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Ana Sayfaya Dön

IIT कानपुर में 257 प्रोफेसर में से 252 सवर्ण जाति से है यहां आरक्षण खत्म कब होगा?

104,603 görüntüleme • 1 gün önce •via X (Twitter)

37 Yorum

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Harsh Jain1 gün önce

IIT मैं श्रवण प्रोफेसर हैं तभी आईआईटी की कीमत है । ...... वरना यह भी आईटीआई बन जाता । नंबर लेंगे माइंनस में, दिमाग है नहीं और बनना है प्रोफेसर

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Bharat22 saat önce

BSDK ओपन सीट है पढ़ो और जाओ , वहाँ भी माइनस मार्क्स वाले टीचर चाहिए क्या जो आईआईटी का कबाड़ा कर दे ।

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Tarun Kumar21 saat önce

कहने का क्या मतलब SC ST OBC EWS में योग्यता नहीं होती?

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Bharat20 saat önce

कहने का मतलब ये है भगवान ने सबको दिमाग दिया है , मेहनत करो और जाओ आईआईटी में , माइनस मार्क्स वाले गधे नहीं चाहिए चाहे वो सवर्ण ही क्यों न हो । लेकिन आरक्षण ने काहिल बना दिया है तो मेहनत क्यों करना , विक्टिम कार्ड खेल के माइनस मार्क्स या बहुत कम मार्क्स पर सीट हथियानी है । टीचर योग्य होने चाहिए नहीं तो आईआईटी का भी कोई मतलब नहीं रह जाएगा ।

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शिकायती लाल1 gün önce

आरक्षण आजकल अपनी आखिरी साँसे गिन रहा है फ्रूटिए 👇 SCST Reservation Reforms & Rohini Commission Report Publication, regarding OBC castes representation are being awaited, to decide fate of really backward castes till date. बैकवर्ड मे से फॉरवर्ड हो चुकी जातियां जनरल मे आएंगी!

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Krishna Sikarwar1 gün önce

अबे जाहिल अनपढ़ प्रोफेसर बनने के लिए काबिलियत की जरूरत होती है , IIT जैसे देश के संस्थानों में जाति का रोना रो कर या जाति का सर्टिफिकेट बनवा लेने से प्रोफेसर नही बनते। अगर आरक्षण के नाम पर तुम जैसे जाहिल अनपढ़ को इन संस्थानों में प्रोफेसर बना भी दिया तो देश के सरकारी स्कूलों जैसी हालात करो दोगे। अब जाति का रोना बंध कर और पढ़ाई लिखाई करके काबिल बन पहले।

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अनमोल सिंह(भूमिहार)21 saat önce

IIT कानपुर के सभी सफाई कर्मचारी दलित है, हमने कभी बोला कि EWS आरक्षण दो वहां

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Tarun Kumar21 saat önce

सफाई कर्मचारी में हम खुद चाहते है कि EWS वालों को आरक्षण मिले।

अश्वमेघ 🔵 profil fotoğrafı
अश्वमेघ 🔵1 gün önce

५०% आईआईटी ऐसा खोला जाये जिसमे चपरासी से लेकर प्रोफेसर कुलपति सभी दलित समुदाय के हों और इसमें सिर्फ दलित बच्चे पढ़े. तो प्रोफेसर भी माइनस नम्बर वाला विद्यार्थी भी माइनस नंबर वाला और मजे की बात माइनस में नंबर लाने पर सरकार नौकरी भी देती है. इसलिए पढ़ने का झंझट खत्म.

Schrodinger ka billa profil fotoğrafı
Schrodinger ka billa22 saat önce

dalito ki alag iit banao , dalit prof dalit student ans let them compete .

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Anilesh1 gün önce

हिंदुओं में सबको कलेक्टर और प्रोफेसर ही बनना हैं अपने पारंपरिक व्यवसाय सब छोड़ रहे सब पे कब्जा मियां भाई का नाई की दुकान, चमड़े का व्यवसाय, टेलर का काम, सब्जी मंडी, फल मंडी, कबाड़े का काम, सब पे मियां भाई का 100% रिज़र्वेशन

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सौरभ तिवारी1 gün önce

Tarun Kumar, कभी यह जानने की कोशिश कीजिए कि प्रोफेसर के चयन का वास्तविक आधार क्या था? अगर आरक्षित वर्ग के बच्चे योग्यता विकसित करने में असमर्थ हो रहे हैं, तो इसका सबसे बड़ा कारण उनका अपना नेतृत्व है। क्योंकि जो नेतृत्व अपने समाज को शिक्षा, प्रतिस्पर्धा और योग्यता के लिए प्रेरित करने के बजाय हर समस्या का समाधान आरक्षण में खोजता रहे, वह अपने समाज को आत्मनिर्भर और योग्य बनाने की दिशा में क्या योगदान दे रहा है? सच्चा नेतृत्व वह होता है जो अपने समाज को इतना सक्षम बनाए कि उसे हर जगह आरक्षण के सहारे की आवश्यकता न पड़े। आरक्षण को स्थायी बैसाखी बनाने के बजाय योग्यता को मजबूत करना ही वास्तविक सशक्तिकरण है।

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alphaBeta1 gün önce

Ug me reservation, pg me reservation, phd me reservation, post doc me reservatiom, kuch to rehm karo desh pe, itne reservation ke baad bhi prof nahi bane to khid pe sharam karo

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nileshnirmal1 gün önce

करोड़ो गरीब महादलितों का हक कुछ गिने चुने अमीर दलित मार रहे है।

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Saraswat22 saat önce

यही देख कर गुस्सा आता है कैसे कैसे लोगों को stage देदेते है आप जैसे जोगिंदर Mandal के चक्कर मे बांग्लादेश मे 7% हिन्दू आबादी मे 75%(1Cr) SC ST है जिनकl रोज शोषण होता है % भी हर साल घट रहीहै अब आरक्षण का reform जरूरीहै क्योंकि केवल एक उपजाति मे पूरे SC कोटा पर कब्ज़ा कर रक्खाहै

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Standoffish22 saat önce

why dont make a rule where all the people who are from general category should get operated at hospitals where the doctors are from general and then category walle get operated in their respective category doctors hospitals.. May be after 25 30 years these 65 percent of junta themselves will say please abolish

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R S Chauhan1 gün önce

ये आरक्षण नही योग्यता है! उस लायक बनिए और हासिल कीजिये!

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Jurgen Klopp22 saat önce

Abey Jhandu IIT me Professor Ki qualification dekh Ek baar. + M Tech + Phd lagta hai. Apprenticeship chahiye. Phir milti hai kahi Professor ki Job. Quota pe hi Zinda rehna hai yahi maqsad bana liya life ka Pehle B Tech, Phir M Tech ab Phd me bhi Quota??

Naveen यादव ( RHA )🚩 profil fotoğrafı
Naveen यादव ( RHA )🚩23 saat önce

तो क्या गधे बिठा दे जो पड़ेगा वो बैठेगा नीले भीमटे

विकास पुरुष इंजीनियर।। profil fotoğrafı
विकास पुरुष इंजीनियर।।21 saat önce

जब आरक्षण से बी टेक कर नौकरी करने की बजाय लोग phd करके रिसर्च करने लगेंगे।

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Bonded Labour23 saat önce

-40 अंक पर जिसे सीट मिली वो विश्व का सबसे महान डॉक्टर भी स्वर्ण है! 🙏जनहित में जारी🙏 गलत साबित करने वाले को 10 लाख का इनाम ! 🙏 #DhruvBhaiMBBS #neetpg #usmle @DghsIndia @JPNadda @MoHFW_INDIA @NMC_BHARAT Satire👇

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Sanjay1 gün önce

तुम 34% लाओ,और प्रोफेसर बन जाओ,ये कैसे हो सकता है ?iit में पढ़ाने वाले सभी प्रोफेसर,उच्च अंक 95%वाले होते है,तुम भी इतना अंक लाओ,और बन जाओ प्रोफेसर,किसने रोका है,भीमतो की योग्यता जीरो,और ख्वाब है,प्रोफेसर, साइंटिस्ट,वैज्ञानिक,अर्थशास्त्री,बनने की,मेहनत करो,अच्छा अंक लाओ बन जाओ।

Satyabrata Padhi profil fotoğrafı
Satyabrata Padhi22 saat önce

ये कैसा सवाल है भाई??कोई प्रोफेसर बन है तो काबिलियत से बना होगा,अगर नहीं तो उसकी काबिलियत पे सवाल करो। सवर्ण ही क्यों है ये सवाल आप अपने आरक्षितों को पूछो कि इतना आरक्षण मिले के बाद भी क्यों वो काबिलियत नहीं है??या तो अपनी काबिलियत से उन प्रोफेसरों की काबिलियत का तुलना करो।

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Mohan Bharti22 saat önce

मीणा जाटव और पासवान जैसी ताकतवर जातियों ने पूरे एससी-एसटी आरक्षण पर कब्जा जमा लिया है इन पर बात कब करोगे! बाल्मीकि धानुक मोची भील कुम्हार जैसी जातियों को प्रतिनिधित्व कब मिलेगा!!

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amit Dubey1 gün önce

जिसकी जितनी संख्या उतनी ही भागीदारी सिर्फ कहने से नहीं होगा उसपे अमल करने कि जरूरत है, इसका आकलन कर लो 40साल में आरक्षण मिलने के बाद भी शिक्षा के मामले में मुख्य धारा में कदम से कदम मिला नहीं पा रहे हो,योग्यता आरक्षण से नहीं कड़ी मेहनत और लगन से आती है, समझदार समझ रहा है!

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AJITABH SHARMA22 saat önce

जब स्वर्ण के तरह दिमाग लगाकर पढ़ोगे और कंप्टीशन में पास करोगे बिना आरक्षण के जैसे स्वर्ण पढ़ लिख करके उस पोस्ट पर पहुंचे हैं। जब तक आरक्षण लेते रहोगे कहीं नहीं पहुंचोगे आरक्षणरूपी भीख दिमाग को माइंस 40 की तरफ ले जाता है। आरक्षण सिर्फ पढ़ाई लिखाई के लिए लो नौकरी के लिए नहीं।

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Vedic Wisdom23 saat önce

पहले अलीगढ़ और जामिया मिलिया में खत्म कर लो उसके बाद यह भी कर लेना।

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आनन्द चौहान वत्सगोत्री23 saat önce

तो क्या करे IIT वाले हाई स्कूल फेल को प्रोफेसर बना दे.... ऐसा करो कि मोदी जी से कहकर एक DIIT खुलवा लो मतलब DIIT और 100 परसेंट आरक्षण ले लो. बाबा साहब ने पढ़ने के लिए कहा था यहाँ ट्वीटर पर गांव मरवाने के लिए नहीं बोला था IIT में 5000 साल से प्यासे को प्रोफेसर नहीं बनाया जाता है

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Anand1 gün önce

ऐसे जगहों पे इनका 100% रिजर्वेशन है

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Jai Joshi 🚜23 saat önce

IIT कानपुर तुम ले लो, हमें सिर्फ हमारे 252 प्रोफेसर दे दो, उनकी सेलरी नई कॉलेज बिल्डिंग इत्यादि सब हम ( सवर्ण समाज ) खुद बना लेंगे । लेकिन उस कॉलेज में सिर्फ सवर्ण छात्र पढ़ेंगे

Gen Z (Z stand for Zatu ) profil fotoğrafı
Gen Z (Z stand for Zatu )21 saat önce

90% स्वतंत्र सेनानी क्रांतिकारी सवर्ण थे,भारत के 85 % काबिल इंजीनियर ,डॉक्टर ,वैज्ञानिक सवर्ण है,देश की उत्पादकता में 60% योगदान सवर्ण लोगों का है,देश की तीन सेनाओं उच्च पद पर 80% सवर्ण है...तुम भिखारी कभी इधर भी प्रतिस्पर्धा कर लो..

लंकेश🧔 profil fotoğrafı
लंकेश🧔23 saat önce

मैं नहीं समझता हूं की शिक्षा में अगर आरक्षण दे दिया जाए तो कम शिक्षित टीचर कम मार्क्स लाने वाला बच्चों को क्या शिक्षा देगा।जब उसको खुद नॉलेज नहीं है। आरक्षण खत्म करो देश बचाओ और देश का भविष्य सुरक्षित करो। आखरी में यही कहूंगा चाहे कोई भी हो किसी भी वर्ग का हो शिक्षा बढ़ाओ अपना।।

shivam singh profil fotoğrafı
shivam singh21 saat önce

IIT को IIT उसके प्रोफेसर बनते हैं। अगर 0 no वाले प्रोफेसर से ही पढ़ना है तो दूसरे कॉलेज से पढ़ लो।

धर्मो रक्षति रक्षित: profil fotoğrafı
धर्मो रक्षति रक्षित:23 saat önce

जब तुम लोग खुद की मेहनत से पास होने लगोगे तब आरक्षण तुम खुद खतम करोगे और सम्मान से खड़े होगे।हम तुम्हें छोटा या नीच नहीं मानते इसलिए बराबरी चाहते हैं,तुमरे बाबा के संविधान ने ही तुम लोगों को नीच बना दिया है

Ninja profil fotoğrafı
Ninja1 gün önce

Ye sab aise hi chalta rahega, agar is par log sadak par Nhi utre to

Deepak choudhary profil fotoğrafı
Deepak choudhary22 saat önce

जिस दिन हो गया उस दिन से iit का हाल भी सरकारी स्कूल जैसा हो जाएगा। जहां मुफ्त के खाना, किताब, साइकिल और ड्रेस के बावजूद, गरीब से गरीब माता पिता बच्चों को सरकारी स्कूल में नहीं पढ़ाते हैं।

CHANDAN profil fotoğrafı
CHANDAN23 saat önce

वहा आरक्षण नहीं h तब ही to merit वाला पढ़ा रहा है, जहाँ आरक्षण h वहा ka teacher तो spelling nahi batla pata

Benzer Videolar

“तुम हमारे गिलास में पानी कैसे पी लिए?” बस यह एक सवाल सुनिए और फिर उन तमाम दावों को याद कीजिए कि अब जाति कहाँ बची है, भेदभाव तो कब का खत्म हो चुका है, अब तो सब बराबर हैं! जिस पानी पर किसी जाति का अधिकार नहीं, जिस प्यास में कोई ऊँच-नीच नहीं, उसी पानी का एक गिलास आज भी किसी इंसान को उसकी जाति याद दिला देता है। सोचिए, उस व्यक्ति पर क्या गुजरती होगी जिसे केवल पानी पी लेने भर से उसकी सामाजिक हैसियत बताने की कोशिश की जाए। जातिवाद केवल किताबों में दर्ज इतिहास नहीं है। वह आज भी भाषा, व्यवहार, अपमान और रोज़मर्रा की छोटी-छोटी घटनाओं में दिखाई देता है। इसलिए सवाल आरक्षण कब खत्म होगा का नहीं, सवाल यह है - जाति के नाम पर यह अपमान कब खत्म होगा?

Dr. Laxman Yadav

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