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IIT कानपुर में 257 प्रोफेसर में से 252 सवर्ण जाति से है यहां आरक्षण खत्म कब होगा?
104,603 görüntüleme • 1 gün önce •via X (Twitter)
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IIT मैं श्रवण प्रोफेसर हैं तभी आईआईटी की कीमत है । ...... वरना यह भी आईटीआई बन जाता । नंबर लेंगे माइंनस में, दिमाग है नहीं और बनना है प्रोफेसर

BSDK ओपन सीट है पढ़ो और जाओ , वहाँ भी माइनस मार्क्स वाले टीचर चाहिए क्या जो आईआईटी का कबाड़ा कर दे ।

कहने का क्या मतलब SC ST OBC EWS में योग्यता नहीं होती?

कहने का मतलब ये है भगवान ने सबको दिमाग दिया है , मेहनत करो और जाओ आईआईटी में , माइनस मार्क्स वाले गधे नहीं चाहिए चाहे वो सवर्ण ही क्यों न हो । लेकिन आरक्षण ने काहिल बना दिया है तो मेहनत क्यों करना , विक्टिम कार्ड खेल के माइनस मार्क्स या बहुत कम मार्क्स पर सीट हथियानी है । टीचर योग्य होने चाहिए नहीं तो आईआईटी का भी कोई मतलब नहीं रह जाएगा ।

आरक्षण आजकल अपनी आखिरी साँसे गिन रहा है फ्रूटिए 👇 SCST Reservation Reforms & Rohini Commission Report Publication, regarding OBC castes representation are being awaited, to decide fate of really backward castes till date. बैकवर्ड मे से फॉरवर्ड हो चुकी जातियां जनरल मे आएंगी!

अबे जाहिल अनपढ़ प्रोफेसर बनने के लिए काबिलियत की जरूरत होती है , IIT जैसे देश के संस्थानों में जाति का रोना रो कर या जाति का सर्टिफिकेट बनवा लेने से प्रोफेसर नही बनते। अगर आरक्षण के नाम पर तुम जैसे जाहिल अनपढ़ को इन संस्थानों में प्रोफेसर बना भी दिया तो देश के सरकारी स्कूलों जैसी हालात करो दोगे। अब जाति का रोना बंध कर और पढ़ाई लिखाई करके काबिल बन पहले।

IIT कानपुर के सभी सफाई कर्मचारी दलित है, हमने कभी बोला कि EWS आरक्षण दो वहां

सफाई कर्मचारी में हम खुद चाहते है कि EWS वालों को आरक्षण मिले।

५०% आईआईटी ऐसा खोला जाये जिसमे चपरासी से लेकर प्रोफेसर कुलपति सभी दलित समुदाय के हों और इसमें सिर्फ दलित बच्चे पढ़े. तो प्रोफेसर भी माइनस नम्बर वाला विद्यार्थी भी माइनस नंबर वाला और मजे की बात माइनस में नंबर लाने पर सरकार नौकरी भी देती है. इसलिए पढ़ने का झंझट खत्म.

dalito ki alag iit banao , dalit prof dalit student ans let them compete .

हिंदुओं में सबको कलेक्टर और प्रोफेसर ही बनना हैं अपने पारंपरिक व्यवसाय सब छोड़ रहे सब पे कब्जा मियां भाई का नाई की दुकान, चमड़े का व्यवसाय, टेलर का काम, सब्जी मंडी, फल मंडी, कबाड़े का काम, सब पे मियां भाई का 100% रिज़र्वेशन

Tarun Kumar, कभी यह जानने की कोशिश कीजिए कि प्रोफेसर के चयन का वास्तविक आधार क्या था? अगर आरक्षित वर्ग के बच्चे योग्यता विकसित करने में असमर्थ हो रहे हैं, तो इसका सबसे बड़ा कारण उनका अपना नेतृत्व है। क्योंकि जो नेतृत्व अपने समाज को शिक्षा, प्रतिस्पर्धा और योग्यता के लिए प्रेरित करने के बजाय हर समस्या का समाधान आरक्षण में खोजता रहे, वह अपने समाज को आत्मनिर्भर और योग्य बनाने की दिशा में क्या योगदान दे रहा है? सच्चा नेतृत्व वह होता है जो अपने समाज को इतना सक्षम बनाए कि उसे हर जगह आरक्षण के सहारे की आवश्यकता न पड़े। आरक्षण को स्थायी बैसाखी बनाने के बजाय योग्यता को मजबूत करना ही वास्तविक सशक्तिकरण है।

Ug me reservation, pg me reservation, phd me reservation, post doc me reservatiom, kuch to rehm karo desh pe, itne reservation ke baad bhi prof nahi bane to khid pe sharam karo

करोड़ो गरीब महादलितों का हक कुछ गिने चुने अमीर दलित मार रहे है।

यही देख कर गुस्सा आता है कैसे कैसे लोगों को stage देदेते है आप जैसे जोगिंदर Mandal के चक्कर मे बांग्लादेश मे 7% हिन्दू आबादी मे 75%(1Cr) SC ST है जिनकl रोज शोषण होता है % भी हर साल घट रहीहै अब आरक्षण का reform जरूरीहै क्योंकि केवल एक उपजाति मे पूरे SC कोटा पर कब्ज़ा कर रक्खाहै

why dont make a rule where all the people who are from general category should get operated at hospitals where the doctors are from general and then category walle get operated in their respective category doctors hospitals.. May be after 25 30 years these 65 percent of junta themselves will say please abolish

ये आरक्षण नही योग्यता है! उस लायक बनिए और हासिल कीजिये!

Abey Jhandu IIT me Professor Ki qualification dekh Ek baar. + M Tech + Phd lagta hai. Apprenticeship chahiye. Phir milti hai kahi Professor ki Job. Quota pe hi Zinda rehna hai yahi maqsad bana liya life ka Pehle B Tech, Phir M Tech ab Phd me bhi Quota??

तो क्या गधे बिठा दे जो पड़ेगा वो बैठेगा नीले भीमटे

जब आरक्षण से बी टेक कर नौकरी करने की बजाय लोग phd करके रिसर्च करने लगेंगे।

-40 अंक पर जिसे सीट मिली वो विश्व का सबसे महान डॉक्टर भी स्वर्ण है! 🙏जनहित में जारी🙏 गलत साबित करने वाले को 10 लाख का इनाम ! 🙏 #DhruvBhaiMBBS #neetpg #usmle @DghsIndia @JPNadda @MoHFW_INDIA @NMC_BHARAT Satire👇

तुम 34% लाओ,और प्रोफेसर बन जाओ,ये कैसे हो सकता है ?iit में पढ़ाने वाले सभी प्रोफेसर,उच्च अंक 95%वाले होते है,तुम भी इतना अंक लाओ,और बन जाओ प्रोफेसर,किसने रोका है,भीमतो की योग्यता जीरो,और ख्वाब है,प्रोफेसर, साइंटिस्ट,वैज्ञानिक,अर्थशास्त्री,बनने की,मेहनत करो,अच्छा अंक लाओ बन जाओ।

ये कैसा सवाल है भाई??कोई प्रोफेसर बन है तो काबिलियत से बना होगा,अगर नहीं तो उसकी काबिलियत पे सवाल करो। सवर्ण ही क्यों है ये सवाल आप अपने आरक्षितों को पूछो कि इतना आरक्षण मिले के बाद भी क्यों वो काबिलियत नहीं है??या तो अपनी काबिलियत से उन प्रोफेसरों की काबिलियत का तुलना करो।

मीणा जाटव और पासवान जैसी ताकतवर जातियों ने पूरे एससी-एसटी आरक्षण पर कब्जा जमा लिया है इन पर बात कब करोगे! बाल्मीकि धानुक मोची भील कुम्हार जैसी जातियों को प्रतिनिधित्व कब मिलेगा!!

जिसकी जितनी संख्या उतनी ही भागीदारी सिर्फ कहने से नहीं होगा उसपे अमल करने कि जरूरत है, इसका आकलन कर लो 40साल में आरक्षण मिलने के बाद भी शिक्षा के मामले में मुख्य धारा में कदम से कदम मिला नहीं पा रहे हो,योग्यता आरक्षण से नहीं कड़ी मेहनत और लगन से आती है, समझदार समझ रहा है!

जब स्वर्ण के तरह दिमाग लगाकर पढ़ोगे और कंप्टीशन में पास करोगे बिना आरक्षण के जैसे स्वर्ण पढ़ लिख करके उस पोस्ट पर पहुंचे हैं। जब तक आरक्षण लेते रहोगे कहीं नहीं पहुंचोगे आरक्षणरूपी भीख दिमाग को माइंस 40 की तरफ ले जाता है। आरक्षण सिर्फ पढ़ाई लिखाई के लिए लो नौकरी के लिए नहीं।

पहले अलीगढ़ और जामिया मिलिया में खत्म कर लो उसके बाद यह भी कर लेना।

तो क्या करे IIT वाले हाई स्कूल फेल को प्रोफेसर बना दे.... ऐसा करो कि मोदी जी से कहकर एक DIIT खुलवा लो मतलब DIIT और 100 परसेंट आरक्षण ले लो. बाबा साहब ने पढ़ने के लिए कहा था यहाँ ट्वीटर पर गांव मरवाने के लिए नहीं बोला था IIT में 5000 साल से प्यासे को प्रोफेसर नहीं बनाया जाता है

ऐसे जगहों पे इनका 100% रिजर्वेशन है

IIT कानपुर तुम ले लो, हमें सिर्फ हमारे 252 प्रोफेसर दे दो, उनकी सेलरी नई कॉलेज बिल्डिंग इत्यादि सब हम ( सवर्ण समाज ) खुद बना लेंगे । लेकिन उस कॉलेज में सिर्फ सवर्ण छात्र पढ़ेंगे

90% स्वतंत्र सेनानी क्रांतिकारी सवर्ण थे,भारत के 85 % काबिल इंजीनियर ,डॉक्टर ,वैज्ञानिक सवर्ण है,देश की उत्पादकता में 60% योगदान सवर्ण लोगों का है,देश की तीन सेनाओं उच्च पद पर 80% सवर्ण है...तुम भिखारी कभी इधर भी प्रतिस्पर्धा कर लो..

मैं नहीं समझता हूं की शिक्षा में अगर आरक्षण दे दिया जाए तो कम शिक्षित टीचर कम मार्क्स लाने वाला बच्चों को क्या शिक्षा देगा।जब उसको खुद नॉलेज नहीं है। आरक्षण खत्म करो देश बचाओ और देश का भविष्य सुरक्षित करो। आखरी में यही कहूंगा चाहे कोई भी हो किसी भी वर्ग का हो शिक्षा बढ़ाओ अपना।।

IIT को IIT उसके प्रोफेसर बनते हैं। अगर 0 no वाले प्रोफेसर से ही पढ़ना है तो दूसरे कॉलेज से पढ़ लो।

जब तुम लोग खुद की मेहनत से पास होने लगोगे तब आरक्षण तुम खुद खतम करोगे और सम्मान से खड़े होगे।हम तुम्हें छोटा या नीच नहीं मानते इसलिए बराबरी चाहते हैं,तुमरे बाबा के संविधान ने ही तुम लोगों को नीच बना दिया है

Ye sab aise hi chalta rahega, agar is par log sadak par Nhi utre to

जिस दिन हो गया उस दिन से iit का हाल भी सरकारी स्कूल जैसा हो जाएगा। जहां मुफ्त के खाना, किताब, साइकिल और ड्रेस के बावजूद, गरीब से गरीब माता पिता बच्चों को सरकारी स्कूल में नहीं पढ़ाते हैं।

वहा आरक्षण नहीं h तब ही to merit वाला पढ़ा रहा है, जहाँ आरक्षण h वहा ka teacher तो spelling nahi batla pata
