Loading video...

Video Failed to Load

Go Home

“अंतिम समय जब कोई नहीं जाएगा साथ एक वृक्ष जाएगा” ~नरेश सक्सेना🌷

97,445 views • 2 days ago •via X (Twitter)

10 Comments

Perfect's profile picture
Perfect2 days ago

"मरने से पहले प्रकृति का कर्ज तो चुका दो यारों... जीते जी एक पेड़ तो लगा दो यारों"

Vinay Sharma's profile picture
Vinay Sharma2 days ago

अंतिम समय लकड़ी भी तौल कर लगती है

सच का साथी's profile picture
सच का साथी2 days ago

जब ये कहा गया था तब शायद विद्युत शवदाह गृह नहीं होते होंगे

Subhash Chandra Jha's profile picture
Subhash Chandra Jha2 days ago

पालना झुलाने भी वृक्ष ही आया था अंतिम बार सुलाने भी वृक्ष आया । खूब पंक्तियां है लिखी छोड़ी कवि ने ।

Atul Jain's profile picture
Atul Jain2 days ago

सत्य, अदभुत

Neelansh's profile picture
Neelansh2 days ago

@RishiRajBanerj1 @Mayank758623881

🦋 देवदास 🦋's profile picture
🦋 देवदास 🦋2 days ago

बिल्कुल सही

Debajit Borah's profile picture
Debajit Borah2 days ago

Wah kya khub kaha hai , Naman un Kabi ko 🙏🏻🫡

मैं तो बोलूंगा (मृत शरीर)'s profile picture
मैं तो बोलूंगा (मृत शरीर)2 days ago

क्या बात

घुमक्कड़_जीव's profile picture
घुमक्कड़_जीव2 days ago

एक वृक्ष जाएगा🙌🏻

Related Videos

चित्रकूट में बाढ़ ये कोई घटना नहीं है, ये एक कंटिन्यूटी है। ये कोई एक बिंदु नहीं है, एक दिन नहीं है। यह लगातार कुछ चल रहा है, पर हम स्वार्थवश उस ओर देखना नहीं चाहते। मजबूर होकर सिर्फ तब देखते हैं, जब इतनी सारी गिर जाती हैं। उससे पहले हम पता नहीं किस नशे में खोए हुए हैं। यह पूरा क्लाइमेट कैटस्टोफी का फिनोमिना रहा है और आगे भी यही रहने वाला है। दुनिया के बहुत सारे शहरों का भविष्य है। पूरा ही छोड़ देना पड़ेगा। कोई बहुत गर्म हो जाएगा, कोई बहुत ठंडा हो जाएगा, कोई बर्फ के नीचे दब जाएगा, कोई पानी के नीचे आ जाएगा। कहीं हर समय तूफान चल रहे होंगे। कहीं इतना सूखा पड़ रहा होगा कि वहां पीने का पानी नहीं मिलेगा, तो वहां रहेगा कौन? यह दुनिया के अधिकांश शहरों का भविष्य है।

Acharya Prashant

27,411 views • 1 month ago

यह दुनिया के अधिकांश शहरों का भविष्य है। ये कोई घटना नहीं है। ये एक कंटिन्यूटी है। यह कोई एक बिंदु नहीं है। एक दिन नहीं है। यह लगातार कुछ चल रहा है। पर हम स्वार्थवश उस ओर देखना नहीं चाहते। पता नहीं किस नशे में खोए हुए हैं। ये पूरा क्लाइमेट कैटास्ट्रोफी का फ़िनोमिना रहा है। और आगे भी यही रहने वाला है। दुनिया के बहुत सारे शहरों का भविष्य है। पूरा ही छोड़ देना पड़ेगा। कोई बहुत गर्म हो जाएगा, कोई बहुत ठंडा हो जाएगा, कोई बर्फ़ के नीचे दब जाएगा, कोई पानी के नीचे आ जाएगा। कहीं हर समय तूफ़ान चल रहे होंगे। कहीं इतना सूखा पड़ रहा होगा कि वहाँ पीने का पानी नहीं मिलेगा, तो वहाँ रहेगा कौन?

Acharya Prashant

23,806 views • 19 days ago