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आखिर पुरुष क्यों शादी नहीं करना चाहते ?? इश्क अफसरी नॉवेल खरीदने के लिए 7742588678 व्हाटसअप नंबर पर संपर्क करे 💫 #shayrilover #poetrycommunity #bookaholic #ishq_afsari #instalove

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रिलबाजी एक गंभीर बीमारी बन चुकी है, अगर समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो आने वाले समय में ये देश के लिए कैंसर से भी ज्यादा खतरनाक बीमारी साबित हो सकती है। एक रील बनाने के लिए ट्रेन के टॉयलेट का इस्तेमाल करना आखिर कहाँ तक सही है? पहले लड़की जाती है, फिर लड़का – ये लोग आखिर समाज को क्या मैसेज देना चाहते हैं? ट्रेन का टॉयलेट कोई मजाक या शूटिंग की जगह नहीं है, ये यात्रियों की जरूरत के लिए होता है। इसे रील बनाने के लिए इस्तेमाल करना बेहद घटिया हरकत है और बेशर्मी की सारी हदें पार करना है। ऐसे लोग सिर्फ व्यूज़ और लाइक्स के लिए समाज में गंदगी फैला रहे हैं और गलत सोच को बढ़ावा दे रहे हैं। आज ये सब देखकर आने वाली पीढ़ी क्या सीखेगी? Ministry of Railways को ऐसे कंटेंट क्रिएटर्स पर सख्त से सख्त एक्शन लेना चाहिए, ताकि कोई भी आगे से ऐसी हरकत करने की हिम्मत न करे। क्योंकि ये सिर्फ एक रील नहीं, बल्कि समाज के गिरते स्तर की निशानी होने के साथ साथ यात्रियों के सुरक्षा के लिए खतरा भी है। ~ साभार: NCIB Headquarters

NCIB Headquarters

27,337 просмотров • 6 месяцев назад

मध्य प्रदेश :- लोकसभा 29 सीट कौन जीता बीजेपी केंद्रीय कृषि मंत्री कहां से है ? जवाब :- मध्य प्रदेश सवाल : - घुटनों के बल किसान कहा चल रहे है ? जवाब :- मध्य प्रदेश सवाल :- क्यों चल रहे है ? जवाब :- SDM को ज्ञापन के लिए ताकि मूंग की खरीद MSP पर हो जाए । सवाल :- जब MSP का आंदोलन चल रहा था तब कहां थे ? जवाब :- सोयाबीन की खरीद के लिए ज्ञापन देया रहे थे । सवाल :- क्या सोयाबीन की खरीद हुई । जवाब :- MSP से 2000-2500 कम पर बेच दिया । सवाल : - फिर ज्ञापन देने का क्या फायदा ? जवाब :- सड़क पर लड़ना नहीं चाहते ! सवाल : - क्यों नहीं लड़ना चाहते ? जवाब :- क्यों मंदसौर कांड हुआ था । अगर आपका कोई और सवाल हो जरूर करना कोशिश रहेंगी आपको जवाब देने की 🙏✍️ #FarmerProtest

ashokdanoda

63,947 просмотров • 1 год назад

भालों की नोक पर हमारी बहनों के पेट में पल रहे बच्चों को मारा गया, काटा गया और हवा में लहराया गया। तब यह सब सुनकर यकीन करना मुश्किल था, लेकिन आज बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे जिहादी हमले इस सच्चाई को उजागर कर रहे हैं। इन जिहादी भीड़ों के हाथों में तलवारें, कोयते और बड़े-बड़े हथियार हैं। यह भीड़ आतंक का पर्याय बन चुकी है। आखिर हमारे नेता, हमारे सांसद और विधायक इस पर मौन क्यों हैं? अपने सांसदों और विधायकों को फ़ोन करिए। उनसे पूछिए कि बांग्लादेश के हिंदुओं के लिए संसद और विधानसभाओं में आवाज़ क्यों नहीं उठाई जा रही। फ़ोन कॉल रिकॉर्ड करें और उन्हें लगातार याद दिलाएं कि जनता ने उन्हें चुनकर भेजा है हिंदुओं की रक्षा के लिए, बिरयानी खाने के लिए नहीं। अगर आपके प्रयास में कोई बाधा आती है, तो हमसे संपर्क करें। #bangladeshhindus #BangladeshTensions #ChinmayPrabhuArrest #ChinmayPrabhu #bindasbol #sureshchavhanke

Sudarshan News

32,430 просмотров • 1 год назад

ये लोग नाथूराम गोडसे के अनुयायी हैं, जालसाजी और विश्वासघात करना इनके खून में है। राजस्थान की जनता साक्षी है, मैंने पूरे घटनाक्रम पर सदन में खेद प्रकट किया है लेकिन समझौते के बावजूद भाजपा सरकार के मंत्री की माफी नहीं आई। मंत्री माफी पर विधानसभा अध्यक्ष ने व्यवस्था क्यों नहीं दी? क्योंकि भाजपा सरकार ने ये सारा षड्यंत्र विपक्ष को कुचलने और बजट विफलता पर चर्चा से भागने के लिए रचा है। अपमान करना और माफी नहीं मांगना इनकी आदत रही है। चाहे अविनाश गहलोत हो या इनके केंद्र के मंत्री और सांसद। - स्वयं प्रधानमंत्री मोदी ने रेणुका चौधरी जी पर अभद्र टिप्पणी की, लेकिन माफी नहीं मांगी - गृह मंत्री अमित शाह ने अंबेडकर जी का अपमान किया, लेकिन माफी नहीं मांगी - बृजभूषण शरण सिंह पर पहलवान बेटियों के यौन शौषण का गंभीर आरोप लगा, अपशब्द कहे लेकिन माफी नहीं मांगी - रवनीत बिट्टू ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जी के लिए गलत टिप्पणी की, लेकिन माफी नहीं मांगी - रमेश विधूड़ी ने लोकसभा में दानिश अली जी के लिए कितना गंदा बोला, लेकिन भाजपा ने माफी नहीं मांगी - अनुराग ठाकुर ने सरेआम गाली और धमकी दी, भावनाएं भड़कायी लेकिन माफी नहीं मांगी ये लोग देश में तानाशाही से जो मर्जी आए कहना और करना चाहते हैं। सत्ता के अहंकार विपक्ष की आवाज़ दबाना चाहते हैं। जब तक भाजपा सरकार के मंत्री स्व. इंदिरा गांधी जी के अपमान पर माफी नहीं मांगते और सदन की कार्यवाही से उनके शब्दों को Expung नहीं करेंगे तब तक कांग्रेस सदन की कार्यवाही में हिस्सा नहीं लेंगी। हम जनता की लड़ाई सड़क पर लड़ने के लिए तैयार हैं। नेता प्रतिपक्ष Tika Ram Jully जी के नेतृत्व में सदन के भीतर और कांग्रेस संगठन की अगुवाई में सदन के बाहर भाजपा की तानाशाही को करारा जवाब देने वाले कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।

Govind Singh Dotasra

58,767 просмотров • 1 год назад

जब कोई व्यक्ति लाखों छात्रों को कम फीस में शिक्षा देने की कोशिश करे, स्वास्थ्य सेवाएँ सस्ती बनाने की बात करे, और आम लोगों तक पहुँच बनाए .........तो उसकी हर गलती पर कानून का पालन ज़रूर हो, लेकिन उसे पहले से अपराधी की तरह पेश करना भी न्याय नहीं कहलाता....... फायर सेफ्टी के नियम सबके लिए बराबर होने चाहिए, चाहे कोई कितना भी लोकप्रिय क्यों न हो। लेकिन कानून का इस्तेमाल सुरक्षा के लिए होना चाहिए, बदले की भावना या मीडिया ट्रायल के लिए नहीं..... अगर आरोप सही हैं तो जाँच हो, अगर आरोप गलत हैं तो सम्मान लौटाया जाए। लोकतंत्र में व्यक्ति की पहचान नहीं, उसके खिलाफ सबूत और कानून बोलने चाहिए.... "नाम देखकर न्याय होगा तो व्यवस्था पर सवाल उठेंगे, काम देखकर न्याय होगा तो व्यवस्था पर विश्वास बढ़ेगा।" याद रहे कि किसी भी मामले में अंतिम निष्कर्ष अदालत और जाँच एजेंसियों के तथ्यों के आधार पर ही निकलना चाहिए, न कि केवल सोशल मीडिया या जनभावनाओं के आधार पर........ Source...social media

Kashish

12,411 просмотров • 3 месяцев назад

अगर जो बच्चे सुन नहीं सकते, बोल नहीं सकते, उन्हें भी न्याय के लिए सड़क पर बैठना पड़े, तो समझिए बच्चे मूक-बधिर नहीं है। मूक-बधिर प्रदेश की संवेदनहीन भाजपा सरकार है, जिसका प्रशासन बहरा और व्यवस्था पूरी तरह गूंगी हो चुकी है। ये राजस्थान की जनता का दुर्भाग्य है कि मूक-बधिर बच्चों को भी अपने अधिकारों के लिए सड़क पर धरने पर बैठना पड़ रहा है। आखिर भाजपा सरकार ने शिक्षा व्यवस्था का क्या हाल कर दिया है? जयपुर में राजकीय सेठ पोद्दार सीनियर सेकेंडरी स्कूल फॉर द डेफ के छात्र-छात्राएं हॉस्टल की बदहाली, खराब शिक्षण व्यवस्था और गंभीर उत्पीड़न के आरोपों को लेकर सड़क पर बैठे हैं, सरकार के लिए इससे बड़ी विफलता और शर्मनाक बात क्या होगी? सरकार जवाब दें.. क्या आपकी जिम्मेदारी सिर्फ प्रचार, झूठी बयानबाज़ी करना ही है, या प्रदेश के दिव्यांग बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा सुनिश्चित करना भी है? हमारी मांग है कि सरकार तत्काल जांच कराए और दोषियों पर कठोर कार्रवाई करे। बच्चों की सुरक्षा और सम्मान पर कोई समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। CMO Rajasthan Bhajanlal Sharma

Govind Singh Dotasra

32,873 просмотров • 1 месяц назад

कंडोम क्यों प्रयोग किया जाता है? संभोग के दौरान लुब्रिकेंट का इस्तेमाल करना चाहिए? कंडोम कितने प्रकार और कितने आकार के होते हैं? संभोग के दौरान महिला और पुरुष, दोनों को कंडोम का प्रयोग करना चाहिए? #SexualHealth #CondomAwareness #SafeSex कंडोम का मुख्य उद्देश्य अनचाहे गर्भधारण के जोखिम को कम करना और यौन संक्रमणों (STIs) से बचाव में मदद करना है। यह एक barrier method है, यानी शुक्राणु और कुछ संक्रमणों के संपर्क को रोकने में मदद करता है। कंडोम अलग-अलग प्रकार, सामग्री और आकार में मिलते हैं। सही फिट बहुत महत्वपूर्ण है, बहुत ढीला होने पर फिसल सकता है और बहुत तंग होने पर फटने का जोखिम बढ़ सकता है। सही आकार आमतौर पर पैकेज पर दिए गए nominal width के अनुसार चुना जाता है। पुरुष और महिला कंडोम अलग-अलग प्रकार के होते हैं और सामान्यत दोनों को एक साथ इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, क्योंकि आपस में घर्षण बढ़ने से फटने का जोखिम बढ़ सकता है। लुब्रिकेंट (चिकनाई वाला जेल) का उपयोग संभोग के दौरान किया जा सकता है। इसका मुख्य उद्देश्य घर्षण कम करना और आराम बढ़ाना है। अगर कंडोम इस्तेमाल किया जा रहा हो, तो आम तौर पर water-based या silicone-based lubricant बेहतर विकल्प होते हैं। तेल, पेट्रोलियम जेली या ऑयल-बेस्ड उत्पाद लेटेक्स कंडोम को कमजोर कर सकते हैं। और हाँ, लुब्रिकेंट गर्भधारण या यौन संक्रमणों से सुरक्षा नहीं देता उसके लिए कंडोम जैसी सुरक्षा आवश्यक होती है।

Esa

110,503 просмотров • 29 дней назад

एक लड़की अपने बॉयफ्रेंड के साथ आती है टैटू को रिमूव करवाने मुंबई की जाने माने टैटू रिमूवर और बनाने वाले के पास। उसने कहा कि कहां पर आपको टैटू रिमूव करवानी है तो उसने अपने कमर को दिखाई और बोली कि यही ठीक करनी है। उसे लड़की से टैटू वाला पूछता है आपने कितने सालों पहले यहां करवाया था वह बोलती है 3 साल पहले मैंने यह बनवाई थी अब से रिमूव करवाना है मैं अपने बॉयफ्रेंड के साथ आई हूं। आखिर ऐसी जगह टैटू ही क्यों बनवानी और वहां पर कौन देखने वाला होता है जिसके लिए आप वहां टैटू बनवाती हैं। कुछ लड़कियां अपने आप में सुधार कभी नहीं कर सकती इस तरह से कोई पुरुष वहां पर आपको छूता है आपको अनुचित नहीं लगता। आखिर यह सब करके क्या हासिल करना चाहती है मुझे तो टैटू पसंद नहीं ना मैं आज तक बनवाई है।

PIHU...❤️

264,093 просмотров • 1 месяц назад

🐕‍🦺 "कब तक चुप रहेंगे?" – आवारा कुत्तों के आतंक पर अब सख़्त कार्रवाई ज़रूरी! मेरी दिल्ली सरकार और नगर निगम से स्पष्ट माँग की है: 📌 आवारा कुत्तों के काटने पर पीड़ितों को मुआवज़ा मिले। 📌 सड़कों पर कुत्तों को खाना खिलाने वालों पर जुर्माना और FIR हो। 📌 कुत्तों की जनगणना और टीकाकरण की स्पष्ट नीति बने। 📌 शिकायत दर्ज करने के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर जारी किया जाए। 📌 केंद्र सरकार एबीसी नियमों (Animal Birth Control) में संशोधन करे। जब कबूतरों को दाना डालने पर एफआईआर हो सकती है, तो आवारा कुत्तों को सड़कों पर खाना खिलाने वालों पर क्यों नहीं? ➡️ दिल्ली के हर नागरिक की सुरक्षा ज़रूरी है। ➡️ अब लापरवाही नहीं, जवाबदेही चाहिए। #NoDogsOnStreets

Vijay Goel

27,865 просмотров • 1 год назад

#WATCH दिल्ली: कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा, "22 अप्रैल को सिर्फ निर्दोष पर्यटकों पर ही नहीं बल्कि भारत पर जो आतंकी आक्रमण हुआ, उसका बदला लेने के लिए पूरे देश ने सरकार को पूर्ण समर्थन दिया और हमारी सेना ने आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया है, उसके लिए हमें उनपर गर्व है...पाकिस्तान ने सीजफायर होने के बाद जो बमबारी की है वो चिंता का विषय है और उसकी घोषणा अमेरिका के माध्यम से हो रही है, वो कश्मीर पर चर्चा की बात करते हैं...हम चाहते हैं कि सरकार अपना मत स्पष्ट करे...सीजफायर की बात अमेरिका के माध्यम से क्यों हो रही है?...हमने हमेशा कहा है कि PoK भारत का हिस्सा है, उसपर कोई समझौता नहीं हो सकता…"

ANI_HindiNews

17,947 просмотров • 1 год назад

आरक्षण विरोधी बार-बार डराते हैं“कम नंबर वाले SC-OBC-ST आरक्षण से डॉक्टर बन जाएंगे, मरीजों का क्या होगा?” तो ज़रा NEET-2025 का गणित भी समझ लीजिए। पेपर 720 नंबर का था। क्वालीफाई करने की सीमा General/EWS के लिए 144 नंबर यानी 20%, जबकि OBC-SC-ST के लिए 113 नंबर यानी करीब 16% थी। अब मेरा सवाल है - देश के कितने दलित-पिछड़े-आदिवासी परिवार इतने अमीर हैं कि अपने बच्चे की MBBS पर एक करोड़ या उससे ज्यादा खर्च कर सकें? सामाजिक-आर्थिक गैरबराबरी को भी इस बहस में रखिए। गरीब SC-OBC-ST का बच्चा आरक्षण से मेडिकल कॉलेज पहुँचे तो आपको अचानक ‘मेरिट’, ‘काबिलियत’ और ‘मरीज की जान’ याद आ जाती है; लेकिन कम रैंक के बावजूद मोटी फीस देकर कोई महंगी MBBS सीट खरीदने की क्षमता रखता हो, तो आपकी ‘मेरिट’ की घंटी क्यों नहीं बजती? असल दिक्कत कम नंबर से है या गरीब-दलितों-पिछड़ों व आदिवासियों को अवसर मिलने से?

Dr. Laxman Yadav

27,780 просмотров • 1 месяц назад