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अखिलेश का विस्फोटक बयान: '41 हजार प्राइमरी स्कूलों में एक भी एडमिशन नहीं, गोरखपुर में हजारों टीचर कम' लखनऊ: सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने शिक्षा व्यवस्था पर BJP सरकार को घेरा। कहा- "UP के 41 हजार प्राइमरी स्कूलों में एक भी बच्चे का एडमिशन नहीं हुआ। इससे ज्यादा स्कूल...

15,243 görüntüleme • 4 ay önce •via X (Twitter)

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प्राइमरी स्कूल इस देश का प्राण हैं. अगर कोई यह कहते हुए बंद करने की सिफारिश कर रहा कि टीचर पढ़ाते नहीं, स्कूल में बच्चे नहीं आते, सरकारी खर्च बहुत ज्यादा है, तो वह गलत कह रहा। प्राइमरी स्कूलों की बदहाली की वजह से ही प्राइवेट स्कूल मोटा रहे। अगर सरकारी स्कूल पूरी तरह से बदहाल हो जाए तो प्राइवेट स्कूल मनमानी पर उतर आएंगे। फिर जो दिहाड़ी मजदूर है, चना-चूरन बेचने वाले लोग हैं वह अपने बच्चों को प्राइवेट में नहीं पढ़ा पाएंगे। फिर इनकी आबादी पूरे देश में 50% से अधिक है। आप प्राइमरी की आलोचना करते हुए अक्सर अपने गांव को देखते हैं, आपका गांव संपन्न हो सकता है, कमाई के मामले में लोग आगे आ गए हों, लेकिन सुदूर किसी एरिया में जाइए। आप देखेंगे कि पढ़ाई की स्थिति अभी भी भयावह है। लोगों के पास आज भी खाने की व्यवस्था नहीं है। पढ़ाई को लेकर जागरुकता नहीं है। सरकारी टीचर किसी भी राज्य का सबसे जरूरी एसेट्स है। सारे बौद्धिक लोग हैं। राज्य में जो भी लिखा-पढ़ी वाली चीजें होती हैं उनमें आप इन्हीं की सेवा लेते हैं। आप पुलिस या फिर किसी और सर्विस विभाग से काम नहीं ले पाएंगे। आप सरकारों का शिक्षा बजट पर खर्च पता करिएगा। आपको पता चलेगा कि यह कुल बजट का 10% भी नहीं है। मिड-डे-मील पर आज भी प्रति बच्चा 5 रुपए से ज्यादा खर्च नहीं हो रहा। जबकि आपको टीचर की सैलरी ज्यादा लगती है। आप एक चीज और देखिए, जिन स्कूलों में टीचर्स या फिर वहां के ग्राम प्रधान ने अपने से पैसा लगाया, स्कूल को सजाया, बिजली, कुर्सी-मेज, पंखे और पानी की अच्छी व्यवस्था की, वहां बच्चों की संख्या बहुत अधिक मिलेगी। जबकि यह सब व्यवस्था करने का काम शिक्षक का नहीं है। जरूरी है कि स्कूलों की बेहतरी पर काम किया जाए। कुर्सी-मेज, बिजली, पीने की व्यवस्था बेहतर करना सुनिश्चित किया जाए। इंग्लिश मीडिया में तब्दील किया जाए। स्कूल को बारातघर न बनाया जाए। ताश खेलने का अड्डा न बनाया जाए। कम से कम 4 टीचर्स की व्यवस्था की जाए। तब आप देखिए, लोग कैसे अपने बच्चों का एडमिशन करवाने के लिए लाइन लगाकर खड़े नजर आएंगे। यह वीडियो कुछ महीने पहले का है। लखनऊ के एक स्कूल का है। देखिए।

Rajesh Sahu

35,002 görüntüleme • 1 yıl önce

पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Mann के नेतृत्व में AAP सरकार की शिक्षा क्रांति ने पंजाब के सरकारी स्कूल शिक्षा ढांचे का चेहरा बदला है। शिक्षा मंत्री Harjot Singh Bains बताया कि पिछले ढाई साल में पंजाब के स्कूलों में क्या-क्या काम किए गए। - 8 हजार से ज्यादा स्कूलों में 1400 किमी लंबी बाउंड्रीवॉल बनाई गई। - करीब 10 हजार नए कमरे बनाए गए। - 1 मिलियन नए डेस्क - 1400 स्कूलों में लड़कियों के लिए शौचालय बनाए गए। - 18 हजार स्कूलों तक वाई-फाई सुविधा पहुंची। • सरकारी स्कूलों में पहली बार सुरक्षा गार्ड की नियुक्ति। • स्कूल की सफाई के लिए विशेष फंड • 202 प्रिंसिपल को ट्रेनिंग के लिए सिंगापुर भेज चुके है। • 152 हेडमास्टर आईएम अहमदाबाद से ट्रेनिंग करवाई। • 72 प्राइमरी पंजाब टीचर्स का एक ग्रुप कल फ़िनलैंड जा रहे है। 3 हफ्ते की ट्रेनिंग है। • 200 टीचर्स को ट्रेनिंग दिलवाने के लिए अगला बैच फरवरी- मार्च में भेजा जायेगा

Amit Pandey

11,936 görüntüleme • 1 yıl önce

दिन-रात सोते-जागते उठते-बैठते आपको विकसित भारत का सपना दिखाया जाता है उस विकसित भारत के लिए सबसे ज़रूरी है अच्छी शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था लेकिन फेक डिग्री वालों की सरकार में शिक्षा बदहाल है आज देश में 👇 ▪️1.19 लाख स्कूलों में बिजली नहीं है ▪️98,592 स्कूलों में लड़कियों के लिए शौचालय नहीं है ▪️61,540 स्कूलों में एक भी शौचालय नहीं है ▪️14,505 स्कूलों में पानी की व्यवस्था नहीं है ▪️1.04 लाख स्कूलों में सिर्फ एक टीचर है ▪️2015-2025: 94,000 सरकारी स्कूल बंद हो गए हैं ▪️2005 में सरकारी स्कूल में एनरोलमेंट 71% था, 2025 में घटकर 49.24% हो गया है सरकारी स्कूल की खस्ताहाल हालत की वजह से ही लोग प्राइवेट में बच्चों का नाम लिखाने को मजबूर हैं - जहां मनमानी फीस वसूली जाती है, और फीस ना देने पर बेइज़्ज़त किया जाता है खैर, शिक्षा पर चर्चा करके मोदी जी अपना वक़्त थोड़े ही बर्बाद करेंगे. चुनाव आयोग ज़ेब में है, उन्हें कौन सा आपके बच्चे का भविष्य संवार करके चुनाव जीतना है और BJP मंत्रियों के बच्चे तो विदेश की बड़ी बड़ी यूनिवर्सिटी में पढ़ते हैं - तो आपके बच्चों के सरकारी स्कूल बदहाल हों इससे उन्हें क्या? लेकिन अपने बच्चों के बारे में आप नहीं सोचेंगे तो कौन सोचेगा - यह बात भी आपको सोचनी है

Supriya Shrinate

41,773 görüntüleme • 3 ay önce

देश की जनता को दिन-रात, सोते-जागते, उठते-बैठते विकसित भारत का सपना दिखाया जाता है। उस विकसित भारत के लिए सबसे ज़रूरी है- अच्छी शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था- लेकिन फेक डिग्री वालों की सरकार में शिक्षा बदहाल है। आज देश में 👇 ▪️1.19 लाख स्कूलों में बिजली नहीं है ▪️98,592 स्कूलों में लड़कियों के लिए शौचालय नहीं है ▪️61,540 स्कूलों में एक भी शौचालय नहीं है ▪️14,505 स्कूलों में पानी की व्यवस्था नहीं है ▪️1.04 लाख स्कूलों में सिर्फ एक टीचर है ▪️2015-2025: 94,000 सरकारी स्कूल बंद हो गए हैं ▪️2005 में सरकारी स्कूल में एनरोलमेंट 71% था, 2025 में घटकर 49.24% हो गया है सरकारी स्कूल की खस्ताहाल हालत की वजह से ही लोग प्राइवेट में बच्चों का नाम लिखाने को मजबूर हैं - जहां मनमानी फीस वसूली जाती है, और फीस ना देने पर बेइज्जत किया जाता है। खैर, शिक्षा पर चर्चा करके मोदी जी अपना वक़्त थोड़े ही बर्बाद करेंगे। चुनाव आयोग जेब में है, उन्हें कौन सा आपके बच्चे का भविष्य संवार करके चुनाव जीतना है। बाकी BJP मंत्रियों के बच्चे तो विदेश की बड़ी-बड़ी यूनिवर्सिटी में पढ़ते ही हैं - तो आपके बच्चों के सरकारी स्कूल बदहाल हों... इससे उन्हें क्या? लेकिन अपने बच्चों के बारे में आप नहीं सोचेंगे तो कौन सोचेगा - यह बात भी आपको सोचनी है। : AICC-सोशल मीडिया व डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की चेयरपर्सन Supriya Shrinate जी

Congress

14,951 görüntüleme • 3 ay önce

प्रशांत किशोर का बड़ा ऐलान: सरकारी स्कूल नहीं सुधरे तो बच्चों की प्राइवेट स्कूल की फीस उठाने का वादा पटना: बांकीपुर से विधायक और जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने शिक्षा को लेकर बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा है कि अगले साल दशहरा तक बांकीपुर क्षेत्र के सरकारी स्कूलों की स्थिति और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार नहीं हुआ, तो बच्चों को प्राइवेट स्कूल में पढ़ाने की जिम्मेदारी वे उठाएंगे। उन्होंने सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था में एक साल के भीतर गुणात्मक सुधार लाने का वादा किया है। साथ ही निजी स्कूलों की बढ़ती फीस को लेकर भी उन्होंने चिंता जताई है।

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23,984 görüntüleme • 22 gün önce