Загрузка видео...

Не удалось загрузить видео

На главную

अखिलेश जी, सुना है आपने अपने अपराधियों को अब यूनिफार्म पहनाने की ठान ली है। देश में ऐसा पहला मौका है जब अपराधी भी यूनिफार्म में घूमेंगे। कमाल कर दिया महाराज आपने। वैसे अपराध का कोई रंग तो नहीं होता लेकिन आपने रंग भी चुराने की कोशिश कर ली।...

111,407 просмотров • 22 дней назад •via X (Twitter)

Комментарии: 34

Фото профиля Anshuman Singh
Anshuman Singh22 дней назад

विभाग से तो अच्छी कमाई हो ही रही है, तो फिर प्राइवेट सिक्योरिटी कंपनी क्यों खोल ली? अच्छा, समझ गया... 2027 में चुनाव हारना ही है, इसीलिए पहले से ही दूसरा धंधा शुरू कर दिया है.. JPNIC तो अब बेच ही दिया गया है, तो तत्काल कुछ गार्ड वहां भी लगवा दो.... @samajwadiparty @yadavakhilesh @mediacellsp @RajeevRai @UDhakre

Фото профиля OM
OM22 дней назад

राजनीति में रंग और गमछे की नकल पर बहस करने से बेहतर है कि अपराध, कानून-व्यवस्था और जनता के सवालों पर बात हो। जनता को वर्दी का रंग नहीं, सरकार और नेताओं का काम दिखाई देता है।

Фото профиля Mulayam Singh Yadav
Mulayam Singh Yadav22 дней назад

सो गए हैं मंत्री जी वैसे आपके विभाग में आपकी नहीं सुनी जा रही हैं क्या करे धरना दे रहे है पंचायक सहायक कुछ कीजिए

Фото профиля विश्वजीत
विश्वजीत22 дней назад

अखिलेश जी की पार्टी की स्थिति.......

Фото профиля Ashwini Yadav
Ashwini Yadav21 дней назад

सीमा पर भेजे ही जाने वाले हैं ये महान जवान या फिर अंडर कवर ऑपरेशन में शामिल होंगे

Фото профиля Samajwad ek soch
Samajwad ek soch21 дней назад

ई का कंपनी कमांडर बन गए तुम तो टेम्पू कमांडर थे न 😃

Фото профиля Niraj Yadav
Niraj Yadav22 дней назад

पीला अंकल, दूसरों को अनुशासन का ज्ञान देने से पहले अपनी बड़बोली जुबान पर लगाम लगाना सीख लो। 😂 पीला गमछा अखिलेश जी पहनें या न पहनें, 2027 में जनता का फैसला ही असली जवाब होगा। इतना भी मत अकड़िए अंकल—राजनीति में हवा बदलते देर नहीं लगती। 🚲🔥

Фото профиля Janardan Singh Yadav (PDA Parivar)
Janardan Singh Yadav (PDA Parivar)21 дней назад

काहे को समाज को मूर्ख बनाते हो। पढ़ना लिखना नौकरी के बारे में व्यापार के बारे में बताया करो , प्रेरित करो न की तमाशा और नौटंकी करके समाज को भ्रमित करें

Фото профиля Srikant yadav
Srikant yadav22 дней назад

50--60 लडकों के झुंड को सेना कहते हैं 😀😀😀😀😀😀😀 चाचा, कभी इनकी आर्थिक हालत देख लो। काश आपने इनमें से 10 को भी पुलिस , सेना में जाने को प्रेरित किया होता, तो ये गरीब घरों के बच्चे तुम्हारी गुलामी करने को मजबूर नही होते। अपने परिवार के स्वार्थ लोलुपता में इनको हथियार बनाये

Фото профиля vijai singh
vijai singh21 дней назад

Ye to band baje wale hai Sayed kon si band hai ye 😂😂

Фото профиля Yaduvanshi Anjeet
Yaduvanshi Anjeet22 дней назад

भर काका बरसाती मेंढक अबकी बार तुम्हारी सीटें 0/ सन्नाटा होने वाली अब इन सब ब***** का कोई फायदा नहीं होने वाला है।

Фото профиля Akhilesh kumar
Akhilesh kumar21 дней назад

ये सभी इंस्पेक्टर किस बैच के हैं इनकी तैनाती कहां है, 3*** लगे हुए हैं लेकिन ये वर्दी upp की नहीं लग रही है, सच में ये अपने ही देश के है या दूसरे देश के, कहीं मंत्री जी दूसरे देश में ट्रेनिंग कराने तो नहीं चले गए हैं 👈

Фото профиля Pritam Yadav
Pritam Yadav21 дней назад

हालांकि राजनीति में तंज और आलोचना जायज़ परंतु एक बड़े वर्ग अथवा कार्यकर्ता समूह को "अपराधी"क्रिमनल" कह कर घोषित करना आपके जैसे लोगों को शर्म आनी चाहिए। अभी कोई उसमें से उठ के आपको जवाब दे दे तो आप रोते बिलबिलाए फिरोगे। आप अपने सेना का ख्याल रखिए सपा अपने सेना का ख्याल रखेगी।

Фото профиля Thari dadi ka yaar
Thari dadi ka yaar22 дней назад

Murkh kahi ka omprakash kehna kya chahta hai teri sena apradhiyo ki hai jiska rang akhilesh churana chahte hai?

Фото профиля NIRBHAY KUMAR
NIRBHAY KUMAR22 дней назад

इस समय तो जय भारत का नाम लेना भूल गए है आज के नेता तो दूसरा नारा ही चला रहे है। आपके पोस्ट में भारत पहले आगे रहता है उसके बाद जो भी हो। ❤️

Фото профиля Brajendra Singh (Socialist)
Brajendra Singh (Socialist)22 дней назад

ये चुटिया बाबा साहब के नीले रंग को अपराधी रंग बता रहा... बेवकूफ कही का!

Фото профиля Sujit Yadav
Sujit Yadav21 дней назад

अरे चाचा इन्हें पढ़ लिख कर डीएम, एसडीएम, आईएस, पीसीएस, दरोगा बनने के लिए प्रेरित करो ये क्या चौकीदारों वाली वर्दी पहना कर हाँथ में डंडा थमा दिया चौकीदारी करने के लिए 😂😂😂

Фото профиля shashank from bundelkhand
shashank from bundelkhand22 дней назад

पियरका मेंढक अपने समाज को ऐसा चूतिया बनाये खुद कि सेना खड़ी कर दिया 😂😂😂😂

Фото профиля Yatendra Yadav
Yatendra Yadav21 дней назад

और ये वर्दी में कौन से गुंडे है इन्हें कहाँ लगाया जाएगा

Фото профиля Rahul yadav
Rahul yadav22 дней назад

शाम में सड़क किनारे चखना के साथ मिलेंगे

Фото профиля Vipin Maurya
Vipin Maurya21 дней назад

Vipin Maurya @vip_maurya · 22s इन सभी को ESIC, PF और सरकारी मानक का न्यूनतम वेतन मिलेगा न..? की बस फोटो वीडियो तक ही सब सीमित है l इनका पहचान पत्र,सैलरी स्लिप सब मिलेगा न.? @LabourMinistry @officialepfo @oprajbhar @yadavakhilesh @mediacellsp

Фото профиля Er.Shiva Rajpoot
Er.Shiva Rajpoot22 дней назад

कब तक तुम लोग जनता और युवा लोगों को चूतिया बनाओगे। कब तक इन लोगों का सहारा लेकर फिर चुनाव जीतने के बाद इनको अपने पीछे घुमाओगे।

Фото профиля Aniruddh Yadav
Aniruddh Yadav21 дней назад

अखिलेश यादव जी आप इसपर फिर क्यो नही कराते ये सभी समाजवादी लोगो को अपराधी बोल रहा है जरा सी बुद्धि नही है

Фото профиля Vishal Yadav
Vishal Yadav22 дней назад

Tu mardwa ykdm baklol ho hwa ka

Фото профиля apoliticalmard
apoliticalmard22 дней назад

राजभर तू तो गया रे😂

Фото профиля समाजवादी प्रहरी
समाजवादी प्रहरी22 дней назад

सुनो चाचा अखिलेश जी को गठबंधन के दिन याद दिलाने से अखिलेश जी आपको फिर से मौका नहीं देने वाले। आपको चवन्नी से रुपया अखिलेश जी ने बनाया, और अब ये स्तिथि है कि भाजपा वाले आपको 1 सीट से ज्यादा देने की नहीं सोच रहे। आपकी पार्टी का खाता नहीं खुलेगा इसबार।

Фото профиля Dr.Mushir Khan (مسیر کھان)
Dr.Mushir Khan (مسیر کھان)21 дней назад

किराए के लोगों को ड्रेस पहनाने और एक संगठन को ड्रेस पहनने में फर्क होता है पीले अंकल

Фото профиля 👑Rana
👑Rana22 дней назад

Piyarka band party 🎉

Фото профиля Ranjeet Singh
Ranjeet Singh22 дней назад

माननीय मंत्री जी आप पंचायत सच का दुख तो दिखता नहीं होगा जितनी मेहनत बारिश में संघर्ष कर रहे हैं क्या कोई 6000 में अपना परिवार चला सकता है आप अपना परिवार 10000 में चला सकते हैं बताइए आपसे निवेदन है कि पंचायत सहायक के लिए न्यूनतम मंडे 30000 एवं स्थाई नियमावली बनाई जाए लागू की जाए

Фото профиля Shiv Kumar Yadav
Shiv Kumar Yadav22 дней назад

जैसे भाजपा वाले ने पहले से RSS वाले को गुंडई का वर्दी पहना रखा है वैसे अब ये भी पहनाएंगे नकल कर रहे है दूसरे का

Фото профиля social activist
social activist21 дней назад

ये जो वर्दी में हैं उनको वेतन मिलता है या फिर ग़ुलाम हैं तेरा तो वही काम है मंत्री बनना और लौंडों को सांसद विधायक बनाने की पूरी कोशिश करते रहना समाज गया तेल लेने

Фото профиля Ansh
Ansh22 дней назад

Te madarchod naa sudharbe

Фото профиля Sachin Kumar
Sachin Kumar22 дней назад

इनकी सरकार में अधिकारी तो छोड़ो अधिकारी का कुत्ता भी नहीं सुन रहा है अब समस्या ये है कि पाला ये बदल नहीं सकते क्योंकि भाजपा ने इतने ट्वीट ही कर दिए है अखिलेश यादव के खिलाफ इनकी बार्गेनिंग पावर भी खत्म कर दी

Фото профиля Prashant Singh
Prashant Singh22 дней назад

अखिल जी को इस समय gyan भरभरा kar aa रहा है कहाः से इतनी दिमाग aa रहा है यह पूरा jabbar band पार्टी lag रही है ho सकता है शादियां आने वाली है कुछ kamai ही jai पार्टी फंड भी कम हो रहा है सत्ता के 10 साल होने को है

Похожие видео

अहिरों और अशफ़ाक़ों के प्रिय अखिलेश जी, आप आरक्षण की बात कर रहे हैं! ताज्जुब है। ग़ज़ब करते हैं महाराज आप। आप वही हैं ना जो यादव और मुस्लिमों के अलावा किसी को कुछ समझते नहीं थे? आप वही हैं ना जिनके राज में यादव और मुसलमान ख़ुद को सीएम समझते थे? आप वही हैं ना जिसके MY वाले लोग हफ़्ता वसूली करते थे? जब आप सत्ता में थे तब क्या आपने कभी राजभर, कुर्मी, जाट, निषाद, नाई धोबी, गोंड, प्रजापति, आर्कवंशी, बंजारा, बहेरिया, मुसहर, पासी से लेकर दर्जनों जातियों को उनका सम्मान देने की सोची? नहीं ना? हमारी बात पर यक़ीन ना हो तो किसी गांव-टोले में चले जाइए, लोग इतिहास गिना देंगे। जब आप लोग संघ प्रमुख के बयान को ग़लत तरीक़े से पेश करके लोगों को भरमा रहे थे, तब प्रधानमंत्री जी ने जो कहा था, वो याद भी है? ना हो तो ये वीडियो भी सुन लीजिए। पीएम मोदी ने कहा था, “अगर कोई आरक्षण छीनने की कोशिश करेगा तो मोदी अपनी जान की बाजी लगा देगा”। झूठ मत फैलाइये, जैसे संविधान के नाम पर दो साल पहले आपने और आपके दुलारे मित्र राहुल जी ने फैलाया था। लोग आपको जानते हैं। अभी सरकार नहीं आई लेकिन आपके पीडीए वाले “ए” बेक़ाबू हो चले हैं। अहिर और अशफ़ाक़ पीट रहा है, हत्या कर रहा है, इनके तो कहने ही क्या! रही बात आपकी सोच की तो शिवपाल जी आज़म ख़ान को गृह मंत्री बनाने की बात कर रहे हैं। जानते हैं क्यों? क्योंकि वो अशफ़ाक़ को कहना चाह रहे कि जो करना है करो, आज़म आयेंगे तो सब माफ़। बस इतना समझ लीजिए। आप लोगों को सरकार में तो आना नहीं है। बेमतलब अहिरों और अशफ़ाक़ों को क्यों बर्बाद कर रहे हैं। ताव में आकर ये हरकत करेंगे, फिर बाबा की सरकार इन्हें वहीं पहुँचायेगी जहां इनकी जगह है। फिर आप रोयेंगे कि अत्याचार हो रहा है। अपनों को बर्बाद मत कीजिए। परिवार बचाइए। पार्टी ही परिवार है और परिवार ही पार्टी है। बचेगा तो आपका परिवार भी नहीं। चच्चू पर नज़र रखियेगा। हर लंका में एक विभीषण ज़रूर होता है। बाक़ी आप समझदार हैं। जय भारत, जय श्रीराम, जय श्री कृष्ण, जय परशुराम, जय महाराजा सुहेलदेव। Akhilesh Yadav

Om Prakash Rajbhar

32,735 просмотров • 1 месяц назад

भारत में जैसे जाति जीवन के अंत तक आपका पीछा नहीं छोड़ती उसी तरह रंगभेद भी बैताल के जैसे आपका पीछा नहीं छोड़ता। अख़बार के इश्तिहार में “ गोरी लड़की चाहिए” से ले कर “ हल्दी बेसन लगाओ रंग निखरेगा” कहने तक। बाहरी तो छोड़िए आपके अपने जानने वाले भी आपके मुँह पर कह देते है “ कटिंग तो बढ़िया है रंग थोड़ा “साफ़” होता तो बेहतर होता”! वो आपके सामने ऐसे बोलते है मानों आप वहाँ खड़े नहीं हो, आपके सामने ही आपको इनविज़िबलाइज़ कर दिया जाता है! ये सिलसिला बचपन से शुरू होता है और बाल अवस्था में मन पर गहरा प्रभाव भी छोड़ता है। आपके कॉन्फिडेंस को हिला कर रख देता है और उस कॉन्फिडेंस को दुबारा ज़िंदा कर पाना बहुत मुश्किल होता है। कई बार आपको ये भी कहा जाता है “अरे काली नहीं है साँवली है” तो कोई कहेगा “ गेहुआँ रंग है” , मानो आपको सांत्वना दी जा रही हो! और ये बात भी हमें समझनी होगी की इसके शिकार सिर्फ़ महिलायें नहीं पुरुष भी होते हैं। काली , कल्लू , कलुआ, कालिया , कल्लो, कारी ये सारी शब्दावली रंग देख कर ही तो गढ़ी और थोपी जाती है। इसलिए इन सबसे परेशान ना हो कर जीवन में आगे बढ़ते जाइए और जो ये शब्दावली आपके ऊपर थोप रहे थे वो बस पीछे छूटते जायेंगे। मुश्किल है बचपन से लादी गई सोंच को झटक कर फेंक देना लेकिन जीवन सुकून से आत्मसम्मान के साथ जीना है तो झटकना तो पड़ेगा।

Priyanka Bharti

59,160 просмотров • 1 год назад

आज धूरी वाली घटना में सबने देखा कि कैसे एक साधारण बात को बेवजह जाति और धर्म का रंग देने की कोशिश की गई। बिट्टू ने इंस्पेक्टर पर आरोप लगाया कि उसने उनकी पगड़ी को हाथ लगाने की कोशिश की। जवाब में इंस्पेक्टर ने साफ कहा कि उनका ऐसा कोई इरादा नहीं था और उन्होंने कहा, “मैं भी जट्ट का बेटा हूं, मेरा पिता आज भी खेती करता है।” बात वहीं खत्म हो सकती थी। लेकिन उसके बाद रवनीत बिट्टू ने उसे जाति और धर्म की बहस में बदलने की कोशिश की और कहा, “अगर तुम SC होते तो क्या बुरा होता? अगर हिंदू होते तो क्या बुरा होता?” ऐसी बातों की जरूरत ही क्या थी? पंजाब पहले ही बहुत कुछ झेल चुका है। यहां लोगों को जोड़ने की जरूरत है, ना कि जाति और धर्म के नाम पर बांटने की। दुर्भाग्य से कुछ लोग राजनीति और सुर्खियों के लिए पंजाब का माहौल खराब करने से भी पीछे नहीं हटते। जात-पात की राजनीति से headlines तो बन सकती हैं, लेकिन पंजाब का भला नहीं हो सकता। पंजाब के लोगों को ऐसी बांटने वाली राजनीति से सावधान रहने की जरूरत है।

Durlabh singh

26,084 просмотров • 4 месяцев назад

प्रधानमंत्री Narendra Modi आपने चार साल पहले प्रगति मैदान वाले इस टनल का उद्घाटन किया था। कूड़े और प्लास्टिक के बोतल भी उठाए थे। लेकिन इसी टनल के बगल का एक अंडरपास अब भी खुलने की बाट जोह रहा है। ऐसी क्या तकनीकी ख़राबी आ गई और क्यों आ गई? अब तक दूर क्यों नहीं की जा सकी है? इस अंडरपास का उद्घाटन आपको कब करने का मौक़ा मिलेगा? ये सब सवाल इसलिए क्योंकि यहां से गुजरने वाले आम-ख़ास हर वाहन चालक को भारी तकलीफ़, ईंधन और समय का खर्चा उठाना पड़ रहा है। वैसे तो आप इस पोस्ट पर ध्यान नहीं देंगे लेकिन अगर दें तो अच्छा रहेगा। कुछ ऐसा निर्देश दीजिए कि दो चार हफ़्ते में इसे दुरुस्त कर खोल दिया जाए। अगर भारत में ऐसी इंजीनियरिंग संभव न हो तो चीन से मदद ली जा सकती है। बीजिंग में एक अंडरपास के लिए चार साल तो वे नहीं ही लगाते हैं। मुझे भरोसा है कि आप संबंधित विभाग को एक इशारा भर कर देंगे तो बात बन जाएगी। इथेनॉल ने हमारी गाड़ियों की माइलेज पहले ही कम कर दी है। शाम का जाम और तेल पी जाता है। एडवांस में आपका धन्यवाद 🙏

Umashankar Singh उमाशंकर सिंह

132,615 просмотров • 1 месяц назад

हिमाचल में कांग्रेस सरकार के मंत्री विक्रमादित्य ने राहुल गांधी की मौहब्बत की दुकान पर बुलडोजर चला दिया है, हिमाचल में रेहड़ी, पटरी, दुकानों पर नाम लिखना और आईडी लगाना अनिवार्य कर दिया है, उनके उनके आदेश को किसी दुकानदार ने फॉलो नही किया तो उस पर कार्रवाई के लिए कह दिया है, Rahul Gandhi आप हाथ पर हाथ रखे बैठे रहे हिमाचल सरकार के संघी मंत्री और CM आपके विचारों का जनाज़ा निकालते चले गये, आपकी मौहब्बत की दुकान पर बुलडोजर चलाते गये, अगर आपने हमारी मांगों और अपने मंत्रियों की मानसिकता को उजागर करने वाले हमारे तमाम लेखों को गंभीरता से लिया होता तो आज आपको ये दिन ना देखना पड़ता, अब आप जब भी कहेंगे कि "हम मौहब्बत की बात करते है" तो मीडिया सवाल करेगा वो मौहब्बत हिमाचल में कुचल दी गई, अगर आपने हमें गंभीरता से लिया होता और ध्यान देते हुए एक्शन लिया जाता तो आप ताउम्र फ़ायदे में रहते लेकिन अब ख़सारे की तरफ़ निकल दिये हो!

Zakir Ali Tyagi

311,750 просмотров • 2 лет назад

#बिहार की आँखें नम हैं... दिल गर्व से भरा है 🙏 आज यकीन नहीं हो रहा। 20 साल। दो दशक। और हर एक दिन - बिहार के लिए, बिहार के साथ, बिहार की मिट्टी से जुड़े हुए। आज जब खबर आई कि आप राज्यसभा जा रहे हैं - तो पहली प्रतिक्रिया आँसुओं की थी। खुशी के, गर्व के, और थोड़ी तकलीफ के भी। क्योंकि बिहार ने आपको सिर्फ मुख्यमंत्री नहीं माना - बिहार ने आपको अपना सपना माना। याद है वो बिहार, जो कभी अंधेरे में डूबा था? जहाँ बेटियाँ घर से बाहर निकलने से डरती थीं। जहाँ सड़कें नहीं थीं, अस्पताल नहीं थे, उम्मीद नहीं थी। और फिर आप आए और जंगलराज वाले बिहार ने फर्श से अर्श तक का सफर-यह सिर्फ एक नारा नहीं है, यह करोड़ों बिहारियों की जिंदगी की सच्ची कहानी है। आपकी शराबबंदी ने लाखों घरों में चूल्हा जलाया। आपकी साइकिल योजना से बेटियों ने पहली बार खुले आसमान में उड़ना सीखा। आपके सुशासन ने बिहार को देश में इज्जत दिलाई। आपके 7 निश्चय ने गाँव-गाँव में बदलाव की इबारत लिखी। महिला सशक्तीकरण की बात होती है तो दुनिया बिहार की तरफ देखती है। सामाजिक न्याय की बात होती है तो बिहार का नाम सबसे पहले आता है।विकास और न्याय का समन्वय - यह दर्शन आपने दिया। आपने साबित किया कि राजनीति सिर्फ सत्ता का खेल नहीं - राजनीति सेवा भी हो सकती है। और अब जब आप राज्यसभा जाएंगे -तो बिहार की आवाज़ दिल्ली के गलियारों में और बुलंद होगी। आप जहाँ भी रहें, आपकी नीतियों की जड़ें यहाँ की माटी में इतनी गहरी हैं कि कोई हिला नहीं सकता। आपके जैसे नेता - अभिभावक बिहार को ना कभी मिले थे ना मिलेंगे। Nitish Kumar

Dr. Ashok Choudhary

76,638 просмотров • 6 месяцев назад

पत्रकार : कल आपके यहां जो कार्यक्रम हुआ है, उसको लेकर क्या कोई गलत संकेत गए? जवाब : कोई गलत संकेत नहीं है। वो तो जो आदिवासी जो थे कार्यकर्ता वो आए थे, खाली मिलने के लिए आए थे। जॉइनिंग की बात थी नहीं कहीं। मुझे कहा गया भाई वो जिद किए हुए हैं बच्चे, बीस - पच्चीस दिन से बात चल रही थी। मैं मना कर रहा था, यहां आने की जरूरत नहीं है। मैं खुद आऊंगा बांसवाड़ा मिल लेंगे बच्चों से। अब 500 किलोमीटर बस लेकर कोई आए तो मुझे अजीब लगता है और मैं हमेशा डिस्करेज करता हूं। कल की बात छोड़ दीजिए। जब कभी कोई मुझसे मिलने की बात करते हैं तो मैं मना करता हूं, इतनी दूर से क्यों आ रहे हो? मैं टूर प्रोग्राम बनाऊंगा, वहीं मिल लेंगे अपन। पर इन लोगों ने जिद पकड़ ली कि नहीं, हमें तो मिलना ही है। तो जब मालवीय जी ने बार बार कहा तो फिर अल्टीमेटली मैंने कहा कि भई ठीक मिला दीजिए। तो मिलने मुझसे भी आए थे, तो मुझसे मिलना है तो मैंने भी कहा और उनके खुद ने भी टाइम ले लिया था पीसीसी से भी कि हम जाकर वहां भी आशीर्वाद लेंगे, मिल लेंगे अध्यक्ष जी से मिलेंगे और कोई बात थी ही नहीं। ना ज्वाइनिंग की थी, ना चर्चा हुई ज्वाइनिंग की और वो तो कार्यकर्ता थे। ज्वाइनिंग नेताओं की होती है। 500 कार्यकर्ता, 400 आए थे कल। जो आंकड़े बता रहे हैं अब 400 कार्यकर्ता क्या वो कार्यकर्ता तो उन्हें कब तो वो गए और कब वापस आए। तो ये तो क्या कार्यकर्ता गांव में होते हैं ना। अगर मान लो बाप पार्टी का मोह भंग हो रहा है, आ गए तो अच्छी बात है। वेलकम करना चाहिए सबको। इतनी सी बात है। बाकी तो मीडिया वाले जो है आप लोग, आप भी कम नहीं हो, कैसे आप किस प्रकार से माहौल बिगाड़ो, कैसे डराओ नेताओं को, उसमें भी कई मीडिया के हमारे साथी जो हमारे बड़े प्यारे हैं, उनकी बड़ी भूमिका होती है। भाई इससे ज्यादा कुछ भी नहीं है। हम सब एक हैं, एक होकर चलेंगे, एक होकर सरकार बनाएंगे और सरकार बननी निश्चित है राजस्थान में दिमाग के अंदर रखो। बाकी सब बातें छोड़ दो। कोई नाराजगी नहीं है, कोई नाराजगी ना अध्यक्ष जी को, ना मुझे है। अध्यक्ष जी क्या नाराजगी बताएंगे? कोई नाराजगी नहीं बताई उन्होंने। उनको तो जो महसूस हुआ, उन्होंने बता दी बात। पर मीडिया वाले बार- बार, बार- बार अगर आप ऐसे क्वेश्चन पूछोगे जो उनकी जानकारी में नहीं होगी बात को तो वो जवाब क्या देंगे? तो इस प्रकार का मैं समझता हूं। कोई बात नहीं, पूरी कांग्रेस एकजुट है और अभी मैं बार बार कह रहा हूं सुन लीजिए आप लोग देश को जरूरत कांग्रेस की है। कांग्रेस राहुल गांधी के नेतृत्व में, खड़गे साहब के नेतृत्व में एकजुट है। डेमोक्रेसी खतरे के अंदर मैं बार बार चेता रहा हूं पिछले छह महीने साल भर से वो हकीकत है। इसमें कोई आपस में मनमुटाव, झगड़ों का कोई स्थान होना ही नहीं चाहिए। सब मिलकर काम कैसे करें, यह हमारा ध्येय होना चाहिए। वो हमारा ध्येय है। उसी ध्येय से हम आगे बढ़ रहे हैं सब लोग और हम जानते हैं कि मीडिया वाले हमें क्वेश्चन क्या पूछेंगे। अब जब आपने सब कैमरे लगाए तो बाकी बातों में जानता हूं कि भूमिका आपकी है। बाकी तो आप लोग क्या पूछने वाले हो, क्यों पूछने वाले हो, मुझे मालूम था। तो इसलिए आप मुझसे , हम सब से एक्सपेक्ट मत करो कि हम कोई ऐसी बात बोलेंगे जिससे आपस में लड़ाई बढ़े यह बात है।

Ashok Gehlot

82,236 просмотров • 2 месяцев назад

एक दंगाई कटुए यही मारूँगा..! एक कहावत है की अपनी गल्ली में कुत्ता भी शेर होता है, ऐसा ही कुछ हो रहा है..! अज कल टूरिस्ट प्लेस पर वहाँ के लोकल गुंडे अपने आप को इस बात का हक़दार समझते हैं...! की वो आपकी बहन बेटी को आराम से छेड़ सकते है और मोलेस्ट कर सकते हैं क्यूंकि आप अकेले हो..! और अगर मुसलमान हो तब आप और आसान टारगेट हो क्यूंकि फिर जो कार्यवाही होना है वो भी नहीं होगी उनके ख़िलाफ़ और अगर हो भी गई तो उनके बचाव में पूरा संगठन आजायेगा...! लेकिन याद रखो आज हमारी बहन है तो कल आपकी भी हो सकती है।ऐसा ही एक मामला सामने आया है...! जिसमे किच्छा से नैनीताल जा रही मुसलमान औरतों को ज्योलकोट में पीटा गया। पीड़ित लोगों का कहना है की पुलिस कोई कार्यवाही नहीं कर रही है। तो फिर यहाँ पे हमारी ज़िम्मेदारी बनती है की हम इस मुद्दे को ट्विटर के माध्यम से वायरल करें। और प्रशासन से कार्यवाही की माँग करें...!✅

𝗠𝗮𝗿𝗶𝘆𝗮𝗺_𝗠𝗕𝗗

61,929 просмотров • 1 год назад

भाजपा के अंदर आपस में ‘विचारों का विलय’ नहीं हो रहा है और दावे दुनिया भर के। आप तो लखनऊ की कुर्सी पर ध्यान दें, जिसे दिल्लीवाले विलय ही नहीं, विलीन भी करनेवाले हैं। एक मुख्यमंत्री होने के नाते वैसे भी ये विषय आपके अधिकार क्षेत्र का नहीं है। ऐसा लगता है कि ये सुझाव देने के लिए आपको दिल्लीवालों ने मिलने का समय नहीं दिया तभी आप माइक पर बोलने को मजबूर हैं, नहीं तो ये बात तो आप भी समझते ही हैं कि जब आपस में खटास हो तो एक-दूसरे के अधिकार-क्षेत्र में अतिक्रमण और भी खलता है। ध्यान रखिएगा कहीं ऐसा न हो कि इस अतिक्रमण के ख़िलाफ़ कोई तोड़क कार्रवाई हो जाए, बुलडोज़र तो दिल्लीवालों के पास भी है।

Akhilesh Yadav

152,411 просмотров • 2 лет назад