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#WATCH | दिल्ली: कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के परिवार पर ज़मीन से जुड़े आरोप पर कहा, "...मैंने कल रात जीतू पटवारी से बात की और मैंने कहा कि यह सिर्फ स्थानीय मामला नहीं है, न ही यह सिर्फ राष्ट्रीय मामला है, बल्कि...

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#WATCH | भोपाल, मध्य प्रदेश | मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के परिवार पर ज़मीन से जुड़े आरोप पर कहा, "...हमारे प्रदेश अध्यक्ष ने भी स्पष्ट कर दिया था और हम भी कर रहे हैं कि मुख्यमंत्री के ऊपर जो आरोप लगाए जा रहे हैं, चुनाव के समय मुख्यमंत्री द्वारा जो शपथपत्र दिया गया था, उसमें उनके मुख्यमंत्री बनने से पहले की संपत्ति को लेकर जानकारी दी गई है। उस जानकारी में कुछ बदलाव नहीं हुआ है... पिछड़े वर्ग के मुख्यमंत्री की छवि को खराब करने का काम कांग्रेस कर रही है। कांग्रेस को मध्य प्रदेश का विकास रास नहीं आ रहा है और कांग्रेस के आरोप तथ्यहीन हैं।"

ANI_HindiNews

13,625 görüntüleme • 3 ay önce

धर्मनगरी उज्जैन को मुख्यमंत्री ने जमीन के गोरखधंधे का हिस्सा बना दिया है। मोहन यादव जी, देश को बताइए 👇 ⦿ क्या ये सही है कि आपके मुख्यमंत्री बनने के बाद आपके परिवार और उनसे जुड़ी कंपनियों ने 137 प्लॉट खरीदकर 168 एकड़ जमीन अर्जित की? ⦿ लगभग 111 एकड़ जमीनें ऐसी जगहों पर खरीदी गई, जो परियोजनाओं से प्रभावित क्षेत्र हैं- क्या ये महज संयोग है? ⦿ क्या सरकार उन सारी परियोजनाओं के भूमि उपयोग परिवर्तन की सूची सार्वजनिक करेगी, जहां आपके परिवार ने जमीनें खरीदी? ⦿ क्या आप ये घोषणा करेंगे कि इस भूमि सौदे के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज द्वारा न्याययिक जांच हो? : मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष Jitendra (Jitu) Patwari जी 📍 मध्य प्रदेश

Congress

41,041 görüntüleme • 3 ay önce

जब से उज्जैन का जमीन घोटाला सामने आया है, तब से मुख्यमंत्री मोहन यादव मौन हो गए हैं। मोहन यादव ने 2017 को श्री सिद्धिविनायक डेवकॉन्स के निदेशक पद से इस्तीफा दिया, लेकिन उसके बाद कंपनी के शेयर उनके बेटे वैभव यादव को ट्रांसफर हो गए। यानी- दुकान वही, दुकानदार नया • मोहन यादव के मुख्यमंत्री बनने से पहले उनके परिवार के पास 2021 से पहले 82 एकड़ जमीन थी। 2021-23 के बीच जब कैबिनेट मंत्री बने तो जमीन 85 एकड़ हो गई और 2024-25 में यही जमीन 168 एकड़ हो गई • जहां तक बात मोहन यादव की बहू के नाम जमीन खरीदने की है, तो जून से जुलाई 2025 के बीच में 12 प्लाट खरीदे गए। 10.5 एकड़ गंगेड़ी में खरीदी गई, क्योंकि वहां से इंदौर-उज्जैन और इंदौर-वडनगर के बीच रोड बनाने की प्लानिंग थी • वैभव यादव की कंपनी श्री सिद्धिविनायक डेवकॉन्स ने 12 एकड़ जमीन मोहन यादव के चचेरे भाई नीलेश यादव को बेची थी। इन्हीं नीलेश यादव के बारे में मैंने विधानसभा में सवाल भी पूछा था, लेकिन इस मामले में कुछ नहीं हुआ BJP नेता और मंत्री राकेश सिंह इस मामले में जांच की बात कर रहे हैं, लेकिन 3 दिन बीत जाने के बाद भी आजतक जांच के आदेश नहीं दिए गए : मध्य प्रदेश के CLP नेता Umang Singhar जी

Congress

82,526 görüntüleme • 3 ay önce

हमारे सवाल: • क्या मुख्यमंत्री कार्यालय ने कभी यह सुनिश्चित किया कि जिन क्षेत्रों में परिवार की भूमि है, वहां से जुड़े सरकारी निर्णयों से मुख्यमंत्री खुद को अलग रखें? • क्या किसी कैबिनेट बैठक, विभागीय बैठक, मास्टरप्लान की प्रक्रिया में मुख्यमंत्री ने अपने परिवार के निजी लाभ को लेकर मंत्रिमंडल से चर्चा की? • यदि किसी मंत्री के परिवार द्वारा सरकारी परियोजनाओं का लाभ मिलने वाले क्षेत्र पर बड़े पैमाने पर निवेश किया जाए, तो क्या सरकार का ख़ुफ़िया तंत्र इस पर नजर रखता है? • क्या मध्य प्रदेश में ख़ुफ़िया तंत्र की आंखों में पट्टी बांध दी गई है? • रिपोर्ट्स में मुख्यमंत्री की पत्नी, पुत्रवधु, अन्य रिश्तेदार समेत 4 रियल स्टेट कंपनियों का जिक्र है, तो क्या सरकार सभी कम्पनियों के विवरण साझा करेगी? • क्या ये सही है कि मुख्यमंत्री की पत्नी की हिस्सेदारी वाली कंपनियों से परिवार के अन्य सदस्यों में भूमि हस्तांतरण हुआ है? • क्या मुख्यमंत्री परिवार की सभी कंपनियों के हिस्सेदार फॉरेंसिक ऑडिट कराने को तैयार हैं? • दावा है कि भूमि खरीदी के कुछ समय बाद ही हाउसिंग प्रोजेक्ट, बिल्डर एग्रीमेंट शुरू हो गए, तो क्या पहले से ही नियोजित व्यवसाय रणनीति का हिस्सा था? • क्या ये सही है कि कुछ परियोजनाओं में भूमि मालिकों की विकसित संपत्ति का हिस्सा 60% से 70% तक है? • क्या प्रोजेक्ट में अनुमानित आर्थिक लाभ सरकार सार्वजनिक करेगी? • मुख्यमंत्री बताएं कि पहले सड़क तय हुई या पहले जमीन खरीदी गई? • क्या उज्जैन के सामान्य नागरिक या किसान को इस बारे में जानकारी थी, जिसके आधार पर इतनी बड़ी मात्रा में जमीन में निवेश हुआ? • 'ना खाऊंगा, न खाने दूंगा' का नारा देने वाले नरेंद्र मोदी क्या इस मामले की जांच कराएंगे? • क्या मुख्यमंत्री यह घोषणा करेंगे कि उनके परिवार की 2023 की भूमि खरीदी की जांच सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज से जांच कराई जाए? • मध्य प्रदेश की जनता सिर्फ यह जानना चाहती है कि क्या विकास योजनाएं पहले बनीं, फिर जमीन खरीदी गई या फिर पहले जमीन खरीदी गईं और फिर विकास योजनाएं बनाईं गईं? : MP Congress अध्यक्ष Jitendra (Jitu) Patwari जी 📍 मध्य प्रदेश

Congress

32,783 görüntüleme • 3 ay önce

#WATCH लखनऊ: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के परिवार पर ज़मीन से जुड़े आरोप पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा, "मोहन यादव को बदनाम करने के लिए भाजपा ने साजिश की है। अगर मोहन यादव पर ये आरोप है तो उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने तो 300-600 एकड़ जमीन ली है। ये कोई नई बात नहीं है। वे पहले रियल स्टेट का काम करते थे। क्या भाजपा ये नहीं जानती? ये आरोप इसलिए लग रहा है कि भाजपा रास्ता ढूंढ रही है कि 3 मुख्यमंत्री कैसे बदलें। वे मुख्यमंत्री बदलना चाहते हैं इसलिए आरोप लगवा रहे हैं... इन्हें मध्य-प्रदेश, राजस्थान के मुख्यमंत्री को हटाना है। इन दो को इसलिए हटा रहे हैं कि उन्हें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को हटाना है। ये हटाने की साजिश चल रही है...उत्तर प्रदेश की जनता जानती है कि इस बार साइकिल इतनी तेज चलेगी कि अपने आप मुख्यमंत्री हट जाएंगे।"

ANI_HindiNews

268,774 görüntüleme • 3 ay önce

कुल भूमि स्वामित्व रिपोर्ट के मुताबिक, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के परिवार और रिश्तेदारों के पास 245 प्लॉट में 335 एकड़ जमीन है। • नीलेश यादव: 108 एकड़ • गोविंद यादव: 47 एकड़ • मोहन यादव: 17 एकड़ • सीमा यादव: 11 एकड़ • वैभव यादव: 17 एकड़ • शालिनी यादव: 10 एकड़ • नारायण यादव: 19 एकड़ • नंदलाल यादव: 17 एकड़ • कलावती: 17 एकड़ • अभय यादव: 16 एकड़ • रेखा यादव: 6 एकड़ • इस मामले में 4 रियल स्टेट कंपनियों का जिक्र हुआ है और इनमें बहुमत हिस्सेदारी सीमा यादव और मोहन यादव की है • मोहन यादव की पत्नी सीमा यादव और पुत्र वैभव से 25 एकड़ जमीन जुड़ी है। वहीं, मोहन यादव की बहन कलावती की भाभी सुनीता से 47 एकड़ जमीन जुड़ी हुई है • तीन अलग-अलग कंपनियों में परिवार के करीबी रिश्तेदारों की बड़ी हिस्सेदारी है • मोहन यादव के मंत्री रहने और फिर मुख्यमंत्री बनने के दौरान कई सारे रोड प्रोजेक्ट्स इन जमीनों के आसपास से निकले : MP Congress अध्यक्ष Jitendra (Jitu) Patwari जी

Congress

238,363 görüntüleme • 3 ay önce

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में धार्मिक नगरी उज्जैन में मुख्यमंत्री मोहन यादव के रिश्तेदारों और परिवार के सदस्यों द्वारा बड़ी मात्रा में जमीन खरीदने का बड़ा खुलासा किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि उज्जैन मास्टर प्लान और सिंहस्थ मेला 2028 को लेकर प्रस्तावित इंफ्रास्ट्रक्चर, खासकर सड़कों के आसपास, मुख्यमंत्री के परिवार के सदस्यों द्वारा बड़ी मात्रा में जमीन खरीदी गई। मास्टर प्लान के तहत कृषि भूमि को व्यावसायिक या आवासीय भूमि में बदला जा रहा है। खुलासा यह है कि मास्टर प्लान के सार्वजनिक होने से पहले ही परिवार ने उन स्थानों पर जमीन खरीदी, जिन्हें आगे चलकर व्यावसायिक या आवासीय उपयोग के लिए परिवर्तित किया जाना था। रिपोर्ट बहुत विस्तार से इस पूरे मामले की पड़ताल करती है। रिपोर्ट को देखकर या सुनकर आसानी से इस निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकता है कि यह सब महज संयोग नहीं है। उज्जैन को विकसित करने के मास्टर प्लान के समानांतर मोहन यादव का परिवार भी विकसित होता दिखाई दे रहा है। देखना होगा कि इतने बड़े आरोपों के बाद भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की क्या प्रतिक्रिया होती है।

Ankit Kumar Avasthi

172,144 görüntüleme • 3 ay önce

हरिओम वाल्मीकि जी के परिवार ने बताया कि सरकार की तरफ से उन्हें धमकाया गया है। पीड़ित परिवार से कहा गया कि वो वीडियो में यह कहें कि राहुल गांधी हमारे परिवार से मुलाकात न करें। लेकिन यह महत्वपूर्ण नहीं है कि पीड़ितों का परिवार मुझसे मिलता है या नहीं, जरूरी बात यह है कि ये लोग अपराधी नहीं हैं। उन्होंने कोई गलती नहीं की है और जिन्होंने ये अपराध किया है, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। मैं हरिओम जी के परिवार से मिला और उनका दुख-दर्द सुना। हम हरिओम जी के परिवार को हर संभव मदद देने की पूरी कोशिश करेंगे। देश में जहां भी दलितों के ख़िलाफ़ अत्याचार होगा, वहां कांग्रेस पार्टी खड़ी मिलेगी और न्याय के लिए लड़ेगी। : नेता विपक्ष श्री Rahul Gandhi 📍 यूपी

Congress

60,438 görüntüleme • 11 ay önce