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आजकल जब भारत में भारत की बेटियों को बेचने, लूटने-खसोटने का खुला खेल चल रहा है. तो इस खुले खेल के पीछे सरकार की कौन-सी नाकामयाबी और नालायकी छिपी है, वह देश को मालूम होना चाहिए. #क्या_हुआ_बेटी_पढ़ाओ_बेटी_बचाओ_का

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अंडमान का रहस्य और राहुल गांधी की टाइमिंग!🔍🏝️ बंगाल चुनावों की गहमागहमी को दरकिनार कर राहुल गांधी का अचानक अंडमान निकोबार पहुंचना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस यात्रा के पीछे की असली कहानी चीन की बढ़ती घबराहट और भारत के रणनीतिक 'ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट' से जुड़ी है। दरअसल साल 2003 में चीन ने स्वीकार किया था कि मलक्का स्ट्रेट उसकी सबसे बड़ी कमजोरी है, क्योंकि यहीं से उसकी 80% ऊर्जा का आयात होता है। केंद्र सरकार का यह नया प्रोजेक्ट इसी मलक्का स्ट्रेट के बेहद करीब स्थित है, जो भारत की समुद्री निगरानी और सैन्य शक्ति को कई गुना बढ़ा देगा। अक्सर यह चर्चा होती है कि जब चीन 'स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स' के जरिए भारत को घेरने की कोशिश कर रहा था, तब कांग्रेस सत्ता में होने के बावजूद मौन थी। अब जब भारत अपनी रक्षात्मक स्थिति को मजबूत कर रहा है, तो राहुल गांधी का इस प्रोजेक्ट के विरोध में खड़े होना कई गंभीर सवाल खड़े करता है।

BJP

20,787 次观看 • 5 个月前

🚨 मिलावट का यह खुला खेल है, यह अमेरिकी बॉम्बर, इजरायली फाइटर और ईरानी मिसाइल से बड़ी तबाही का पर्याय है। ⚡इसके हमले से न कोई बंकर बचा सकता और न कोई प्रोटेक्टिव गियर क्योंकि मिलावट का यह जहर सीधे सीधे हमारे किचन, रेस्टोरेंट और थाली में गिर रहा है। 🇮🇳 यह जहर भारत में हर साल लाखों जिदंगियों को लील रहा है और करोड़ों ज़िंदगियों की प्रभावित करे रहा है। ⚡ जहर के इस खेल के खिलाफ प्रशासनिक विफलता ने भारत को कैंसर कैपिटल बना दिया है। ⚡ यूपी में नकली रिफाइन, राजस्थान में नकली मावा और दिल्ली में नकली ईनो की बरामदगी.... 🔥 ये ऐसा ज़हर है जो जवान हो या पहलवान उसके वाइटल ऑर्गन🫀 को फेल करने की ताकत रखता है।

Madhurendra kumar मधुरेन्द्र कुमार

11,171 次观看 • 5 个月前

तेल का गेम — और मोदी का खेल समझिए पूरा पढ़ना — देशभक़्त हो तो शेयर करना न भूले आज अचानक दुनिया में शोर मचा है कि अमेरिका भारत को धमका रहा है ...“रूस से तेल मत खरीदो, वरना टैक्स बढ़ा देंगे।” लेकिन कोई यह नहीं देख रहा कि इसी दबाव के बीच भारत ने तेल के खेल में एक ऐसी चाल चल दी है जिससे अमेरिका, वेनेज़ुएला और पूरा वेस्टर्न ब्लॉक हिल गया। गायाना… दक्षिण अमेरिका का छोटा सा देश,लेकिन उसके नीचे दबा पड़ा है 11 अरब बैरल से ज्यादा कच्चा तेल। और इसी गायाना ने भारत की कंपनियों ... ONGC और रिलायंस को 2026 की ऑफशोर ब्लॉक नीलामी में बुला लिया है। यानी अब भारत सिर्फ तेल खरीदेगा नहीं,खुद खोजेगा, खुद निकालेगा,और खुद अपने भविष्य की ऊर्जा तय करेगा। यही वह चीज़ है जिससे वॉशिंगटन को चुभन हो रही है। क्योंकि जब कोई देश अपनी ऊर्जा पर खुद कंट्रोल पा लेता है,तो उसे धमकाना आसान नहीं रहता। उधर वेनेज़ुएला गायाना के तेल पर कब्जा जमाने की कोशिश कर रहा था।सीमा पर तनाव,कंपनियों को डराना,और तेल की राजनीति। लेकिन जैसे ही वह खेल बिगड़ा,भारत पहले से ही गायाना में अपनी जगह बना चुका था। तेल के बाजार में पहले एंट्री करने वाला ही असली फायदा उठाता है। आज जब अमेरिका बोल रहा है,तब भारत पहले से खेल में बैठा हुआ है। यह सिर्फ व्यापार नहीं है।यह ऊर्जा सुरक्षा है।यह रणनीतिक आज़ादी है।यह भविष्य की तैयारी है। और यही बात कांग्रेसी- लिब्रांडुओ को सबसे ज्यादा खल रही है। भारत अब उस दौर में नहीं है जहाँ कोई बाहर से फोन करके हमारी अर्थव्यवस्था चला दे। अब फैसले दिल्ली में होते हैं,और असर पूरी दुनिया पर पड़ता है। नमो नमः - जय मोदीराज

Hardik Bhavsar

44,725 次观看 • 9 个月前