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अगर संविधान ना होता तो क्या होता...
8 条评论

अगर संविधान ना होता तो यह इतराये हुए बहुजन जो खुद को सवर्ण समझ रहे हैं यह कहीं गुलामी कर रहे होते।

अगर संविधान न होता तो लक्ष्मण यादव ठेके पर प्रोफेसर नहीं बनते।

दोस्त और दुश्मन की पहचान करना है तो.... #बामसेफ_राष्ट्रीय_अधिवेशन

संविधान है तो भी क्या हो रहा है

मानवधि शासन में राजा मां के पेट से ही निकलता था संविधान और लोकतंत्र में राजा जनता द्वारा चुना जाता है!

जब देश में हरित क्रांति, नीली क्रांति, श्वेत क्रांति, लाल क्रांति, पीली क्रांति और सिल्वर क्रांति हो सकती है। तो फिर देश के गरीबों, मजलूमों, शोषितों और बंचितों के बच्चों को स्कूल, काॅलेज में अच्छे प्रोफेसर अच्छी शिक्षा दें इसके लिऐ शिक्षा क्रांति क्यों नहीं हो सकती है???

लक्ष्मण यादव, इमानदारी से बताओ संविधान मे आरक्षण का प्राविधान कितने साल का था ,वह भी गरीब के लिए था, लेकिन आप जैसे लोग आज जातिवाद संख्यात्मक आकडो से आरक्षण चाहते है, यह कब तक चलेगा,आप लोगो का नारा जितनी जाति कि संख्या उतना आरक्षण, क्या यह देश हित और विकास के लिए उचित है ??

जय भीम जय संविधान
