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आदिवासी तेल बेचने के बाद भी सर्जरी की जरूरत पड़ गई। 😂🤦🏻‍♂️

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🚨 #BREAKING 🇮🇷 #Tehran में हुआ एसिड रेन और ऑयल रिफाइनरी में अटैक के कारण आबो हवा में भी तेल की महक फैली हुई है। इसे एक्सपर्ट केमिकल वॉर की संज्ञा दे रहे हैं! #Iran के विश्लेषक #FoadIzadi ने आरोप लगाया कि तेहरान के तेल डिपो पर हमले “रासायनिक युद्ध जैसा प्रभाव” पैदा कर सकते हैं। उनका दावा है कि हमलों के बाद उठे जहरीले धुएँ और बारिश के कारण तेहरान के पानी और पर्यावरण पर असर पड़ सकता है। हालाँकि रिपोर्टों के अनुसार, तेल डिपो पर हमलों के बाद शहर में घना जहरीला धुआँ और संभावित एसिड रेन (acid rain) को लेकर चेतावनी जारी की गई है, जिससे लोगों को घरों में रहने की सलाह दी गई है। #IranIsraelWar #Tehran #BreakingNews

Madhurendra kumar मधुरेन्द्र कुमार

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भारतीय की कंपनियों ने सस्ता रूसी तेल खरीदकर कम से कम 10.5 बिलियन डॉलर की बम्पर बचत की. आपको क्या मिला, आपका पेट्रोल डीज़ल क्यों नहीं सस्ता हुआ? तेल का खेल👇👇 ▪️भारत कच्चा तेल आयात करने वाला दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा देश है ▪️भारत अपनी कुल जरूरत का 85% से भी ज्यादा कच्चा तेल आयात करता है ▪️रुस- यूक्रेन युद्ध के बाद भारत ने रुस से सस्ता कच्चा तेल ख़रीदना शुरू किया ▪️इस कच्चे तेल की खरीद से अप्रैल 2022 और मई 2024 के बीच देश की बड़ी रिफ़ाइनिंग कंपनियों ने बम्पर बचत की ▪️रिफ़ाइनिंग कंपनियों ने कम से कम 10.5 बिलियन डॉलर की बचत की है जो भारतीय रुपयों में लगभग 892 अरब के बराबर है ▪️यूक्रेन पर फरवरी 2022 के आक्रमण के बाद पश्चिमी देशों ने रूस से तेल आयात में कटौती की, और इसके बाद रुस ने अपने तेल दाम पर भारी छूट देना शुरू किया ▪️रुस पहले हमारे तेल व्यापार में एक बेहद मामूली खिलाड़ी हुआ करता था, युद्ध के बाद से वह हमारा सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता बन गया है ▪️इस तेज़ी से बढ़े व्यापार ने रूस को भारत के शीर्ष व्यापार पार्टनर की टोली में भी शामिल कर दिया है ▪️FY23 के लिए, रूस से आयात हुआ कच्चा तेल कुल आयातित तेल का 21.5% था ▪️FY24 के लिए, रूस से आयात हुआ कच्चा तेल कुल आयातित तेल का 36% था ▪️रूस के कच्चे तेल की कीमत दूसरे देश के कच्चे तेल से करीब 10-12% कम थी ▪️भारत की पांच भारतीय रिफाइन कंपनियों को इसका फ़ायदा हुआ है - Indian Oil Corp, HPCL, BPCL, Reliance, Nayara ▪️रुस के सस्ते तेल ने भारत को तेल बेचने वाले अन्य देशों को भी डिस्काउंट देने को विवश किया, जिससे इन रिफ़ाइनिंग कंपनियों ने और बचत की ▪️अब रूस ईरान और सऊदी अरब जैसे पारंपरिक आपूर्ति करने वाले देशों को दरकिनार करके भारत के लिए कच्चे तेल का सबसे बड़ा स्रोत बन गया है 900 अरब रुपये की बचत सिर्फ़ रुस के सस्ते तेल से - पर आपका पेट्रोल डीजल सस्ता क्यों नहीं हुआ? सोचियेगा ज़रूर

Supriya Shrinate

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