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#WATCH | On Election Commission's decision to extend Haryana assembly election date from October 1 to October 5, Former Haryana Dy CM and JJP leader Dushyant Chautala says, "We welcome this. This clearly shows that the BJP is adopting all these tactics to avoid its defeat. Changing the date... show more
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Agar BJP haar rhi to 4 din avoid kr ke bhi kya kr lega bhai?

चंन्द्रशेखर आजाद की आक्रामकता,युवा पर पकड़ और दुष्यंत चौटाला की समझ व दिग्विजय का मिलनसार स्वभाव खिला सकता है हरियाणा में नया गुल। कांग्रेस का मतलब भूपेंद्र सिंह हुड्डा ही कांग्रेस को हराने में बड़ी भूमिका निभाऐगा। चंद्रशेखर के क्रेज से इनेलो का भविष्य हुआ अंधकारमय। भाजपा के नायब सैणी जी कहीं चरणजीत चणी बनकर ना रह जाए। हरियाणा विधानसभा चुनाव को लेकर प्रदेश की राजनीति में पहले ही उबाल आ चुका है। भाजपा के पिछले 10 साल के कार्यकाल को लेकर आज हरियाणा के गांव गांव गली गली में चर्चा की जा सकती है। भारतीय जनता पार्टी के अनसुलझे व नासमझी वाले फैसलों से इस बार सत्ता पाना आसान नहीं है। अभी तक भाजपा मुख्यमंत्री चेहरा बदलकर भी विश्वास नहीं बना पा रही हैं। उपर से भाजपा का अनुसूचित जाति समाज के वर्गीकरण में बोलना अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारने जैसा साबित होगा।। वहीं कांग्रेस पार्टी का माहौल सिर्फ इस बात निर्भर रहेगा की उसे जाट समाज से और चमार और मुस्लिम के साथ बीसी समाज से कितना स्पोर्ट मिलता है क्योंकि लोकसभा चुनाव में खासकर दलित वोटर में चमार समाज,जाट व मुस्लिम ने कांग्रेस को एकतरफा वोट किया था। लेकिन जिस तरह से आज भी हरियाणा में कांग्रेस का मतलब भूपेंद्र सिंह हुड्डा बताया जा रहा है वह कांग्रेस के लिए खतरे की घंटी बन सकती है। क्यों कि कुमारी शैलजा भी इस बार बड़ी पारी खेलने के चक्कर में हैं। तीसरा दल है इनेलो और बसपा का गठबंधन। यह पहला ऐसा गठबंधन देखने को मिला है जो चुनाव शुरू होने से पहले ही हार मान चुका है। जहां दलित वोटर में मायावती अपना रूतबा खो चुकी है वहीं इनेलो बसपा का सहारा लेकर आगे बढ़ने की सोच रही थी। लेकिन दोनों दलों के नेता एक मंच पर मिले लेकिन दिल शायद अभी तक नहीं मिले।और ना ही आगे कुछ खास करने की आशा कि जा सकती है। अब बात करते हैं आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) की इसके बड़े चेहरे एडवोकेट चन्द्रशेखर आजाद अपनी आक्रामकता के कारण चर्चा में रहते हैं। उपर से नगीना सांसद बनकर उन्होंने यूपी के योगी, अखिलेश व मायावती जी को सोचने पर मजबूर कर दिया है। आज चंदशेखर आजाद जब संसद में बोलते हैं तो दलितों को उनमें अपना भविष्य नजर आता है। चंन्द्रशेखर दलित युवा वोटर में खास चेहरा बन चुके हैं। अब दलित वोटर गांव देहात में बसपा की नहीं बल्कि आजाद समाज पार्टी की बात करते नजर आते हैं। हरियाणा में दुष्यंत चौटाला से गठबंधन करके आजाद समाज पार्टी कांशीराम दमदार दस्तक देंगी इसमें कोई संदेह नहीं होना चाहिए। उपर से पूर्व उपमुख्यमंत्री रहे दुष्यंत चौटाला की प्रशासनिक पकड़ व उनके छोटे भाई दिग्विजय सिंह चौटाला की मिलने की स्टाईल से लोग प्रभावित है। हां आज दुष्यंत चौटाला के विरोध में कुछ लोग देखे जा सकते हैं लेकिन निकट भविष्य में जब चन्द्र शेखर आजाद, दुष्यंत, दिग्विजय निकलेंगे तो माहौल बदला बदला नजर आएगा। अब रही हरियाणा के चुनाव के रिजल्ट की बात तो वह अभी दूर की बात है लेकिन एक बात साफ साफ़ कहती जा सकती है कि इस बार हरियाणा में बड़ा फेरबदल होकर रहेगा। चंन्द्रशेखर आजाद के आने से हरियाणा में गठबंधन के मायने बड़े होंगे जिस से सबसे बड़ा नुक्सान भाजपा और कांग्रेस को होना लाजमी है।।। @Dchautala @BhimArmyChief

5साल भाजपा के साथ मलाई खाने वाला नेता आज ज्ञान दे रहा है। गजब है नेता जी

तेरे पल्ले तो आणा नां कुछ, लोकसभा की ढाल सारी सीटों पर जमानत जब्त होणी थी, ईब 20 जमानत जब्त ऊपी के रावण के पल्ले मढ़ दिए - खौपर

जय हो युवा जननायक

Bsdk lawda Mera

जननायक जनता पार्टी जिंदाबाद

B team

Is baar jjp 90 paar
