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आज रविवार 8 जून को श्री जगन्नाथ मंदिर में पतित-पावन के दर्शन करें।

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10 Comments

G D sharma's profile picture
G D sharma1 year ago

जय जगन्नाथ महाप्रभु जी🌸🙏🏼🌸

Vivek Singh paliwal 🇮🇳🚩(Modi Ka Parivar)'s profile picture
Vivek Singh paliwal 🇮🇳🚩(Modi Ka Parivar)1 year ago

जय श्री जगन्नाथ जी महाप्रभु!🚩🙏

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Piali GUPTA1 year ago

Jai Jagannath 🙏🏽 🚩

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Ariehan Singh1 year ago

जगन्नाथ मंदिर भारत के ओडिशा राज्य में पुरी शहर में स्थित एक प्रसिद्ध हिंदू मंदिर है, जो भगवान जगन्नाथ (श्रीकृष्ण), उनके भाई बलभद्र (बलराम) और बहन सुभद्रा को समर्पित है। यह मंदिर हिंदुओं के चार धाम तीर्थों में से एक है और इसे देश के सबसे पवित्र तीर्थ स्थलों में गिना जाता है। प्रमुख विशेषताएँ: ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व: मंदिर का निर्माण 12वीं शताब्दी में गंग वंश के राजा अनंतवर्मन चोडगंग द्वारा शुरू किया गया था। यह वैष्णव परंपरा का महत्वपूर्ण केंद्र है और भक्ति भावना का प्रतीक है। भगवान जगन्नाथ को विश्व का स्वामी माना जाता है, और उनकी पूजा विभिन्न समुदायों द्वारा की जाती है। रथ यात्रा: मंदिर की सबसे प्रसिद्ध परंपरा वार्षिक रथ यात्रा है, जो आषाढ़ मास में आयोजित होती है। इस दौरान भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा को विशाल रथों पर नगर भ्रमण के लिए ले जाया जाता है। यह उत्सव देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। वास्तुकला: मंदिर ओडिशा की कलिंग स्थापत्य शैली का उत्कृष्ट उदाहरण है। मंदिर का मुख्य शिखर (निलचक्र) और विशाल परिसर भक्तों को प्रभावित करता है। मंदिर परिसर में कई छोटे मंदिर और संरचनाएँ भी हैं, जैसे भोग मंडप और नाट मंडप। प्रसाद और परंपराएँ: मंदिर का महाप्रसाद प्रसिद्ध है, जिसे भक्तों के बीच बाँटा जाता है। इसे मंदिर की रसोई में तैयार किया जाता है, जो विश्व की सबसे बड़ी रसोई मानी जाती है। मंदिर में गैर-हिंदुओं का प्रवेश वर्जित है, लेकिन सभी समुदाय रथ यात्रा में भाग ले सकते हैं। रहस्य और मान्यताएँ: भगवान जगन्नाथ की मूर्तियाँ लकड़ी से बनाई जाती हैं और हर 12 या 19 वर्षों में नवकलेवर उत्सव में इन्हें बदला जाता है। मंदिर से जुड़े कई चमत्कार और किंवदंतियाँ प्रचलित हैं, जैसे मंदिर के शिखर पर लगा ध्वज हमेशा हवा के विपरीत लहराता है। दर्शन और यात्रा: मंदिर सुबह जल्दी खुलता है और दिन में कई बार दर्शन के लिए समय निर्धारित होता है। पुरी में ठहरने के लिए कई धर्मशालाएँ और होटल उपलब्ध हैं। रथ यात्रा के दौरान भारी भीड़ होती है, इसलिए पहले से योजना बनाना उचित रहता है। यदि आप मंदिर के इतिहास, रथ यात्रा, या किसी अन्य विशिष्ट जानकारी के बारे में और जानना चाहते हैं, तो बताएँ!

Bhagirath Singh's profile picture
Bhagirath Singh1 year ago

जय श्री जगन्नाथ जी

Sharad Pandey's profile picture
Sharad Pandey1 year ago

Jai jagannath

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Vishal jain1 year ago

JAI JAGGANATH JI.

ASHUTOSH S BHOKARI's profile picture
ASHUTOSH S BHOKARI1 year ago

जय श्री कृष्ण 🙏🙏🙏🙏🙏 जय जगन्नाथ 🙏🙏🙏🙏🙏

दीपक गुप्ता's profile picture
दीपक गुप्ता1 year ago

जय जगन्नाथ 🙏🚩

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sukhendra singh baghel1 year ago

जय जगन्नाथ जी की

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