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आज के digital environment में smartphone सिर्फ device नहीं, एक vulnerable entry point भी बन चुका है। Malware, spyware, UPI fraud और OTP theft जैसे threats silently operate करते हैं और user को तब पता चलता है जब नुकसान हो चुका होता है। इन risks को address करने के...

11,639 次观看 • 4 个月前 •via X (Twitter)

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Kya aapki ya aapke kisi जानने वाले की photo बिना permission के online share या morph की गई है? इसे Non-Consensual Intimate Image Abuse (NCII) कहा जाता है। यह सिर्फ privacy का issue नहीं है, बल्कि harassment, emotional trauma और blackmail का कारण भी बन सकता है। एक free online service है जो victims को अपनी intimate images को online platforms पर detect और block करने में मदद करती है, बिना image upload किए और बिना privacy compromise किए। यह system आपकी image का एक secure digital fingerprint बनाता है, जिससे future में वही image upload होने पर automatically block किया जा सकता है। ये steps follow करें: • पर जाएं • “Get Started” पर click करें • Required confirmations select करें (18+, ownership, consent) • System case create करेगा और आपको case number + secure code देगा • Code को safely save करें • Image upload नहीं होती, सिर्फ digital hash बनता है • बाद में case status track किया जा सकता है I4C, MHA किसी भी website या service को endorse नहीं करता. यह जानकारी केवल जनहित में जारी की गई है #StopNCII #WomenSafety #CyberAwareness #DigitalPrivacy #OnlineSafety

CyberDost I4C

12,102 次观看 • 4 个月前

सभी स्त्री को समर्पित 🙏🙏 आखिरकार महिलाएं सेक्स क्यों चाहती हैं.. अक्सर से,क्स से जुड़ी बातें हम यानी महिलाएं खुलकर नहीं करती हैं। सामाज के हिसाब से ऐसी बाते करना एक महिला को शोभा नहीं देता है। से,क्स एक महिला और पुरुष दोनों की ही बेसिक बॉडी नीड होती है। हो सकता है कई लोगों को इसमें इंटरेस्ट जरा कम हो लेकिन जिन्हे से,क्स पसंद होता है वो एक टाइम पर इसके आदी भी हो जाते हैं। जब बात आती है महिलाओं में से,क्स की तो वो अपनी बातें खुल कर नहीं रख पाती हैं। बता दें, से,क्स महिलाओं को स्वस्थ रखने में काफी मदद कर सकता है। से,क्स के दौरान शरीर और मन दोनों को फायदा पहुंचता है। यह शरीर को एक्सरसाइज की तरह काम करने में मदद करता है जिससे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य बना रहता है। यह दिल की सेहत, शरीर की ऊर्जा को बढ़ाने में, नींद को बेहतर बनाने में, तनाव को कम करने में और सतही तौर पर आनंद के अनुभव करने में मदद करता है। इसके अलावा, से,क्स उन लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण होता है जो संभोग की समस्याओं से पीड़ित हैं जैसे कि से,क्स ड्राइव में कमी या तनाव संबंधी मुद्दों से ग्रस्त हैं। इसलिए, महिलाओं के लिए से,क्स जरूरी होता है, ताकि उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकता है। इसलिए, से,क्स के बारे में सोचने से पहले, यह जानना जरूरी होता है कि आपके शारीर और मन के लिए इससे क्या फायदा हो सकता है और आप इसे कैसे संभव तरीके से कर सकती हैं। यह पोस्ट जागरूकता के लिये है अच्छी लगे तो शेयर जरूर करें
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Sensitive content

सभी स्त्री को समर्पित 🙏🙏 आखिरकार महिलाएं सेक्स क्यों चाहती हैं.. अक्सर से,क्स से जुड़ी बातें हम यानी महिलाएं खुलकर नहीं करती हैं। सामाज के हिसाब से ऐसी बाते करना एक महिला को शोभा नहीं देता है। से,क्स एक महिला और पुरुष दोनों की ही बेसिक बॉडी नीड होती है। हो सकता है कई लोगों को इसमें इंटरेस्ट जरा कम हो लेकिन जिन्हे से,क्स पसंद होता है वो एक टाइम पर इसके आदी भी हो जाते हैं। जब बात आती है महिलाओं में से,क्स की तो वो अपनी बातें खुल कर नहीं रख पाती हैं। बता दें, से,क्स महिलाओं को स्वस्थ रखने में काफी मदद कर सकता है। से,क्स के दौरान शरीर और मन दोनों को फायदा पहुंचता है। यह शरीर को एक्सरसाइज की तरह काम करने में मदद करता है जिससे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य बना रहता है। यह दिल की सेहत, शरीर की ऊर्जा को बढ़ाने में, नींद को बेहतर बनाने में, तनाव को कम करने में और सतही तौर पर आनंद के अनुभव करने में मदद करता है। इसके अलावा, से,क्स उन लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण होता है जो संभोग की समस्याओं से पीड़ित हैं जैसे कि से,क्स ड्राइव में कमी या तनाव संबंधी मुद्दों से ग्रस्त हैं। इसलिए, महिलाओं के लिए से,क्स जरूरी होता है, ताकि उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकता है। इसलिए, से,क्स के बारे में सोचने से पहले, यह जानना जरूरी होता है कि आपके शारीर और मन के लिए इससे क्या फायदा हो सकता है और आप इसे कैसे संभव तरीके से कर सकती हैं। यह पोस्ट जागरूकता के लिये है अच्छी लगे तो शेयर जरूर करें

तृप्त ...🖤

292,909 次观看 • 1 年前

जनप्रतिनिधि होना सिर्फ एक पद नहीं, बल्कि समाज के सामने एक आदर्श स्थापित करने की जिम्मेदारी है।" बुलंदशहर के शमशान घाट में बीजेपी नेता राहुल वाल्मीकि का कथित आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ा जाना न सिर्फ नैतिक पतन को दर्शाता है, बल्कि यह जनता के विश्वास के साथ भी धोखा है। जिस स्थान को अंतिम संस्कार और शांति का प्रतीक माना जाता है, वहां इस तरह की हरकतें निंदनीय हैं। यह सिर्फ अश्लीलता नहीं, सार्वजनिक मर्यादा का उल्लंघन है। ऐसे मामलों में केवल माफी मांगना काफी नहीं होता, राजनीतिक और कानूनी जवाबदेही तय होनी चाहिए। आश्चर्य की बात है कि नेता हो या आम आदमी, जब शारीरिक इच्छाएं विवेक पर हावी हो जाएं, तो स्थान और स्थिति का कोई मतलब नहीं रह जाता। प्रश्न यही है — क्या राजनीति अब चरित्र से ज़्यादा सुविधा का खेल बन चुकी है? आप जैसे नेता समाज का मार्गदर्शन करें या समाज को शर्मसार करें — फैसला जनता को करना है। नेताजी, शमशान में संस्कार होते हैं, संस्कारों का नहीं।

Nitish Kumar Yadav

122,388 次观看 • 1 年前

आज की टीवी डिबेट ने एक बार फिर उस कड़वे सच को उजागर कर दिया, जिसे हम लंबे समय से महसूस कर रहे हैं, “जनता की आवाज़” के नाम पर मंच सजाया जाता है, लेकिन असल में वह एक सुनियोजित, प्रायोजित और पक्षपातपूर्ण तमाशा बन चुका है। जहाँ सत्ता पक्ष के समर्थकों को “आम जनता” बनाकर बैठाया जाता है, और विपक्ष को घेरने के लिए सवालों की एकतरफा बौछार की जाती है। एंकर, जिनका दायित्व निष्पक्षता और सत्य होता है, खुलेआम तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करते हैं, और जब सच्चाई तस्वीरों में सामने आ जाती है, तब भी उसे नकारने का दुस्साहस किया जाता है। यह सिर्फ एक डिबेट नहीं थी, यह लोकतंत्र के मूल्यों के साथ किया गया एक सुनियोजित खिलवाड़ था। जिस मीडिया को कभी लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहा जाता था, आज वही स्तंभ सत्ता के संरक्षण में खड़ा होकर एक पार्टी विशेष का प्रचार-प्रसार करने का माध्यम बनता जा रहा है। सवाल सत्ता से होने चाहिए थे, लेकिन कटघरे में विपक्ष को खड़ा किया गया, यही आज के मीडिया का दुर्भाग्यपूर्ण सच है। हमारे प्रवक्ताओं को बार-बार दबाने, रोकने और उनकी आवाज़ को कुचलने का प्रयास किया जाता है, लेकिन यह भूल जाते हैं कि सच को दबाया जा सकता है, मिटाया नहीं जा सकता। आज अजय उपाध्याय जी ने जिस साहस और आत्मसम्मान के साथ इस प्रायोजित मंच का बहिष्कार किया, वह किसी एक व्यक्ति का निर्णय नहीं, बल्कि उस हर आवाज़ का प्रतिनिधित्व है, जो झुकने से इनकार करती है। यह समय कठिन है, लेकिन इतिहास गवाह है, जब-जब सच को दबाने की कोशिश हुई है, तब-तब वह और अधिक ताकत के साथ उभरा है। हमें कितना भी डराने, दबाने या बदनाम करने का प्रयास किया जाए, हम न डरेंगे, न झुकेंगे। क्योंकि यह लड़ाई सिर्फ राजनीतिक नहीं है, यह लड़ाई सत्य और असत्य के बीच है, लोकतंत्र और प्रोपेगेंडा के बीच है, और हम उस पक्ष में खड़े हैं जहाँ सच अभी भी जिंदा है। हम सब अजय उपाध्याय जी के साथ हैं, और हर उस आवाज़ के साथ हैं जो इस अंधेरे में भी सच की मशाल जलाए हुए है।

Alok Sharma

205,630 次观看 • 5 个月前

भारतीय रसोई में कई ऐसे मसाले हैं जो सिर्फ स्वाद नहीं, बल्कि सेहत भी देते हैं। उन्हीं में से एक है — दालचीनी। मीठी-तीखी सुगंध वाली यह छोटी-सी लकड़ी जितनी सरल दिखती है, उतनी ही चमत्कारी है। आयुर्वेद में इसे हजारों वर्षों से औषधीय गुणों के लिए पहचाना गया है। इस लेख में हम जानेंगे दालचीनी के कुछ गुप्त उपयोग, जिन्हें आप अपने किचन में अपनाकर पा सकते हैं अनगिनत लाभ वो भी बिल्कुल प्राकृतिक तरीक़े से। 1. सुबह खाली पेट दालचीनी पानी एक गिलास गुनगुने पानी में आधा चम्मच दालचीनी पाउडर मिलाकर सुबह खाली पेट पीने से: * वजन नियंत्रित होता है * पाचन तंत्र दुरुस्त रहता है * शरीर की सूजन कम होती है यह नुस्खा शरीर को दिनभर ऊर्जावान बनाता है। 2. डायबिटीज के रोगियों के लिए वरदान दालचीनी में मौजूद पॉलीफेनोल्स इंसुलिन की कार्यप्रणाली में सुधार करते हैं। रोज़ाना एक चुटकी दालचीनी पाउडर दही या ओट्स में मिलाकर लेने से ब्लड शुगर लेवल संतुलित रहता है। यह टाइप-2 डायबिटीज़ के रोगियों के लिए प्राकृतिक सहायता सिद्ध हो सकता है। 3. कॉफी या चाय में दालचीनी का ट्विस्ट अपने दिन की शुरुआत करें दालचीनी वाली हर्बल चाय या कॉफी से। * यह शरीर को गर्मी देती है * सूजन घटाती है * तनाव कम करती है बस एक छोटी स्टिक या आधा चम्मच पाउडर पर्याप्त है। 4. वजन घटाने में सहायक दालचीनी मेटाबॉलिज्म को तेज करती है और भूख को नियंत्रित रखती है। गुनगुने पानी में नींबू और शहद के साथ दालचीनी लेने से फैट बर्निंग की प्रक्रिया तेज होती है। यह पेट की चर्बी को भी कम करती है। 5. सर्दी-जुकाम में रामबाण दालचीनी में एंटी-वायरल और एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं। एक कप पानी में तुलसी, अदरक और दालचीनी उबालकर पीने से गला ठीक होता है। दालचीनी वाला गरारा गले की खराश में राहत देता है। 6. त्वचा के लिए गुप्त उपाय दालचीनी सिर्फ खाने में नहीं, चेहरे की सुंदरता बढ़ाने में भी सहायक है। शहद और दालचीनी पाउडर का पेस्ट मुंहासों पर लगाने से बैक्टीरिया मरते हैं। यह ब्लैकहेड्स हटाने और स्किन को ग्लो देने में मददगार है। > सावधानी: यह मिश्रण लगाकर 10 मिनट से अधिक न रखें। > 7. हृदय स्वास्थ्य में सहायक दालचीनी में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट्स कोलेस्ट्रॉल कम करने और ब्लड प्रेशर नियंत्रित करने में सहायक होते हैं। यह हार्ट अटैक और स्ट्रोक के जोखिम को कम करता है। 8. बालों के लिए अमृत दालचीनी और नारियल तेल का मिश्रण बालों की जड़ों में मालिश करने से बाल मजबूत होते हैं। यह रक्तसंचार बढ़ाता है, जिससे बालों की ग्रोथ में सुधार होता है। 9. किचन क्लीनर के रूप में प्रयोग दालचीनी में बैक्टीरिया मारने की क्षमता होती है। आप इसका उपयोग प्राकृतिक क्लीनर के रूप में कर सकते हैं: * पानी में दालचीनी का तेल मिलाकर किचन टॉप्स या फ्रिज की सफाई करें। * यह न सिर्फ सफाई करता है, बल्कि खुशबू भी छोड़ता है। 10. कीट भगाने में असरदार दालचीनी की खुशबू कीटों को दूर रखती है। * जहां चींटियाँ आती हों, वहाँ दालचीनी पाउडर छिड़क दें। * यह एक सुरक्षित और रसायन मुक्त उपाय है। दालचीनी वह मसाला है जो स्वाद, खुशबू और स्वास्थ्य तीनों में श्रेष्ठ है। इसका प्रयोग न केवल भोजन में, बल्कि सौंदर्य, सफाई, स्वास्थ्य और रोग प्रतिरोधक शक्ति को बढ़ाने के लिए भी किया जा सकता है। यह छोटे-छोटे उपाय न केवल हमें बीमारी से बचाते हैं, बल्कि एक प्राकृतिक जीवन शैली की ओर ले जाते हैं। दालचीनी को अपने दैनिक जीवन में सम्मिलित करें लेकिन सीमित मात्रा में। अधिक सेवन से शरीर पर विपरीत प्रभाव भी हो सकता है। आयुर्वेद में भी संतुलन को सबसे अधिक महत्व दिया गया है।

RuchiAdarsh

28,535 次观看 • 8 个月前

जहाँ एक ओर देश संविधान लागू होने की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर गौरवान्वित हो रहा है ,वहीं दूसरी ओर अमृतसर में सचखंड श्री हरमंदिर साहिब के पास हेरिटेज स्ट्रीट पर परम पूज्य बाबा साहेब अंबेडकर की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त करने और संविधान की प्रति जलाने की घटना ने जातिवादी मानसिकता के नंगे सच को उजागर कर दिया है। यह कृत्य केवल एक प्रतीकात्मक हमला नहीं है, बल्कि एक सुनियोजित प्रयास है। जो समाज के दबे-कुचले वर्गों को उनके अधिकारों और सम्मान से वंचित रखने की घृणित मानसिकता को प्रदर्शित करता है। साथ ही यह घटना इस बात का प्रमाण है कि आम आदमी पार्टी की सरकार इतनी महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक जगह पर भी नागरिकों और प्रतीकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में असफल रही है। जातिवादी ताकतें, जो सदियों से अपने विशेषाधिकारों को बनाएं रखने के लिए षडयंत्र करती रही हैं, इस तरह के कायरतापूर्ण प्रयासों से यह साबित करती हैं कि वे आज भी बाबा साहेब अंबेडकर द्वारा स्थापित समानता और न्याय की व्यवस्था से भयभीत हैं। संविधान, जिसने भारत को जाति, धर्म और वर्ग से ऊपर उठकर एकता और बंधुत्व का संदेश दिया, उस पर इस प्रकार का हमला दर्शाता है कि कुछ ताकतें अभी भी जातिगत भेदभाव को बनाए रखना चाहती हैं। बाबा साहेब अंबेडकर की प्रतिमा को तोड़ने और संविधान को जलाने वालों ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि वे संविधान के मूल्यों को स्वीकारने के लिए तैयार नहीं हैं। लेकिन यह भी स्पष्ट है कि यह मानसिकता अब भारत में टिकने वाली नहीं है। ऐसे समय में जब देश संविधान की 75वीं वर्षगांठ मना रहा है, यह घटना हमें याद दिलाती है कि जातिवाद केवल इतिहास का हिस्सा नहीं है, बल्कि एक जिंदा चुनौती है। इस चुनौती का सामना करने के लिए समाज को संगठित होकर जातिवादी मानसिकता के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़नी होगी। DGP Punjab Police को चाहिए कि दोषियों पर त्वरित और कठोर कार्रवाई करे, ताकि समाज को यह संदेश मिले कि संविधान की गरिमा और बाबा साहेब के आदर्शों के खिलाफ जाने वाले किसी भी व्यक्ति को कानून के शिकंजे से बचने का अवसर नहीं मिलेगा। अब समय आ गया है जब हम बाबा साहेब के सपनों के भारत को साकार करने के लिए जातिवाद और नफरत की जड़ों को उखाड़ फेंके। संविधान की रक्षा हर नागरिक का कर्तव्य है, और इसकी गरिमा को बनाए रखना हमारा सामूहिक दायित्व। जय भीम, जय भारत, जय संविधान।

Chandra Shekhar Aazad

196,970 次观看 • 1 年前

इस वीडियो ने अनगिनत दिलों को छुआ है, सड़कों पर गहरी आस्था, अनुशासन और सबके सम्मान के पल को खूबसूरती से दिखाता है… जैसे ही गुरु ग्रंथ साहिब जी गुज़रते हैं, सभी दिशाओं से ड्राइवर बिना किसी हिचकिचाहट के अपनी गाड़ियां रोक देते हैं… कोई जल्दबाज़ी नहीं, कोई शोर नहीं, और कोई बेसब्री नहीं - सिर्फ़ शांति, हाथ जोड़े हुए, और सिर झुकाए हुए… यह दमदार सीन सिख मूल्यों की सच्ची भावना को दिखाता है, जहाँ गुरु के लिए सम्मान सभी दुनियावी चिंताओं से पहले आता है.. और देखने वालों को सब्र, अनुशासन और आपसी सम्मान के बारे में सोचने के लिए प्रेरित किया है.. यह दिखाता है कि कैसे परंपराएं और मूल्य आज की ज़िंदगी के साथ शांति से रह सकते हैं, और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मिसाल कायम कर सकते हैं.. सबसे बढ़कर, यह दिखाता है कि गुरु का सम्मान सिर्फ़ गुरुद्वारों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह कामों, व्यवहार और सबकी सोच में भी होता है…

Manvir Singh Mani Gill

42,825 次观看 • 7 个月前

ओडिशा के बालांगीर में एक अनाथ आदिवासी लड़की, जो पहले ही जीवन के संघर्षों से जूझ रही थी, सवर्ण व्यक्ति द्वारा न केवल उसके साथ सार्वजनिक रूप से बलात्कार किया गया, बल्कि उसे अमानवीय तरीके से मल-मूत्र खाने के लिए भी मजबूर किया गया। यह घटना न केवल जातिवाद और शोषण का प्रतीक है, बल्कि यह समाज के उन गहरे विभाजन और भेदभाव को भी दर्शाती है, जिनका आदिवासी और अन्य पिछड़े समुदायों को रोजाना सामना करना पड़ता है। जब सरकारें आदिवासियों को सुरक्षा और सम्मान देने का वादा करती हैं, तो ऐसी क्रूर घटनाएं यह सिद्ध करती हैं कि इन वादों का कोई वास्तविक असर नहीं होता। राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, ओडिशा सरकार और अधिकारियों की चुप्पी इस मामले को और भी गंभीर बनाती है और यह सवाल खड़ा करती है कि क्या उन्हें आदिवासी समुदाय की सुरक्षा की वास्तव में चिंता है। यह घटना समाज के उस पक्ष को सामने लाती है, जहां जातिवाद और असमानता की दीवारें इतनी मजबूत हो चुकी हैं कि आदिवासी समुदाय का हर एक सदस्य अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रहा है। हम सरकार से अपील करते हैं कि इस जघन्य अपराध के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और दोषियों को सख्त सजा दिलवाने के लिए कदम उठाए जाएं। सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि आदिवासी समुदायों को सिर्फ कागजों पर ही नहीं, बल्कि असल जीवन में भी सुरक्षा और सम्मान मिले। Mohan Charan Majhi Narendra Modi Jual Oram President of India

Hansraj Meena

27,944 次观看 • 1 年前

मणिपुर में सैन्य बलों द्वारा कुकी आदिवासी महिलाओं के साथ किए गए विपरीत और अन्यायपूर्ण व्यवहार की हम पूरी तरह से कड़ी निंदा करते हैं। कूकी क्षेत्रों में महिलाओं को निरंतर हिंसा और उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है, उन्हें न केवल शारीरिक और मानसिक तौर पर प्रताड़ित किया जा रहा है, बल्कि उन्हें जंगलों में भी लगातार पीछा किया जा रहा है, जिससे उनकी सुरक्षा और गरिमा पर गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। इसके विपरीत, घाटी में वही बलों को बिना किसी परिणाम के आदेश दिया जाता है कि वे अपनी जगह छोड़ दें, और वे बिना किसी विरोध के आदेश का पालन करते हैं। यह दोनों परिस्थितियाँ एक स्पष्ट असमानता और द्वेषपूर्ण व्यवहार को उजागर करती हैं, जो महिलाओं के खिलाफ हिंसा, शोषण और भेदभाव को बढ़ावा देती हैं। यह घिनौनी स्थिति मानवाधिकारों के उल्लंघन के रूप में सामने आती है और इस पर तुरंत कार्रवाई की आवश्यकता है। हमें यह समझना होगा कि किसी भी समाज में महिलाओं का सम्मान और सुरक्षा सर्वोपरि है, और ऐसे दोगले और अत्याचारपूर्ण व्यवहार को स्वीकार नहीं किया जा सकता। समाज और सरकार को मिलकर इन अत्याचारों को समाप्त करने और सभी महिलाओं को उनके अधिकारों और सुरक्षा की गारंटी देने के लिए सख्त कदम उठाने होंगे, ताकि न्याय और समानता की राह पर हम आगे बढ़ सकें। Narendra Modi Amit Shah NCW Jual Oram President of India

Hansraj Meena

112,826 次观看 • 1 年前

प्रधानमंत्री के छत्तीसगढ़ दौरे के अगले दिन हसदेव जंगल में पेड़ों की कटाई फिर से शुरू हो गई है। यह संयोग नहीं, यह एक सुनियोजित विनाश है। भाजपा सरकार ने आदिवासी समुदाय के अस्तित्व और पर्यावरण को अदानी की लूट के लिए कुर्बान कर दिया। क्या यही है विकास का मॉडल? हसदेव अरण्य, वह अद्भुत जंगल, जहां प्रकृति ने अपनी पूरी खूबसूरती और जीवन को संजोया है, आज आंसू बहा रहा है। वह भूमि, जो सदियों से आदिवासियों की पहचान रही है, उनकी परंपराओं और आस्थाओं का प्रतीक रही है, आज एक अदानी के हाथों में बेची जा रही है। यह केवल एक जंगल की कटाई नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक धरोहर और भविष्य की विनाश की शुरुआत है। जब हम इन जंगलों को खोते हैं, तो हम अपनी पहचान, अपने वजूद और हमारे आने वाली पीढ़ियों के लिए जीवन की नींव को खोते हैं। यह एक दर्दनाक सत्य है कि सत्ता के खातिर प्रकृति और आदिवासियों का शोषण किया जा रहा है, और यह हमें हर दिन और भी ज्यादा तोड़ रहा है। यह केवल पेड़ नहीं, बल्कि हमारे सपने, हमारे अधिकार और हमारी ज़िंदगी की जड़ें हैं।

Hansraj Meena

87,676 次观看 • 1 年前

एक दंगाई कटुए यही मारूँगा..! एक कहावत है की अपनी गल्ली में कुत्ता भी शेर होता है, ऐसा ही कुछ हो रहा है..! अज कल टूरिस्ट प्लेस पर वहाँ के लोकल गुंडे अपने आप को इस बात का हक़दार समझते हैं...! की वो आपकी बहन बेटी को आराम से छेड़ सकते है और मोलेस्ट कर सकते हैं क्यूंकि आप अकेले हो..! और अगर मुसलमान हो तब आप और आसान टारगेट हो क्यूंकि फिर जो कार्यवाही होना है वो भी नहीं होगी उनके ख़िलाफ़ और अगर हो भी गई तो उनके बचाव में पूरा संगठन आजायेगा...! लेकिन याद रखो आज हमारी बहन है तो कल आपकी भी हो सकती है।ऐसा ही एक मामला सामने आया है...! जिसमे किच्छा से नैनीताल जा रही मुसलमान औरतों को ज्योलकोट में पीटा गया। पीड़ित लोगों का कहना है की पुलिस कोई कार्यवाही नहीं कर रही है। तो फिर यहाँ पे हमारी ज़िम्मेदारी बनती है की हम इस मुद्दे को ट्विटर के माध्यम से वायरल करें। और प्रशासन से कार्यवाही की माँग करें...!✅

𝗠𝗮𝗿𝗶𝘆𝗮𝗺_𝗠𝗕𝗗

61,903 次观看 • 1 年前

मैं आमतौर पर सेलिब्रिटीज़ को निशाना बनाने से परहेज़ करती हूँ क्योंकि वे आसान आलोचना का शिकार हो जाते हैं, और सवाल तो सत्ता से किया जाना चाहिए जिससे कि जवाबदेही सुनिश्चित हो लेकिन जब यह सेलिब्रिटीज़ RSS जैसी एक ऐसी संस्था की तारीफ़ों के पुल बाँधने लगते हैं जो मेरे देश में नफ़रत फैलाती, लोगों को बाँटती है, तो कुछ ज्वलंत मुद्दों पर उनकी चुप्पी पर भी ज़रूर सवाल उठते हैं • जब लोगों की लिंचिंग सिर्फ़ उनकी शक्ल या उनके खाने की वजह से होती है, तो आप चुप क्यों रहते हैं? • जब लड़कियों के साथ बलात्कार होता है और अपराधियों को सत्ता का संरक्षण मिलता है, तो आप एक भी शब्द क्यों नहीं बोलते? • जब सर्वोच्च पदों पर बैठे लोग हिंसा और नफ़रत को बढ़ावा देते हैं, तो आप चुप क्यों रहते हैं? • जब किसानों को कुचला जाता है, तो आप बोलते क्यों नहीं? • जब मणिपुर हिंसा की आग में जलता है और महिलाओं के साथ बर्बरता होती है तो आप चुप क्यों हैं? • जब बिलकिस बानो केस के दोषियों को माला पहनाकर सम्मानित किया जाता है और जश्न मनाया जाता है, तो आप ख़ामोश क्यों रहते हैं? • आसमान छूती महँगाई और पेट्रोल की कीमतों पर आपके वे भद्दे मज़ाक कहाँ चले गए? • रुपए लगातार गिर रहा है और आपको कोई भी फ़िक्र क्यों नहीं है? • इस देश में गंदे पानी से होने वाली मौतों पर आप बोलते क्यों नहीं? • जानलेवा प्रदूषण से आपको परेशानी नहीं होती? • खुले गड्ढों में गिरकर युवाओं की मौत हो रही है पर आपको जरा सा भी गुस्सा कैसे नहीं आता? • असल में तो जब आपके अपने किसी साथी को बदनाम किया जाता है, तब भी आप कभी बोलने की हिम्मत क्यों नहीं करते? अगर आप ज़रूरी ज्वलंत मुद्दों पर बोल नहीं सकते - तो कम से कम उन लोगों का महिमामंडन तो मत कीजिए जो नफ़रत फैलाते हैं और उससे फ़ायदा उठाते हैं अन्याय के सामने खामोश रहना एक choice है, लेकिन नफ़रत को बढ़ावा देना choice कतई नहीं है

Supriya Shrinate

69,431 次观看 • 6 个月前

ब्लड प्रेशर (BP) को कंट्रोल करने के लिए उपाय ​उच्च रक्तचाप को कम करने के लिए शरीर में सोडियम कम करना और पोटेशियम बढ़ाना जरूरी है। लहसुन (Garlic) खाली पेट लहसुन की एक कली पानी के साथ लें। इसमें 'एलिसिन' होता है जो रक्त वाहिकाओं को आराम देता है। अर्जुन की छाल यह दिल के स्वास्थ्य के लिए रामबाण है। आधा चम्मच अर्जुन की छाल के पाउडर को दूध या पानी में उबालकर चाय की तरह पिएं। धनिया और सौंफ का पानी रात भर एक चम्मच धनिया और सौंफ को पानी में भिगो दें और सुबह इसे छानकर पिएं। यह तासीर में ठंडा होता है और BP कम करने में मदद करता है। नमक कम करें भोजन में ऊपर से नमक डालना बंद करें और सेंधा नमक का प्रयोग करें। ब्लड प्यूरीफायर (खून साफ करने के लिए) उपाय ​खून में मौजूद टॉक्सिन्स को बाहर निकालने से त्वचा में चमक आती है और बीमारियां दूर रहती हैं। नीम की पत्तियां सुबह खाली पेट नीम की 2-3 कोमल पत्तियां चबाने से खून प्राकृतिक रूप से साफ होता है। (यह थोड़ा कड़वा है, पर बेहद असरदार है)। हल्दी वाला दूध हल्दी एक प्राकृतिक एंटी-सेप्टिक है। रात को सोने से पहले दूध में चुटकी भर हल्दी डालकर पिएं। तुलसी तुलसी के पत्तों में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं। रोजाना 4-5 पत्तियों का सेवन करें। चुकंदर (Beetroot) चुकंदर का जूस या सलाद खून को साफ करने और नया खून बनाने (Heamoglobin) में बहुत मदद करता है। नींबू पानी सुबह गुनगुने पानी में नींबू निचोड़कर पीने से शरीर के विषैले तत्व बाहर निकल जाते हैं। ​कुछ जरूरी सावधानियां पानी का भरपूर सेवन दिन में कम से कम 3-4 लीटर पानी पिएं। यह सबसे बड़ा नेचुरल प्यूरीफायर है। योग और प्राणायाम रोजाना 15-20 मिनट 'अनुलोम-विलोम' और 'भ्रामरी' प्राणायाम करें, यह BP के लिए जादुई असर दिखाता है। तनाव कम लें: गुस्सा और चिंता ब्लड प्रेशर को तुरंत बढ़ा देते हैं। ​महत्वपूर्ण नोट यदि आपका ब्लड प्रेशर बहुत ज्यादा रहता है या आप किसी गंभीर बीमारी की दवा ले रहे हैं, तो इन घरेलू उपायों को शुरू करने से पहले एक बार अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। अर्जुन की छाल दिल की मांसपेशियों को मजबूत करने और धड़कन को संतुलित करने के लिए यह आयुर्वेद की सबसे बेहतरीन औषधि है। आधा चम्मच पाउडर को पानी या दूध में उबालकर काढ़ा बनाकर पिएं। ओमेगा-3 फैटी एसिड यह दिल की लय को स्थिर रखने में बहुत मदद करता है। इसके लिए आप अखरोट, अलसी के बीज (Flax seeds) और चिया सीड्स अपनी डाइट में शामिल करें। मैग्नीशियम और पोटेशियम शरीर में इनकी कमी से धड़कन बिगड़ने लगती है। केला, पालक, कद्दू के बीज और बादाम खाएं। मुनक्का रात को 5-6 मुनक्के भिगोकर सुबह खाने से दिल को ताकत मिलती है। कैफीन और निकोटीन से बचें बहुत ज्यादा चाय, कॉफी, कोल्ड ड्रिंक या सिगरेट पीने से धड़कन अनियमित (Irregular) हो सकती है। इन्हें तुरंत कम करें। तनाव कम करें (Vagus Nerve Stimulation) गहरी सांस लेना (Deep Breathing) या 'अनुलोम-विलोम' प्राणायाम करने से दिल की लय शांत होती है। ठंडा पानी अगर अचानक धड़कन तेज हो जाए, तो चेहरे पर ठंडे पानी के छींटे मारने से धड़कन को सामान्य होने में मदद मिलती है। Vedio ko zaror dekhe aur coment me bataye kiya vexin ke bad aap ko bhi ye taklifo ka samna karna pad raha hai kiya? 👇

noor

27,502 次观看 • 5 个月前

Bank complaint के बाद भी कोई action नहीं ले रहा? अगर आपने bank या payment app में complaint register की है और 30 दिन तक कोई response नहीं मिला, या मिला हुआ solution satisfactory नहीं है, तो आप RBI Ombudsman के पास जा सकते हैं. RBI Ombudsman एक official system है जो आपकी complaint को independently review करता है और ज़रूरत पड़ने पर bank को action लेने के लिए बाध्य कर सकता है. ध्यान रखें: • सबसे पहले bank में complaint register करना ज़रूरी है • 30 दिन तक response न मिले या समाधान संतोषजनक न हो, तभी escalate करें • Complaint online file की जा सकती है, बिना किसी fee के • सही पाए जाने पर आपको compensation भी मिल सकता है याद रखें: आपकी complaint को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता - सही process follow करने पर action ज़रूर होता है. If you are a victim of cyber fraud, report it immediately by calling 1930 or visiting #CyberDost #BankComplaint #RBIOmbudsman #BankingFraud #ReportCyberCrime गृहमंत्री कार्यालय, HMO India MyGov Hindi Digital India RBI Says

CyberDost I4C

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