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WAHYAA WAAAHYAAAAAAA

18,639 görüntüleme • 2 yıl önce •via X (Twitter)

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MOHAMED CHOUKI2 yıl önce

DELUXE khliha tl 14-06 mor LWATANE

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تويتا هانم2 yıl önce

هل هذا دين جديد؟

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EGTTT2 yıl önce

⌛️⌛️ kantmennaaaw reedition f juin

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human55552 yıl önce

drop

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DEXTER.🪶2 yıl önce

toto wld l9f khatiiiir😎

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Makaveli2 yıl önce

Weld mol saka

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OUSSAMA2 yıl önce

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Nbalsi Amine2 yıl önce

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Bach nsedo had l’film
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Bach nsedo had l’film

ELGRANDETOTO

42,056 görüntüleme • 2 ay önce

अभी हाल ही में दिल्ली में 20 वर्ष की लड़की के साथ बलात्कार हुआ है जो कि यह बहुत ही हृदय विदारक घटना है, कुछ साल पहले भी ऐसे ही घटना हुई थी बस में उनको फांसी दी गई थी निर्भया रेप कांड सभी को याद होगी। मैं इसलिए यहां की व्यवस्थाओं से रिलेटेड वीडियो शेयर कर रही हूं इससे वहां की बदहाली पता चलती है की दिल्ली के बसों में कितनी तकलीफ होती है महिलाओं को महिलाओं के प्रति कोई भी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई है वह राम भरोंसे चल रही है जिसने भी इस 16 वर्ष की लड़की के साथ गलत किया है मैं तो कहती हूं सीधा चौराहे पर फांसी होनी चाहिए ताकि लोगों को पता चल सके ऐसा काम करने की सजा सीधा मौत है, या फिर चौराहे पर खड़ा करके कम से कम डेढ़ सौ बुलेट उसके अंदर डाल देनी चाहिए। तभी कुछ दलिद्र लोगों की रूह कपेगी।

PIHU...❤️

1,288,051 görüntüleme • 6 gün önce

यह एक बेहद दुर्लभ और डरावना वीडियो है.तिब्बत के इसी जिझांग ग्लेशियल लेक के फटने से नेपाल में भीषण बाढ़ आई... Nyalam काउंटी में स्थित जिझांग ग्लेशियल लेक के मोराइन डैम के अचानक टूटने और भीषण जलप्रलय की यह घटना कैमरे में कैद हो गई. चीन ने भारत और नेपाल से सटे तिब्बत बॉर्डर और ऊंचे पर्वतीय इलाकों में रिमोट सेंसिंग स्टेशन,ऑटोमेटेड ड्रोन आदि तक इक के साथ काफी हाई-टेक निगरानी नेटवर्क बनाया हुआ है. झील के पास लगे सेंसर जो जलस्तर बढ़ते ही कंट्रोल रूम और ड्रोन सिस्टम को अलर्ट भेज देते हैं. चीन का Tibet Autonomous Region Authorities और स्थानीय वैज्ञानिक टीम इन झीलों पर लगातार नजर रखती है. वे समय-समय पर ऑटोमेटेड ड्रोन उड़ाकर या झीलों के पास स्थापित कैमरोंऔर ड्रोन स्टेशन से झील का जलस्तर, दरारें और ग्लेशियर पिघलने की स्थिति रिकॉर्ड करते हैं. चीन की एजेंसियों और वैज्ञानिक शोधकर्ताओं को इस बात की खबर पहले से थी कि यह झील High Risk और खतरनाक स्थिति में है. लेकिन चीन की तरफ से नेपाल को Real-time warning बहुत देरी से मिली जिसकी वजह से निचले इलाकों में भारी तबाही हुई. हालांकि दोनों देशों के बीच आपदा डेटा साझा करने के समझौते हैं,लेकिन नेपाली अधिकारियों का कहना है कि झील टूटने के दौरान तुरंत सटीक जानकारी या वॉटर-लेवल अलर्ट नहीं भेजा गया. हालांकि International Centre for Integrated Mountain Development ने पहले से चेतावनी दी गई थी कि यह झील कभी भी फट सकती है. लेकिन इस तरह की "सामान्य चेतावनी" और बाढ़ आने के 1-2 घंटे पहले मिलने वाले "लाइव अर्ली वार्निंग" में फर्क होता है, जो नेपाल को समय पर नहीं मिल सका. पूर्व सूचना के अभाव में नेपाल के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने का मौका नहीं मिला. #nepalflood

Rana Yashwant

316,249 görüntüleme • 11 gün önce

कलैक्ट्रेट में अवैध मस्जिद की कहानी- 2025 में इस मस्जिद को अवैध बताते हुए बजरंग दल के प्रांत संयोजक विकास त्यागी ने सिटी मजिस्ट्रेट की कोर्ट में याचिका दाखिल की थी. सुनवाई के बाद 16 जुलाई 2026 को सिटी मजिस्ट्रेट ने मस्जिद को अवैध माना और अपने फैसले में इसके ध्वस्तीकरण का आदेश किया. 20 जुलाई 2026 को कांग्रेस के सहारनपुर सांसद इमरान मसूद ने एक प्रेसवार्ता की और बताया- "यह गाटा संख्या- 539 में बनी मस्जिद वालिद खां और याकूब खां के नाम पर है. यह जमीन उन्हीं ने कलैक्ट्रेट, कोषागार और तहसील बनाने के लिए डोनेट की थी. सन्-1911 का बिजली का बिल भी कोर्ट में जमा किया है वह भी पोर्टल से निकालकर. इसी जमीन में एक मंदिर भी बनाया गया है. आप पहले मस्जिद तोड़ोगे और फिर मंदिर. आखिर मंदिर-मस्जिद क्यों तोड़ना चाहते हो" इमरान ने कहा था कि कानूनी पक्ष बहुत मजबूत है इसी खसरे में मंदिर भी बना हुआ है. जो कार्रवाई मस्जिद पर होगी, उसे करने की मजबूरी मंदिर के लिए भी हो जायेगी. मस्जिद की इंतजामिया कमेटी सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश के खिलाफ जिला जज की कोर्ट में अपील के लिए गयी. करीब डेढ़ महीने सुनवाई के बाद जिला जज ने सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को बहाल रखते हुए इस मामले में दखल देने से इंकार कर दिया. जिला जज के आदेश के 7 दिन बाद मस्जिद का ध्वस्तीकरण शुरू किया गया है. कलैक्ट्रेट में बनी इस मस्जिद के ध्वस्तीकरण के लिए 4 बुलडोजर सुबह से ही लगातार काम में जुटे है. कलैक्ट्रेट के चारों ओर पुलिस और RAF की टीमें तैनात है. इलाके के पुलिस अधिकारियों के अलावा डीएम, एसएसपी और DIG मौके पर मौजूद है. इमरान मसूद समेत सभी मुस्लिम नेता हाउस अरेस्ट किये गये है.

Narendra Pratap

258,247 görüntüleme • 2 gün önce