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अल्लाह के बंदों नमाज़ें में फर्ज़ है आप पर !

31,942 Aufrufe • vor 1 Jahr •via X (Twitter)

30 Kommentare

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🚩श्री जय भारत 🚩vor 1 Jahr

जिहाद के चक्कर में न पड़ना तुम ज्ञान का दीप जलाना नमाज के चक्कर में न पड़ना तुम ज्ञान का दीपक जलाना हलाला के चक्कर में न पड़ना तुम ज्ञान का दीपक जलाना 4 बीवियों के चक्कर में न पड़ना तुम ज्ञान का दीपक जलाना

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Naziya Khan ♥️vor 1 Jahr

Beshak दुरुस्त फ़रमाया आप ने

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Maqsood noharivor 1 Jahr

Beshaq sahi kaha

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Feroz 🇮🇳🇯🇴vor 1 Jahr

Beshak Sahi

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Concave Windowvor 1 Jahr

Ola hi Iblees hai

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नीलम🪔vor 1 Jahr

तुम ग्यान का दीप जलाना समय खराब मत करना शिक्षा पाना स्कूल जाना

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Noordanish Razavor 1 Jahr

Beshak

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md sohail babuvor 1 Jahr

ssiter visit my id

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djvor 1 Jahr

ओल हु उबेर

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जय भारत 🇮🇳 🇨🇦vor 1 Jahr

अरुणाचल प्रदेश में एक रियाज़ नाम के कटवे ने 6 से 9 साल नाबालिग के बच्चो से रेप किया जनता ने क२वे को ढंग से कुटाई की और 72 हूरों के पास भेज दिया है @grok आप अरुणाचल में रियाज़ नाम के रेपीस्ट की कहानी इस आइसा नाम की क२वी को विस्तार में बताओ क्या इस क२वे को 72 हूरें मिलेगी कि नही ?

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Laxman Singhvor 1 Jahr

Atankwadi h sale sab

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Rajkumarvor 1 Jahr

नमाज व्यर्थ है अनेक मरदो का नाम भी लिया जाता है

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Sumit Singhvor 1 Jahr

Madarsa chap

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amit ankazvor 1 Jahr

भाई भूख लगी हो तो खाने की बात अच्छी लगती हैं

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ΔΠҜIT ҜΔSHΔ∇vor 1 Jahr

नमाज़ शब्द लिया कहां से गया है! मुसलमानो खलीफा है तो बता!

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Rajaramvor 1 Jahr

Kya dimagi apang.

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Mohammad maroofvor 1 Jahr

Beshak

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Khalari_Ka_Khiladivor 1 Jahr

😢

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Newsfactoryvor 1 Jahr

लेकिन दुनियाँ में रहने का ढंग दिया ये ग़लत बोल दिया मौलवी ने चुटिया बना ही रहा नहीं चुटिया काट भी रहा है दुनिया में सही सलीके से रहने का ढंग दे दिया होता तो आज दुनिया में सबसे ज़्यादा जलील कौम ना होते ना सबसे ज़्यादा भूखे नंगे शरणार्थी एक क़ौम से होते। रहना नहीं आया

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Deepak Bhatnagar (मोदी का परिवार)vor 1 Jahr

ओर हूरों को घर ले जाओ

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Kundan Singhvor 1 Jahr

😁😁😂😜😂😂😂😜😜

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टिंकल सिंहvor 1 Jahr

भाग मादरचोदो

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Hamad Mominvor 1 Jahr

बेशक,

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Mubarak Mubarak khanvor 1 Jahr

Masha allha

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🇮🇳 єк ђเภ๔ยรtคภเ 🇮🇳vor 1 Jahr

कल तक तो तुम्हे भी ७३ हजार चाहिए थे

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टकलाvor 1 Jahr

क्या यह भी फर्ज है लगता तो है असली फर्ज यही है

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Shifa Khanvor 1 Jahr

बेशक

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Mahboob Aalmvor 1 Jahr

महबूब

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प्रभास 🏹vor 1 Jahr

कुरान की वो आयात quote करो जहां नमाज का जिक्र है

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Rock Bottomvor 1 Jahr

Chal jhoothe!! Tum log arabo ki gulami kar rhe ho uske nam par esiliye wo ameer hota ja rhe hai tum log bheekh mang rhe ho. Aathu tum logo par. Ye culture gulami hai

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इस्लाम की बुनियाद 'तौहीद' (अल्लाह की एकता) पर टिकी है। इसका साफ और सीधा मतलब यह है कि पूरी कायनात को पैदा करने वाला, पालने वाला और इबादत के लायक सिर्फ और सिर्फ एक अल्लाह है। 📖 सूरह अल-फातिहा की रोशनी में: इस्लाम में दुआ, सजदा और इबादत सिर्फ अल्लाह का हक है। क़ुरआन मजीद की सबसे पहली और बुनियादी सूरह, सूरह अल-फातिहा (आयत 5) में हम हर नमाज़ की हर रकात में अल्लाह से यह वादा करते हैं: إِيَّاكَ نَعْبُدُ وَإِيَّاكَ نَسْتَعِينُ "हम सिर्फ तेरी ही इबादत करते हैं और सिर्फ तुझसे ही मदद चाहते हैं।" यह आयत हमें साफ सिखाती है कि जब इबादत भी सिर्फ उसी की करनी है और मदद भी सिर्फ उसी से मांगनी है, तो किसी और के सामने झुकने का सवाल ही पैदा नहीं होता। शिर्क की सख्त मनाही: अल्लाह के अलावा किसी भी इंसान, नबी, वली, पीर या मज़ार को पूजना, उनके सामने सजदा-ए-ताज़ीमी (सजदा करना) या उनसे सीधे तौर पर मन्नतें मांगना 'शिर्क' के दायरे में आता है। क़ुरआन में शिर्क को सबसे बड़ा गुनाह और ज़ुल्म बताया गया है। बुजुर्गान-ए-दीन (पीर-औलिया) का सही मुकाम: इस्लाम में अल्लाह के नेक बंदों, पीर और औलिया-ए-किराम का बहुत ऊंचा मर्तबा है। उन्होंने हमेशा लोगों को सीधे अल्लाह की राह दिखाई, सुन्नत पर चलना सिखाया और इंसानियत से मोहब्बत करना सिखाया। उनका आदर-सत्कार (अदब) करना और उनके बताए नेक रास्तों पर चलना सही है। लेकिन उन्हें अल्लाह के बराबर दर्जा देना या उनकी पूजा करना, उनके खुद के सिखाए गए सबकों और तौहीद के रास्ते के बिल्कुल खिलाफ है। निष्कर्ष: एक सच्चे मुसलमान के नाते हमारा यह फर्ज है कि हम अपने अकीदे (विश्वास) को पाक-साफ रखें। बुजुर्गों का सम्मान दिल से करें, लेकिन इबादत, सजदा और अपनी परेशानियां दूर करने की पुकार सिर्फ और सिर्फ उस रब्ब-उल-आलमीन से करें जिसने हम सबको पैदा किया है। अल्लाह हम सबको दीन की सही समझ, हिदायत और सीधे रास्ते पर चलने की तौफीक अता फरमाए। आमीन।🤲

Rajak Shaikh

12,419 Aufrufe • vor 1 Monat