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अब पूरा देश थक गया है आप की नफ़रत की राजनीत से। प्रधानमंत्री जी नफ़रत नहीं, development प्यार और शांति चाहता है यह देश 🙏

44,126 次观看 • 7 个月前 •via X (Twitter)

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मोदी-शाह से राहुल गांधी की लोकप्रियता बर्दाश्त नहीं हो रही है क्या इसीलिए अब उनके ख़िलाफ़ नफ़रत और हिंसा भड़काने वाले भाजपाईयों को शह दी जा रही है? • क्या यह सच नहीं है कि राहुल गांधी के पिता और दादी इस देश के लिए शहीद हुए • क्या यह सच नहीं है कि राहुल जी के परदादा ने इस देश की आज़ादी के लिए क़ुर्बानियाँ दीं • ख़ुद राहुल गांधी ने कन्याकुमारी से कश्मीर और मणिपुर से मुंबई तक की यात्रा इस देश को जोड़ने के लिए की • क्या यह किसी से छुपा है कि BJP ने हर ओर ऐसी नफ़रत की आग लगायी है कि उनकी जान को ख़तरा है? और रवनीत बिट्टू एक बात समझ लो, कांग्रेस वो पार्टी है जिसने हर बार देश विरोधी ताक़तों को सबक सिखाया है. जब तुम पैदा नहीं हुए थे, तब इंदिरा जी ने पाकिस्तान के दो टुकड़े कर दिये थे गोडसे के भक्तों से हमें देश भक्ति की सीख नहीं चाहिए चुपचाप कोने में बैठो और कान पकड़ कर माफ़ी मांगो

Supriya Shrinate

100,172 次观看 • 2 年前

जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि “नफ़रत की राजनीति ने देश को आग के ढेर पर ला खड़ा किया है। सत्ता के नशे में सांप्रदायिक ताक़तें संविधान बदलने और देश के धर्मनिरपेक्ष चरित्र को खत्म करने की कोशिश कर रही हैं, जो देश को तबाही की ओर ले जाने के समान है। नफ़रत की राजनीति दरअसल देश से वफ़ादारी नहीं, बल्कि उसके अमन और चैन से ग़द्दारी है। जो लोग धर्म के नाम पर नफ़रत फैलाते हैं, वे कभी धर्म के प्रतिनिधि नहीं हो सकते हैं, क्योंकि धर्म हमेशा अमन, मोहब्बत और आपसी सम्मान का पैग़ाम देता है। आज हर व्यक्ति की ज़िम्मेदारी है कि वह सांप्रदायिकता के मुक़ाबले प्यार, एकता और भाईचारे को बढ़ावा दे, क्योंकि अगर आज ख़ामोशी इख़्तियार की गई तो कल देश की शांति को ख़तरा हो सकता।” [Posted By Admin] #OldVideo #ArshadMadani

Arshad Madani

32,655 次观看 • 8 个月前