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Khan Sir Breaks Silence| Full Podcast 5PM 18/07/2026
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लेकिन सबसे ज्यादा पूछा जाने वाला सवाल की जब bpsc आंदोलन में सबूत था आपके पास तो कोर्ट में दिए क्यू नहीं ये तो आपने पूछा ही नहीं ये सब paid पॉडकास्ट kar rahe hai or Khut. Ke jaise muh faad rahe

कुछ पूरे podcast में भी देख लीजिएगा..सब teaser में ही देखेंगे ?

Dekh liye Mishra ji ye to wahi baat hue apni galti bache par thop diye koi bacche ke pass itna jankari kaise ho sakta hai ki 1000 cr kaha se aaya kaha gya Sab lipapoti kiya gya hai

8-10 राउंड तो मेरे सामने गोली चला है:- रंगा सियार फैजल खान 😂 फैजल खान बहुत बड़ा अपराधी है , झूठ बोलकर रौशन sir को जेल भिजवा दिया 👎 झूठ बोलकर बच्चों से पैसा ठगता है। किस किस को 200 रुपया में फर्जी income tax inspector बनना है 😂

माफी चाहती हूं शुभांकर जी, इस फर्जी आदमी का पॉडकास्ट नहीं देख सकती। ये खान झूठ की खान है। इसके पास पैसा हो गया है ये सब कुछ अपने अनुसार कर सकता है और बिहार में तो बिल्कुल संभव है।

"टीचर्स खोज रहा है या जीजा?" कुछ भी हो जाए, इस आदमी की भाषान हीं सुधर सकती। आपको लग रहा है कि यहां पॉडकास्ट मे बैठा इंसान टीचर है?

इतना नीच नपुंसक बाला भाषा बोलने कैसे दिए 😣 ओ भी शिक्षक होकर बोल रहे हैं और आप व्यू का मजा 🙏

का नया podcast का 9 मिनट का tailor देखकर पत्रकारिता के सिद्धांतों के पुराने पन्नों की और लौटना पड़ा l अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अर्थ अपने मंच पर अभद्रता का लाइसेंस नहीं होता है। हर मंच की एक मर्यादा होती है, और उस मर्यादा का पहला संरक्षक मंच संचालक होता है। जो पत्रकार या पॉडकास्टर अपने मंच पर भाषा की गरिमा तक नहीं बचा सकता, वह केवल views बटोर रहा है,पत्रकारिता नहीं। यदि कोई मेहमान आपके मंच पर बैठकर अपने विरोधियों के लिए अपमान और गिरा हुआ शब्दकोश खोल देता है, और आप बिना एक बार भी टोके उसे प्रसारित करते रहते हैं, तो यह निष्पक्ष पत्रकारिता नहीं, बल्कि उस भाषा को वैधता देने जैसा है।

जो काम कोर्ट को करना चाहिए वो मिश्रा जी कर रहे हैं। कौन गलत है, कौन सही है अब ये भाईसाहब बताएंगे। इसको ये शक्ति कौन दिया? अब इस मूर्खधिराज से ये पूछो कि कोई तेरे पॉडकास्ट पर आकर ये बोलेगा कि मेरी ग़लती है।

Ye Kaisi baat hai ki inshan ko apne hi orignal name se chidh hai..khan sir mai aapki respect krta hoo..aur sb baatein theek hain..leikn koi aapko name se bulaye to aapke sashural ka ho jaye..hamre yha to Damad ji,pahuna..aur log apne riste ke according bolte hain..aap kya bol rhe hain..ye theek nhi hai..htwa dijiye..

मतलब महाशय चाहते हैं की पूरा देश इनको सर-सर बोले। इनको लगता है पूरा देश इनका विद्यार्थि है, अगर कोई पूरा नाम ले के बुला रहा है, तो महाशय उसको अपना साला बता रहें हैं। माने जो असली नाम से बुलाएगा, उसको गाली देंगे। आकाँक्षा है पूरे देश के गुरु बनने का, लेकिन भाषा है सड़क छाप वाली।

खान से ये नहीं पूछा कि खुद पर केस होने पर कैसे fadttag नोच के वृंदावन भाग गया था, वैसे सहरसा सुपौल वाले के लिए नेपाल पड़ोसी जिला जैसा ही है प्रिंस को क्या पता था कि इतना बार नेपाल गया नहीं मारा गया इस बार मारा जाएगा।

इस पूरे टीजर में कुत्ता ससुरा जीजा जैसे शब्दों का प्रयोग आलोचना को काट करने के लिए किया गया है जो एक शिक्षक की गरिमा के लिए सही नहीं है। आप आलोचना का जवाब दीजिए लेकिन सही शब्दों का चयन करके। टीजर में इन शब्दों को सुनकर पूरा वीडियो देखना सहज नहीं।

देखो कैसे बेशर्म की तरह कह रहा हैं जिसका हम जीजा हैं वही हमको फैजल खान कहता है. फिर तो इसके बाप के लिए भी ये जीजा ही है 😂

कुछ भी हो इस podcast के teaser में इनकी आवाज, इनके चेहरे का हाव भाव, इनकी भाषा सब गिरा हुआ है अब धीरे धीरे इनका असली चेहरा सामने आने लगा इस podcast में इनका काला भूत निकल कर सामने आया है

@ANISHRAJPOOT135 आजकल लगता है पॉडकास्ट में तालियाँ भाषा पर नहीं, गालियों पर बजने लगी हैं। लेकिन शिक्षक की असली पहचान उसकी वाणी से होती है, सिर्फ़ उसकी लोकप्रियता से नहीं। ख़ान सर को भाषा मर्यादित रखनी चाहिये ।

भाषा की मर्यादा ही बता रहा है कि तुम एक शिक्षक है या गुंडा..? "शिक्षक की पहचान केवल ज्ञान से नहीं, बल्कि शब्दों की मर्यादा और चयन से भी होती है।" ✍️📚

Script ready krne me bahut time lg gya mishra ji

फैजल खान बिल से बाहर आ ही गया अपना paid PR कराने

शुभंकर जी बस इतना बता दो कि इस पॉडकास्ट के लिए फैजल खान से कितना लिए हो? सीधी बात नो बकवास

जब ये बोला कि मेरे मेहरारू को देखने की सबको क्यों पड़ी है तब तू मुंह उठा के खिल खिला के हंस रहा था Cross question नहीं किया गया की chutiye तू जो क्लास में फेंकता है और यहां जो कर रहा उसमें फर्क है तो ये d*glapan क्यों इसका आंसर मजाक नहीं होता लेकिन तू तो खनवा का चाट भाई

@ANISHRAJPOOT135 खान सर, आपको हर बात में जीजा कुत्ता सूअर दो कौड़ी के आस्तीन का साँप" जैसे शब्दों का इस्तेमाल करने की ज़रूरत क्यों पड़ती है? क्या ये भाषा एक शिक्षक की गरिमा के अनुरूप है? यही फर्क होता है एक शिक्षक और सिर्फ़ सोशल मीडिया स्टार में स्टार तालियाँ बटोरता है, शिक्षक संस्कार छोड़ता है।

Ye master ka language hai

Ranga siyar itna kamina hai soch bhi nahi skta tha mai

अभिनय और राकेश सर को ससुरे की संज्ञा?

Iske chacha bhi isko faisal khan bola ab apne chacha ko hi apna sasur bna liya 😅 Aur iska baap v to isko faisalwa hi bolta hoga . FAISAL KA BAAP= FAISAL KA SASUR✅

आज से तुम्हारा भी जीजा हुआ न @shubhankrmishra क्योंकि तुमने भी खान को फैसल खान बोला है, बच्चे का नाम माँ बाप रखता है ओर परिवार के लोग फैज़ल खान ही बोलता होगा पूरा गांव उसको फैसल बोलता होगा, तो क्या अपने मां बाप और भाई बहन का जीजा हुआ ये @kgs_live

आज के पॉडकास्ट में भी झूठ बोला गया है। 70th BPSC case को लेकर। मै केस लड़ा था मेरे नाम से केस था और 13 छात्र साथ में थे। CWJC 369. जब सर 1000cr अकाउंट A से B से C से D की प्रूफ की बात किए थे। सर ने प्रूफ नहीं दिया था, जबकि उसके लगभग 1 महीने बाद हमलोग SC गए थे। @Shikshasatygrah

कैसी निम्न स्तरीय भाषा का प्रयोग कर रहा है ये आदमी.....ये कह रहा है कि इसका सिर्फ खान सर बोलो, फैसल खान कहोगे तो ये तुम्हारा जीजा l ये सच में दो कौड़ी का आदमी है l

कितना गिरा हुआ इंसान है ई फ़ैज़लवा...! अहंकार तो रावण का नहीं रहा तुम क्या चीज हो?? किसी का भाई चला गया और पॉडकास्ट में तुम रे, बे बोलता है??

How beautifully so called accused of a murder who happens to speak that fake firing happened, mocks the whole system through this paid to stooge and compromised judiciary. Again Influencing public opinion for further judicial scrutiny. Bail❌acquittal Bast**d

Sorry to comment in this language ....Any bit of sympathy left for this person has gone away now. Wth this means "Jo hmko jeeja smjhta h wo hmko faisal khan bolta h" , Madharchod h kya behen k lode .. ab to sudhar jaa. Tu hi kukurmutta hai. Aukaat hai re Teri jeeja bnne ki

khan ki mkc Reality is isse pdhke koi group D v nhi nikal pyega

फ़ैज़ल ख़ान ने अत्यंत निम्नस्तरीय भाषा का प्रयोग किया है, और इस पूरे प्रकरण में @shubhankrmishra का भी भरपूर सहयोग है। जहाँ तक "लौंडा नाच" का प्रश्न है, यह बिहार की एक पारंपरिक लोक-सांस्कृतिक कला है। किसी भी सांस्कृतिक परंपरा पर टिप्पणी करने से पहले उसके इतिहास और महत्व को समझन

ख़ान सर शुभांकर मिश्रा ने आपको अपने चैनल पर गाली देने कैसे दिया ! ख़ान सर - मैंने उतने देर का मुहमंगा क़ीमत देकर चैनल ख़रीद लिया था !! 😂 पूरा वीडियो अपशब्दों और अश्लील भाषा से भरा हुआ है ! शुभंकर सर पैसा लेकर ख़ुद को गंदा कर सकते है लेकिन दर्शकों का ख़याल रखना चाहिए !!

तू तो दल्ला निकला 👇👇

ये है एक शिक्षक की भाषा। इनके भाषा से कोई समझ सकता है कि ये क्या पढ़ाते है अपने क्लास में। अहंकार तो रावण का भी नहीं बच पाया था तुम तो फिर भी एक अदना से आदमी हो भाई 70th बीपीएससी के सबूत देने की बात पर भी ये दात फाड़ के ज्ञान दे देगा कोई। सार यही हुआ इंटरव्यू का-इमेज क्लीन करना
