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आज 'The Hindu' अखबार में CPP चेयरपर्सन श्रीमती सोनिया गांधी जी ने मोदी सरकार के जुमले की कलई खोल दी है। श्रीमती सोनिया गांधी जी ने साफ कहा है- ⦿ महिला आरक्षण मुद्दा नहीं है, वो तो सदन में पास हो चुका है ⦿ कांग्रेस ने खुद कहा है...

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तीन साल पहले गृह मंत्री अमित शाह जी ने सदन में महिला आरक्षण से जुड़ी जो बातें कही थीं, ऐसा लग रहा है कि आज कानून मंत्री जी ने वही बातें पढ़कर सुना दी हैं। हमने उस समय भी कहा था और आज भी कह रहे हैं कि कांग्रेस पार्टी महिला आरक्षण के पक्ष में है। इसलिए मोदी सरकार महिला आरक्षण को सरल करे, ताकि महिला आरक्षण कानून बनने के साथ ही लागू हो जाए। हमारी CPP चेयरपर्सन श्रीमती सोनिया गांधी जी ने उस समय कहा था कि महिला आरक्षण को परिसीमन के साथ मत जोड़िए और इसे लोकसभा 2024 चुनाव के साथ ही लागू कर दीजिए। लेकिन गृह मंत्री जी ने कहा था- लोकसभा चुनाव के बाद जनगणना की जाएगी, फिर परिसीमन होगा और फिर महिला आरक्षण लागू कर दिया जाएगा अब तीन साल में ऐसी क्या बात बिगड़ गई, क्या बदलाव आ गया? : लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता Gaurav Gogoi जी

Congress

14,899 просмотров • 5 месяцев назад

आज की चर्चा महिला आरक्षण पर नहीं है। मोदी सरकार ने जो विधेयक पेश किया है, उसे पढ़कर पूरी चर्चा ही बदल गई है। सरकार द्वारा जारी विधेयक में लिखा है- ⦿ संसद में महिला आरक्षण 2029 तक लागू होना चाहिए ⦿ महिला आरक्षण लागू करने के लिए लोकसभा सदस्यों की संख्या 50% तक बढ़ानी होगी ⦿ इन सीटों को बढ़ाने के लिए एक परिसीमन आयोग बनाया जाएगा, जो 2011 की जनगणना को आधार बनाकर कार्य करेगा कहा जा सकता है कि इस विधेयक में 'राजनीति की बू' घुली हुई है। 2023 में पारित विधेयक में साफ लिखा था कि महिला आरक्षण लागू करने से पहले जनगणना और परिसीमन करवाया जाएगा। ⦁ लेकिन अब क्या सरकार का मन बदल गया? ⦁ मोदी सरकार पुराने आंकड़ों के आधार पर आगे क्यों बढ़ना चाह रही है? प्रतिनिधित्व का सवाल जनसंख्या के सवाल से जुड़ा हुआ है। जब तक जातिगत जनगणना नहीं हो जाती, सभी वर्गों को उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिल सकता। मोदी सरकार 2011 की जनगणना पर इसलिए आगे बढ़ना चाहती है, क्योंकि इसमें OBC वर्ग की संख्या ही नहीं है। : लोकसभा में कांग्रेस महासचिव व सांसद श्रीमती Priyanka Gandhi Vadra जी

Congress

10,768 просмотров • 5 месяцев назад

मोदी सरकार जो संविधान संशोधन विधेयक लेकर आई थी, उसमें महिला आरक्षण की बात ही नहीं थी, बल्कि ये मामला परिसीमन से जुड़ा था। • मोदी सरकार ये तीन बिल परिसीमन के लिए लाई थी, क्योंकि नारी शक्ति वंदन अधिनियम तो 23 सितंबर 2023 में ही पारित हो गया था • मोदी सरकार तीन साल तक सोई रही और फिर अचानक से 16 अप्रैल को इस कानून को नोटिफाई कर दिया गया • असली मुद्दा परिसीमन का था, इसीलिए पूरे विपक्ष ने एकजुट होकर परिसीमन के खिलाफ वोट किया था • कांग्रेस की मांग थी कि महिला आरक्षण लागू करना है तो तत्काल लोकसभा की वर्तमान 543 सीटों पर लागू किया जाए • मोदी सरकार दो तिहाई बहुमत मिलने के बाद महिला आरक्षण ही नहीं, बल्कि आरक्षण को ही ख़त्म कर देगी, क्योंकि BJP के नेता और इनके पुरखे हमेशा से महिला आरक्षण के खिलाफ रहे हैं • परिसीमन करने का तरीका भी मुख्य मुद्दा है। सरकार ने जैसे जम्मू-कश्मीर और असम में परिसीमन कराया है, वो सबने देखा है • सवाल है- क्या परिसीमन ज्ञानेश कुमार करेंगे, क्योंकि चुनाव आयोग और BJP की मिलीभगत पूरे देश ने देख ली है। चुनाव आयोग वही करता है, जो गृह मंत्री चाहते हैं • मोदी सरकार ने जातिगत जनगणना कराने की घोषणा की है, लेकिन सरकार इसे वर्षों तक टालना चाहती है • हमारा मानना है- जातिगत जनगणना के बाद परिसीमन करिए, लेकिन अगले लोकसभा चुनाव में एक तिहाई सीटों पर आरक्षण लागू कर दीजिए : कांग्रेस महासचिव (संचार) श्री Jairam Ramesh

Congress

30,319 просмотров • 2 месяцев назад

राजीव गांधी जी और सोनिया गांधी जी का सपना और प्रयास ही था कि महिला आरक्षण कानून को हमने राज्यसभा में पारित करवा दिया था। फिर BJP की सरकार आई और इन्होंने 10 साल तक चर्चा नहीं की। जब पूरी कांग्रेस पार्टी सड़कों पर उतरी, महिला कांग्रेस ने दबाव बनाया, तब जाकर आखिर में BJP सरकार को झुकना पड़ा और 2024 लोकसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस और INDIA के समर्थन से महिला आरक्षण कानून पास हुआ। लेकिन सिर्फ पास हुआ है, यह कानून लागू क्यों नहीं होता? यह अन्याय है, आधी आबादी के साथ धोखा है। ऐसे में हम सभी 10 मार्च, 2025 को सुबह 10 बजे दिल्ली के जंतर-मंतर से संसद पर दबाव बनाएंगे। मेरा आपसे निवेदन है, आप अपने राज्यों के लोकसभा/राज्यसभा सांसदों से संपर्क करिए। उन सांसदों से कहिए कि जो कानून आप लोगों ने पास किया है, वह लागू भी होना चाहिए। : महिला कांग्रेस अध्यक्ष Alka Lamba 🇮🇳 जी 📍 दिल्ली

Congress

13,534 просмотров • 1 год назад

कांग्रेस पार्टी हमेशा महिला आरक्षण के पक्ष में रही है। हमने 2023 को महिला आरक्षण बिल को समर्थन देते हुए उसे पारित भी करवाया था। लेकिन अब मोदी सरकार ने महिला आरक्षण की आड़ में, एक और संशोधन पेश किया, जिसमें उन्होंने delimitation का प्रावधान जोड़ दिया। इस तरह सरकार ने महिला आरक्षण और delimitation से जुड़े विधेयक को एक साथ मिला दिया। Delimitation से जुड़ा विधेयक लाकर, मोदी सरकार सत्ता हासिल करना चाहती है। सरकार से हमारा कहना था कि अगर महिला आरक्षण देना ही है तो 543 लोकसभा सांसदों के दायरे में ही कर दीजिए। फिर census और delimitation होने के बाद, सरकार इसे अगले चुनाव में बढ़ा दे, लेकिन वे ऐसा नहीं करना चाहते। दरअसल, मोदी सरकार की मंशा संविधान के ढांचे को बदल कर, executive power अपने हाथ में लेने की है।

Mallikarjun Kharge

23,946 просмотров • 5 месяцев назад

जनगणना आयुक्त ने कहा है कि सेंसस के आंकड़े 2027 में ही आने शुरू हो जाएंगे। लेकिन अब मोदी सरकार अनुच्छेद 334(A) में ये कहते हुए संशोधन करना चाहती है कि जातिगत जनगणना के परिणाम कुछ वर्षों तक उपलब्ध नहीं हो पाएंगे। साफ है कि मोदी सरकार बड़े पैमाने पर झूठ बोल रही है और भ्रम फैला रही है। सरकार का असली छिपा हुआ एजेंडा है कि जातिगत जनगणना न करवाई जाए और OBC की महिलाओं को आरक्षण से वंचित रखा जाए। ऐसे में OBC वर्ग की महिलाओं को लोकसभा में प्रतिनिधित्व का मौका नहीं मिलेगा। अगर लोकतंत्र में इतने बड़े वर्ग को आरक्षण से वंचित रखा जाएगा, तो सीधे तौर पर लोकतंत्र की हत्या है। मैं याद दिला दूं कि जब श्री राजीव गांधी जी ने 73वां और 74वां संविधान संशोधन किया था, तब उसमें OBC के आरक्षण का प्रावधान रखा था। इसलिए ये कोई नई परंपरा नहीं है। : OBC Congress के चेयरमैन Dr Anil 'JaiHind' 🇮🇳 जी 📍 दिल्ली

Congress

35,503 просмотров • 5 месяцев назад