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Video credit - KaviGram
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Комментарии: 9

चाय गलियारा2 лет назад
जब भी गोपाल दास जी नीरज किए पंक्तियां पढ़ता हूं हर कर भी जीत उठने की एक लालसा मन में उठ जाती है

Pawan Sharma2 лет назад
गोपालदास जी के काव्य पाठन में कुछ कुछ मन्ना डे जी की झलक दिख रही है, मधुशाला भी कुछ ऐसे ही मन्ना डे जी ने गाई थी बस म्यूजिक का अन्तर था।

Tushar Patel2 лет назад
धन्यवाद । क्या खूब लिखा है, इनके शब्द में वो ताकत है के हारे हुए को होंसला दे दे, जीने की ढाढस दे ऐसा व्यक्ति भले ही अपने बीच न हो ऐसा कवि नही मरा करता है

n d2 лет назад
Wah sunne me to aur arth purn lag raha hai..

Vikas2 лет назад
🙏💐

🦚 ⚖︵बसन्त꧁✬◦°⋆⋆°◦. 𝒜𝒹𝓋_ℬ𝒶𝓈𝒶𝓃𝓉_𝒥 ◦ 🇮🇳2 лет назад
@News18India @KishoreAjwani को सबक है ऐसे वैसे कैसे कैसे लोगों से कविता पाठ के नाम पर " कवि " को बदनाम करते है सुर है ना ताल है याद है ना वाद है

Vishwashanti2 лет назад
Wah....! Kya, Asliyat uzagar kiya gya hai...

Shriprakash Singh2 лет назад
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Ashutosh Jha 'Srijan' CDCS1 год назад
❤️
