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अब निर्णय आपके हाथ मे है 🙏🙏 समझदारी से वोट करना NOTA🫶
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26 Comments

मूर्खता पूर्ण बातें मत करना?मोदी एक्ट का मै भी विरोधी हूं पर इंडी गठबंधन से देश को बचाना भी है वरना मुगलिया सल्तनत में जान बचाने के लाले पड़ेंगे? नोटा दबाने का मतलब इंडी गठबंधन को वोट देना होगा क्योंकि मुसलमान को पता है वोट किसे देना है और फायदा किससे लेना है? हिंदू कन्फ्यूज है?

🪷 स्व. भारतीय जनता पार्टी & देश के सवर्ण जनप्रतिनिधियों को विनम्र श्रद्धांजलि 🙏 ओम शांति... राम नाम सत्य है 🙏 आरक्षण विरोध नहीं, आरक्षण सुधार की बात है। लक्ष्य है— समान अवसर, पारदर्शिता और वास्तविक जरूरतमंद तक लाभ। फर्जी #SCSTAct & #UGC जैसे काला कानून को समाप्त करो।

Jab tak GC PARTY nahi banegi logo ko VIKALP nahi milega.. isme kuch nahi ho paaega.. success milna muskil he

Bhai, I was also a bjp supporter before this RHA Movement , but agar apan sab ne NOTA dabaya to fir kuchh log hai jo yahi chahte hai , wo congress / SP aisi parties ko vote denge... aur agar ye log aa gaye to fir to ye reservation nahin hatna pakka. We need to find some other way

UGC ROLL BACK

बहुत सुंदर सराहनीय वात

🙏🤝🚩

UGC Roll back आरक्षण sc st act Roll back

Time to #boycott_bjp #UGC_काला_कानून_वापस_लो #SCSTएक्ट @BJP4India @BJP4Rajasthan

I am not voting for any party till there is some concrete steps executed for GC's. No fake promises but something done with the reservation act misuse & GC's being given fair treatment. Let Merit roar in the land Adi Shankracahrya, Gautam Buddha & Krishna 🙏

Vote 4 NOTA, ताकि उन्हें पता चले कि हम वोट देते हैं, मगर सही उम्मीदवार नहीं है।

UGC Roll Back

तुमसे कुछ नहीं हो पाएगा कल कोई जयचंद की औलाद निकल आएगा. For example @Harshdubey9956 ऐसे जयचंदों की वजह से ही भारत कई बार गुलाम हुआ है Think about it

@Harshdubey9956 जयचंदो से परेशान है 🙏

आज एक ऐसा दौर है जहाँ लगभग हर राजनीतिक दल “जय भीम”, बाबा साहब आंबेडकर और संविधान का नाम लेकर जनता से जुड़ना चाहता है। लेकिन मेरा सवाल है— क्या बाबा साहब सिर्फ वोट बैंक हैं? क्या बाबा साहब सिर्फ आरक्षण हैं? क्या बाबा साहब सिर्फ एक जाति के नेता हैं? नहीं। बाबा साहब आंबेडकर का योगदान इतना बड़ा है कि उन्हें सिर्फ एक जाति, एक वर्ग या एक राजनीतिक मुद्दे तक सीमित करना उनके साथ अन्याय है। उन्होंने उस भारत की कल्पना की जहाँ इंसान की पहचान उसकी जाति से नहीं, उसके अधिकारों और उसकी योग्यता से हो। और महिलाओं के लिए उनका योगदान विशेष रूप से समझने की जरूरत है। आज एक महिला अपने पिता से सवाल कर सकती है, अपने भाई से अपने अधिकार की बात कर सकती है, कार्यस्थल पर अन्याय के खिलाफ आवाज उठा सकती है, पुलिस में शिकायत कर सकती है, अदालत जा सकती है और संविधान को अपना अधिकार मान सकती है। यह सब एक दिन में नहीं हुआ। भारत में महिलाओं की स्थिति ऐतिहासिक रूप से अनेक प्रकार के सामाजिक, आर्थिक और कानूनी प्रतिबंधों से प्रभावित रही है। महिलाओं को संपत्ति, शिक्षा, विवाह, तलाक और स्वतंत्र निर्णयों में बराबरी नहीं मिलती थी। बाबा साहब ने इस असमानता को केवल भाषणों में नहीं उठाया। उन्होंने कानून और संस्थाओं के माध्यम से बदलाव लाने की कोशिश की। हिंदू कोड बिल के माध्यम से उन्होंने महिलाओं को संपत्ति, विवाह और पारिवारिक अधिकारों में अधिक समानता देने की दिशा में बड़ा प्रयास किया। उस समय उन्हें भारी विरोध का सामना करना पड़ा और अंततः उन्होंने कानून मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया। यही अंतर है— प्रवचन देने और व्यवस्था बदलने में। आज बहुत लोग संविधान का नाम लेते हैं। कोई आरक्षण की बात करता है, कोई संविधान बचाने की बात करता है, कोई संविधान बदलने की बात करता है। लेकिन मेरा सवाल है— क्या आपने संविधान पढ़ा है? अगर आप संविधान की बात करते हैं तो बताइए— अनुच्छेद 1 क्या कहता है? अनुच्छेद 14 क्या कहता है? अनुच्छेद 15 क्या कहता है? अनुच्छेद 16 क्या कहता है? अनुच्छेद 17 क्यों बनाया गया? अनुच्छेद 21 नागरिक को क्या देता है? मौलिक अधिकार क्या हैं? राज्य के नीति-निर्देशक तत्व क्या हैं? संघ और राज्यों के बीच शक्तियों का बंटवारा कैसे हुआ? न्यायपालिका की भूमिका क्या है? चुनाव और प्रतिनिधित्व की व्यवस्था क्यों बनाई गई? अगर हम इन सवालों का जवाब नहीं जानते, तो हमें संविधान पर सिर्फ राजनीतिक भाषण देने के बजाय पहले उसे पढ़ना चाहिए। और यही बाबा साहब की सबसे बड़ी सीख है— ज्ञान लो। सवाल पूछो। अधिकार समझो। और व्यवस्था को बेहतर बनाओ। बाबा साहब को सिर्फ इसलिए याद करना कि वे अनुसूचित जातियों के अधिकारों के लिए लड़े, उनके संघर्ष को छोटा करके देखना है। हाँ, उन्होंने दलित और शोषित समाज के लिए ऐतिहासिक संघर्ष किया। लेकिन उन्होंने लोकतंत्र, समानता, स्वतंत्रता, सामाजिक न्याय और संवैधानिक शासन की जो नींव मजबूत की, उसका लाभ पूरे भारत को मिला। इसलिए आज जब कोई बाबा साहब का नाम लेकर राजनीति करता है, तो मेरा सवाल सीधा है— बाबा साहब का नाम लेने से पहले बाबा साहब का विचार पढ़ा है? क्योंकि बाबा साहब की तस्वीर लगाने से संविधान नहीं बचता। संविधान समझने से संविधान बचता है। जय भीम बोलने से सामाजिक न्याय नहीं आता। सामाजिक न्याय के लिए काम करने से सामाजिक न्याय आता है। और आरक्षण की चर्चा करने से पहले हमें शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य, महिलाओं की सुरक्षा, आर्थिक अवसर और कानून के समान लागू होने की बात करनी चाहिए। यही बाबा साहब की सोच का व्यापक अर्थ है। और एक बात और— हर व्यक्ति जो “बाबा” कहलाता है, जरूरी नहीं कि वह ज्ञान का स्रोत हो। बाबा का अर्थ आडंबर नहीं होना चाहिए। बाबा का अर्थ अंधविश्वास नहीं होना चाहिए। बाबा का अर्थ जाति के नाम पर श्रेष्ठता नहीं होना चाहिए। सच्चा ज्ञान वह है जो इंसान को डर से निकालकर विवेक देता है। गौतम बुद्ध ने भी मनुष्य को प्रश्न करने, विचार करने और अपने विवेक का इस्तेमाल करने की प्रेरणा दी। और बाबा साहब ने आधुनिक भारत में शिक्षा, कानून और संविधान के माध्यम से इसी विवेक को सामाजिक परिवर्तन का हथियार बनाया। इसलिए आज भारत को दुनिया के सामने केवल अपनी प्राचीन विरासत के नाम पर नहीं, बल्कि अपने संवैधानिक लोकतंत्र और सामाजिक परिवर्तन के उदाहरण के रूप में भी प्रस्तुत करना चाहिए। महात्मा गांधी ने स्वतंत्रता आंदोलन में सत्याग्रह और जन-आंदोलन को नई दिशा दी। बाबा साहब आंबेडकर ने भारत को समानता, अधिकार और संवैधानिक लोकतंत्र की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए ऐतिहासिक भूमिका निभाई। जय भीम। जय संविधान। जय भारत।

Apni party banao fir

Vote to defeat #ModiAct and BheemMeem Jatiwadi Party

Nota ki b kya jarurat , chunav ke din apne baaki kaam karo kyun jana in chutiyun ke exam me

Har har mahadev Boycott BJP-Congrass

हर हर महादेव 🙏

NOTA mat karo. Vote independent candidate but not NOTA. NOTA will do nothing.

BJP has lost its ground by Casteist politics I believe none party is good so distribute equally among them so that they are busy in monkey fight till GC find alternative. विश्वासघात से बड़ा पाप कुछ नहीं। GC को ठीक होने के लिए समय चाहिए। No majority to anyone.

Why not another Hindu party......

Right 👍

Are itne crore gc log hain ar 80 saal mai ek party nahi banae ?? Had hai yar

Not NOTA get your own leader.

