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Toronto में बैठा एक Pakistan-Canadian शख्स...42 Telegram Groups...फेक IDs...Algorithm Manipulation...और भारत व भारतीयों के खिलाफ कथित तौर पर चलाया जा रहा एक संगठित misinformation network। वायरल Telegram leaks में सामने आए Sadiq Ali, TF-2990, Operation Sindoor के बाद बढ़ी Anti-India narratives की चर्चा और ऑनलाइन propaganda ecosystem की पूरी...

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12 वर्ष के भाई के कांटेक्ट मे आने से 9 साल की बहन के गर्भवती होने की न्यूज़ निकली फेक.. पुलिस का आया ऑफिशियल बयान हरियाणा के कैथल जिले को लेकर सोशल मीडिया पर एक सनसनीखेज खबर तेजी से वायरल हो रही है। इसमें दावा किया जा रहा था कि एक 9 साल की बच्ची गर्भवती है और इस मामले में उसके 12 साल के सगे भाई का नाम जोड़ा जा रहा है। हालांकि, कैथल पुलिस ने इस खबर को सिरे से खारिज कर दिया है। कैथल पुलिस के डीएसपी ने पूरे मामले पर साफ प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह खबर पूरी तरह झूठी और भ्रामक है। पुलिस के मुताबिक जिले में ऐसी कोई भी घटना सामने नहीं आई है और सोशल मीडिया पर फैलाया जा रहा दावा तथ्यहीन है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे इस तरह की संवेदनशील और अपुष्ट खबरों पर भरोसा न करें और न ही उन्हें आगे साझा करें। डीएसपी ने चेतावनी दी है कि जो लोग जानबूझकर इस तरह की झूठी खबरें फैलाकर समाज में भ्रम, डर और अशांति पैदा कर रहे हैं, उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस सोशल मीडिया पर वायरल हो रही पोस्ट्स पर नजर बनाए हुए है और अफवाह फैलाने वालों की पहचान की जा रही है। #Kaithal #Police

TRUE STORY

120,617 просмотров • 6 месяцев назад

राम मंदिर दान विवाद के बीच चंपत राय का एक पुराना वीडियो फिर से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में उन्हें कथित तौर पर यह कहते सुना जा रहा है— "काहे की श्रद्धा, मैं क्या करूं श्रद्धा का। चांदी के फूल हैं एक हजार। तो मैं क्या बेचूं? फिर क्या करूं?" सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि उन्होंने चांदी के फूल और सोने की रामचरितमानस जैसी भेंट स्वीकारने को लेकर भी इसी तरह की टिप्पणी की थी। हालांकि, इस वायरल वीडियो और उससे जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि अब तक नहीं हुई है। अगर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े दान पर सवाल उठते हैं, तो जवाब भी उतनी ही पारदर्शिता से दिया जाना चाहिए। किसी भी धार्मिक संस्था की सबसे बड़ी पूंजी जनता का विश्वास होता है। ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच, तथ्यों का सार्वजनिक खुलासा और जवाबदेही ही लोगों का भरोसा बनाए रख सकती है। आरोप हों या सफाई— अंतिम निष्कर्ष जांच के आधार पर ही निकलना चाहिए, न कि केवल वायरल वीडियो के आधार पर।

📍हमदर्द अल्फाज़📍

14,413 просмотров • 29 дней назад

हाजीपुर में मोहर्रम जुलूस का वीडियो वायरल आधुनिक राइफल्स जैसी दिखने वाली वस्तु ने बढ़ाई चर्चा बिहार के हाजीपुर के गोरौल क्षेत्र से मोहर्रम जुलूस का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक युवक के हाथ में AK-47 जैसी दिखने वाली वस्तु नजर आने का दावा किया जा रहा है, जिसके बाद लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि, अब तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि वीडियो में दिखाई दे रही वस्तु असली लाइसेंसी हथियार, या राइफल डमी (प्रॉप) गन या कोई अन्य वस्तु है। इस मामले में पुलिस या प्रशासन की ओर से आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। फिलहाल वीडियो की सत्यता और उसमें दिख रही वस्तु की जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। #Hajipur #Bihar #Muharram #ViralVideo #NewsUpdate

HinduNation__

274,137 просмотров • 1 месяц назад

क्या यही है शिक्षा का स्तर? ​सोशल मीडिया पर लखनऊ के इंदिरा नगर स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS) की ऑनलाइन क्लास का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने शिक्षा जगत और समाज को झकझोर कर रख दिया है।।। ​वीडियो में मुख्य आरोपी शिक्षक धीरेंद्र पत्र ऑनलाइन क्लास के दौरान मर्यादा की सारी हदें पार करते नजर आ रहे हैं। किसी बात पर आपा खोकर उन्होंने न केवल छात्र के साथ अभद्र व्यवहार किया, बल्कि उसके माता-पिता और पूरे खानदान के लिए बेहद आपत्तिजनक और अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया।।। ​इस घटना के बाद से समाज और अभिभावकों में गहरा रोष है।।। ​एक शिक्षक का काम बच्चों को सही राह दिखाना और संस्कार देना होता है, न कि उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करना।।। ​बच्चों के सामने ऐसी घटिया भाषा का प्रयोग उनके कोमल मन और मानसिक विकास पर बेहद नकारात्मक असर डालता है।।। ​सोशल मीडिया पर लोग इसे शिक्षक के निजी जीवन की फ्रस्ट्रेशन को मासूम बच्चों पर निकालने का एक घटिया उदाहरण बता रहे हैं।।। ​आक्रोशित अभिभावकों और नागरिकों ने प्रशासन और स्कूल प्रबंधन से आरोपी शिक्षक धीरेंद्र पत्र के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी और विभागीय कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि भविष्य में कोई भी शिक्षक ऐसी हरकत करने की हिम्मत न कर सके।।। ​यह घटना एक बड़ा सवाल खड़ी करती है कि क्या अब ऑनलाइन क्लासेस की मॉनिटरिंग के लिए स्कूलों में कोई कड़ा और पारदर्शी सिस्टम होना चाहिए?​आप इस पूरे मामले और ऑनलाइन कक्षाओं की सुरक्षा को लेकर क्या सोचते हैं? अपने विचार जरूर साझा करें।।।

Sudhanshu Yadav

162,506 просмотров • 25 дней назад

चलती ट्रेन में एक महिला द्वारा कथित रूप से ‘स्मार्ट’ तरीके से चोरी करने की कोशिश का मामला सामने आया है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि यह महिला यात्रियों के सामान पर नजर रखकर मौका मिलते ही चोरी करने की फिराक में थी। हालांकि, उसकी हरकतों पर कुछ यात्रियों को शक हुआ और उन्होंने सतर्कता दिखाते हुए उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। वीडियो में देखा जा सकता है कि पकड़े जाने के बाद यात्री उससे सवाल-जवाब कर रहे हैं और पूरी घटना को रिकॉर्ड भी किया जा रहा है। इस दौरान महिला घबराई हुई नजर आती है। यात्रियों की सूझबूझ के कारण संभावित चोरी को समय रहते रोक लिया गया। बाद में इस पूरे मामले की जानकारी रेलवे पुलिस को दी गई, जिसके बाद आगे की कार्रवाई शुरू की गई। यह घटना यात्रियों के लिए एक चेतावनी भी है कि सफर के दौरान अपने सामान को लेकर सतर्क रहना कितना जरूरी है। सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से फैल रहा है और लोग इस पर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

Adv. Divya Jakhar

21,893 просмотров • 2 месяцев назад

"छोटे बच्चे के लिए कम से कम 4 साल तक घर पर रहना ज़रूरी – मां हो या पिता!" सोशल मीडिया पर एक विचार तेजी से वायरल हो रहा है, जो हर माता-पिता को सोचने पर मजबूर कर रहा है। जब एक नन्हा सा बच्चा इस दुनिया में आता है, तो उसकी सबसे बड़ी ज़रूरत होती है — ममता, अपनापन और समय। उसके जीवन के शुरुआती चार साल उसकी नींव होते हैं, और इन सालों में मां या पिता में से किसी एक का घर पर रहना बेहद ज़रूरी है। यह सिर्फ देखभाल नहीं, बल्कि एक इंसान की जड़ें मजबूत करने का समय होता है। बच्चा किसी एक का प्यार नहीं चाहता, वो चाहता है मौजूदगी — और ये मौजूदगी किसकी होनी चाहिए, इसका फैसला मिलकर, सोच-समझकर और परिवार की भलाई को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए। क्योंकि अंत में, बच्चा सिर्फ ये याद रखेगा कि जब वो रोया था, तब कोई पास था जो उसे गले लगाकर चुप कराता था। #viral #viralvideo

UttarPradesh.ORG News

148,305 просмотров • 1 год назад

⚠️ चेतावनी: हिंसक दृश्य ⚠️ झारखंड से सामने आई एक हैरान कर देने वाली घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। पेट्रोल भरवाने को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पेट्रोल पंप पर युवकों के एक समूह और कर्मचारियों के बीच बहस हुई, जिसके बाद कथित तौर पर एक युवक ने पेट्रोल पंप कर्मचारी पर चाकू से हमला कर दिया। घायल कर्मचारी को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। सवाल यह है कि क्या छोटी-छोटी बातों पर हिंसा ही समाधान है? कानून को हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होना जरूरी है ताकि ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके। #Jharkhand #CrimeNews #PetrolPump #Violence #LawAndOrder #CrimeAlert #ViralVideo #CrimeaRepublic #StopTheViolenceयह

Sahil chabra

657,523 просмотров • 1 месяц назад

बात अब बहुत आगे निकल चुकी है। जिस भरत तिवारी को बिहार में कुछ लोग उसकी जाति के आधार पर समर्थन या विरोध करने की कोशिश कर रहे हैं, वह अब जाति, भाषा और क्षेत्र की सीमाओं से कहीं आगे निकल चुका है। आज महाराष्ट्र में बैठा युवक मराठी में वीडियो बनाकर भरत तिवारी के लिए आवाज़ उठा रहा है ... "जब सुनीता नाम की एक माओवादी महिला ने आत्मसमर्पण किया, तो उसे 39 लाख का इनाम और नौकरी मिली। लेकिन एक समाजसेवी, जिसका अपना गांव गंगा में समा गया था, जिसने अपने गांव और लोगों के हित के लिए हथियार उठाए और बाद में आत्मसमर्पण किया, उसे इनाम नहीं, बल्कि गोली मिली।" भरत तिवारी को मिलने वाला समर्थन पूरी तरह स्वाभाविक और जनभावनाओं से प्रेरित है। यह किसी राजनीतिक अभियान, जातीय समीकरण या क्षेत्रीय पहचान से जुड़ा नहीं है। जो भी व्यक्ति उसके बारे में पढ़ रहा है, उसकी कहानी जान रहा है, उसके संघर्ष को समझ रहा है, वह उसके साथ खड़ा होता दिखाई दे रहा है। आज भरत तिवारी सिर्फ एक नाम नहीं रह गया है। वह उन लोगों के मन आवाज़ बन चुका है जो व्यवस्था से न्याय की उम्मीद रखते हैं। उसकी कहानी ने लोगों को जाति, भाषा और प्रदेश की दीवारों से ऊपर उठकर सोचने पर मजबूर कर दिया है। यही कारण है आनेवाले दिनों में भरत तिवारी के लिए उठ रही आवाज़ें सिर्फ यूपी बिहार से नहीं, बल्कि पूरे देश से सुनाई देंगी।

Aarya Tiwari

20,079 просмотров • 1 месяц назад

दिल्ली में G20 का आयोजन हो रहा है, पूरी दिल्ली बंद है और दुल्हन सी सजी हुई है। विभिन्न देशों से आये नेताओं का स्वागत हो रहा है जिसमें भारत के अलग-अलग राज्यों के लोकनृत्य मेहमानों के सामने प्रस्तुत किए जा रहे हैं। ऐसा ही ओमान के प्रतिनिधि के आने पर भी हुआ इसमें राजस्थान के लोकनृत्य के नाम पर 'काळीयो कूद पड़ियो मेळा में' पर एक बॉलीवुड सा लगने वाला नृत्य यह कलाकार कर रहे हैं। यह सिर्फ़ G20 तक सीमित नहीं है बल्कि राजस्थानी लोकनृत्य के नाम पर होने वाले हर कार्यक्रम में यही चल रहा है, चाहे वो किसी कॉलेज का कोई प्रोग्राम हो या कल्चरल फंक्शन जबकि यह साफ़ तौर पर कुछ समय पहले आया एक डीजे का गाना है, इसके उपयोग पर कोई आपत्ति नहीं है पर राजस्थान के लोकनृत्य की तरह इसे प्रस्तुत करना गलत है। जिस प्रदेश में लोकनृत्य की ढोल नृत्य, अग्नि नृत्य, बम नृत्य, घूमर नृत्य, गैर नृत्य, गवरी नृत्य, वालर नृत्य, चरी नृत्य,भवाई नृत्य, तेरहताली आदि जैसे लोकनृत्यों की लम्बी ऐतिहासिक-धार्मिक-सांस्कृतिक परम्परा रही हो उसके लोकनृत्यों का प्रतिनिधित्व इस एक फूहड़ बॉलीवुडिया डांस को करते देखना दुःखद है।

Ankesh Bhati

148,126 просмотров • 2 лет назад

सोशल मीडिया खासकर इंस्टाग्राम लोगों को कैसे पागल कर रहा है, इसका उदाहरण देखना है तो राजा रघुवंशी के केस को देखिए. बेचारे बंदे की बिना कारण शादी के 1 महीने के अंदर जान चली गई. हम सबको लेकर पूरा देश इस मुद्दे पर हलकान पड़ा हुआ है, पर खुद राजा की अपनी बहन( सृष्टि रघुवंशी) और भाई दोस्त सब इंस्टाग्राम पर एडिट कर करके Reel डालने में बिजी हैं. बहन तो भाई के मृत्यु के कंफर्म होने के बाद भी अपनी इंस्टाग्राम प्रोफाइल से spa centre ke फुल बॉडी मसाज का ऐड करती दिख रही है. आज के दिन भी जब उसकी भाभी उसके भाई के हत्या के संदेह में पुलिस की गिरफ्त में है तब प्रोफाइल से भर भर के एडिटेड reel आए जा रहे हैं.. असल में सोशल मीडिया अब एक ऐसी पूरी पीढ़ी तैयार कर चुका है जिसकी सामान्य संवेदना मर चुकी है और जिसको अगल-बगल हो रही घटनाएं मर्डर या रेप like या views कमाने का जरिया लगते हैं !

🇮🇳Jitendra pratap singh🇮🇳

80,763 просмотров • 1 год назад

नोएडा में उपद्रव... साज़िश या घटना वो एक व्यक्ति की सैलरी से शुरू हुआ विवाद अचानक दो ही घंटे में बड़े बवाल में बदल गया.. कई पुलिस की गाड़ियों में आग लगा दी गयी सड़कों पे तांडव करते उपद्रवी ही नज़र आ रहे थे नोएडा में वेतन बढ़ोतरी के नाम पर हो रहा विरोध सिर्फ एक सामान्य श्रमिक आंदोलन नहीं, बल्कि एक सुनियोजित साजिश प्रतीत हो रहा है। इस दृष्टिकोण के अनुसार, वैश्विक स्तर पर पश्चिम एशिया (विशेषकर ईरान) संकट के चलते जो अस्थिरता, आर्थिक दबाव और उद्योगों में सुस्ती का माहौल बना हुआ है, उसके बावजूद भारत में बनी स्थिरता कुछ तत्वों को असहज कर रही है। इसके चलते साधारण नौकरीपेशा और कामगारों को भड़काकर माहौल को जानबूझकर अशांत किया जा रहा है... कथित तौर पर “अर्बन नक्सल” जैसे तत्व इस पूरी स्थिति के पीछे सक्रिय बताए जा रहे हैं, जो हिंसा को बढ़ावा दे रहे हैं। सार्वजनिक और पुलिस वाहनों में तोड़फोड़, महिलाओं के साथ मारपीट, और स्कूल बसों तक को निशाना बनाए जाने जैसी घटनाओं का उल्लेख करते हुए ये संगठित अराजकता फ़ैलाने का प्रयास किया रहा है... स्थति देखकर अनुमान लगाया जा सकता है कि यह हिंसा अचानक नहीं हुई, बल्कि पहले से इसकी तैयारी की गई थी, जिससे यह संकेत मिलता है कि यह एक योजनाबद्ध गतिविधि थी। ऐसे समय में, जब दुनिया ईंधन संकट और आर्थिक अनिश्चितता से जूझ रही है, इस तरह की घटनाएं देश के अंदरूनी माहौल और निवेशकों के भरोसे पर नकारात्मक असर डाल सकती हैं....

Deepak Sharma

15,535 просмотров • 3 месяцев назад

Ajmer, Rajasthan में Dr. Kuldeep Sharma और Ajmer Development Authority (ADA) के बीच का मामला हाल ही में चर्चा में आया है। यह विवाद Dr. Kuldeep Sharma, जो एक जाने-माने यूरोलॉजिस्ट हैं, के घर पर ADA द्वारा की गई कार्रवाई से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार, Dr. Kuldeep Sharma ने ADA से एक आवासीय प्लॉट नीलामी (ऑक्शन) के जरिए खरीदा था। उन्होंने इसके लिए पूरी राशि जमा की और उस प्लॉट पर अपना घर बना लिया। बाद में ADA ने दावा किया कि उनके प्लॉट में कुछ अतिरिक्त जमीन शामिल है, जो नीलामी में दी गई जमीन से अधिक है। इसके बाद ADA ने बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के उनके घर पर कार्रवाई की, जिसमें उनके घर का एक हिस्सा तोड़ने की कोशिश की गई। इस दौरान Dr. Sharma के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार भी हुआ, जिसमें उन्हें कॉलर पकड़कर घसीटा गया और पुलिस हिरासत में लिया गया। इस घटना से स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया पर काफी हंगामा हुआ। Dr. Sharma ने कहा कि उन्हें न तो कोई नोटिस दिया गया और न ही कोई जानकारी पहले से दी गई। वहीं, कुछ लोगों का मानना है कि यह ADA की ओर से गुंडागर्दी और प्रशासनिक मनमानी का उदाहरण है। यह मामला अभी सुर्खियों में है, और लोग इसकी निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। DOCTORS WELFARE FEDERATION Sarkari Doctor Dr. B L Bairwa MS, FACS The Times Of India IndiaToday Dainik Bhaskar Rajasthan Patrika

Dr. Zakir Khan

15,892 просмотров • 1 год назад

#त्रिशा_शर्मा का केस जानकर आप शादी से डरेंगे.. एक पढ़े-लिखे परिवार, जहां मां जज हैं, उसके बेटे ने मैट्रिमोनियल साइट पर जाकर शक्ल से सुंदर दिखने वाली, कथित तौर पर मानसिक रूप से विकलांग एक लड़की से शादी की। दावा किया जा रहा है कि लड़की परिवार में एडजस्ट नहीं कर पाई, कभी खाने की टेबल पर साथ नहीं बैठी। प्रेग्नेंट होने पर बिना पति और सास को बताए एबॉर्शन करा लिया और बाद में आत्महत्या कर ली। वीडियो में साफ दिख रहा है कि पति सीपीआर देकर बचाने की कोशिश भी कर रहा है। लड़की के मां-बाप और बहन उसकी बातों या मेसेज का जवाब नहीं देते थे, लेकिन 6 दिन बाद जब उसकी मृत्यु हो जाती है, तो वे उसकी लाश नहीं लेते और पैसे चाहते हैं। पति को इसलिए जेल हो जाती है क्योंकि वह पति है, और पत्नी की आत्महत्या के बाद सारी गलती उसी पर डाल दी जाती है। मीडिया, सोशल मीडिया और फेमिनिस्ट उस मां को दोषी बता रहे हैं जिसने अपने बेटे का घर बसाने की कोशिश की, क्योंकि वह जज है और लोगों को लगता है कि वह अस्पताल के डॉक्टर से लेकर पुलिस अधिकारी तक किसी को भी प्रभावित कर सकती है। इस कहानी को पढ़ने के बाद भी यदि आप शादी करने का साहस उठाते हैं, तो मैं भारत सरकार से निवेदन करूंगा कि अगर वह आपको परमवीर चक्र नहीं दे सकती, तो कम से कम वीर चक्र जरूर दे..

𝙼𝚛 𝚃𝚢𝚊𝚐𝚒

20,219 просмотров • 2 месяцев назад

नेता विपक्ष राहुल गांधी जी ने कहा था कि BJP ने पूरे देश में नफरत का केरोसिन छिड़क दिया है। सच बात तो यह है कि इन्होंने सिर्फ केरोसिन नहीं छिड़का है, बल्कि चिंगारी भड़काने के लिए सरकार ने मीडिया के हाथों में माचिस की तीलियां थमा दी है। 2021 को एक याचिका की सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश एनवी रमन्ना जी ने कहा था कि देश में मीडिया का एक वर्ग हर चीज को सांप्रदायिकता के पहलू से दिखाता है। टीवी स्क्रीन पर नौजवानों की बेरोजगारों पर बहस के लिए कोई जगह नहीं है, क्योंकि प्राइम टाइम पर लव जिहाद, थूक जिहाद, लैंड जिहाद, वोट जिहाद, UPSC जिहाद जैसे शो बन रहे हैं। भारत के संविधान और अदालतों के इकबाल पर मीडिया की हनक का बुलडोजर चल रहा है। गलती सरकार कर रही है, सवाल विपक्ष से पूछा जा रहा है। टीवी चैनल पर दिनभर हिन्दू-मुसलमान होता है, लेकिन शाम को चैनल के मालिक जामा मस्जिद में चीफ गेस्ट के तौर पर जाते हैं। मैं सरकार से अनुरोध करता हूं- एक सर्वदलीय कमेटी का गठन हो, जिसका उद्देश्य सेंसरशिप नहीं, बल्कि आने वाली नस्लों को मीडिया और सोशल मीडिया के जहरीले असर से बचाना हो। प्रेस काउंसिल और NBDSA को मजबूत किया जाए और देश तोड़ने वाले झूठे कंटेट बनने बंद हों। : राज्यसभा में Imran Pratapgarhi जी का पूरा वक्तव्य👇

Congress

20,578 просмотров • 4 месяцев назад

आज सुबह ट्विटर पर तमाम ऐसे अकाउंट्स को इंडिया में ब्लॉक कर दिया जो सरकार से सवाल पूछते हैं, सरकार की विफलताओं को उजागर करते हैं, लोगों के मुद्दों पर सरकार को घेरते हैं ▪️यह एक नया ट्रेंड है. पहले सरकारी आदेश से कंटेंट ब्लॉक या डिलीट करवाओ और फिर अकाउंट को भारत में बैन कर दो ▪️यह काम अश्विनी वैष्णव के Ministry of Electronics and IT और Ministry of Information & Broadcasting के आदेश पर Section 69A of the IT Act के तहत सोशल मीडिया प्लेटफार्म से कराया जा रहा है. ▪️सरकारी बाबू बैठ कर यह निर्धारित कर रहे हैं, क्या कंटेंट चलेगा क्या नहीं ▪️यह अभिव्यक्ति की आज़ादी पर बहुत बड़ा हमला है. मुख्यधारा के मीडिया को अपना चरणचुंबक बना कर यह सारी कवायद अब सोशल मीडिया को रेगुलेट करने की है ▪️अश्विनी वैष्णव हर छोर पर विफल होने के बाद अपनी उपयोगिता कंटेंट और अकाउंट ब्लॉक करके सिद्ध कर रहे हैं 👉मोदी जी आप कितने कायर हैं, आलोचना के दो शब्द नहीं सह सकते? फिर ऐसे घटिया काम ही क्यों करते हैं? 👉और वह लोग जिनको ‘लोकतंत्र खतरे में है’ सुनकर बड़ी आपत्ति होती है, अब क्या कहेंगे 👉क्या एक लोकतांत्रिक देश में सवाल पूछने का मतलब सोशल मीडिया अकाउंट्स लॉक कर देना है? 👉आप कितने ही अकाउंट लॉक कर दीजिए - ना सवालों से बच पायेंगे ना आलोचना से. अलबत्ता ऐसे काम करके अपना डर, अपना ख़ौफ़, अपनी विफलता और बयाँ कर रहे हैं Baba MaChuvera 💫 Parody of Parody Manish Jethwani Sandeep Singh @Doc_RGM Dr Nimo Yadav 2.0 Nehr_who? @DuckKiBaat इसके अलावा भारत में blocked अकाउंट्स को कमेंट में लिखिए और एक बात याद रखिए, आज इनका अकाउंट ब्लॉक हुआ है बिना कारण के, कल आपका होगा यह किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है

Supriya Shrinate

181,118 просмотров • 4 месяцев назад

शामली में कन्वर्टेड आयुष मालिक की पूरी कहानी जानिये- उसके पिता देवराज मलिक का प्रसिद्ध “भारत मेडिकल” स्टोर है, इसके अलावा भी दो और शोरूम है, ये परिवार खूब समृद्ध और करोड़पति की केटेगरी वाला है। देवराज मलिक की तीन बेटियां है जिनके विवाह हो चुके है, उसके बाद आयुष मालिक है जो अपनी फार्मेसी ही चलाता था। इनके फार्मेसी स्टोर पर एक मु/स्लिम काम करता था जिसे पता लगा गया था कि आयुष करोड़पति बाप का एक मूर्ख संतान है तो उसने उसके लिए धर्मांतरण का जाल अपनी ही बहन का प्रयोग करके बिछाना शुरू कर दिया। मतलब एक कुछ हज़ार की तनख्वाह वाला कर्मचारी मालिक को ही फसाता है। इस षड्यंत्र में उसकी बहन चाँदनी कुरेशी जिम ट्रेनर बनी और आयुष से दोस्ती बढ़ाकर उसका ब्रेनवाश शुरू कर दिया। उसके बाद उसे दिल्ली ले जाकर मौला/नाओ से धर्म परिवर्तन करवाया गया और मुंबई में उसका ख/तना करवाया गया। तो प्यारे हिंदुओं, आपकी मूर्ख बेटी तो छोड़ो अब सेक्युलर बेटे भी इनके निशाने पर है- चारो और से जाल बिछाकर तुम्हें घेरा जा रहा है। देवराज मलिक अपना अकेला बेटा और दशकों से कमायी संपत्ति अपनी आँखो के सामने लुटती देख रहे है। योगी सरकार है तो चार साल बाद कार्यवाही भी हो रही है, कोई और सरकार होती तो इसे भाईचारे की मिशाल बताकर आयुष के पिता देवराज पर ही समाज में भाईचारा खराब करने के आरोप में केस दर्ज कर देती। जहाँ तक बच सको बच के दिखा देना।

Baliyan

53,582 просмотров • 1 месяц назад

इज़राइल और ईरान जैसे संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय मुद्दे पर देश के मीडिया का यह कहना कि “कांग्रेस छाती पीट रही है” या “विपक्ष परेशान है” यह सिर्फ एक बयान नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक संवाद के गिरते स्तर का प्रमाण है। जब बात इज़राइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव की हो, जब पूरी दुनिया शांति, कूटनीति और रणनीतिक संतुलन की बात कर रही हो, तब भारत के विपक्ष की जायज़ चिंता को उपहास में बदल देना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। विपक्ष सवाल पूछेगा, यही उसका संवैधानिक धर्म है। अगर भारत की विदेश नीति, हमारे राष्ट्रीय हित, खाड़ी देशों में काम कर रहे लाखों भारतीयों की सुरक्षा, और ऊर्जा आपूर्ति जैसे गंभीर विषयों पर सरकार से स्पष्ट रुख माँगा जाता है, तो उसे “परेशानी” या “छाती पीटना” बताना दरअसल जवाबदेही से भागना है। असहमति लोकतंत्र की ताकत होती है, कमजोरी नहीं। आज जरूरत है परिपक्व बहस की, तथ्यों पर आधारित चर्चा की, और राष्ट्रीय हित को सर्वोपरि रखने की। लेकिन जब मीडिया का एक वर्ग विश्लेषण छोड़कर व्यंग्य और ट्रोलिंग की भाषा अपनाता है, तो यह लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की गरिमा पर प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है। देश यह देख रहा है कि किस तरह गंभीर कूटनीतिक संकट को भी राजनीतिक तंज़ और निम्न स्तर की शब्दावली में बदल दिया जा रहा है। हम स्पष्ट कहना चाहते हैं, सवाल उठाना देशविरोध नहीं है, बल्कि देशहित में जिम्मेदारी निभाना है। भारत जैसे बड़े लोकतंत्र में विचारों की असहमति को सम्मान मिलना चाहिए, न कि उसे मज़ाक बनाकर दबाने की कोशिश। राष्ट्रीय मुद्दों पर संवाद गरिमा से होना चाहिए। मीडिया द्वारा कांग्रेस पार्टी और देश के विपक्ष के लिए इस्तेमाल किए गए “छाती पीटना” जैसे शब्दों के प्रयोग की मैं घोर निंदा करता हूँ। यह भाषा न केवल निम्न स्तर की है, बल्कि लोकतांत्रिक मर्यादाओं के भी विरुद्ध है।

Alok Sharma

309,972 просмотров • 5 месяцев назад

चुप चाप पुलिस वाले को पैसे दे देते इतनी गलियाँ नहीं सुनना पड़ता ! आधी रात में एक इज्जतदार व्यापारी जो इलाके में बहुत मशहूर है पुलिस वाले क्या कर रहे हैं देखिए गुलजारबाग के किराना व्यवसायी दीपक गुप्ता की पीड़ा सिर्फ एक व्यक्ति की कहानी नहीं, बल्कि व्यवस्था पर गंभीर सवाल है। दीपक गुप्ता की गुलजारबाग में किराना की दुकान है। सरकार द्वारा सुबह 7 बजे से रात 10 बजे तक ट्रकों की नो-एंट्री लागू होने के कारण व्यापारियों को रात में ही ट्रकों से माल उतारना पड़ता है। आरोप है कि इस क्षेत्र में ट्रक से माल खाली कराने के लिए संबंधित थाना और टीओपी के नाम पर अवैध रकम की मांग की जाती है। दीपक गुप्ता का कथित "कसूर" सिर्फ इतना था कि उन्होंने रिश्वत देने से इनकार कर दिया। इसके बाद उन्हें और ट्रक चालक को कथित रूप से अपमान, गाली-गलौज और प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। अगर ईमानदार व्यापारियों के साथ ऐसा ही व्यवहार होता रहा, तो लोगों का व्यवस्था से विश्वास उठना स्वाभाविक है। समाज में आक्रोश बढ़ेगा और लोग सिस्टम के खिलाफ खड़े होने को मजबूर होंगे। यह मामला केवल एक व्यापारी का नहीं, बल्कि उन हजारों छोटे कारोबारियों की आवाज है जो रोज़ व्यवस्था की खामियों और कथित भ्रष्टाचार से जूझ रहे हैं। अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन इन आरोपों की निष्पक्ष जांच करेगा और दोषियों पर कार्रवाई होगी, या फिर आम व्यापारी यूँ ही शोषण का शिकार होता रहेगा? व्यापारियों का सम्मान, सुरक्षा और भ्रष्टाचार-मुक्त व्यवस्था हर लोकतंत्र की आवश्यकता है। मुझे लगता है व्यापारियों का एनकाउंटर कर दीजिए पुलिस सवाल करने की हिम्मत कैसे कर रहा है

Ranjan Singh

17,303 просмотров • 1 месяц назад

प्रिय ध्रुव राठी जी, Dhruv Rathee आज का आपका ट्वीट देखा। आपने एकबार फिर से EVM पर संदेह के बादल खड़े किए हैं। पिछले कई साल से EVM पर होने वाले चर्चा में एक पत्रकार के तौर पर मैं प्रत्यक्षदर्शी रहा हूँ। अपने 31 साल के करियर में मैंने बुलेट से बैलेट के चुनाव देखे हैं। उसके बाद भारत की चुनाव व्यवस्था को EVM के ज़रिए सुधरते हुए भी देखा है। क्यों न एक बार खुल कर बहस हो जाये। या तो आप साबित कर दो कि EVM हैक की जा सकती है या मैं ये साबित कर दूँ कि EVM हैक नहीं हो सकती है। प्रजातंत्र में बहस जरूरी है। उम्मीद करता हूँ कि भारत में जगह और समय आप ख़ुद तय कर लेंगे। एकबार खुलकर बात हो जाए। क्यों बेचारे EVM पर बार-बार लांछन लगाना। सब आमने-सामने बैठकर साफ़ हो जाये तो बेहतर रहेगा।भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और लोकतंत्र में संवाद सबसे ज़्यादा ज़रूरी है। Election Commission of India Congress BJP #EVM #Loksabhaelactions2024

Deepak Chaurasia

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