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36,107 views • 1 year ago •via X (Twitter)

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यूपी: रिश्वत का रंग गुलाबी होता है! ललितपुर के जग्गनाथ साहू ने आवासीय भूमि को कामर्शियल में बदलवाने के लिए अर्जी दी। अर्जी पर सही रिपोर्ट लगाने की एवज में लेखपाल दीपेश और उनके सहायक सत्यम साहू ने जगन्नाथ से 5 हज़ार की रिश्वत मांगी। किसान ने यूपी एन्टी करप्शन विंग से रिश्वतखोर लेखपाल की शिकायत की। एन्टी करप्शन टीम ने आज रिश्वतखोर लेखपाल और उसके सहयोगी को रिश्वत की रकम के साथ गिरफ्तार कर लिया। एन्टी करप्शन की टीम ने लेखपाल की उन उंगलियों को पानी में डलवाया, जिन उंगलियों से लेखपाल ने केमिकल पाउडर लगे नोटों को गिना था। पानी में उंगलियां डूबते ही पानी का रंग गुलाबी हो गया। "बताइए होता है ना रिश्वत का रंग गुलाबी"

Shahnawaz(News24)

38,955 views • 7 months ago

24 घंटे हो गए मोदी जी। मैंने आपको चैलेंज दिया है। आप कहते हो कि opposition देशद्रोही है। किसी भी स्टेज पे आप जगह चुनिए, डिबेट कीजिए मेरे साथ। देशद्रोही कौन है? विदेशी फोर्सेस का कनेक्शन किसका है? और किस प्रकार का कनेक्शन है? जल्दी से जल्दी कीजिए, डरिए मत। दोनों मिलेंगे, मीडिया होगी, देश के युवा होंगे, टेबल होगी, एक साइड आप बैठोगे, एक साइड मैं बैठूंगा। जिसको आप जज बनाना चाहते हो, बना दो। मोहन भागवत जी को बिठा दो, चलो। और फिर डिबेट करते हैं। सवाल उठेंगे फाइनेंशियल सिस्टम पर, फाइनेंशियल स्ट्रक्चर पर, US डील कैसे हुई, क्यों हुई, इतनी जल्दी क्यों हुई, सिर्फ आपने क्यों की, कैबिनेट को क्यों नहीं बताया, अडानी का केस बंद क्यों हुआ, Epstein - ऐसी बहुत सारी चीजें हैं जिसपे खुलकर डिस्कशन होगा। आ जाइए, डरिए मत। दूध का दूध, पानी का पानी कीजिए। आप एलिगेशन लगाते हैं ना मेरे ऊपर, आ जाइए, सब साफ हो जाएगा। बाकी चीजों पे आपने defamation केस लगा रखा है, शायद 45 defamation केस मेरे ऊपर हैं। मगर इस डिबेट मामले पे, foreign कनेक्शन पे आप defamation नहीं लगा रहे हो। लगाइए ना, वहाँ भी डिस्कस करेंगे, खुल के। ये सब डिस्कस करते हैं, आइए। हैप्पी दिवाली, मोदी जी। It’s been 24 hours since I challenged you, Modi ji. You say the Opposition is anti-national. Choose any stage, any venue, and debate me on this - Who is anti-national? Who has connections with foreign forces? And what is the nature of those connections? Let’s do this as soon as possible. Daro mat! We’ll both be there. The media will be there. The youth of this country will be there. There will be a table. You’ll sit on one side, I’ll sit on the other. You can appoint whoever you want as the judge. You can even make Mohan Bhagwat ji the judge. There will be questions about the financial system, the financial structure, how the US deal happened, why it happened and why so quickly, why you made the deal alone and didn’t inform the Cabinet, why the Adani case was closed, Epstein - and many other issues. We’ll discuss all of them openly. Let the truth come out. Let everything be crystal clear. You make allegations against me, don’t you? Come forward. Everything will become clear. You’ve filed defamation cases against me over other matters. I think there are around 45 defamation cases against me. But on this issue of the debate, on the question of foreign connections, you haven’t filed a defamation case. Go ahead, file one. We’ll discuss that openly too. Happy Diwali, Modi ji.

Rahul Gandhi

7,408,919 views • 1 day ago

Gaurika Vashisth chasing sun
0:21

Sensitive content

Gaurika Vashisth chasing sun

🦩

51,318 views • 3 days ago

Sophie rain & Bhad Bhabie
0:42

Sensitive content

Sophie rain & Bhad Bhabie

b

3,042,855 views • 2 days ago

अगर आपको लगता है बिहार का चुनाव निष्पक्ष हुआ है और इस हार के ज़िम्मेदार राहुल गांधी हैं तो आपसे बात करना बेमानी है 👉लेकिन अगर आप उन लोगों में से हैं जो समझदार हैं और ये देखकर आपके मन में भी सवाल आता है कि BJP और उसके घटक दलों की 90% स्ट्राइक रेट असंभव है 👉अगर आप भी यह मानते हैं कि यह स्ट्राइक रेट बेरोज़गारी, महंगाई, पलायन, ध्वस्त क़ानून व्यवस्था के चलते संभव नहीं है - तो आप का संशय सही है 👉बिहार के चुनाव ने संविधान में दी चुनावी प्रणाली की धज्जियाँ उड़ा दी हैं खुलेआम BJP के नेताओं, पदाधिकारियों ने एक से ज़्यादा वोट डाले हैं ▪️अगर एक व्यक्ति एक वोट के सिद्धांत पर चुनाव नहीं होगा तो कौन सी निष्पक्षता और काहे का चुनाव? ▪️अगर बिहार चुनाव के पहले 62 लाख वोट काटे जाएँगे और फिर 20 लाख वोट जोड़े जाएँगे जिनमें से 5 लाख वोट बिना SIR फॉर्म भरे ही जुड़ गए ▪️चुनाव घोषणा के वक्‍त 6 अक्टूबर को ज्ञानेश कुमार ने बिहार में वोटरों की संख्‍या 7.42 करोड़ बताई, जो वोटिंग के बाद 11 नवंबर को बढ़कर 7.45 करोड़ कैसे हो गई? पूरे 3 लाख वोटर बढ़ गए ▪️चुनाव घोषित होने के बावजूद बिहार की BJP-JDU सरकार ने महिलाओं के खाते में ₹10,000 भेजे, और चुनाव आयोग मूक दर्शक बना रहा - जबकि यह खुलेआम वोट के लिए रिश्वत है ▪️वोटिंग के पहले चुनाव के बीचोबीच करनाल से लोगों को BJP का पटका पहनाकर ट्रेन भरकर बिहार वोट करने भेजा गया 👉और यह सब हमें इसलिए पता चला क्योंकि राहुल गांधी ने अकेले वोट चोरी और नरेंद्र मोदी-चुनाव आयोग की मिलीभगत का पर्दाफाश किया है 👉राहुल गांधी ने आरोप नहीं लगाए बल्कि सबूतों के साथ देश के सामने सारा कच्चा चिट्ठा खोल कर रख दिया 👉राहुल गांधी की बदौलत हमें डुप्लीकेट वोटर, फ़र्ज़ी पते, नक़ली तस्वीरें, एक घर में 500 वोटर जैसे फ़र्ज़ीवाड़े के बारे में पता चला 👉राहुल गांधी की बदौलत एक आदमी के एक से ज़्यादा वोट डालने वाले वीडियो शेयर हुए 👉राहुल गांधी की बदौलत बूथ पर लोगों को वोट ना डालने दिए जाने के तथ्य जनता तक पहुंचे 👉राहुल गांधी के खुलासे के बाद ही मीडिया और डिजिटल मीडिया ने ज़मीनी रिपोर्टिंग की और SIR की धांधली के तमाम उदाहरण बाहर आए • तो आज अचानक राहुल गांधी पर कौन आक्रामक है? • किस बात के लिए राहुल गांधी पर दोष मढ़ा जा रहा है? • कौन उन्हें महागठबंधन की हार का ज़िम्मेदार बता रहा है? 🔺आप भले इसका शिकार हो गए हों, लेकिन यह सोची समझी साज़िश BJP, RSS और उनके पालतू मीडिया की है 🔺किसी भी क़ीमत पर राहुल गांधी को दोष इसलिए दो जिससे कि वोट चोरी पर किया उनका खुलासा फीका पड़ जाये 🔺राहुल गांधी को ग़लत ठहराओ क्योंकि वो एक अकेला नरेंद्र मोदी की एजेंसी और उनके तंत्र से लोहा लिए हुए हैं, और किसी क़ीमत पर कोई भी समझौता करने को तैयार नहीं हैं 🔺महागठबंधन की हार के लिए राहुल गांधी को दोषी ठहराना का सिर्फ एक मकसद है - मकसद है मोदी के ख़िलाफ़ इस देश की सबसे मज़बूत आवाज़, राहुल गांधी की आवाज़ को दबाना - किसी भी तरह उन्हें discredit करना और विपक्षी खेमे में अविश्वास और संशय पैदा करना 🔺BJP ने वोट चोरी को पूरी तरह institutionalise कर दिया है. इसलिए BJP के इलेक्शन मैनेजमेंट, या विपक्ष BJP की तरह क्यों नहीं लड़ता, जैसी दलीलें बिल्कुल बेमानी हैं 👉लेकिन यह 2014 नहीं है - राहुल गांधी के ख़िलाफ़ BJP का षड्यंत्र अब सफल नहीं होगा. राहुल गांधी ने इस देश के सामने जो सच रखा है - उसका जीता जागता प्रमाण बिहार का नतीजा है - जो खुला खेल फ़र्रुख़ाबादी है - वो किसी से छिपा नहीं है 👉👉✊✊तो उठिए, आवाज़ उठाइए, यह वक्त साथ खड़े होने का है. और एक बात याद रखिएगा - BJP जो मन चाहे झूठ परोसे, भांडा ज़रूर फूटेगा. सच को छिपाना नामुमकिन है - फिर चाहे सच का एक सिपाही अकेला ही क्यों ना खड़ा हो

Supriya Shrinate

475,589 views • 11 months ago