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आँखों में भूख थी और वह भूख ऊपर बैठे व्यक्ति ने पहचान ली, यह वीडियो ख़ूबसूरत है❤️❤️

688,096 Aufrufe • vor 1 Jahr •via X (Twitter)

11 Kommentare

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Sonu Yadavvor 1 Jahr

We need such people who can uplift the society

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Tatjana Gmeinervor 2 Jahren

I LOVE SINGING ❤️ My lovely followers ❤️ Nice to entertain YOU 🙂

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BITTU SHARMA- ‏بٹو شرماvor 1 Jahr

इंसानियत ज़िंदा है अभी.. ♥️

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करिश्मा...✨vor 1 Jahr

दौलत की बातें हमसे न किया करो हम तो गरीबी में top level par आते हैं , थोड़ी खुशिया क्या हम तो अपनों का थोड़ा सा प्यार भी अफोर्ड नहीं कर पाए। राधे राधे ❤️

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Prerna Yadavvor 1 Jahr

बहुत सुन्दर वीडियो

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Suresh Choudhary 🇮🇳vor 1 Jahr

उम्र ही तो बड़ी हैं दिल तो अभी भी बच्चा हैं..!!💯 😂😂😛😂😂

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saritavor 1 Jahr

इस वीडियो को तीन बार देखी बहुत अच्छी वीडियो है। भुख पहचान लेती है भुखे को 👇👇

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DHOLIBISHNOIvor 1 Jahr

पृथ्वी पर आने की खुशी

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Girdhari Jatvor 1 Jahr

मजबूरी ...... मजदूरी

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$par$h ._. singhvor 1 Jahr

❣️🙌

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martervor 1 Jahr

Yes so much Heart touching 😊

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अब इस देश में, मुसलमान वीडियो भी नहीं बना सकते हैं ? दिल्ली में ट्रैफिक पुलिस एक मुस्लिम व्यक्ति के वाहन का चालान कर रही थी, जिसका वह वीडियो बना रहा था। इसी दौरान वहां से गुजर रहे पंकज मिश्रा, जो एक हिंदू संगठन से जुड़े बताए जाते हैं, ने आपत्ति जताई कि वह ट्रैफिक पुलिस का वीडियो कैसे बना सकता है। आरोप है कि इसके बाद उन्होंने उस व्यक्ति को परेशान किया, खुद भी वीडियो बनाना शुरू कर दिया और लोगों की भीड़ इकट्ठा कर ली। पोस्ट में सवाल उठाया गया है कि यदि किसी व्यक्ति द्वारा सार्वजनिक स्थान पर वीडियो बनाना गलत नहीं है, तो केवल उसकी पहचान या पहनावे के आधार पर उसे निशाना क्यों बनाया गया, और आखिर ऐसे मामलों में वीडियो बनाना कब से गैरकानूनी हो गया है?

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