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Three #Indian engineers are training in #Jiangsu—known as China's "Robotic Arm Hub"🤖 — to study cutting-edge robotics tech. Could robotic arms transform farming in India? 🌱 Share your thoughts in the comments!💬👇 तीन #भारतीय इंजीनियर #जियांग्सू में ट्रेनिंग ले रहे हैं—जिसे चीन का "रोबोटिक आर्म हब"🤖 कहा जाता है...

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कल लगभग एक घंटे तक सोरोस जी को यूट्यूब पर सुना. बहुत उत्पाती जीव हैं. वे अमेरिका में ट्रंप जी की वापसी नहीं चाहते थे. वे रूस में पुतिन जी की सत्ता का अंत चाहते हैं. सोरोस 2024 लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी की हार चाहते थे. वे चीन में शी जी का विनाश चाहते हैं. वे तुर्की के वर्तमान शासन एर्दोगान जी का अंत चाहते हैं. बहुत अराजक और निहिलिस्ट बंदा है. भारतीय राजनीति में भी एक ऐसी दुखी आत्मा है. सोरोस ने "ओपन सोसायटी" नाम का एक अजीब सा विचार बना रखा है. उन्होंने अपने दिमाग में पूरी दुनिया को दो हिस्से में बांट रखा है- ओपन सोसायटी और क्लोज सोसायटी. वे पूरी दुनिया में क्लोज को ओपन करना चाहते हैं. पूरी दुनिया को अपने हिसाब से चलाना चाहते हैं. भारत को लेकर बेचारे कुछ ज्यादा ही भावुक हैं. दुनिया का किस्सा सुनाने की शुरुआत वे भारत से करते हैं. नेहरू-गांधी परिवार से संबंध है. एक बार आए थे भारत मिलने. उनके पास पैसा है तो एनजीओ और थिंक टैंक को बांटकर उनको लगता है कि वे अपनी मर्जी का कर लेंगे. सट्टेबाजी में कमाया है. उसके एक हिस्से ये अपना ये तोड़-फोड़ वाला शौक पूरा कर रहे हैं. भारत में कई लोगों को खिलाया है. भारत के बारे में सोरोस जी जब बोलते हैं तो आंख बंद करके, सिर्फ आवाज सुनें. लगता है कि राहुल गांधी जी बोल रहे हैं. एक दम वही बात. वही अंदाज. शायद सोरोस ही राहुल गांधी के ट्यूटर हैं. ये 21 मार्च 2023 का वीडियो है. जर्मनी का है.

Dilip Mandal

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हिन्दू धर्म के सामने चुनौतियों पर एक विचार 👇 कुछ लोगों का मानना है कि हमारे देश की शिक्षा व्यवस्था और पूर्व में बनी नीतियों के कारण बच्चों में धार्मिक एवं सांस्कृतिक शिक्षा का महत्व कम होता गया। आज अधिकांश अभिभावक अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए उन्हें केवल औपचारिक शिक्षा पर केंद्रित कर रहे हैं, जबकि अपने धर्म, संस्कृति और परंपराओं का ज्ञान अपेक्षाकृत कम दे पा रहे हैं। ऐसे में यदि बच्चों को अपने धर्म और संस्कृति की पर्याप्त समझ नहीं होगी, तो वे किसी भी प्रकार के वैचारिक प्रभाव या प्रचार से आसानी से प्रभावित हो सकते हैं। इसलिए आवश्यक है कि आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ बच्चों को अपने धर्म, संस्कृति, इतिहास और नैतिक मूल्यों का भी संतुलित ज्ञान दिया जाए, ताकि वे स्वयं सोच-समझकर अपने विचार बना सकें और किसी भी प्रकार के भ्रामक प्रचार से बच सकें। और दुबारा ऐसा देखने को ना मिले, जैसा हमने CJP प्रोटेस्ट में देखा है।

सनातनी अमित

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प्रकाश राज बता रहे हैं कि दक्षिण भारत पर हिन्दी थोपना ग़लत है और तीन भाषा फ़ॉर्मूला सिर्फ़ दक्षिण भारत में लागू है, उत्तर भारत पर लागू नहीं किया जा रहा Hindi or even English is not compulsory in the NEP 2020 (as it was in 1968) सामने बैठे इतने बड़े पत्रकार उनको टोक नहीं रहे हैं कि नई शिक्षा नीति 2020 में हिंदी की बाध्यता हटा ली गई है (जो 1968 में लागू की गई थी) Three languages policy has been implemented throughout the country including every state in North India और ये कि पूरे उत्तर भारत में तीन भाषा फ़ॉर्मूला लागू हो चुका है, बल्कि तमिलनाडु छोड़ कर सारे राज्य अपने अपने यहाँ इसे लागू कर चुके हैं प्रकाश रोमन कैथोलिक हैं अतः उनका झुकाव कांग्रेस के प्रति समझ में आता है, उत्तर-दक्षिण विवाद भड़काने में उनकी दिलचस्पी ज़ाहिर है परंतु आश्चर्य तब होता है जब इतने बड़े जानकार पत्रकार सामने बैठकर गंभीर मुद्रा में उन्हें चुपचाप सुन रहे होते हैं

ANUPAM MISHRA

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