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अगर क्रिकेट में भी आरक्षण होता तो ?
10 条评论

इसकी अपनी जाति ओबीसी आरक्षण ले रही है। ये अपनी जाति वालों को समझाए। वे दौड़ा लेंगे इसको।

Thank you for speaking up. I hope many others also come forward and speak about the sufferings of the General category.

अगर मीडिया में अघोषित आरक्षण न होता तो तेरे जैसे वैज्ञानिक नोट में चिप ढूंढ लाते!!!! बकलोल कहीं का

इसकी अपनी जाति है जो इसे कई जातियों से ऊपर उठाकर विशेषाधिकार देती है. इसी के बल ये आरक्षण को गाली दे रहा है. इसका कहना है क्रिकेट में जाति नही चलती क्रिकेट में आरक्षण नही चलना चाहिए ? मैं सुधीर चौधरी जी को बताना चाहता हूँ जाति का स्रोत हिन्दू धर्म ग्रंथ हैं जो इंसान को जातीय और वर्ण के आधार पर विभाजित करता है. भारत में पेशों के आधार पर जातियों को बनाया गया. मरी हुई गाय, मरा हुआ सुअर फेंकने के लिए भी जाति है. जब कोई पशु मर जाता है तो गांव के लोग उस जाति के टोले में जाते हैं जिसका काम मरा हुआ पशु उठाना है.

मूर्ख + धूर्त। ये बोल रहा है अगर भारत मे आरक्षण ना हो तो वो सर्वश्रेष्ठ देश बन जाये। अच्छा तो ये बता अमेरिका मे 110 सालो से आरक्षण है जिसे 'अफरमेटिव एक्शन' कहते है। वहां इस वर्ष इसको शिक्षण संस्थानो मे समाप्त किया गया। इसके अलावा वहां सरकारी संस्थाओ मे अश्वेतो और रेड इन्डियन को आरक्षण है। फिर भी वो इस आरक्षण के साथ दुनिया के सुपर पावर कैसे बने हुये है?? तिहाड़ी महोदय देश की प्रगति मे सभी वर्गो और समुदायों को अवसर मिलना उनको प्रतिनिधित्व मिलना जरूरी होता है, आरक्षण वही अवसर सबको देता है। पूरे विश्व मे कोई दूसरी योजना नही जिसने इतने बड़े दलितो, पिछड़े, महिलाओ और वंचितों के वर्ग को समाज की मुख्य धारा मे ला दिया है और लाने का प्रयास चल रहा है और वो भी सिर्फ 70 सालो मे।

समझ नहीं आता तुझे किस जूते से आरती उतारू ....? 1) एडिडास 2)नाईक 3)पुमा 4)सकेचर्स

"क्रिकेट मे भी आरक्षण है जनाब" बल्लेबाज की जगह आरक्षित है फ़ास्ट बॉलर की जगह आरक्षित है विकेटकीपर की जगह आरक्षित है स्लो बॉलर की जगह आरक्षित है आल राउंडर की जगह आरक्षित है क्रिकेट बिना बल्लेबाज, बॉलर, विकेटकीपर के नही खेला जा सकता इन सबकी जरूरत पड़ती है इसी तरह ये देश जातियों से बना है इस देश के विकास के लिये हर जाति के प्रतिनिधित्व की जरूरत है इसलिए आरक्षण है आरक्षण आपका प्रतिनिधित्व सुनिश्चित एवं सुरक्षित करता है, काबिलियत आपको खुद साबित करनी पड़ती है क्रिकेट मे बल्लेबाज की जरूरत है तो बल्लेबाज ही चुना जाएगा , बल्लेबाज की पूर्ति गेंदबाज नही कर सकता लेकिन ये ज़रूरी नही की बल्लेबाज या गेंदबाज किसी जाति विशेष के ही हो बल्लेबाज बनने का मौका सबके पास है, क्योकि बल्लेबाज की जगह आरक्षित है इस देश मे जातिवाद है इसलिए जातिगत प्रतिनिधित्व की जरूरत है और ये प्रतिनिधित्व आरक्षण के माध्यम से ही मिल सकता है #सुधीर_तिहाड़ी_शर्म_करो

हरियाणा में कई जाट भाई ओबीसी आरक्षण के लिए शहीद हो गए, केंद्र में ओबीसी स्टेट्स के लिए जाट समाज आज भी लड़ रहा है, कई प्रदेशों में ओबीसी में आने के बाद जाट समाज की स्थिति सुधरी है और ये आरक्षण के खिलाफ जहर बो रहा है। मैं इस पर कुछ नहीं बोलूंगा जाट भाई इसे जवाब खुद देंगे

“आरक्षण से घृणा जितना सरल है, इस वर्ग की पीड़ा से गुज़रना उतना ही कठिन”

अगर मीडिया में आरक्षण होता तो तेरे जैसे दलाल लोग नहीं आते 😂😂
