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आंकड़ों से कहीं ज्यादा गरीब है बिहार।

10,317 Aufrufe • vor 2 Jahren •via X (Twitter)

6 Kommentare

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Thakur V. K Singh.HINDUvor 2 Jahren

उम्मीद कि किरण आप से ही हैं परंतु दूध का जला छाछ फ़ूक कर पिना कहावत चरितार्थ ना हो जैसे दिल्ली में AAP ने किया l

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Dr. Nirmal Kumar Singhvor 2 Jahren

जय जन सुराज अभियान।

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Er. Akash Deepvor 2 Jahren

🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻 sab hoga.. Sab sahi hoga ek din... 🙏🏻🙏🏻🙏🏻 apna bihar... Shaan se khada hoga ek din.. 🙏🏻🙏🏻🙏🏻 hum sab mil kar badlenge...

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Vikash Yadavvor 2 Jahren

उसमे आपके पार्टी भाजपा का हाथ है

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mds_4allvor 2 Jahren

I feel so good about @jansuraajonline team and Mr.Prasanth that he is showing the real bihar situation and it’s time to think about bihar people 🙏

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Kumar Kumarvor 2 Jahren

बिहार उम्मीद से भी ज्यादा गरीब है

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21 साल से बिहार में NDA की सरकार चल रही है फिर भी 21 साल में बिहार देश का सबसे गरीब राज्य, देश का सबसे बेरोजगार राज्य, बिहार में सबसे ज्यादा पलायन है। प्रति व्यक्ति आय, प्रति व्यक्ति निवेश और प्रति व्यक्ति खपत के मामले में देश में बिहार सबसे चौपट और नीचे है। शिक्षा-स्वास्थ्य और खेलकूद के मामले में बिहार सबसे फिसड्डी राज्य है। बिहार में 21 सालों में केवल अपराध, भ्रष्टाचार, कुशासन, और तानाशाही बढ़ी है। बिहार में भारी वित्तीय संकट है। भ्रष्टाचार से खजाना खाली हो चुका है। सरकार के पास हमारे सवालों का कोई जवाब नही है। ध्यान भटकाने के लिए तंत्र से बनी सरकार नित नए प्रपंच रचती रहती है। #TejashwiYadav #RJD

Tejashwi Yadav

53,078 Aufrufe • vor 6 Monaten

बिहार में कुल 90,540 बूथों पर 65 लाख वोट काटे गए। चुनाव आयोग ने नाम काटने के 4 कारण बताए। ⦁ पलायन के कारण 25 लाख नाम काटे ⦁ मृतकों के 22 लाख नाम काटे ⦁ पते पर अनुपस्थित रहने के कारण 9,70,000 नाम काटे ⦁ पूर्व में कहीं और पंजीकृत होने की वजह से 7 लाख नाम काटे ⦁ 100 से ज्यादा नाम काटे जाने वाले बूथों की संख्या है 20368 ⦁ 200 से ज्यादा नाम काटे जाने वाले बूथों की संख्या है 1988 ⦁ 7,613 बूथ ऐसे हैं, जहां 70% से ज्यादा महिलाओं के नाम काटे गए हैं ⦁ 635 बूथ ऐसे हैं, जहां प्रवासी श्रेणी में काटे गए नामों में 75% से ज्यादा महिलाएं हैं ⦁ 7,931 बूथों पर 75% नामों को काटकर मृत श्रेणी में डाल दिया गया है इन सभी आंकड़ों को फिर से जांचना बहुत जरूरी है। इतने बड़े पैमाने पर एक पैटर्न के तहत लोगों के नाम काटे गए हैं। : AICC मीडिया और पब्लिसिटी विभाग के चेयरमैन Pawan Khera 🇮🇳 ಪವನ್ ಖೇರಾ जी 📍 बिहार

Congress

74,205 Aufrufe • vor 1 Jahr