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Non-Veg खाने वालों सावधान मरे हुए जीव बनेंगे आपका काल...

15,233 次观看 • 4 个月前 •via X (Twitter)

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🚨 Andhra Pradesh से Assam तक का सफर सुनने में उटपटांग लगती होगी पर आप जो सुन रहे हैं सही सुन रहे हैं। 👉 यह व्यापारी कह रहे हैं कि Andhra Pradesh से Assam तक मछली को लाने में चार से पांच दिन लगती है। 👉 उससे पहले इस मछली को चार-पांच दिन पहले ही सागर से Andhra Pradesh तक लाया जाता है । 👉 इसका मतलब जब यह मछली हमारे घर के किचन रूम में पहुंचती है तब तक 15 से 20 दिन हो चुकी होती है । 👉 एक बार सोच लीजिए कोई भी जीव मरे हुए 15 दिनों तक उसके शरीर में कितने बैक्टीरिया भरी हुई होती है। 👉 बैक्टीरिया भरी हुई मछली को हम लोग खाते हैं , शायद हमारे शरीर में नुकसान पहुंचाती होगी । नोट - क्या आप लोग भी 15 / 20 दिन से मरे हुए मछली खाते हैं ??

Rahul chetry

30,428 次观看 • 3 个月前

अशोक चौधरी जी की बेटी शाम्भवी चौधरी जी के संसदीय क्षेत्र समस्तीपुर में निजी अस्पताल वालों ने दलित महिला को बंधक बनाया। उन्हें दो जुड़वा बच्चे हुए थे और अस्पताल के लापरवाही के कारण दोनों बच्चों की मृत्यु हो गई। उसके बाद उस महिला को 3 लाख का बिल बनाकर दे दिया गया। उसने अपना गाय भैंस बेच कर पैसा जुटाया , गांव वालों से क़र्ज़ लिया लेकिन उसके बावजूद 3 लाख पूरा नहीं हो पा रहा था तो उसे अस्पताल वालों ने बंधक बना लिया। उस महिला को छुड़ाने RJD विधायक अख्तरुल इस्लाम शाहीन गए। शांभवी जी कहती है “मेरे सांसद बनने से पहले समस्तीपुर को कोई जानता तक नहीं था” भले वो नहीं जानती थीं कि समस्तीपुर को कर्पूरी जी के नाम से ही जाना जाता है ,लेकिन आज तो वो आपका संसदीय क्षेत्र हैं, आज आप कहाँ हैं?

Priyanka Bharti

60,663 次观看 • 10 个月前

सिसोदिया के जेल जाने के बाद से केजरीवाल एक डरे हुए अपराधी की तरह व्यवहार कर रहे हैं फ्रस्ट्रेटेड और निराश आदमी की तरह भद्दी भाषा बोलने से आप बच नहीं पाओगे मेरी सलाह है कुछ दिनों बाद तिहाड़ के डॉक्टर आपका समुचित इलाज करेंगे तब तक किसी अच्छे डॉक्टर को दिखा लीजिए कोरोना काल में जब केजरीवाल विदेशी वैक्सीन की दलाली कर रहे थे तब मोदी जी देश में बनी वैक्सीन एक एक भारतीय तक पहुँचा रहे थे जब केजरीवाल लाखों यूपी बिहार के लोगों को दिल्ली से भगा रहे थे तब मोदी जी ये सुनिश्चित कर रहे थे कि कोई भूखा ना सोयें केजरीवाल ने कोरोना काल में एक गिद्ध की तरह व्यवहार किया था कोरोना की दूसरी लहर में केजरीवाल और सिसोदिया दिल्ली में शराब के ठेके खोल रहे थे

Kapil Mishra

402,606 次观看 • 3 年前

राइट विंग के IT सेल के छर्रे मरे हुए लोगों को ही अपनी मौत का ज़िम्मेदार बता रहे हैं। भाजपा के शासन काल आने के बाद एक ही चीज़ आसान हुई है वो है "मरना" ट्रेन में चढ़ो मर जाओ ट्रेन पर चढ़ने स्टेशन जाओ मर जाओ ट्रेन से उतर कर कुंभ जाओ मर जाओ पुल ढह जाये मर जाओ ऑक्सीजन ना मिले मर जाओ लॉकडाउन होगा मर जाओ अनाज की कमी है फाँसी लगा कर मर जाओ और जब सवाल पूछो थाने में ठूँस कर मार दिए जाओगे कुल मिल कर मरना और मारना आसान हो गया है। अब आंकड़े नहीं लोगों की बात होगी, क्योंकि जो मरे वो आंकड़े नहीं थे सांस लेते ज़िंदा लोग थे, परिवार थे किसी की माँ, बाप, बच्चे थे। मरने वालों के नाम सुनिए आहा देवी, बक्सर, पूनम देवी सारण, ललिता देवी, पटना, सुरुचि, मुजफ्फरपुर, बिहार कृष्णा देवी, समस्तीपुर, बिहार विजय साह, समस्तीपुर, बिहार नीरज, वैशाली, बिहार शांति देवी, नवादा, बिहार पूजा, नवादा, बिहार ... एक तरफ़ VIP लोगों के लिए ख़ाली घाट हैं वही दूसरी ओर आम लोगों को कीड़े मकौड़े समझा जा रहा है। संविधान “We the people of India” कहता है इन्होंने “Only the people of RSS & BJP” में बदल दिया है।

Priyanka Bharti

34,415 次观看 • 1 年前

Non-Hindutwa religions की खासियत है कि वहां आप किसी मदद कर रहे हो उसका मज़हब नहीं देखा जाता है सिख समाज का लंगर चालू है तो उन्हें कोइ मतलब नहीं कि खाने वाला किसी जाति, धर्म का है ईसाई धर्म के लोग gift बांट रहे हों तो उन्हें कोई मतलब नहीं कि सामने वाला कौन है बुद्ध, मुस्लिम धर्म के लंगर चलाने वालों मे भी ये आदत नहीं कि वो सामने वाले से अपने धर्म का नारा लगवाए लेकिन 2014 के बाद से हिन्दू धर्म को सावरकर के हिंदुत्व से replace कर दिया गया है अभी ढेरों हिंदुत्ववादी ये सोचते हैं कि मैं सामने वाले से JSR का नारा बुल वालू जिससे मेरे धर्म की विचारधारा महान साबित हो जाए अपने धर्म की टीचिंग को महान साबित करने के लिए कभी भी दूसरों से जबरदस्ती नहीं करनी चाहिए अगर आपका आचरण महान है तो दूसरे खुद तारीफ करते हैं

Youth Against Hate

171,757 次观看 • 1 年前