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अबकी बार 400 पार...

247,351 просмотров • 2 лет назад •via X (Twitter)

Комментарии: 8

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Mahant Adityanath 2.0🦁2 лет назад

बब्बर शेर का लोकसभा में खुली चुनौती अब की बार 400 पार। भारत माता की जय 🇮🇳🙏

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Pardeepdagar2 лет назад

Without notification of mpd 2041 . GDA and lpp forget about Delhi

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Samira2 лет назад

Even kharge ji saying Abki bar 400 par 😂😂😂

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S.Garg (Modi Ka Parivar)2 лет назад

Myself S.Garg stand in support of Hon. Prime Minister Sri #NarendraModi and work towards 400 hundred #MP seats. Who else.. #PhirEkBaarModiSarkar #AbkiBaar400Paar #NaMoAgain2024 #ModiHaiToMumkinHai

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modi amit ji RAKSHA KAVACH OF HINDUSTHAN2 лет назад

JO RAM ko LAE ha hum UNKO LAE GAE @narendramodi @AmitShah @BJP4India ✌️✌️

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Mehul Maru2 лет назад

अबकी बार 400 पार और #EVM खुली सचाई तो यह है कि भाजपा बहुमत बचाने के लिए सँघर्षरत है.. ये समझने को कोई बहुत बड़ा वैज्ञानिक होना जरूरी नही। 300 सीट का मतलब, महज 30 सीटों का बहुमत है। और ये सीटें, कुछ ही इलाको में कोसेंट्रेटेड हैं। 200 तो उत्तर के राज्यो से है। एमपी गुजरात, राजस्थान, हरियाणा, छग, यूपी ... यहां एक्को की सीट बढ़नी नही है। 200 में से 200 ही तो जीतोगे भाई, 400 नही। आप जितना मन्दिर मन्दिर, राम राम रट लें। इसे जोन 1 कह लीजिए। यहाँ जीतने को अतिरिक्त सीट नही। बाकी 100 सीट जहां से आई है, वो बिहार, बंगाल, महाराष्ट्र, कर्नाटक, हिमाचल, असम में हालत पतली है। इन राज्यों में आधी सीटें पहले ही विपक्ष के पास है, बाकी आधे जिनकी मदद से जीती गयी, जो अब विरोधी खेमे में है। यहां 50-60 सीट खोने के साफ आसार हैं। इसे जोन 2 कह लीजिए। रहा तमिलनाडु, केरल, पंजाब, कश्मीर, आंध्र तेलंगाना में भाजपा पहले ही सुन्न सपाट है। यहाँ पुडुचेरी को वनक्कम जारी रहेगा। ये जोन 3 है। जोन 1 में कांग्रेस चार राज्यो में 25-30 और समाजवादी पार्टी, 15-20 सीट भी झटक ले, जो सही टिकट वितरण और फोकस्ड एप्रोच से कर लेना आसान है। मार्जिन वाली सीटें उप्लब्ध है, कैंडिडेट तगड़े है, विपक्ष एकीकृत है। तो भाजपा यहां डेढ़ सौ पर आ जाती है। जोन 2 में भी विपक्ष को 30-40 सीट निकालना कोई तुर्रमखां वाला काम नही। ऐसे में बीजेपी की टोटल टैली 200-220 तक उतर जाती है। तब क्या मोदी को टेक देकर गठबन्धन सरकार बनवाने के लिए राज्यो के क्षत्रप लाइन लगाए खड़े होंगे ?? अपने कर्मो से वाकिफ मोदी खुद भी इसकी आशा नही रखते। जायेगा तो !!! चार सौ पार वाले पगले जान लें, 400 सीट तो #BJP फाइट भी नही करने वाली, जीतना दूर की बात। प्रभु राम जी, गोदी मीडिया, माइंड हैक, संगठन, चाणक्य गिरी.. तमाम फूफां, सिर्फ हवाबाजी है। भाजपा के पक्ष में सिर्फ एक फैक्टर है.. #EVM .. और इसके साथ- ब्लैककैट कमांडो बनकर खड़े चुनाव आयोग, सुप्रीम कोर्ट, कमिटेड ब्यूरोक्रेट.. लाचार संहिता लगाकर नफरती साम्प्रदायिक प्रचार, गोदी मीडिया का चीयरनृत्य, अपारदर्शी ठगवा मशीन EVM के द्वारा चुनाव, उसे कुछ हफ्ते स्ट्रांग रूम में रखना, और काउंटिंग के दिन जिन्न निकालना..यही चुनावी योजना, भाजपा का एकमात्र खेवनहार है। जिसके पक्ष में भाजपा और उसकी ट्रोल सेना के अलावे कोई नही।। या शायद... है?? कोई सर्वे कराकर देख लीजिए। गैर भाजपा वोटर 60% पब्लिक को EVM में विशवास नही। मगर किसी बीजेपी समर्थक से बात करके देखिए। वह जान दे देगा EVM से चुनाव लड़ने के लिए। दिल ही दिल मे वो जानता है, कि यह महज हिसाब की मशीन नही। ये कर्ण का कवच कुंडल है, जिसे प्रणाम कर विपक्ष के ब्रह्मास्त्र भी लौट जाते है। EVM हटने की बात उसके हाड़ कंपा देती है। फिर चौराहे पर बुलाये जाने, गालियों का हिसाब मांगे जाने का डर, उसकी घिग्घी बंधवा देती है। हिचकते गले से गालियां देते भजपाई, EVM पवित्रता की कसमें खाते है, और बताते है कि किन किन राज्यो में उन्होंने विपक्ष को भी तो जितवाया है। बहरहाल, EVM हट जाने से कांग्रेस एकतरफा जीत जाएगी, सोचना गलत है। वो तो मतपत्रों से भी 77 हारी, 89 हारी। राज्यो में हारी। तो लड़ाई के लिए दूसरे राजनीतिक दांव पेंच तो चाहिए ही। बिना EVM भी BJP एक ताकतवर प्रतिद्वंद्वी है। मगर विजेता, शर्तिया नही। क्योकि भाजपा आज भी उत्तर के गिने चुने राज्यो की पार्टी है। जहां उसका कम्युनल हिन्दू मुस्लिम एजेंडा चलता है। ये एजेंडा इन राज्यो में खूब वोट दिलाता है। लेकिन बाकी राज्यो से इसी एजेंडे की वजह से दुत्कार कर भगा दिया जाता है। अब अपने नफरती, धार्मिक, शोरगुल भरे एजेंडा को सुधार ले, तो उत्तर से भी जाएगी, दक्षिण मे फिर भी गांरन्टी नही। तो बार बार मोदी जी लौटकर केदारनाथ की शरण मे जाते हैं। पार्टी मजमा लेकर अयोध्या जाती है। पर इसकी सीमाये आप समझ चुके हैं। माथे पर चंदन लगवाते पीएम, 400 पार का झांसा दे रहे है। लेकिन साधारण कुशलता से भी चुनावी अभियान चलाते राहुल गांधी ने, जो कहीं EVM के खिलाफ मोर्चा खोल दिया... और साहब के कवच कुंडल हटवा दिये। तो उन्हें अहमदाबाद का टिकट खरीदने के लिए पहले उस आदमी का साइन लेकर आना पड़ेगा जिसमे उनके माथे पर ये लिख दिया की..

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Chand Alfaz 🕊️2 лет назад

@subhash_mahakal इन बातो से बेरोजगारों और किसानो को पेट नही भरता।

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PretMeena2 лет назад

अबकी बार तडीपार ✅🙏

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