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“Umar Khalid has the right to speedy trial…. Bail should be the Rule” : DY Chandrachud … तो यह बात क्यों नहीं बोली जब आप पॉवर मेंन थे , तब बेल क्यों नहीं दी ?

10,639 views • 7 months ago •via X (Twitter)

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मैं आमतौर पर सेलिब्रिटीज़ को निशाना बनाने से परहेज़ करती हूँ क्योंकि वे आसान आलोचना का शिकार हो जाते हैं, और सवाल तो सत्ता से किया जाना चाहिए जिससे कि जवाबदेही सुनिश्चित हो लेकिन जब यह सेलिब्रिटीज़ RSS जैसी एक ऐसी संस्था की तारीफ़ों के पुल बाँधने लगते हैं जो मेरे देश में नफ़रत फैलाती, लोगों को बाँटती है, तो कुछ ज्वलंत मुद्दों पर उनकी चुप्पी पर भी ज़रूर सवाल उठते हैं • जब लोगों की लिंचिंग सिर्फ़ उनकी शक्ल या उनके खाने की वजह से होती है, तो आप चुप क्यों रहते हैं? • जब लड़कियों के साथ बलात्कार होता है और अपराधियों को सत्ता का संरक्षण मिलता है, तो आप एक भी शब्द क्यों नहीं बोलते? • जब सर्वोच्च पदों पर बैठे लोग हिंसा और नफ़रत को बढ़ावा देते हैं, तो आप चुप क्यों रहते हैं? • जब किसानों को कुचला जाता है, तो आप बोलते क्यों नहीं? • जब मणिपुर हिंसा की आग में जलता है और महिलाओं के साथ बर्बरता होती है तो आप चुप क्यों हैं? • जब बिलकिस बानो केस के दोषियों को माला पहनाकर सम्मानित किया जाता है और जश्न मनाया जाता है, तो आप ख़ामोश क्यों रहते हैं? • आसमान छूती महँगाई और पेट्रोल की कीमतों पर आपके वे भद्दे मज़ाक कहाँ चले गए? • रुपए लगातार गिर रहा है और आपको कोई भी फ़िक्र क्यों नहीं है? • इस देश में गंदे पानी से होने वाली मौतों पर आप बोलते क्यों नहीं? • जानलेवा प्रदूषण से आपको परेशानी नहीं होती? • खुले गड्ढों में गिरकर युवाओं की मौत हो रही है पर आपको जरा सा भी गुस्सा कैसे नहीं आता? • असल में तो जब आपके अपने किसी साथी को बदनाम किया जाता है, तब भी आप कभी बोलने की हिम्मत क्यों नहीं करते? अगर आप ज़रूरी ज्वलंत मुद्दों पर बोल नहीं सकते - तो कम से कम उन लोगों का महिमामंडन तो मत कीजिए जो नफ़रत फैलाते हैं और उससे फ़ायदा उठाते हैं अन्याय के सामने खामोश रहना एक choice है, लेकिन नफ़रत को बढ़ावा देना choice कतई नहीं है

Supriya Shrinate

69,473 views • 6 months ago

#WATCH हैदराबाद, तेलंगाना: AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, "...जब स्कूल के बच्चे मारे गए थे, तब आपने उनके बारे में नहीं सोचा। लेकिन अब जब आपके देश में गैस की कमी है, तो आप कह रहे हैं कि गैस सप्लाई होनी चाहिए और जंग खत्म होनी चाहिए...BJP-RSS वाले बड़े-बड़े दावे करते हैं...लेकिन हमारे पास सिर्फ 9.5 दिन का SPR, स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व है...अगर आप OMCs (ऑयल मार्केटिंग कंपनीज़) को मिला दें, तो यह 74 दिन होता है। इस पर बोलिए। लेकिन आप नहीं बोलेंगे। आप जाकर कोई मूवी देखेंगे। मूवी देखने के बाद, उन्होंने देखने वालों से वादा करवाया कि वे मुसलमानों से कोई खरीदारी नहीं करेंगे। तो फिर आप तेल क्यों खरीद रहे हैं? आप गैस क्यों खरीद रहे हैं?..."

ANI_HindiNews

21,253 views • 5 months ago

कराची में एक लड़की जो गांव से आकर कराची में रहती थी उसने अपने फ्लैट में अपने एक बॉयफ्रेंड को बुलाया फिर अगल-बगल के लोगों को शक हुआ उन्होंने जब घर का दरवाजा खोला तब दोनों मजे से बिरयानी खा रहे थे पूछने पर लड़की पहले तो बोली कि यह मेरा भाई है बाद में जब माता-पिता से फोन पर बात हुआ था पता चला कि वह लड़की का भाई नहीं है लेकिन लोगों को और कराची की पुलिस को इस बात पर आपत्ति नहीं था की लड़की ने अपने बॉयफ्रेंड को अपने फ्लैट में बुलाया है बल्कि आपत्ति इस बात से था कि दोनों मुसलमान होते हुए रोज में बिरयानी क्यों खा रहे हैं और देखिए सबसे ज्यादा सवाल इसी बात पर किया जा रहा है कि तुम लोग बिरयानी क्यों खा रहे थे😂😂😂😂😂

🇮🇳Jitendra pratap singh🇮🇳

78,408 views • 5 months ago

आज शायद TV पर विपक्षी सांसदों के प्रदर्शन और उनकी गिरफ़्तारी के बाद आप सोच रहे होंगे - यह सब क्यों हो रहा है? यह सारे सांसद चुनाव आयोग क्यों जाना चाहते थे? इनके रास्ते में इतनी बैरिकेडिंग क्यों? इनके साथ पुलिस की इतनी ज़ोर ज़बरदस्ती क्यों? आख़िर विपक्ष क्या माँग रहा है? तो चेत जाइए, क्योंकि यह विपक्ष की बात नहीं है. यह राहुल गांधी बनाम नरेंद्र मोदी की लड़ाई नहीं है. यह कांग्रेस बनाम BJP नहीं है. यह सत्ता और विपक्ष के बीच का भी मसला नहीं है. यह आपके वजूद का सवाल है. और अब आपके पास कोई चारा नहीं है. आप चुप नहीं रह सकते हैं. क्योंकि आपका वह अधिकार, जो लोकतंत्र में आपको सबसे ज़्यादा ताक़त देता है - वोट का अधिकार - छीना जा रहा है. • "एक व्यक्ति, एक वोट" हमारे संविधान की नींव है • एक साफ़ सुथरी वोटर लिस्ट स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की नींव है • एक ऐसी मतदाता सूची जिसमें कोई डुप्लिकेट नाम, नकली पते या फर्जी डिटेल ना हों - हर भारतीय का हक है • चुनाव आयोग से हमारी मांग है: डिजिटल वोटर लिस्ट उपलब्ध कराई जाए जिसका सार्वजनिक ऑडिट हो सके • यह अभियान BJP, मोदी या राहुल गांधी के बारे में नहीं है - यह इस देश की आत्मा, हमारे लोकतंत्र के लिए है आप मूकदर्शक नहीं बने रह सकते. अगर हमारे चुनाव निष्पक्ष नहीं होंगे तो हमारे लोकतंत्र का कुछ भी नहीं बचेगा

Supriya Shrinate

83,523 views • 1 year ago

अगर आजम खान ने बच्चों को पढ़ने के लिए यूनिवर्सिटी बनाई थी तो फिर उस यूनिवर्सिटी में दो-दो मस्जिद वह भी विशाल मस्जिद क्यों बनाई गई ?? क्यों पूरे यूनिवर्सिटी में सिर्फ इस्लामी प्रतीकों जगह दी गई ?? क्यों सरकारी खर्चे से एक कैबिनेट मंत्री ने अपनी निजी यूनिवर्सिटी बनाया जिसका मालिक वह खुद था ?? क्यों नहीं यहां पर आरक्षण के नियमों का पालन करके दलित ओबीसी और आदिवासी छात्रों और को प्रवेश दिया गया और उन्हें नौकरी दी गई ?? जब यह पूरी यूनिवर्सिटी सरकारी खर्चे से सरकारी जमीन पर बनाई गई तब यहां दो-दो मस्जिद क्यों बनी ? क्यों नहीं यहां गुरुद्वारा मंदिर चर्च और जैन देरासर भी बनाए गए ?? अखिलेश यादव एक तरफ तुम शिक्षा के निजीकरण का विरोध करते हो दूसरी तरफ जब सत्ता में रहते हो तब अपने पार्टी के मंत्रियों को शिक्षा का निजीकरण करने देते हो ? शर्म आनी चाहिए आपको यह यूनिवर्सिटी बनाने में सरकारी पैसे का उपयोग हुआ तब यह यूनिवर्सिटी सरकारी होनी चाहिए थी निजी नहीं क्यों इस यूनिवर्सिटी के सभी बिल्डिंग को पीडब्ल्यूडी ने सरकारी खर्चे से बनाया?? क्यों इस यूनिवर्सिटी के अंदर के सड़कों को पीडब्ल्यूडी ने सरकारी खर्चे से बनाया ? क्यों इस यूनिवर्सिटी के अंदर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट उत्तर प्रदेश सरकार ने सरकारी फंड से लगाए?? क्यों यहां के सारे बिल्डिंग को बनाने के लिए किसी भी सरकारी नियम का पालन नही किया गया?? यह यूनिवर्सिटी नहीं है यह अलफलाह मेडिकल यूनिवर्सिटी की तरह जिहाद का अड्डा आजम खान ने बनवाया था वरना अगर यह यूनिवर्सिटी होती तब यहां सभी धर्म का सम्मान होता शिक्षा के मंदिर में मस्जिदों का क्या काम???

🇮🇳Jitendra pratap singh🇮🇳

63,370 views • 1 month ago