Video wird geladen...

Video konnte nicht geladen werden

Zur Startseite

अखिलेश जी - पेट्रोल खरीदते हो तुम? पत्रकार - जी खरीदते हैं। अखिलेश जी - क्या मिलाया जाता है? पत्रकार - एथेनॉल मिलाया जाता है। अखिलेश जी - एथेनॉल अगर पेट्रोल में न मिलाकर तुम्हे पिलाया जाए तो होश में रहोगे कि नहीं?😂 जो शाम की दवा है एथेनॉल...

200,879 Aufrufe • vor 12 Tagen •via X (Twitter)

0 Kommentare

Keine Kommentare verfügbar

Kommentare vom Original-Post werden hier angezeigt

Ähnliche Videos

🔥🤣 Yogi महाराज का सवाल सुनकर विपक्ष भी कन्फ्यूज हो गया..!!!🤣 योगी जी बोले... Rahul Gandhi और अखिलेश यादव जी, पढ़े-लिखे हैं कि नहीं? आपकी बातें हास्यास्पद होती हैं!” 😂 विपक्ष बोला... महाराज, सवाल सरकार से नहीं पूछेंगे तो क्या Google से पूछें?🤣 सरकार से सवाल पूछो तो कहा जाता है आपको कुछ पता ही नहीं! सवाल मत पूछो तो कहा जाता है.. विपक्ष अपना काम नहीं कर रहा!😜 अब जनता भी सोच रही है.. सरकार से सवाल पूछना भी अपराध है क्या महाराज? फिर लोकतंत्र में विपक्ष को भेजा ही क्यों है.? सिर्फ तालियां बजाने के लिए? 😂😂 और महाराज जी, एक बात बताइए… आप खुद को साधु-सन्यासी कहते हैं, फिर राजनीति में इतना गुस्सा और बयानबाजी क्यों? साधु-सन्यासी तो कम से कम सवाल सुनकर मुस्कुरा तो लेते हैं🤣 और आप इतना गुस्सा झूठ क्यों बोलते हैं.? 😂 🔥 बाकी पूरा मामला वीडियो में देखिए कमेंट बॉक्स में वीडियो पड़ा है। 😂

Surendra Yadav

20,129 Aufrufe • vor 1 Monat

भाजपा के दो समर्थक, दोनों कट्टर दक्षिणपंथी, सनातनी और राष्ट्रवादी, 20% एथेनॉल नीति पर चर्चा कर रहे हैँ । इनका कहना है कि जितना पेट्रोल आप एथेनॉल मिलाकर बचाते हैं, उससे 10 गुना ज़्यादा ईंधन ट्रैफिक जाम और खराब सड़कों में बर्बाद हो जाता है। बाइक और कार मालिकों को एथेनॉल के कारण अपने इंजन की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त किट लगवानी पड़ेगी, उसका खर्च कौन देगा? इथेनोल के उत्पादन में भारी मात्रा में पानी की खपत होती है और इसके पर्यावरणीय प्रभावों पर भी कहीं गंभीर चर्चा नहीं हो रही। इन दोनों से अलग मेरा कहना है कि अकेले दिल्ली में प्रवेश करते समय सभी बॉर्डर पर टोल के कारण जो लंबा जाम लगता है, उसमें जितना पेट्रोल बर्बाद हो जाता है, उसे 100% एथेनॉल नीति भी नहीं बचा पाएगी। Anand Ranganathan Ajeet Bharti

𝙼𝚛 𝚃𝚢𝚊𝚐𝚒

266,440 Aufrufe • vor 2 Monaten

रिपोर्टर: पहलवान यौन शौषण का आरोप लगाई है। क्या सही है? बीजेपी की महिला कार्यकर्ता:- ब्रजभूषण शरण जी अगर महिला प्रेमी होते तो क्या हमलोगों को नही बुला लेते। क्या हमलोग पहलवान से खराब हैं। हमलोग तो कहीं बोलते भी नहीं। हमलोग तो बूढ़े भी नहीं हैं। क्या हमलोग को पिछवाड़े (घर के पीछे)में नहीं बुला लेते। हम लोग तो विरोध भी नहीं करते। पुरुष कार्यकर्ता: देखिए ! ये लोग क्या कम सुंदर हैं। क्या सांसद जी को कमी है। आमजन यह विडीयो देख सकते हैं में हैं कि ये बचाव कर रहे हैं या आमंत्रण दे रहे हैं। मति भ्रष्ट हो जाता है बीजेपी में जाने के बाद। और यह भी साबित हो रहा है कि कैसे बीजेपी में सैक्स रैकेट तरह चलता है।

Alok Chikku

344,100 Aufrufe • vor 3 Jahren

देश- प्रदेश में पेट्रोल - डीजल और सीएनजी के बढ़ते दामों एवं ख़राब होती स्थिति पर मीडिया को आज प्रतिक्रिया दी : विपक्ष मांग क्या कर रहा है? राहुल जी क्या मांग कर रहे हैं? आप देशवासियों को बताओ कि स्थिति यह है, हमारी मजबूरी है, अंतरराष्ट्रीय स्थिति बन गई उसके कारण मजबूरी है और आने वाले वक्त में हमें यह कदम उठाने पड़ सकते हैं। अभी तो खाली मोदी जी ने देशवासियों को आह्वान किया कि आपको क्या-क्या कदम उठाने हैं। वो कदम उठाने के लिए जो कहा गया उसके बाद सब मुख्यमंत्रियों का उन राज्यों में जहां बीजेपी की सरकारें हैं, उनके मंत्रियों का नाटक हुआ, कोई रिक्शा में गए, कोई पैदल गए, कोई इलेक्ट्रिक वैन में गए और वो का वो तमाशा हो रहा है अभी भी। तमाशे से पब्लिक में मैसेज नहीं जाता है। अगर आप हकीकत में कुछ त्याग करते हो, उसका मैसेज सीधा उतरता गले के अंदर ,पर ये खाली तमाशे कर रहे हैं। अब कल परसों और बढ़ा दिए आज सीएनजी के बढ़ा दिए, ये क्या मजाक है। आप खुल के कहो भई ये हमारी मजबूरी है। लोग लाइक करेंगे उस बात को और वो भी समझेंगे कि नेता प्रतिपक्ष का सम्मान किया है, उन्होंने जो मांग की है उसका जवाब दिया है सत्ता पक्ष ने, एनडीए गवर्नमेंट ने, प्रधानमंत्री मोदी जी ने और अमित शाह जी ने। तो ये तो हुई कायदे की बात। ये जो कर रहे हैं वो बिल्कुल ही ऐसे काम कर रहे हैं जिससे कि लोगों में गलतफहमी पैदा हो और लोग समझ नहीं पा रहे हैं कि अब कल कितना बढ़ेगा। इस चिंता में लोग तकलीफ में हैं। पेट्रोल पंप पर लाइनें लग रही हैं ये स्वीकार नहीं कर रहे। मुझे आश्चर्य होता है कि जो हकीकत है कि पेट्रोल वाले कहते हैं एक हजार का पेट्रोल लो और कोई कोटा से आएगा, जयपुर, जोधपुर से आएगा, भरतपुर से आएगा, तीन बार रुक के उसको पेट्रोल भरवाना पड़ता है रास्ते में। तो ये जो प्रैक्टिकल हकीकत है उसको ये सरकार हमारे जो मुख्यमंत्री जी और इनके नेता हैं, यहां के जो हमारे मदन राठौड़ साहब हैं उनके अध्यक्ष हैं, इनका काम ही यही है, झूठ बोलो, बार बार असत्य बोलो और नकार दो कि हो ही नहीं रहा है। अरे भाई पब्लिक दुखी हो रही है। पेट्रोल डीजल मिल नहीं रहा है। लाइनें लगी हुई है। LPG नहीं मिलता दस से पंद्रह दिन तक, ये तो गांव गांव से खबर आ रही है। लोहावट से खबर आ गई, ओसियां से खबर आ गई। स्थिति ऐसी बिगड़ी हुई है। जो एजेंसी वाले हैं LPG वाले वो खुद हमें कहते हैं हमारी स्थिति ऐसी हो गई है, टेंशन होता है क्योंकि पब्लिक को जवाब क्या दें हम लोग? वो इसलिए हो रहा है क्योंकि भारत सरकार स्थिति स्पष्ट नहीं करती। स्थिति स्पष्ट करती तो गांव गांव में मैसेज होता तो जो एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर है, पेट्रोल पंप के मालिक भी हैं, उनको जनता के आक्रोश का सामना नहीं करना पड़ता। गलती केंद्र की है और राज्य सरकार की।

Ashok Gehlot

12,631 Aufrufe • vor 3 Monaten