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आज 'छठ' महापर्व न केवल भोजपुरी समाज का, बल्कि अखिल भारतीय समाज का उत्सव बन गया है...

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Комментарии: 10

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IBA NEWS 🆇1 год назад

यूपी में पहले छठ पूजा नहीं होती थी ऐसा लोग मानते हैं क्या आप भी यही मानते हैं? #छठ #छठ_पूजा_Reality

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अखण्ड प्रताप सिंह1 год назад

👀👀👀

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Dr Mahima singh Rathore1 год назад

जय हो छठी मैया की

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ॐ आदित्याय नमः🙏

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वयं सनातनः स्मः 𝕏1 год назад

छठ महापर्व इतिहास🙏

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वयं सनातनः स्मः 𝕏1 год назад

छठ महापर्व विज्ञान🙏

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वयं सनातनः स्मः 𝕏1 год назад

ये केवल हिंदी भाषा के लिए नहीं है। 𝐓𝐡𝐢𝐬 𝐢𝐬 𝐧𝐨𝐭 𝐨𝐧𝐥𝐲 𝐟𝐨𝐫 𝐇𝐢𝐧𝐝𝐢 𝐥𝐚𝐧𝐠𝐮𝐚𝐠𝐞.

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Priyanka Sankritya1 год назад

सही कहा आप ने अब छठ ग्लोबल हो गई है! 🙏🏻🤗

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अखण्ड प्रताप सिंह1 год назад

जय छठ पूजा

Фото профиля 😊મોજીલો ✨ માણસ😊
😊મોજીલો ✨ માણસ😊1 год назад

Jay shree ram 🙏🙏

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अखिलेश यादव द्वारा आगरा में दिया गया बयान अत्यंत निंदनीय और दुर्भावनापूर्ण है। बयान से स्पष्ट है कि वह जानबूझकर राजपूत समाज को निशाना बना रहे हैं। थानों में 'सिंह' सरनेम वाले अधिकारियों की तैनाती का मुद्दा उठाकर न केवल राजपूत समाज का अपमान किया जा रहा है बल्कि समाज को जातिगत आधार पर बांटने का भी प्रयास हो रहा है। प्रशासनिक तैनातियाँ योग्यता, सेवा भावना और शासन व्यवस्था के अनुसार होती हैं, न कि किसी जाति या सरनेम के आधार पर। जाति देखकर नियुक्ति Samajwadi Party सरकार करती है Akhilesh Yadav की सरकार में होती थी। सांसद सुमन द्वारा वीर शिरोमणि राणा सांगा जी के लिए जो अपमानजनक और अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया, वह न केवल राजपूत समाज, बल्कि हर राष्ट्रभक्त का अपमान है। राणा सांगा का विरोध केवल वही कर सकता है, जिसकी मानसिकता राष्ट्रद्रोही हो। राणा सांगा न केवल राजपूत समाज, बल्कि भारतीय इतिहास के गौरव हैं, जिन्होंने अपने धर्म और मातृभूमि की रक्षा के लिए जीवन बलिदान किया। उनका अपमान इस देश की अस्मिता का अपमान है, जिसे कोई भी राष्ट्रभक्त बर्दाश्त नहीं करेगा। और जहां तक बात योगी जी की है। Yogi Adityanath जी एक सिद्धपीठ के महंत हैं और सनातन धर्म परंपरा के अनुसार संत हैं। उनका क्षत्रिय कुल में जन्म लेना मात्र एक संयोग है। वे पूरे समाज के लिए समर्पित हैं। उन पर या किसी भी क्षत्रिय समाज पर इस प्रकार के निराधार और भड़काऊ आरोप लगाकर सस्ती राजनीति करने का प्रयास है। राजपूत समाज अपमान को कभी स्वीकार नहीं करेगा। यह समाज अपने वीर पूर्वजों के स्वाभिमान की रक्षा करना जानता है और संवैधानिक व लोकतांत्रिक तरीके से हर अपमान का जवाब देना भी जानता है। 2024 में सपा की काठ की हांडी चूल्हे से उतर चुकी है और अब राजपूत समाज और समूचा राष्ट्रभक्त समाज सपाई असलियत पहचान चुका है। राणा सांगा का अपमान करने वाले और राजपूत समाज को टारगेट करने वाले अब बख्शे नहीं जाएंगे। यह लड़ाई केवल राजनीतिक नहीं, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति की भी है। इसका जवाब संविधान के दायरे में दिया जाएगा और दिया जाना चाहिए। #RanaSanga

Pankaj Singh

34,422 просмотров • 1 год назад