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आज़ादी मुबारक!😪
10 条评论

बंदा अल्लामा इक़बाल का शेर बोलकर बाग़ बाग़ हो रहा था, पर मुसलमानों के प्रति मन में गंदगी लिए घूम रहा है।

आपको भी आज़ादी मुबारक हो, ये वाली.

किसी का क़द बढ़ा देना किसी के क़द को कम कहना। हमें आता नहीं ना-मोहतरम को मोहतरम कहना ।। चलो मिलते हैं मिल-जुल कर वतन पर जान देते हैं । बहुत आसान है नारों में वन्दे-मातरम कहना ।। ~ मुनव्वर राना ना-मोहतरम=जो सम्मान के काबिल ही न हो । मोहतरम=आदरणीय,माननीय @RajeevR_News24

Rajiv Ranjan forgot to tell him, ‘Saare Jahan se Achcha…’ was written by Iqbal. Did he forget or just ignored?

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अल्लामा इकबाल को याद करते हुए उन्ही के साथ आज सभी शहीदों को याद करते हुए,भारत की आजादी का जश्न मनाएं। उनको भी शुभकामनाएं देगें जिनका देश 2014में आजादी पाया।

Happy Independence Day🙏 The song is also referred to as ‘Taranah-e-Hindi’. Originally a poem written by Muhammad Iqbal. It was was published in the weekly journal lttehad in 1904.

"Who needs an alarm when waking up to your hilarious tweets is the best start to my day! Keep the laughs coming, you're a comedy genius 😂👏 #MorningLaughs"

स्वतंत्रता दिवस की सभी को हार्दिक शुभकामनाएं ।।

अधेड़ उम्र के लोग अभी भी ठीक ठाक हैं।प्याले बूढ़े और नौजवान सबसे ज्यादा व्हाट्सएप प्रोफेसर बने हुए हैं।
