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Same Pattern …Same Strategy Mosque loudspeakers in Jerusalem called all muslims to rise up and wage a holy war/Jihad against Israel throughout Hamas terror attack on Israelis ! They are using worship place for terror activities….all over world !
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8 Comments

Those who do these have nothing to do with Islam. Islam rejects civilian deaths. Those who murder civilians in Israel are no different from those who murder civilians in Palestine. They are both inhuman creatures. And enemies of humanity like you have only one goal. This is the conflict between Muslims and Westerners. We all know that it is not possible for this organization to kill civilians in Israel without any external support. Because we know that within a day or two, Palestinians will begin to be massacred using this attack as an excuse. And the whole world will watch. As a result, cruelty to civilians and innocents will continue.

We stand with Palestine ❤ 🇵🇸

~ अमन का मंत्र ●● अरे आपकी समस्या क्या है..? हमको (आम पब्लिक) को क्यों घुसेड़ रहे है माहौल में। आप कह रहे हो कि इजराइल का सपोर्ट करो .. आप 'आई सपोर्ट इजराइल' का ट्विटर पर ट्रेंड चलवा रहे हो.. पूछने पर क्या बताना चाहते हो..? यही की अरबी लोग इजराइल पे हमला कर रहे है इस लिए हम हिंदु स्थानिओ को इस जगह पे यहूदियों को समर्थन करना है। पब्लिक तो समझ ही जाएगी कि अरब मतलब इस्लाम। नफरत का एजेंडा सक्सेजफुल। क्यों यही चाहते हो..? नहीं चलेगा ऐसा। बिल्कुल भी नहीं..!! ●● आम पब्लिक आपके मन मुताबिक गुटों के चमचई की भागी नहीं बनेगी। अरब देशों से भी भारत की अर्थव्यवस्था चलती है। नेहरू जी ने इसी लिए यूएन में भारत को गुट निरपेक्ष बनाया था। गुट में रहने वाले गुट के राजा के चमचे होते है। भारत किसी गुट का चम्मच नहीं है। भारत को रसिया भी पसन्द करता है। भारत को अमेरिका भी पसन्द करता आया है। अरब देशों से भी भारत के संबन्ध मधुर रहे है अब तक। अमेरिका और रसिया शीत युद्ध का हिस्सा भारत को नहीं बनना है। फुट डालना गोरों की ही फितरत है। हमे फितरत पहचान कर हमारे देश का निर्णय लेना चाहिए। देश कोई राजनीतिक पार्टी नहीं है जो किसी भी दल का समर्थन लेकर सरकार की मलाई खाए और अपनी इज्जत को चरणपस्ती तक ले जाए। देश पब्लिक से चलता है। और पब्लिक को आपके निर्णयों की मार नहीं पड़नी चाहिए। दूसरे के फटे में टांग अड़ाना कभी समझदारी नहीं कहलाती। ●● सरलता से अगर समझे तो 1947 में ही यूएन ने बंटवारे में इजराइल और फिलिस्तान को अलग क़िया। यहां फिलिस्तान अरब प्रभावी देश है और वहां मुस्लिम समुदाय की बहुलता है मात्र इसलिए भारत में भी इजराइल जिंदाबाद होगा..? नहीं... यहां केवल हिंदुस्तान जिंदाबाद चलता है!! इसलिए गुट निरपेक्ष रहने का आह्वान ही हमारे देश के चुनावी दौर में अमन कायम रहने का मंत्र है। यही है असली : अमन का मंत्र ◆◆●●◆◆ - इजराइल फिलस्तान मामला : तस्वीर, भाजपा हरियाणा के आइटी सेल प्रभारी अरुण यादव के ट्विटर अकाउंट से ली गयी है।

हिंदुस्तानी हूँ फ़िलिस्तीन के साथ हूँ । We stand with Palestine 💚💚 🇵🇸

Stop War 🇵🇸🇮🇱

यह सब देखने के बाद भी भारतीय लोग नहीं संभाले और सुधरे तो कोई भी तुम्हें बचाने नहीं आएगा, सनातन का सम्मान करो और उसमें विश्वास करो .

निर्दोषों की रक्षा करना भगवान!! Pray for innocent 🙏 #Israel #Gaza #Hamas #Palestine

Still some chulla indians are supporting this . Let's hope for the best there will be no Palestine from tomorrow.

