖𝙧𝙖𝙩 🐦✨10 days ago

If these students are genuinely raising legitimate concerns, their grievances deserve to be heard and addressed. But if the protest has crossed into personal attacks and disrespect, that deserves equal scrutiny.

RHA Reservation Hatao Andolan's profile picture
RHA Reservation Hatao Andolan10 days ago

Thu hai aise maa baap pe, soch ki beta to mar gaya chalo ab sc st act laga kar ab 12 lakh rupay kama leta hu, aise baap ko bhagwaan nark me jagah naa mile

RHA Reservation Hatao Andolan's profile picture
RHA Reservation Hatao Andolan10 days ago

Reservation hatao Andola support

RHA Reservation Hatao Andolan's profile picture
RHA Reservation Hatao Andolan10 days ago

Ugc rollback

सुधाकर सिंह राजपूत's profile picture
सुधाकर सिंह राजपूत10 days ago

मा दरचो द सब इस मामले में प्रोफेसर के साथ हैं बीजेपी समर्थक भी पर तू अपनी गंदी सोच की वजह से मोदी का नाम जोड़कर इसका भी राजनीति करण कर देगा और भाजपाई इससे दूरी बना लेंगे अकेले तेरे उखाड़े झांट नहीं उखड़ने वाला है।

Chotu Fanta's profile picture
Chotu Fanta10 days ago

Not accepted 😔

GuJJuji's profile picture
GuJJuji10 days ago

सवर्ण तैयार रहो इस केश की आड़ मे यूजीसी को घुसेड़ने कोशिस होगी

Manoj Bhai sahab ji🇮🇳's profile picture
Manoj Bhai sahab ji🇮🇳10 days ago

dronacharya jinda hai aaj bhi ...!😡😡😡

Devendra Nishad's profile picture
Devendra Nishad9 days ago

जातंकवादी कैसे OBC के कन्धा पर बन्दुक रखकर चलाते है वैसे IIT मे कितने %OBC prof है? कैसे चयन होता है????

Abhay Pratap's profile picture
Abhay Pratap9 days ago

Wakoda ❎ bhen ka l*da ✅

प्रवीण मिश्रा's profile picture
प्रवीण मिश्रा10 days ago

सैनिक शासन लगाकर नीला कचरा साफ किया जाएगा । देश की राजनीति सैनिक हस्तक्षेप की तरफ तेजी से बढ़ रही है । बस 15 से 20 साल ।

Vikas Singh's profile picture
Vikas Singh10 days ago

Please support the victims 🙏🙏🙏

Shambhu Kumar's profile picture
Shambhu Kumar10 days ago

मौत के बाद कीचड़ उछालने की काबलियत तुम लोगो मे ही है। बाबा साहब को आज भी कोसते रहते हो।

Neearj rajilwal's profile picture
Neearj rajilwal9 days ago

बाकि सब ठीक है पर तुम लोग तुरंत ही अपनी cast देखि नहीं और हर बलात्कारी और हत्यारे के पक्ष मे आ जाते हों क्यों? आज के समय मे बच्चो क़ो पीटना भी वैन किया हुआ है स्कूलों मे और तुम लोग कॉलेज मे किसी बच्चे कि जान क़ो जायज ठहरा रहे हों हों सकता है बो चाहे चीटिंग कर रहा हों भलेई...🤔

Deepak Gautam's profile picture
Deepak Gautam9 days ago

ये पक्षपाती हेडलाइन तो ऐसे दे रहा है जैसे निष्पक्ष होकर अपनी बात रखेगा इस वीडियो में।

Mohit Goyal's profile picture
Mohit Goyal9 days ago

बीस साल बाद नीले वैज्ञानिक पोस्ट करेंगे कि हमें नकल नहीं करने दिया जाता था,नकल करने का अधिकार हमें मोदी ने दिया था। इसे लागू करवाने के लिए हमारे वीर पूर्वजों ने सुसाइड किया।

kross's profile picture
kross10 days ago

Okiee he was SC or a cheater, he was still a student and a human being. It’s reportedly the 3rd student suicide at IIT B this year. instead of turning his death into politics, ask the institution why students keep reaching this point. that’s the real question.

Rashtrabhakt Neems's profile picture
Rashtrabhakt Neems9 days ago

मोदी एक्ट मुर्दाबाद। कमल का फूल हमारी भूल। इस एक्ट को हटाना हीहोगा।

Related Videos

IIT में जाति के आधार पर क्या झेलते हैं स्टूडेंट? IIT जैसे देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों पर पढ़ाई, प्रतियोगिता, करियर और परिवार की उम्मीदों का कितना दबाव होता है? और क्या इस दबाव के बीच जाति या सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि से जुड़ा भेदभाव उनकी मुश्किलें और बढ़ा देता है? हाल में IIT बॉम्बे के एक छात्र की मौत के बाद एक बार फिर छात्रों की मानसिक सेहत, संस्थागत दबाव और जातिगत भेदभाव के सवालों पर बहस छिड़ गई है. छात्र के परिवार ने जातिगत भेदभाव का आरोप लगाया है, जबकि संस्थान ने इन आरोपों से इनकार किया है. मामले की जांच जारी है. तो द लेंस के इस एपिसोड में चर्चा इन्हीं सवालों पर कि IIT जैसे संस्थानों में छात्रों को किस तरह के दबाव और भेदभाव का सामना करना पड़ता है, मानसिक स्वास्थ्य को लेकर संस्थानों की मौजूदा व्यवस्था कितनी तैयार है और छात्रों की सुरक्षा के लिए क्या किया जा सकता है? इस विषय पर कलेक्टिव न्यूज़रूम के डायरेक्टर ऑफ़ जर्नलिज़म मुकेश शर्मा बात कर रहे हैं IIT के पूर्व छात्र डॉ. प्रणव जीवन, प्रोफ़ेसर राजीव कुमार और क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ. अरुणा ब्रूटा से.

BBC News Hindi

45,496 views • 4 days ago

IIT-Bombay के बीटेक (एनर्जी साइंस) द्वितीय वर्ष के दलित छात्र साहिल वाकोड़े की असामयिक मृत्यु ने देश के प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रों की सुरक्षा, सम्मान और संस्थागत जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। साहिल जी की आत्महत्या के अगले दिन कॉलेज प्रशासन द्वारा जारी बयान में परीक्षा के दौरान उनके पास मोबाइल फोन मिलने की बात कही गई। लेकिन साहिल की मृत्यु के अगले दिन प्रशासन द्वारा यह बयान जारी किया जाना और पूरे मामले को मुख्य रूप से मोबाइल मिलने की घटना से जोड़ना कई गंभीर सवाल खड़े करता है और मामले को लेकर संदेह को और गहरा करता है। यह भी महत्वपूर्ण है कि परीक्षा कक्ष में साहिल जी के आसपास अन्य परीक्षार्थी मौजूद थे, लेकिन अभी तक उनमें से किसी अन्य परीक्षार्थी द्वारा उनके पास मोबाइल फोन होने की बात कहे जाने की जानकारी सामने नहीं आई है। वहीं, कॉलेज प्रशासन के नियमानुसार, यदि परीक्षा के दौरान किसी परीक्षार्थी के पास मोबाइल फोन या अन्य प्रतिबंधित सामग्री मिलती है, तो संबंधित सामग्री जब्त कर परीक्षार्थी को नई उत्तरपुस्तिका देकर परीक्षा पूरी कराई जाती है और आगे की कार्रवाई के लिए मामला कमेटी के सामने रखा जाता है। साहिल के परिजनों और साथी छात्रों का कहना है कि उन्हें प्रोफेसर द्वारा परीक्षा कक्ष से बाहर ले जाकर धमकाया गया और एक वर्ष के लिए निलंबित करने की बात कही गई। परिवार ने उनके साथ पहले भी जातिगत भेदभाव और संस्थागत प्रताड़ना किए जाने की भी बात कही है। 18 सितंबर की शाम करीब 6 बजे साहिल ने आत्महत्या कर ली। इसके कुछ ही समय बाद IIT Bombay के छात्र इस घटना से चिंतित होकर कैंपस में एकत्र हुए और कैंडल मार्च निकाला। इसके बाद से छात्र धरने पर बैठे हुए हैं। धरने पर बैठे छात्रों ने अपनी प्रमुख मांगों में IIT के निदेशक और डीन (छात्र मामले) के इस्तीफे, साहिल जी के परिवार को मुआवजा, IIT प्रशासन की सहमति से प्रोफेसर दुल्ला के खिलाफ FIR दर्ज करने, प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ किसी भी प्रकार की कार्रवाई न करने और सभी छात्रों के साथ ओपन हाउस बैठक आयोजित करने की मांग रखी है। हम Ministry of Education से मांग करते हैं कि घटनाक्रम से जुड़े सभी CCTV फुटेज, परीक्षा संबंधी रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों को तत्काल सुरक्षित किया जाए। सभी संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए जाएं और पूरे मामले की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कराई जाए। जांच में जो भी दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई हो। देश के प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रों के साथ जातिगत भेदभाव, अपमान या किसी भी प्रकार की संस्थागत प्रताड़ना की कोई जगह नहीं होनी चाहिए। छात्रों की शिकायतों और सुरक्षा से जुड़े मामलों में संस्थानों की जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए। इस दुःख की घड़ी में हमारी गहरी संवेदनाएँ साहिल के शोकाकुल माता-पिता और पूरे परिवार के साथ हैं। प्रकृति उन्हें इस अपार दुःख को सहने की शक्ति दे। #JusticeForSahilWakode

Chandra Shekhar Aazad

257,529 views • 10 days ago

IIT-Bombay द्वारा साहिल वाकोड़े की आत्महत्या से जुड़े अपने पहले के बयान के लिए औपचारिक रूप से माफी मांगना महत्वपूर्ण कदम है। कल हमने कहा था कि साहिल जी की मृत्यु के अगले दिन, 19 सितंबर को परीक्षा में मोबाइल फोन और अन्य आरोपों को लेकर जारी संस्थान के बयान पर गंभीर सवाल उठते हैं। अब IIT-Bombay ने स्वयं स्वीकार किया है कि जांच पूरी होने से पहले घटना की परिस्थितियों को किसी निश्चित रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं था। IIT-Bombay में बीटेक (एनर्जी साइंस) के द्वितीय वर्ष में पढ़ रहे साहिल वाकोड़े केवल एक छात्र नहीं, बल्कि देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक JEE Advanced में AIR 614 हासिल करने वाले होनहार और मेहनती दलित युवा थे। प्रथम वर्ष में 8.5 CGPA हासिल कर उन्होंने अपनी मेहनत और प्रतिभा का परिचय दिया था। ऐसे प्रतिभाशाली छात्र की असामयिक मृत्यु ने न केवल उनके परिवार को अपूरणीय क्षति पहुंचाई है, बल्कि देश के प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रों की सुरक्षा, सम्मान, समानता और संस्थागत जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। IIT-Bombay द्वारा 19 सितंबर को जारी किए गए उस बयान ने उन जातंकवादियों को एक मौका दिया, जो ऐसे दुखद क्षणों में भी दलितों को नीचा दिखाने के लिए तैयार रहते हैं। अब संस्थान की माफी से यह स्पष्ट है कि जांच पूरी होने से पहले घटना से जुड़े तथ्यों को किसी निश्चित रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं था। ऐसे संवेदनशील मामलों में संस्थागत जिम्मेदारी और अधिक गंभीर होनी चाहिए। सोचिए, उन माता-पिता पर क्या गुजर रही होगी, जिन्होंने एक तरफ अपना होनहार बच्चा खो दिया और दूसरी तरफ उसी बच्चे को नकलची बताकर न केवल उन्हें, बल्कि उनके पूरे समाज को नीचा दिखाने की कोशिश होते देखी। IIT Bombay, आपकी यह माफी माफी योग्य नहीं है। यह बेहद पीड़ादायक और शर्मनाक है। हमारी टीम मौके पर डटी है। #JusticeForSahilWakode

Chandra Shekhar Aazad

164,971 views • 9 days ago

लोकेशन : सिलचर, कछार,असम दिनांक : 22 जनवरी नाबालिग मुस्लिम लड़के की हिंदुत्ववादियों ने पिटाई की और उसे जय श्री राम का नारा लगाने के लिए मजबूर किया। यह घटना सिलचर के चंद्रपुर इलाके में हुई। पीड़ित मुस्लिम छात्र सिलचर के नरसिंग स्कूल में कक्षा 8 में पढ़ता है और सिलचर के मधुरबंध इलाके में रहता है स्कूल से घर जाते समय कुछ हिंदुत्ववादियों के समूह ने छात्र को घेर लिया। समूह ने छात्र पर स्कूल की दीवार पर "अल्लाहु अकबर" लिखने का आरोप लगाया और उसे सड़कों पर पीटना शुरू कर दिया वीडियो वायरल होने के बाद परिवार ने मामला दर्ज कराया बाद पुलिस ने चार आरोपियों को हिरासत में लिया है।

The Muslim

77,761 views • 1 year ago