Video wird geladen...

Video konnte nicht geladen werden

Zur Startseite

Reform, Perform, Transform, Implement, Deliver, Develop, Build, Empower, Modernise, Accelerate, Expand, Innovate, Upgrade, Revive, Progress, Viksit Bharat Loading... ये शब्द कांग्रेस की डिक्शनरी में हैं ही नहीं, तभी तो उन्हें मोदी को हटाना है! पर एक बार फिर सुन लो #ModiKahinNahiJayega

16,001 Aufrufe • vor 12 Stunden •via X (Twitter)

3 Kommentare

Profilbild von Krishna sharma
Krishna sharmavor 12 Stunden

Ab gujrati gawar.....reform ka matlab bhi pata hai.....sab kuch barwad kar diya is gawar ne economy,sharemarket,education system .....gawar mc bc

Profilbild von Bablu Kumar Jha
Bablu Kumar Jhavor 12 Stunden

अरे पगले, विकसित भारत आरक्षण से बनेगा। तो बात आरक्षण कि करो ना कि बड़ी बड़ी बे मतलब के बात। #ugc_rollback #ModiActRollback #scstactrollback #SCSTएक्टreform @narendramodi #ModiActRollback #BJPAgainstGC #AntiGCBJP @bjp4india

Profilbild von SB Tyagi
SB Tyagivor 12 Stunden

जुलाई 1979 से कांग्रेस चंद चाटुकारों के साथ, एक परिवार की निजी कम्पनी बनकर रह गई, जिनके लिए भारत के उत्थान का अर्थ, एक ही परिवार का निजी उत्थान हो गया ! जो राजनैतिक दल आतंकिस्तान के सहयोग से अपने ही राष्ट्र मे जन सामान्य की हत्याएं कराए, वो कुकृत्य राष्ट्रद्रोह नही तो क्या है ?

Ähnliche Videos

बेहद गलत! 18-20 साल के एक अदना से टोलबूथ कर्मचारी ने आर्मी ऑफिसर को डांट लगा दी ! भाई ये देश किधर जा रहा है ! टोल कर्मचारी खुद को आर्मी से ऊपर तो नहीं समझने लगे कि हम टोल लेते हैं, सरकार को पैसा मिलता है, फिर आर्मी लोगों को सैलरी जाती है! असल में होना तो ये चाहिए सारे टोल बूथ पर आर्मी के लोगों के लिए एक अलग लाइन हो ! फूलों से स्वागत हो। कांवड़ियों पर पुष्प वर्षा हो सकती है तो आर्मी पर क्यों नहीं! साथ में टोल ही क्यों, पेट्रोल पंप पर भी आर्मी वालों को मुफ्त पेट्रोल-डीजल देना चाहिए। बात पैसे की नहीं, उनके समय और सम्मान की होनी चाहिए! वे हैं तभी देश हैं! रेस्टोरेंट में उन्हें खाना भी फ्री मिलनी चाहिए !

Abhishek Anand

45,408 Aufrufe • vor 8 Monaten

पहली बात तो ये समझने की है कि राहुल गांधी आज कल वोट चोरी की बातें क्यों कर रहे हैं. असल में इसका Election Commission से कोई मतलब नहीं है. ये सवाल तो राहुल गांधी के political survival से जुड़ा है. राहुल गांधी अपनी पार्टी को ये जताना चाहते हैं कि कांग्रेस की बार-बार हार के लिए वो कतई ज़िम्मेदार नहीं हैं. कांग्रेस को तो वोट चोरी ने हराया. वो जानते हैं कि जिस दिन पार्टी को ये लगेगा कि राहुल गांधी चुनाव नहीं जिता सकते तो पार्टी के नेता उस leader की तलाश में जुट जाएंगे जो उन्हें चुनाव जिता सकता है. चुनाव हराने वाले को कोई leader नहीं मानता. इसीलिए पहली बार 2014 में राहुल ने हार के लिए अपनी पार्टी की कमज़ोरियों को ज़िम्मेदार ठहराया था. अगली बार हार के बाद उन्होंने कहा कि मोदी ED, CBI और Income Tax की मदद से चुनाव जीतते हैं. इसके बाद राहुल गांधी ने अपनी हार के लिए EVM को दोषी बताया था. अब वो चुनाव आयोग को blame कर रहे हैं. Problem ये है कि लोकसभा में मोदी की 240 सीटों से कांग्रेस को जो उम्मीद बंधी थी उसे महाराष्ट्र और हरियाणा की हार ने तोड़ दिया. अब अगर बिहार भी हार गए तो फिर leadership पर सवाल उठेंगे. इसीलिए इस वक्त उनका ये कहना ज़रूरी है कि वो नहीं हारते उन्हें तो कोई हरवा देता है. कभी अपनी पार्टी तो कभी EVM तो कभी Election Commission. लेकिन लोग पूछ रहे हैं 'तू इधर-उधर की न बात कर, ये बता काफिला क्यों लुटा? मुझे रहज़नों से गिला नहीं, तिरी रहबरी का सवाल है' #MyTake #AajKiBaat #VoteChori #RahulGandhi

Rajat Sharma

471,715 Aufrufe • vor 11 Monaten