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आदमी गरीब हो और उसके अंदर वीडियो बनाने का कीड़ा न हो ऐसा हो ही नहीं सकता हैं, किसी ने सच ही कहा है कि गरीब की गरीब दुश्मन होता हैं। बेचारे के पास OYO जाने का पैसा नहीं था तो ट्रेन के वॉशरूम में ही चले गए, फिर...

97,926 views • 5 days ago •via X (Twitter)

11 Comments

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Dr.Tabassum Parveen5 days ago

तो ट्रेन को ही OYO बनाने की क्या जरूरत थी दिक्कत तो सबको होती हैं ना आने जाने वालो को

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Journalist Fatima ✍️5 days ago

वीडियो बनाया है या की सिर्फ मजाक में यह सब किया है

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Pooja Yadav5 days ago

हे भगवान आप भी ऐसी पोस्ट..?🤦

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Gurdayal Singh5 days ago

भाई वैसे तो यह गलत बात है इनको भी इस तरह तो नहीं करना चाहिए था

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Jamil Ansari5 days ago

पता नहीं इन जैसे चुटिया लोगों पर क्या ही बोला जाए

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Wasim Ahmed5 days ago

आजकल ट्रेन में कुछ ज्यादा हो रहा है भाई मैं रेलवे प्रशासन को संज्ञान लेना चाहिए

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Niyati mishra5 days ago

🙄🙄kuch adhik garib h yar Log bebjh troll krte h

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Santoshi Pal5 days ago

ट्रेन कोई रोमांस करने की जगह नहीं है,इन लोगो को सोचना चाहिए।

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Jai5 days ago

ये कीड़ा क्यों नहीं ख़त्म होता हैं?

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Surender Awana5 days ago

Haha क्या लेख लिखा है 😀😀

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Ratan lal5 days ago

पता नहीं लोगों को क्या हो गया है

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भाजपा के अंदर आपस में ‘विचारों का विलय’ नहीं हो रहा है और दावे दुनिया भर के। आप तो लखनऊ की कुर्सी पर ध्यान दें, जिसे दिल्लीवाले विलय ही नहीं, विलीन भी करनेवाले हैं। एक मुख्यमंत्री होने के नाते वैसे भी ये विषय आपके अधिकार क्षेत्र का नहीं है। ऐसा लगता है कि ये सुझाव देने के लिए आपको दिल्लीवालों ने मिलने का समय नहीं दिया तभी आप माइक पर बोलने को मजबूर हैं, नहीं तो ये बात तो आप भी समझते ही हैं कि जब आपस में खटास हो तो एक-दूसरे के अधिकार-क्षेत्र में अतिक्रमण और भी खलता है। ध्यान रखिएगा कहीं ऐसा न हो कि इस अतिक्रमण के ख़िलाफ़ कोई तोड़क कार्रवाई हो जाए, बुलडोज़र तो दिल्लीवालों के पास भी है।

Akhilesh Yadav

152,411 views • 2 years ago

दिल्ली एनसीआर की लगभग हर सोसाइटी में मेंटेनेंस के नाम पर फ्रॉड हो रहे हैं ये मेरी सोसाइटी का 3 दिन पहले का वीडियो है हर महीने 5 से ₹6000 मेंटेनेंस के नाम का जाता है बावजूद इसके समय से बाकी चीजों के साथ-साथ लिफ्ट की सर्विस भी नहीं करवाई जाती है पहले भी इस तरह की घटनाएं हुई हैं कि लोग लिफ्ट में बंद हो जाते हैं और जो लोग लिफ्ट इस्तेमाल करते हैं वो डेफिनेटली महसूस कर सकते होंगे की लिफ्ट में बंद हो जाना सच में कितना पीड़ादायक होता है हर पल ऐसा लगता है कि अभी सांस निकल जाएगी अगर उम्र दराज इंसान के साथ ऐसा हो जाएगा तो यकीऊन मानिए उसकी मौत निश्चित है क्यों कि इतनी घुटन को बर्दाश्त नहीं कर पाएंगे मैं पहले भी इस तरह के कुछ ट्वीट कर चुकी हूं कि बिल्डर्स का हस्तक्षेप कभी पूरी तरह से ख़त्म ही नहीं होता और इसके पीछे कई क़ानूनी और तकनीकी कारण जिम्मेदार हैं

SanjuGoyal01

81,419 views • 17 days ago

प्रदेश के वर्तमान हालात पर मीडिया से 49 सिविल लाइंस पर बातचीत की : दिक्कतें ही दिक्कतें हैं चारों ओर। सरकार बनते ही ऐसा कभी इतिहास में नहीं हुआ कि दो चार महीने के अंदर ही लोग कहने लगे गवर्नेंस नहीं हो रही, शासन नहीं हो रहा। कुशासन चल रहा है और मैं बराबर आग्रह करता हूं मुख्यमंत्री जी से, वो इसे लेते आलोचना और हम चाहते हैं कि सुधार हो जिससे कि पब्लिक को फायदा मिले। अगर सरकार इन्हीं को रहनी है मान लीजिए इनकी मेजॉरिटी है तो शासन तो यही करेंगे। मगर कुशासन होगा तो पब्लिक में काम नहीं होंगे। आप कल्पना कीजिए कि क्या हालत बने, करप्शन की हदें पार हो गई। चाल, चेहरे, चरित्र एक्सपोज हो गए इनके पर उसके अलावा भी जिस प्रकार से पेमेंट नहीं हो रहे हैं कोई डिपार्टमेंट के अंदर तो फिर क्या हो रहा है? शिक्षा में, स्वास्थ्य सेवाएं तो चरमरा गई है। आप बताइए जिस प्रकार से शिक्षा की स्थिति बनी है, वो तो बड़ी अजीब सी बन गई है। स्कूलें बंद हो रही है, टीचर्स नहीं है और साथ में आपका यह स्वास्थ्य, RGHS का पता ही नहीं है। लोग खुद दुखी हो गए तो चारों ओर से आकर शिकायतें करते जो आप बात पूछ रहे थे हैं वही उसी बात। तो कहने का मतलब है कि हम बार बार कहते हैं मुख्यमंत्री जी को कि कानून व्यवस्था की स्थिति चौपट, रेप अलग हो रहे हैं, डकैती अलग हो जाती है, फायरिंग करके मार देते हैं ज्वेलर्स को या किसी को। एक के बाद एक घटना, इतने सारे मुद्दे एक साथ हो गए हैं कि विपक्ष की पार्टी भी क्या क्या मुद्दा उठाए? सरकार जब तक खुद आगे नहीं आएगी, पूरा मंत्रिमंडल जब तक उस ढंग से बिहेव नहीं करेगा, जनता के साथ में डिपार्टमेंट की पकड़ नहीं करेंगे, मजबूती से डिपार्टमेंट को कसेंगे नहीं वो, तो नीचे तक जो हालात होते हैं वो बदलेंगे नहीं और नुकसान क्या होगा पब्लिक का। हमें चिंता पब्लिक की है। बाकी तो देखिए शासन तो आते जाते रहते हैं, उन्नीस बीस तो देखो हर शासन में होता है करप्शन तो यह मैं दावा नहीं कर सकता, लेकिन कांग्रेस शासन होते तब नहीं होता है, होता है, पूरे देश में होता है, सब जगह होता है। पर जो इस बार जो जिस रूप में हो रहा है ना तो आम जनता से पूछ लीजिए, मालूम पड़ेगा। स्थिति बड़ी नाजुक है। मैं चिंता कर रहा हूं कि वो ठीक होनी चाहिए।

Ashok Gehlot

43,716 views • 1 month ago

आदरणीय मुख्यमंत्री महोदय आदरणीय डीजीपी साहब थानों में फरियादियों के साथ कैसा व्यवहार होता है और किस भाषा में बात की जाती है, इसकी बानगी भीलवाड़ा के बनेड़ा थाने का यह वीडियो है। आप लोगों को हो सकता है कि वीडियो देखे बिना भरोसा ही नहीं हो कि आपको तनकर सलूट करने वाले और फिर 90 डिग्री तक झुक कर नमस्कार करने वाले ये थानेदार लोग थानों में आने वाले गरीब लोगों के साथ कैसे पेश आते हैं। हालांकि पुलिस, अफसरों और नेताओं की भाषा गरीब और कमजोर लोगों के लिए हमेशा ऐसी ही रही है। इस जमाने में तो तथाकथित शिक्षक भी हल्की भाषा बोलने की होड़ कर रहे हैं। लेकिन साहब, जब कोई गरीब आदमी थाने में आता है, तो उसका कॉन्फिडेंस खाकी वर्दी और रौबीला चेहरा देखकर वैसे ही 50% पर आ जाता है। ऊपर से जब थाने के लोग मां बहन की गालियां देकर बात करते हैं तो फिर हिम्मत पूरी ही जवाब दे जाती है। ये थाने गरीबों और पीड़ितों की सुनवाई के लिए होने चाहिए। उल्टा हो रहा है। साहेबान, वक्त बदल गया है। सरकारें 80 साल में भी गरीब आदमी को एंपावर नहीं कर पाई लेकिन ये जो कैमरा वाले फोन आए हैं, इन्होंने कमजोर लोगों को भी कुछ ताकत दी है। जरूरी नहीं है कि ये लोग कोई बहुत अच्छे वीडियो बना पाएं लेकिन जितना बन पाते हैं, व्यवस्था को नंगा करने के लिए काफी है। सुधार की जरूरत आप लोगों को है। कितना कर पाते हैं, यह आपके ऊपर ही है। फिलहाल हम इस मामले में सख्त कार्रवाई की उम्मीद करते हैं। Bhilwara Police Rajasthan Police Bhajanlal Sharma Rajeev Sharma IPS (कृपया हेडफोन लगाकर ही सुनें। वरना अचानक से आवाज कम करने या एग्जिट बटन दबाने की नौबत आ सकती है)

Arvind Chotia

14,484 views • 3 months ago