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अपने बच्चे के लिए मगरमच्छ से लड़ती मां बंदर।😱👇

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लखीमपुर खीरी जिले में एक बच्चा बहादुरी की मिसाल पेश करते हुए बिना डरे मगरमच्छ से लड़ गया,हालांकि कई मिनट तक मगरमच्छ से लड़ाई में बच्चे को अपना एक हांथ गंवाना पड़ा,वहीं बच्चा जब इलाज के लिए निघासन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचा तो सिस्टम से हार गया, वहां बच्चे का इलाज बैठने के लिए बनी बेंच पर किया गया, इसकी जो तस्वीर सामने आई है, वह विचलित करने वाली है, फिलहाल बच्चे की हालत गम्भीर देखते हुए डॉक्टरों ने बच्चे को इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया है, जानकारी के मुताबिक, सिंगाही थाना क्षेत्र के ठाकुर पुरवा मजरा बंगलहा तकिया निवासी सोमबारी का 11 साल का बेटा संकित कुमार शुक्रवार को अपनी मां के साथ घास लेने गांव के किनारे गया था. संकित जैसे ही तालाब के पास पहुंचा तो तालाब में छिपे एक बड़े मगरमच्छ ने उसे दबोच लिया. ये देख संकित की मां के होश उड़ गए और जोर-जोर से शोर मचाना शुरू कर दिया. पड़ोस में पड़े एक डंडे से भी मगरमच्छ को पीटने लगी. लेकिन मगरमच्छ संकित को तालाब में खींचता रहा. जबकि संकित अपनी पूरी ताकत से मगरमच्छ से लड़ता रहा. यह करीब कई मिनट तक चलता रहा. वहीं, संकित की मां का शोर सुनकर पहुंचे लोगों ने लाठी डंडों से पीटकर किसी तरह से संकित को मगरमच्छ के जबड़े से छुड़ाया. लेकिन तब तक मगरमच्छ संकित का बायां हाथ चबा चुका था। Rajesh Sahu Mamta Tripathi The Lawion ⚖ Ajit Anjum Dr Monika Singh ANIL TRUE STORY

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10 साल के इस बच्चे का नाम अजयराज है। आगरा में घर है। मां की मौत पहले हो चुकी थी। 16 जुलाई 2025 को अजय के पिता किसान वीरभान चंबल नदी में पानी भरने गए थे। साथ में अजय और उसकी बहन किरन भी थी। पिता ने नदी में पानी के लिए जैसे ही बोतल डुबोई, मगरमच्छ ने हमला कर दिया। पैर दबोचकर नदी में खींचने लगा। वीरभान ने मदद के लिए शोर मचाया। नदी के किनारे खड़े अजयराज ने भी शोर मचाया लेकिन कोई नहीं आया। अजय ने पास पड़ा डंडा उठाया और मगरमच्छ के सिर पर लगातार वार करने लगा। मगरमच्छ वीरभान को छोड़कर अजय की तरफ लपका। बच्चे ने समझदारी दिखाते हुए खुद को बचाया। इस तरह से अजय ने पिता को मौत के मुंह से बचा लिया। आज अजय को राष्ट्रपति मैडम ने बाल वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया है।

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