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अमन चोपड़ा: विपक्ष झारखंड में हो रहे प्रदर्शन में क्यों नहीं जा रहा? सोमनाथ भारती : पहले आप ये बताइए कि आप जंतर-मंतर क्यों नहीं गए थे?😂 अमन चोपड़ा: क्योंकि वहाँ हिंसा हुई थी। सोमनाथ भारती: झूठ मत बोलिए। मैं जानता हूँ कि आप बीजेपी के खिलाफ होने वाले...

84,163 views • 16 days ago •via X (Twitter)

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जो अमन के खिलाफ हैं वो Aman Chopra के खिलाफ हैं। अमन भाई ने एक ही हफ्ते में दो धमाके कर दिए तो पहले समाजवादी पार्टी और झारखंड मुक्ति मोर्चा के IT सेल ने अमन को निशाना बनाया और इशारा मिलते ही पालतू_मीडिया से लेकर पालतू ट्रोल आर्मी वाले अमन चोपड़ा के खिलाफ सक्रिय हो गए। तकलीफ इन्हें यह है कि हिंदुओं को बांटने के लिए समाजवादी पार्टी ने जिन अविमुक्तेश्वरानंद को खड़ा किया, अमन ने उन्हें एक्सपोज कर दिया कि कैसे वो कश्मीर स्टाइल में पत्थरबाजी को हिंसा को सपोर्ट कर रहे थे। फिर अमन रांची पहुंच गए। क्यों भाई रांची जाने से तुम्हे क्यों तकलीफ है ? एक शांतिपूर्ण आंदोलन को कवर करने गए अमन। जहां #PaltuMedia नहीं गया। जंतर मंतर पर अमन ने दर्जनों प्रोग्राम किए, पर झारखंड पर एक ग्राउंड रिपोर्ट कर दी तो मिर्ची लग गई।

Ashok Shrivastav

41,754 views • 23 days ago

जंतर-मंतर से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कथित तौर पर नई दिल्ली के डीसीपी सचिन शर्मा और ज्वाइंट सीपी दीपक पुरोहित प्रदर्शन के आयोजकों से भीड़ प्रबंधन को लेकर बातचीत करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में पुलिस अधिकारियों को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि जंतर-मंतर इस तरह के बड़े प्रदर्शन के लिए उपयुक्त स्थान नहीं है और आयोजकों ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त तैयारियां नहीं की थीं। पुलिस का कहना है कि बार-बार वालंटियर्स तैनात करने, उनके नाम उपलब्ध कराने और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था करने की सलाह दी गई थी। साथ ही, भीड़ में आपराधिक तत्वों के शामिल होने की आशंका भी जताई गई। #Delhi | #JantarMantar | #DelhiProtest |#AajTakSocial | #ATReel

AajTak

481,150 views • 25 days ago

मदन राठौड़ जी के आज के बयान में किये गए निराधार दावो का सच..... पहला आरोप: मदन राठौड़ जी दावा कर रहे है कि मेरी गाड़ी पर वो लोग डंडे मार रहे थे..... सच : जब वो लोग पानी बिजली की समस्याओं को लेकर भागकर तख्तीयां लहरा रहे थे, जैसा कि आप वीडियो में देख सकते हो... ध्यान से देखने के लिए मैंने वीडियो को स्लो मोशन में लगाया है....अगर उनका दूसरा मोटिव होता तो तख्तीयाँ थोड़ी लहराते.... किसी ने भी डंडा उनकी तरफ भी नहीं किया,... उनके हाथ में डंडे तो थे ही नहीं सिर्फ छड़िया थी... हाँ लाठियाँ बरसाई गई लेकिन पुलिस की तरफ से, प्रदर्शन करने वालों के ऊपर.... लेकिन काल्पनिक आधार पर मुकदमे लगा दिए....कि मैं उतरता तो ये हो सकता था वो हो सकता था... दूसरा दावा : मैं आदर्श व्यवहार करना चाहता हूँ, बराबर नहीं होना चाहता हूँ.. सामने वाले से आदर्श की अपेक्षा भी करूँ.... सच : ये बातें महोदय सुप्रीम कोर्ट के वकील द्वारा 19 पन्नों के नोटिस के बाद बोल रहे है... क्योंकि पहले तो श्री मान ये बोल रहे थे कि हनुमान जी का सामाजिक बहिष्कार करो... ये तो वही बात हो गई “सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली” क्या ये आदर्श वाली बातें आपके प्रभारी और अन्य नेताओं पर लागू नहीं होती जो किसी नेता को चूहा, बहुरुपिया, खुला सांड बोल देते है? ? अपने आप में सुधार करो पहले मदन जी.... दावा : हनुमान जी जो राजनीती कर रहे है उसको आदर्श मानते हो क्या? सच : हनुमान जी ने जो कहा सच ही बोला,उन्होंने कोई अपशब्द नहीं बोला लेकिन जिस प्रकार आप प्रदर्शन करने वालों पर इनाम घोषित कर रहे हो वो कहीं से भी आदर्शवादी नहीं है.... एक हाथ से ताकि नहीं बजती अध्यक्ष महोदय.... दावा : आप कह रहे हो कि मैंने तो सिर्फ बहिष्कार करने की प्रार्थना की थी और वाक्य के अंत में चाहिए लगाया था.... सच : मान लीजिये कि कोई व्यक्ति किसी के खिलाफ कोई हत्या की साजिश करवाता है और बाद में बोल दे कि साहब मैंने तो इस व्यक्ति से प्रार्थना कि थी की फलां आदमी की हत्या होनी चाहिए.... इसमें प्रार्थना और चाहिए दोनों शब्द है...तो आप मुझे बताओ कि क्या इससे उसका अपराध कम हो जाएगा.... उसी तरह आप इस प्रकार पल्ला नहीं झाड़ सकते कि मैंने प्रार्थना की थी... ठीक यही रहेगा कि आप अपने शब्द वापिस ले..... दावा : आप कह रहे हो कि हनुमान जी ने जो शब्दावली इस्तेमाल की वो सही नहीं है.... सच : हनुमान जी ने कोई भी असंवेधानिक शब्द का प्रयोग नहीं किया.... मुर्खाधिराज वेद पुराणो से निकला हुआ शब्द है.... लेकिन हाँ उसी दिन आपके मंत्री का ऑडियो वायरल हो रहा था और उसमें उन्होंने 3 मिनट में 17 गालियां निकाल दी... वो शब्दावली बहुत घटिया थी लेकिन आपको वो गालियां तो सही लगी और आपने क्लींन चीट दे दी और हनुमान जी का आओ सामाजिक बहिष्कार करवाना चाहते है..... इतना दोगलापन क्यों? ?? दावा : इस प्रदेश में लोग ओछी राजनीती पसंद नहीं करते और ना ही कांग्रेस भाजपा का कोई नेता ऐसा करता है.... सच : तो क्या विरोध करने पर आप राजकार्य में बाधा डालने, हत्या के आरोपी लगाने को ओछी राजनीती नहीं बोलोगे? 5 महीने पुराने मामलों में अब द्वेषता से FIR करवाना ओछी राजनीति नहीं है? ? पुतला जलाने पर जेल में ठूंस देना ओछी राजनीती नहीं है? ? कार्यकर्ताओं की गाड़ियाँ जब्त कर लेना ओछी राजनीति नहीं है? दावा : आप कह रहे हो कि हमारी गलती बताओ हम सुधार करेंगे... सच : आपकी पार्टी ने संतो के सम्मान में रैली करने के बदलने में जो दमनकारी नीति अपने वो बिल्कुल सही नहीं है....आपने हनुमान जी के सामाजिक बहिष्कार की बात कही वो सही नहीं है....उसमें सुधार करो, माफ़ी माँगो.... Madan Rathore HANUMAN BENIWAL

Shekhar Choudhary

11,137 views • 2 months ago

यह वीडियो हिमाचल प्रदेश के शिमला रेलवे स्टेशन का है। मैं सबसे पहले यह बता दूँ कि मैं वहाँ क्यों गई थी। दरअसल, मुझे वॉशरूम जाना था, और एक बात मेरे पास रेलवे का टिकट नहीं था क्योंकि मैंने बस की टिकट ली हुई थी। प्राइवेट बसों में अक्सर यात्रियों को बस अड्डे की बजाय बीच रास्ते से ही पिक किया जाता है। मेरी बस आने में अभी लगभग एक घंटा बाकी था, इसलिए पास में मौजूद रेलवे स्टेशन जाना ही सबसे अच्छा विकल्प लगा। जब हम स्टेशन पहुँचे, तो देखा कि तीनों कॉमन वॉशरूम के दरवाज़ों पर ताला लगा हुआ था, जैसा कि आप वीडियो में देख सकते हैं। और वेटिंग एरिया वाले वॉशरूम में जाने की भी अनुमति नहीं दी गई। क्योंकि हमारे पास टिकट नहीं था, इसलिए वहाँ मौजूद गार्ड ने हमें वॉशरूम इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी और स्टेशन मास्टर ने बताया कि वे वॉशरूम इसलिए भी बंद रखते हैं क्योंकि बाहर से आने वाले लोग वहाँ कपड़े बदलते हैं और गंदगी फैलाते हैं। हालांकि 9 बजे आखिरी ट्रेन होती है तो उसके बाद वाशरूम बंद होना चाहिए लेकिन यह वीडियो शाम करीब 7:30 बजे का है। बाकी पूरी स्थिति आप इस वीडियो में खुद देख सकते हैं।

Alka Maurya

93,036 views • 2 months ago

एंकर महोदया पूछ रही हैं कि अगर वक़्फ़ बोर्ड में हिंदू हो जाएंगे तो क्या दिक्कत है? मैंने बस यह पूछा कि किस मंदिर के ट्रस्ट में मुसलमान हैं? किस गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी में हिंदू और मुसलमान हैं? किस चर्च में क्रिश्चियन के अलावा कोई और है? लेकिन एंकर महोदया मुझे बोलने ही नहीं दे रहीं, कह रही हैं कि सिर्फ़ वक़्फ़ पर बोलिए। बताइए, हम क्या बोलेंगे और क्या नहीं, यह ये तय करेंगी? जब इनके पास कोई जवाब नहीं होता, तो कहती हैं कि बस आप इसी पर बोलिए। क्यों भाई? आप औरंगज़ेब की क़ब्र खोदो, आप बस बीजेपी से कुछ मत पूछो, सिर्फ़ विपक्ष से पूछो। लेकिन हम जवाब भी नहीं दे सकते? #WaqfBill #WaqfBoard #Waqf

Dr. Kanchana Yadav

117,574 views • 1 year ago

जज अमन शर्मा ने पत्नी स्वाति और पत्नी की बहन IAS निधि मलिक से परेशान होकर फांसी लगा ली. IAS निधि मलिक का जज अमन के घर में बहुत हस्तक्षेप था, सब उसी के हिसाब से होता था. जज अमन ने अपने पिता को फोन करके कहा था- मैं बहुत परेशान हूं, मेरा जीना मुश्किल हो गया है. पिता अलवर से अमन के पास दिल्ली आए, समझाया कि सब ठीक हो जाएगा. इस बीच अमन के पिता को अमन की पत्नी स्वाति ने कहा कि आप यहां से नहीं जाओगे तो पुलिस को बुलाकर आपको बंद करा दूंगी. ये सब होता रहा, इस बीच स्वाति और अमन के बीच झगड़ा हुआ. अमन बाथरूम में गए और फांसी लगा ली. - ये सब जज अमन शर्मा के रिश्तेदार राजेश शर्मा ने बताया है. अमन के पिता ने जो पुलिस को बताया, उस आधार पर.

Ranvijay Singh

198,778 views • 3 months ago