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Ana Sayfaya Dön

आंखें जिनमें हैं क़ैद आसमान-ओ-जमीन नर्गिसी-नर्गिसी,सुरमयीं-सुरमयीं .......

150,835 görüntüleme • 14 gün önce •via X (Twitter)

3 Yorum

For your eyes only profil fotoğrafı
For your eyes only12 gün önce

Wow figure

Silambarasi Silambarasi profil fotoğrafı
Silambarasi Silambarasi14 gün önce

What happened i can't understand

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Manya13 gün önce

Aankhen ek bar jisko Apne Dil mein kaid Kar leti Hai hamesha usi ko dhundhti rahti hai

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महिलाओं का शिक्षित होना “संस्कृति” के ख़िलाफ़ था। ऐसी दक़ियानूसी संस्कृति को रौंदते हुए माता सावित्री बाई फुले हमें आज़ाद कर गई! अपने आँचल में गोबर-कीचड़ की गंदगी समेट कर हमें शिक्षा के माध्यम से उड़ने को आसमान दिया। आप थीं इसलिए हम महिलायें शिक्षित हैं।अधिकारों को समझती हैं और किसी के चरणों में या चार दीवारी में क़ैद नहीं है। सशक्त हैं , मज़बूत है, बेख़ौफ़ हैं , बेबाक़ है। जो चाहे बन सकती हैं, हर सपना पूरा कर सकती है। अब हमारे सपनों पर किसी “संस्कृति” का पहरा नहीं। लड़ाई अभी लंबी है, लेकिन आपसे ताक़त मिलती है। लड़ने की चिंगारी हो तो हर कुरीति को भस्म किया जा सकता है।

Priyanka Bharti

22,085 görüntüleme • 8 ay önce

NSSO का 2020 का आंकड़ा बहुत चौकाने वाला है । 110 करोड़ हिन्दू लगभग 80% आबादी, मंदिर 🎪 मात्र 5 लाख 🤷🤷 जिनमें से 4 लाख सरकारी नियंत्रण में हैं । 😳😳 30 करोड़ लगभग 19% मुस्लिमों के पास 7 लाख मस्जिद हैं । सभी सरकारी नियंत्रण से मुक्त हैं । 😡😡 देश में 3500 गुरुकुल के मुकाबले 3.5 लाख मदरसे हैं.....! 1.5% ईसाई आबादी के पास लगभग 75 हजार चर्च हैं । प्राचीन काल से ही मंदिर भारतीय अर्थव्यवस्था के बहुत बड़े स्रोत रहे हैं । आज भी हैं,, तिरूपति बालाजी मंदिर अपने पैसों से Road, Hospital, College सबकुछ बनवा रहा है । हमारे धर्म ग्रंथ कहते हैं "धर्मो रक्षित रक्षित" लेकिन हम इस बात को भूल गये। इसलिए हमारे मंदिर और गुरूकुल घटते चले गये । जो अपने मजहब पर अडिग रहे, वह आज हमसे अधिक मस्जिद और मदरसे बनाये बैठे हैं । उनकी Halal Economy आज आसमान छू रही है, जिससे जिहाद और आतंकवाद चल रहा है।

अखण्ड भारत संकल्प

54,833 görüntüleme • 2 ay önce