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Ana Sayfaya Dön

Stop Using Men as ATM machine #LegalExtortion Arjun Ram Meghwal #SupremeCourtofIndia बोलता है, पत्नी पति की जागीर नहीं है फिर पति के घर, छोड़कर चली जाने वाली पत्नी को पूरी जिदंगी गुजारा भत्ता क्यों दे ? #Alimony क्यों दे ? Ministry of Law and Justice देश की महिलाओं को...

11 Yorum

Looteri Dulhan profil fotoğrafı
Looteri Dulhan1 yıl önce

@arjunrammeghwal @MLJ_GoI @barandbench @BJP4Delhi @ZeeNews @voiceformenind @MenWelfare @INCIndia @SanjayAzadSln @LawBeatInd @lawbarandbench @AmitShah Ra***nd jo ashik k sath rehna hai...fir bhi bhatta ?

SKumar Sharma profil fotoğrafı
SKumar Sharma1 yıl önce

@arjunrammeghwal @MLJ_GoI @barandbench @BJP4Delhi @ZeeNews @voiceformenind @MenWelfare @INCIndia @SanjayAzadSln @LawBeatInd @lawbarandbench @AmitShah

Manoj Singh profil fotoğrafı
Manoj Singh1 yıl önce

@arjunrammeghwal @MLJ_GoI @barandbench @BJP4Delhi @ZeeNews @voiceformenind @MenWelfare @INCIndia @SanjayAzadSln @LawBeatInd @lawbarandbench @AmitShah 25 ,50 लोगों को इकट्ठा कर के प्रोटेस्ट करने से सरकार नहीं सुनने वाली इसके लिए वार्ड अस्तर पर ब्लाक अस्तर पर लोगों को जोड़कर एक बृहद आंदोलन खड़ा करना होगा जब सरकार को लगने लगेगा की इसकी अनदेखी करेगे तो चुनाव हारेगे तब सरकार जागेगी

प्रियश भार्गव profil fotoğrafı
प्रियश भार्गव1 yıl önce

@arjunrammeghwal @MLJ_GoI @barandbench @BJP4Delhi @ZeeNews @voiceformenind @MenWelfare @INCIndia @SanjayAzadSln @LawBeatInd @lawbarandbench @AmitShah जल्द वोह भी सुनोगे #Satyagrah4Men

Travala.com 🏨 ✈️ profil fotoğrafı
Travala.com 🏨 ✈️4 yıl önce

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Avinash_Donthula profil fotoğrafı
Avinash_Donthula1 yıl önce

@arjunrammeghwal @MLJ_GoI @barandbench @BJP4Delhi @ZeeNews @voiceformenind @MenWelfare @INCIndia @SanjayAzadSln @LawBeatInd @lawbarandbench @AmitShah For men's matrimonial related issues, connect with @realsiff

JK profil fotoğrafı
JK1 yıl önce

@arjunrammeghwal @MLJ_GoI @barandbench @BJP4Delhi @ZeeNews @voiceformenind @MenWelfare @INCIndia @SanjayAzadSln @LawBeatInd @lawbarandbench @AmitShah देखने में लगता आजकल एलिमनी एवं‌ मेनटेनस प्रोत्साहन राशि के रूप दिलवाया रहा है इसलिए मनोबल बढ़ता जा रहा है। जब तक न्यायालय एलिमनी एवं‌ मेनटेनस बंद नहीं करती तब तक वैसे ही पुरुषो को शोषण और मरते रहेंगे।

Gopal Krushna Nayak profil fotoğrafı
Gopal Krushna Nayak1 yıl önce

@arjunrammeghwal @MLJ_GoI @barandbench @BJP4Delhi @ZeeNews @voiceformenind @MenWelfare @INCIndia @SanjayAzadSln @LawBeatInd @lawbarandbench @AmitShah But i don't see any females here in protest for male.. But there are few women who raise their voice for their brother. They should also participate in this event. Everybody's contributions required in this protest irrespective of any gender

Sunil Kesarwani profil fotoğrafı
Sunil Kesarwani1 yıl önce

@arjunrammeghwal @MLJ_GoI @barandbench @BJP4Delhi @ZeeNews @voiceformenind @MenWelfare @INCIndia @SanjayAzadSln @LawBeatInd @lawbarandbench @AmitShah

ARUN KUMAR N profil fotoğrafı
ARUN KUMAR N1 yıl önce

@arjunrammeghwal @MLJ_GoI @barandbench @BJP4Delhi @ZeeNews @voiceformenind @MenWelfare @INCIndia @SanjayAzadSln @LawBeatInd @lawbarandbench @AmitShah You cannot expect justice from the system that has been dumb deaf and blind for a long period. Our govt and judiciary is dead , you cannot expect justice from a dead body.

shobhit tripathi profil fotoğrafı
shobhit tripathi1 yıl önce

@arjunrammeghwal @MLJ_GoI @barandbench @BJP4Delhi @ZeeNews @voiceformenind @MenWelfare @INCIndia @SanjayAzadSln @LawBeatInd @lawbarandbench @AmitShah @arjunrammeghwal @HMOIndia @AmitShah @PMOIndia @narendramodi @rashtrapatibhvn @ombirlakota @VPIndia Please do something for the men of this country. Our life matters. #menlifematters #AtulSubhashsuicidecase @MLJ_GoI

Benzer Videolar

मेरे इस ट्वीट को अन्यथा ना लिया जाये- PMO को प्रधानमंत्री जी के भाषण में ऐसे फैक्ट्स का प्रयोग नहीं करना चाहिए जो मेहमान देश के तुलनात्मक अध्यन में उसे कमतर दिखाए, जैसे- “जितने फ्रांस में कुल घर है जससे अधिक हमने 12 वर्षों में बनाये है” क्यों? - क्योंकि ये सही मेसेज नहीं है, अपनी उपलब्धि हमे बिना और देश से तुलना के बतानी चाहिए। क्योंकि कल को अगर ट्रम्प आकर हमारे देश में कहे कि जितनी भारत की कुल GDP है उतनी US की एक कंपनी apple की मार्केट वैल्यू है। या फ्रांस राष्ट्रपति कहे कि जितना भारत का डिफ़ेंक्स उत्पादन है उतना हमारी एक कंपनी कर देती है। तो हमे भी अच्छा नहीं लगेगा। कुछ अपने ही लोगो को बुरा लग सकता है पर मेहमान देश में ऐसी तुलना से बचा जाना चाहिए, ये उस देश की जनता को असहज कर सकता है। PMO India Narendra Modi जी, उचित लगे तो निवेदन स्वीकार करे 🙏🙏

Baliyan

66,418 görüntüleme • 1 ay önce

इस हैवान महिला को देखिए👇 इसने अपने पति को मारकर बाथरूम में दफना दिया दरअसल, उत्तर प्रदेश के आगरा में रूबी नाम की महिला ने अपने पति सुरेंद्र की हत्या कर उसकी लाश घर के बाथरूम के अंदर दफना दी और ऊपर से प्लास्टर कर दिया। पत्नी ने न सिर्फ अपने पति की बेरहमी से हत्या की, बल्कि उसकी लाश को घर के ही बाथरूम में दफना दिया. सोचिए हैरान करने वाली बात यह है कि हत्या के 45 दिनों के बाद तक पुलिस के साथ मिलकर पति को खोजने का नाटक करती रही। अब जब राज खुला, तो पुलिस से लेकर पड़ोसियों तक के पैरों तले जमीन खिसक गई आगरा के सिकंदरा स्थित प्राची टावर चौकी की रुनकता धाम कॉलोनी की यह घटना है. 18 मई को रूबी नाम की महिला पुलिस थाने पहुंचती है और शिकायत देती है कि उसका पति सुरेंद्र कई दिनों से लापता है. पुलिस तलाश में जुट जाती है. इस दौरान दिन-रात रूबी भी पुलिस के साथ पति को ढूंढने का नाटक करती रहती है. करीब 45 दिन गुजर जाने के बाद जब परिजनों ने पत्नी रूबी से पूछताछ की, तो उसने अपना जुर्म कबूल लिया. पत्नी ने बताया कि पति को खीर में नींद की गोलियां दीं। जिससे वह मर गया। सास और बेटियां वायु विहार जेठ के घर गई हुई थीं. 400 रुपये देकर मिट्टी मंगवाई। बाथरूम का फर्श तोड़ा. शव को घसीटते हुए बाथरूम में लेकर आई. शव को बाथरूम में लेटाया. ऊपर से नमक डाला और मिट्टी डाली। 19 जून को मिस्त्री को बुलाकर फर्श पर प्लास्टर कराया. एक दिन में फर्श सूख गया. वह खुद जेठ के घर चली गई और वहां जाकर नाटक किया कि सुरेंद्र चार दिन से घर नहीं आए हैं.

Priya singh

36,462 görüntüleme • 27 gün önce

"सौ काम छोड़कर फूले फ़िल्म ज़रूर देखिए" ये इतिहास का पन्ना है भारत देश का. बहुत पुराना नहीं. साल 1850 के आस पास का महाराष्ट्र का पुणे है. आने वाली पीढ़ियों को आज शायद ये भ्रम है कि समानता और न्याय के लिए संविधान यूँ ही मिल गया. ये एक सिनेमा का काल्पनिक दृश्य नहीं है. ये इस देश की हक़ीक़त भरा इतिहास है. ये सब जो हो रहा है, उसका आधार जाति और धर्म है. जाति और धर्म के नाम पर ही इंसानों के साथ ऐसा भेदभाव किया जाता रहा. 'फूले' फ़िल्म का ये दृश्य आपको बताएगा कि क्यों आपको ये फ़िल्म ज़रूर देखनी चाहिए. ANANTH N MAHADEVAN के निर्देशन में बनी इस फ़िल्म को हर गाँव, क़स्बे, स्कूल कॉलेज विश्वविद्यालय में दिखाना चाहिए. इतिहास जानो, ताकि वर्तमान के ख़तरों को पहचानों और भविष्य को बेहतर बनाने की तैयारी करो.

Dr. Laxman Yadav

213,286 görüntüleme • 1 yıl önce

"अपने घर की महिलाओं को नचवा दे" "पड़ोसी की औलाद" खान सर तो बच्चों के गजब हितैशी हैं, बच्चों के हितों के लिए उनकी मां बहनों पर चले जाते हैं। संस्कार, परिवार और माता-पिता की सेवा पर उपदेश देने वाले लोग जब खुद अपने आचरण की परीक्षा में असफल हो जाते हैं, तब उनके उपदेशों का खोखलापन सबके सामने आ जाता है। शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त कर लेने का नाम नहीं है। शिक्षा का वास्तविक अर्थ है विनम्रता, संयम, मर्यादा और दूसरों के सम्मान का भाव। यदि शब्दों में कटुता, व्यवहार में अहंकार और महिलाओं के प्रति सम्मान का अभाव हो, तो फिर चाहे कितनी भी किताबें पढ़ ली जाएँ, शिक्षा आत्मसात नहीं हुई है। इनकी इस हरकत को सही ठहराने के लिए भी कुछ लोग आ जायेंगे,"अरे, क्या हुआ सर ने अगर गाली दे दी? सर इतने सस्ते में पढ़ाते हैं" .... तो क्या सस्ती फीस किसी को किसी की माँ-बहन का अपमान करने का लाइसेंस दे देती है? सस्ती फीस बदले में ये बच्चों को क्या दे रहे हैं ... सस्ता चरित्र? ऐसे लोगों को विभिन्न मंचों पर सम्मानित किया जाता है, उनकी वाहवाही की जाती है, लेकिन महिला सम्मान की बात करने वाले व्यक्ति,आयोग और संस्थाओ को ये सब दिखाई क्यों नहीं देता। क्या महिलाओं के सम्मान का पैमाना व्यक्ति विशेष देखकर तय किया जाएगा?

Aarya Tiwari

19,993 görüntüleme • 2 ay önce

Hamirpur Murder : अनीता ने अपने पति के साथ जो किया उसे जानकर मेरठ की मुस्कान का कांड भूल जाएंगे आप! यूपी में मेरठ के सौरभ राजपूत, औरैया के दिलीप यादव हत्याकांड के बाद अब हमीरपुर से भी चौंका देने वाला मामला सामने आया है जहां एक कलियुगी पत्नी ने अपने ही पति पर पहले तो ताबड़तोड़ वार कर अपने ही पति को मौत के घाट उतार दिया फिर चीख-चीखकर रोने लगी..घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर डॉग स्क्वायड और फॉरेंसिक टीम के साथ पहुंच गई और शव को कब्ज़े में लेकर पोस्टमॉर्टम हाउस भेज दिया..किसी को कानों कान खबर नहीं थी कि आखिर असल में हुआ क्या है..बिस्तर में खून से लथपथ पड़ा पति का शव और दीवार में पड़े खून के छीटे कलयुगी पत्नी की हैवानियत की गवाही दे रहे हैं..और कांड के बाद साजिश ऐसी कि एक समय को तो पूरा गांव ही चकमा खा गया..यहां घरेलू विवाद के बाद पत्नी इतनी नाराज हुई कि उसने अपने ही पति की चाकू से ताबड़तोड़ वार कर धड़ से गर्दन अलग कर दी और पुलिस सहित परिजनों को गुमराह करने के लिए नकाबपोश बदमाशों द्वारा घर में घुसकर सोते समय 'हत्यारिन' पत्नी के मुंह को चद्दर से ढक कर पति की धारदार हथियार से हत्या किए जाने की मनगढ़ंत फिल्मी कहनी गढ़ डाली.. #hamirpur #murdercase #upnews #meerutmurdercase #saurabhrajputmurder #muskanrastogi #meerut #hamirpurnews

UP Tak

378,664 görüntüleme • 1 yıl önce

‘शिक्षकों और शिक्षा’ के विरोध में तरह-तरह की साज़िश रचनेवाली भाजपा: - कम बच्चों के नाम पर स्कूलों का मर्जर करके, स्कूलों की संख्या न घटाए; - ⁠इसके स्थान पर सरकार जागरूकता अभियान चलाकर विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाये; - ⁠वर्तमान स्कूल परिसर में प्रौढ़ शिक्षा के लिए लोगों को प्रेरित करे; - स्थान की उपलब्धता का सही उपयोग महिलाओं को शिक्षण-प्रशिक्षण देने में करे; - ⁠साथ ही खाली समय में ऐसे शिक्षा केंद्रों का सदुपयोग विभिन्न ट्रेनिंगों के माध्यम से स्किल डेवलपमेंट के लिए करे; - ⁠ऐसे स्थानों का सकारात्मक सामुदायिक सदुपयोग भी हो सकता है। एक तरफ़ तो भाजपा शिक्षकों को नौकरी नहीं दे रही है, दूसरी तरफ़ स्कूलों की संख्या कम करके जिनकी नौकरी लगी हुई है उनकी भी नौकरी छीनने के चक्कर में है। भाजपाई और उनके संगी-साथी अपने आलीशान कार्यालय तो पूरे देश में जगह-जगह बना रहे हैं, लेकिन स्कूल बंद करा रहे हैं। पढ़ाई लड़ाई की ताक़त बनती है, इसीलिए भाजपा शिक्षा से डरती है। #भाजपा_जाए_तो_चैन_आए

Akhilesh Yadav

62,086 görüntüleme • 1 yıl önce

#दिल्ली 👉🏾 एक महिला होकर कुछ महिलाओं को टॉयलेट नहीं जाने दिया, ताला लगाकर चली गयी कहा जो करना है कर लो जाओ। 👉🏾 दिल्ली विकास प्राधिकरण क्षेत्र में यह टॉयलेट जनसुविधा हेतु बनाया गया है जो निःशुल्क है, बोर्ड में साफ अक्षरों में लिखा है। 👉🏾 लेकिन एक महिला कर्मचारी 10,10 रु न मिलने पर कुछ महिलाओं को वापस कर दिया। 👉🏾 वीडियो बना रहे व्यक्ति की पत्नी को महिलाओं वाली समस्या(माहवारी) हुई थी जो टॉयलेट रूम के अंदर जाकर अपने कपड़े सुरक्षित करना चाहती थी। 👉🏾 जब इस काम के लिए भी बिना पैसे लिए अंदर नहीं जाने दिया गया तब उस व्यक्ति ने वीडियो बनाना शुरू कर दिया। Rekha Gupta Arvind Kejriwal

Abhimanyu Singh

114,399 görüntüleme • 7 ay önce

किसी काम को करने के लिए सही प्रक्रिया का पालन करना और उसे तोड़ना दो अलग चीजें हैं। मुंबई एयरपोर्ट को मैनेज करने वाली संस्था पर CBI जांच होती है, ED-IT का दबाव होता है। उसे डराया-धमकाया जाता है और फिर उनसे एयरपोर्ट छीनकर अडानी को दे दिया जाता है। देश के पोर्ट, एयरपोर्ट, डिफेंस इंडस्ट्री एक ही व्यक्ति को सौंप दिए जाते हैं। ये ड्यू प्रॉसेस यानी सही प्रक्रिया नहीं है, ये चोरी है। हम मानते हैं कि: • देश में बड़े बिजनेसमैन की जगह है, लेकिन हम यह स्वीकार नहीं करेंगे कि सिर्फ इनकी ही जगह होगी। • हम यह भी स्वीकार नहीं करेंगे कि एक अरबपति को देश का पूरा धन सौंपा जा रहा है। हम ड्यू प्रॉसेस के खिलाफ नहीं हैं। हम फेक प्रॉसेस के खिलाफ हैं। : नेता विपक्ष श्री Rahul Gandhi 📍 रांची, झारखंड

Congress

27,446 görüntüleme • 1 yıl önce

कांग्रेस किसके लिए काम करती है? 3 साल पहले केन्या एयरपोर्ट का कॉन्ट्रैक्ट अडानी को 2 बिलियन डॉलर में मिला। उसके तुरंत बाद हिंडनबर्ग की तरफ से अडानी के खिलाफ एक नकारात्मक रिपोर्ट आई। भारत में उस रिपोर्ट को सबसे पहले जयराम रमेश ने उठाया और राहुल गांधी ने इसे बड़ा मुद्दा बनाया। इसके बाद केन्या में अडानी के खिलाफ नारे लगने लगे कि ऐसी बदनाम कंपनी को हमारे देश की सरकार कॉन्ट्रैक्ट क्यों दे रही है। आखिरकार वह कॉन्ट्रैक्ट रद्द हो गया और बाद में चीन की कंपनी को 3 बिलियन डॉलर मे दे दिया गया। अडानी जिस देश में भी कोई बड़ा प्रोजेक्ट जीतता है, उसके तुरंत बाद उसके खिलाफ कोई न कोई नकारात्मक खबर या रिपोर्ट सामने आ जाती है। कांग्रेस भारत में उन मुद्दों को उठाती है, फिर उन्हीं बयानों और वीडियो को दूसरे देशों का विपक्ष भी मुद्दा बनाता है, वहां अडानी के खिलाफ आंदोलन होने लगते हैँ.. डील रद्द हो जाती है और वह कॉन्ट्रैक्ट चीन को मिल जाता है। क्या लगता है, कांग्रेस किसके लिए काम करती है? amit kilhor

𝙼𝚛 𝚃𝚢𝚊𝚐𝚒

18,130 görüntüleme • 1 ay önce

शर्म करो फर्जी देशभक्तों... राष्ट्रभक्तो...देश के लिए जान न्योछावर करने वाले शहीद की पत्नी की पीड़ा सुनिए....प्रतिक्रिया दीजिए..? लेह लद्दाख में शहीद हुए तेजपाल की पत्नी कहती हैं कि वह पिछले ढाई साल से कार्यालयों..अधिकारियों के चक्कर लगा रही है...लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है..! पीड़िता ने निजी धनराशि लगाकर अपने पति शाहिद तेजपाल का स्मारक बनवाया..अधिकारी शासन से पैसा जारी नहीं करवा रहे...! अब तो उन्हें पुलिस कर्मी मिलने भी नहीं दे रहें हैं कहते है इस महिला को मिलने नहीं देना है..! सोचिए ये है देश के जान देने वाले जवान और उसके परिवार का सम्मान...! हम मांग करते हैं कि पीड़िता की हर संभव मदद की जाए..!

Rahul Saini

36,053 görüntüleme • 26 gün önce

मानेसर घटनाक्रम को लेकर पूछे सवाल का जवाब : अब भाई, हर घटनाक्रम को मैं याद ही रखता रहूं, तो फिर दूसरा काम कैसे करेंगे हम? हमें आगे भी तो काम करना है, तो पुरानी बातें भूलनी पड़ती हैं। सबको मिलकर आगे बढ़ना पड़ता है। देशहित में तो यही है। आज हर व्यक्ति से कहता हूं मेरे कार्यकर्ताओं को सुन लो, दो बातें नंबर एक देश को ज़रूरत कांग्रेस की है। कांग्रेस को मज़बूत करना हम सबका फ़र्ज़ है। सब अपने मतभेद भूलो। कांग्रेस मज़बूत होगी, कांग्रेस आगे बढ़ेगी , तभी तो जाकर आप देश को बचा पाओगे, देश की डेमोक्रेसी को बचा पाओगे। ठीक है, देश में लोकतंत्र बचा पाओगे। अभी होसबोले साहब ने क्या कहा, आरएसएस के लोगों ने? समाजवाद और धर्मनिरपेक्षता को हटा दो इनमे से, खतरा अभी तक बना हुआ है। यह दो महीने पहले की बात है। मैं दो महीने पहले की बात बता रहा हूं। अंबेडकर साहब ने खुद का अपना संविधान बनाया था, मैंने सुना उसके अंदर मूल भावना यही थी, इसलिए इसको जो है ये छेड़छाड़ करना चाहते हैं, अभी ध्रुवीकरण करके देश चल रहा है जो खतरनाक है, धर्म जाति वर्ग और भाषाएं। अभी गृह मंत्री अमित शाह जी को पूछें कि भई आपने अचानक हिंदी का राग क्यों अलपा लिया? हिंदी तो हमारी मातृभाषा है, हिंदी के बगैर काम चलता नहीं है हमारा आप को ऐसा क्या हुआ कि आपने कहा कि नहीं जो इंग्लिश बोलेंगे वो शर्मिंदा होंगे, हिंदी बोलना, बातें कर क्यों रहे हो छह महीने से ? आपकी नीयत में खोट है , आप दक्षिण को भड़का रहे हो जान बूझ के, क्योंकि दक्षिण में इनका कोई वहां पर आधार नहीं है, ये जानते हैं वोट तो मिलते नहीं हम लोगों को, ये खतरा नहीं समझ पा रहे हैं, चालीस साल पहले पचास साल पहले जब मैं छात्र था तब इंग्लिश की बात वो करते थे हिंदी के खिलाफ थे, हिंदी का कोई बोर्ड वहां पर नहीं रहता था जला देते थे वो लोग, नॉर्थ के अंदर इंग्लिश का बोर्ड जला देते थे ये हम ने खुद ने देखा बचपन के अंदर, आप कल्पना कीजिए उस वक्त से हम राजनीति कर रहे हैं अगर इंदिरा गांधी पंडित नेहरू या जो भी प्राइम मिनिस्टर बने हैं ये अगर सब मिलके उस को नहीं करते देश की एकता के लिए अखंडता के लिए जान तक दे दी इंदिरा जी ने, अगर ये भावना नहीं रखते हम लोग सबको साथ में लेकर चलने की, तेलुगू तमिल मलयालम बंगाली, पंजाबी, गुजराती मराठी क्या लिखा मालूम है किसी को, आप बताओ इनको कि तुम भाषा को मुद्दा बना के देश को क्यों बर्बाद करना चाहते हो ? बड़ा सेंसिटिव इश्यू है ये और गृह मंत्री अमित शाह जी ऐसा तो नहीं वो समझदार नहीं है, समझते हैं इन बातों को, उसके बाद में अगर बोल रहे हैं इसका मतलब जानबूझकर इश्यू बना रहे हैं राजनीतिक लाभ लेने के लिए, और नॉर्थ इंडिया वालों को खुश करने के लिए, ये बहुत सेंसिटिव इश्यू है संवेदनशील इश्यू है इस प्रकार बोलना खतरनाक है देश के लिए, देश की एकता के लिए देश की अखंडता के लिए खतरनाक है, तब भी बोल रहे हैं वो, इसका मतलब बहुत बड़ी साजिश है बहुत बड़ी राजनीति है, जो इनकी चाल है न जो ध्रुवीकरण करके चुनाव जीतने की बार बार उसी का ये भी पार्ट है। और मीडिया को ज्यादा समझना चाहिए मीडिया की भूमिका है, जब देश आजाद हुआ था तो मीडिया , इंटेलेक्चुअल, कितने लोग शामिल थे उद्योगपति बड़े बड़े आज सब गायब हैं सब चुप हैं मीडिया चुप है आज मीडिया भी चुप है देश का मेजर मीडिया चुप है, सोशल मीडिया से काम चल रहा है, क्यों ?

Ashok Gehlot

18,664 görüntüleme • 1 yıl önce